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पूर्व सांसद चेयरमैन आईसीए आदरणीय डॉ चंद्रपाल सिंह यादव जी ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर से उपभोक्ताओं को होने बाली समस्याओं को अवगत कराते हुए लिखा उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिडेट लखनऊ के चेयरमैन को पत्र,,,,,,
Abhishek Jain
पूर्व सांसद चेयरमैन आईसीए आदरणीय डॉ चंद्रपाल सिंह यादव जी ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर से उपभोक्ताओं को होने बाली समस्याओं को अवगत कराते हुए लिखा उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिडेट लखनऊ के चेयरमैन को पत्र,,,,,,
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- जरूरी तो नहीं हमारे बीच कोई रिश्ता हो, *वो मेरी दोस्त है और मैं उसे अच्छा लगता हूँ!!*1
- Post by Pramendra kumar singh1
- झांसी रिक्शा चालक की ईमानदारी: लाखों के जेवर लौटाए, एसएसपी ने किया सम्मानित झांसी में ईमानदारी की एक मिसाल सामने आई है, जहां एक ई-रिक्शा चालक ने लाखों रुपये के जेवरात से भरा बैग पुलिस को सौंप दिया। इस सराहनीय कार्य के लिए एसएसपी ने चालक को सम्मानित किया है। मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार 20 अप्रैल 2026 को एक 32 वर्षीय महिला अपने मायके ग्राम बनवास, मध्य प्रदेश से लौट रही थीं। यात्रा के दौरान वह ई-रिक्शा में अपना बैग भूल गईं, जिसमें सोने और चांदी के कीमती आभूषण रखे हुए थे। महिला की सूचना पर पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की मदद से ई-रिक्शा की पहचान शुरू की गई। इसी दौरान ई-रिक्शा चालक धर्मपाल सिंह अहिरवार निवासी कटीली, जिला दतिया (मध्य प्रदेश) ने ईमानदारी दिखाते हुए बैग को सुरक्षित रखा और अपने ग्राम प्रधान के माध्यम से पुलिस से संपर्क कर बैग सुपुर्द कर दिया। बैग में करीब 13 से 14 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण थे, जिन्हें सकुशल महिला को वापस कर दिया गया। सम्मान इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने धर्मपाल सिंह अहिरवार को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि ऐसे ईमानदार नागरिक समाज के लिए प्रेरणा हैं और पुलिस व जनता के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं। बाइट ssp झांसी3
- Jhansi : बारात ले जा रहे चाचा की संदिग्ध अवस्था में हुई मौ@त #Jhansi #thenewstantra #jhansinews1
- Post by Abhishek Jain3
- Post by Hemant Kumar Gupta1
- बुंदेलखंड क्षेत्र के बबीना में आज भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत माहौल देखने को मिला। इस पावन अवसर पर बबीना स्थित त्रिलोकीनाथ मंदिर में माननीय झाँसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा जी का आगमन हुआ। उनके पहुंचते ही उपस्थित जनसमूह में उत्साह की लहर दौड़ गई। कार्यक्रम के दौरान सांसद अनुराग शर्मा जी ने ओरछा धाम के छार द्वारी गुरु जी सहित समस्त ब्राह्मण समाज और क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान कर उन्हें अंगवस्त्र एवं सम्मान चिन्ह भेंट किए। इस सम्मान समारोह ने पूरे आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया, जहां समाज के हर वर्ग ने एकजुट होकर भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में भक्ति, सम्मान और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- झाँसी की पावन धरती एक बार फिर संवेदना, संस्कार और सेवा के अद्भुत संगम की साक्षी बनी, जब नंदनपुरा निवासी राधा रायकवार के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन सामाजिक सहयोग और आत्मीयता के रंगों से सराबोर हो उठा। पिता स्वर्गीय परशुराम रायकवार की स्मृतियों और माता रेखा रायकवार के स्नेहिल आशीर्वाद के बीच, 21 अप्रैल को होने वाली राधा की शादी से पूर्व संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में एक भावपूर्ण विदाई एवं उपहार समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष डॉ. संदीप सरावगी ने अपनी करुणा और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए वैवाहिक जीवन में बंधने जा रही वधू को फुल साइज ट्रॉली बैग, साड़ी, पर्स सहित अनेक उपयोगी उपहार भेंट किए। राधा को “कलर्स ब्यूटी सैलून” से सुसज्जित कराया गया, जिससे उसके नए जीवन की शुरुआत सौंदर्य और आत्मविश्वास के उजास से भर उठी। यह दृश्य केवल एक विदाई नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बन गया। इसी गरिमामयी अवसर पर संघर्ष सेवा समिति का मंच कला और साहित्य के सम्मान का भी साक्षी बना, जब प्रसिद्ध हिंदी फिल्म निर्देशक एवं लेखक हेमंत शरण का सम्मान किया गया। लगभग दो दशकों से हिंदी सिनेमा में सक्रिय हेमंत शरण, जिनकी कृतियाँ “धूप छांव” और “मुक्ति बोध” जैसी संवेदनशील फिल्मों में समाज की आत्मा को स्वर देती हैं, वे स्वयं डॉ. संदीप सरावगी के सामाजिक कार्यों से प्रभावित होकर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने विशेष रूप से कन्याओं की विदाई जैसे पुण्य कार्य को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए डॉ. संदीप के प्रयासों की हृदय से सराहना की। उल्लेखनीय है कि उन्हें मराठी फिल्म “पंख” के लिए लेखक के रूप में सम्मान भी प्राप्त हो चुका है, जो उनके रचनात्मक व्यक्तित्व की व्यापकता को दर्शाता है। संयोग की मार्मिकता तब और बढ़ गई जब हेमंत शरण की उपस्थिति में ही एक कन्या की विदाई और उपहार भेंट का कार्यक्रम चल रहा था, मानो साहित्य और संवेदना, दोनों एक ही धारा में प्रवाहित हो रहे हों। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह में विजय नगरिया, जितेंद्र बिलैया, जानकी, सीतुल, अभिषेक, ब्रजेश निगम, ऐश्वर्य सरावगी, संदीप नामदेव, राजू सेन, अनुज प्रताप सिंह, राकेश अहिरवार, सिद्धांत गुप्ता, शुभांशु वर्मा, रिया वर्मा, अंजली विश्वकर्मा, बसंत गुप्ता, सुशांत गुप्ता सभी ने इस पुण्य और प्रेरणादायक क्षण को आत्मसात किया। यह आयोजन केवल एक समाचार नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समर्पण की एक जीवंत गाथा बन गया, जहाँ एक ओर बेटी की विदाई में आंसुओं की नमी थी, वहीं दूसरी ओर सेवा और सम्मान की उजली रोशनी भी थी।1