*सोशल मीडिया में पुलिस पर मारपीट के आरोपों का हुआ खंडन, घटना पूरी तरह से निकली निराधार* *मैहर* बदेरा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के आरोपों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को लेकर थाना प्रभारी ने स्पष्टिकरण जारी किया है। थाना प्रभारी ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि दिनांक 10 मार्च 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली की ग्राम आमातारा निवासी रामभगत चौधरी को पुलिस द्वारा मारपीट की गई है। मामले की जांच में पाया गया कि 3 मार्च की रात करीब 8:30 बजे आमातारा के कुड़वा मोड़ पर 7–8 लोग सड़क किनारे बैठकर शराब पी रहे थे। होली ड्यूटी में तैनात पुलिस पेट्रोलिंग टीम को देखकर सभी लोग शराब पार्टी छोड़ मौके से भाग गए, जिनमें संभवतः है की रामभगत चौधरी भी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की गई और इस संबंध में रामभगत चौधरी द्वारा थाने में कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई है। जानकारी जुटाने पर पता चला कि रामभगत चौधरी अत्यधिक शराब और अन्य कई नशे का आदी है। और आशंका है कि किसी के बहकावे में आकर पुलिस को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मारपीट की घटना पूरी तरह से निराधार है *सोशल मीडिया में पुलिस पर मारपीट के आरोपों का हुआ खंडन, घटना पूरी तरह से निकली निराधार* *मैहर* बदेरा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के आरोपों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को लेकर थाना प्रभारी ने स्पष्टिकरण जारी किया है। थाना प्रभारी ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि दिनांक 10 मार्च 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली की ग्राम आमातारा निवासी रामभगत चौधरी को पुलिस द्वारा मारपीट की गई है। मामले की जांच में पाया गया कि 3 मार्च की रात करीब 8:30 बजे आमातारा के कुड़वा मोड़ पर 7–8 लोग सड़क किनारे बैठकर शराब पी रहे थे। होली ड्यूटी में तैनात पुलिस पेट्रोलिंग टीम को देखकर सभी लोग शराब पार्टी छोड़ मौके से भाग गए, जिनमें संभवतः है की रामभगत चौधरी भी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की गई और इस संबंध में रामभगत चौधरी द्वारा थाने में कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई है। जानकारी जुटाने पर पता चला कि रामभगत चौधरी अत्यधिक शराब और अन्य कई नशे का आदी है। और आशंका है कि किसी के बहकावे में आकर पुलिस को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मारपीट की घटना पूरी तरह से निराधार है
*सोशल मीडिया में पुलिस पर मारपीट के आरोपों का हुआ खंडन, घटना पूरी तरह से निकली निराधार* *मैहर* बदेरा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के आरोपों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को लेकर थाना प्रभारी ने स्पष्टिकरण जारी किया है। थाना प्रभारी ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि दिनांक 10 मार्च 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली की ग्राम आमातारा निवासी रामभगत चौधरी को पुलिस द्वारा मारपीट की गई है। मामले की जांच में पाया गया कि 3 मार्च की रात करीब 8:30 बजे आमातारा के कुड़वा मोड़ पर 7–8 लोग सड़क किनारे बैठकर शराब पी रहे थे। होली ड्यूटी में तैनात पुलिस पेट्रोलिंग टीम को देखकर सभी लोग शराब पार्टी छोड़ मौके से भाग गए, जिनमें संभवतः है की रामभगत चौधरी भी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की गई और इस संबंध में रामभगत चौधरी द्वारा थाने में कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई है। जानकारी जुटाने पर पता चला कि रामभगत चौधरी अत्यधिक शराब और अन्य कई नशे का आदी है। और आशंका है कि किसी के बहकावे में आकर पुलिस को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मारपीट की घटना पूरी तरह से निराधार है *सोशल मीडिया में पुलिस पर मारपीट के आरोपों का हुआ खंडन, घटना पूरी तरह से निकली निराधार* *मैहर* बदेरा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के आरोपों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को लेकर थाना प्रभारी ने स्पष्टिकरण जारी किया है। थाना प्रभारी ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि दिनांक 10 मार्च 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली की ग्राम आमातारा निवासी रामभगत चौधरी को पुलिस द्वारा मारपीट की गई है। मामले की जांच में पाया गया कि 3 मार्च की रात करीब 8:30 बजे आमातारा के कुड़वा मोड़ पर 7–8 लोग सड़क किनारे बैठकर शराब पी रहे थे। होली ड्यूटी में तैनात पुलिस पेट्रोलिंग टीम को देखकर सभी लोग शराब पार्टी छोड़ मौके से भाग गए, जिनमें संभवतः है की रामभगत चौधरी भी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की गई और इस संबंध में रामभगत चौधरी द्वारा थाने में कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई है। जानकारी जुटाने पर पता चला कि रामभगत चौधरी अत्यधिक शराब और अन्य कई नशे का आदी है। और आशंका है कि किसी के बहकावे में आकर पुलिस को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मारपीट की घटना पूरी तरह से निराधार है
- gram post bigaudi tahshil amarpatan district Maihar Madhya pradesh me tuta huaa हैंड पंप है जो 1 साल से इसी तरह है अभी तक बनाया नहीं गया कृपया जल्दी निवारण करे1
- नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विकास कार्यो की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार, महापौर श्री योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता सिंह,नगर निगम अध्यक्ष श्री राजेश चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद पाण्डेय,कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, डीएफओ श्री मयंक चांदीवाल, आयुक्त नगर निगम श्री शेर सिंह मीना,सीईओ जिला पंचायत श्री शैलेंद्र सिंह, अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।1
- Post by Deepak Tiwari (Sonu)2
- मैहर जिले में आईजी रीवा संभाग गौरव राजपूत द्वारा वार्षिक निरीक्षण को लेकर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह द्वारा तैयारी का जायजा लिया गया1
- *सतना। टिकुरिया टोला लखन चौके में घटे भर से लगा भीषण जाम।*1
- सतना-प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की विकास कार्यों की समीक्षा के उपरांत प्रेस को किया संबोधित1
- बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना? स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है। प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।" ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि: तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए। करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो। जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे। रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़1
- चतुर्थ दिवस श्रीमद् भागवत कथा सिविल अस्पताल दुर्गा मंदिर अमरपाटन जिला मैहर मध्य प्रदेश4