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मरीजों के बीच पहुंचे अतिथि, फल बांटकर जाना हाल; रक्तदान शिविर में उमड़ा उत्साह...............
Gaurav Mishra patrakaar
मरीजों के बीच पहुंचे अतिथि, फल बांटकर जाना हाल; रक्तदान शिविर में उमड़ा उत्साह...............
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- चूड़ी बाजार में गरमाया माहौल! विवाद के बाद बाजार बंद, पुलिस पहुंची थाने तक फारूकी गेट पर बाजार बंद… आखिर क्यों बढ़ा दुकानदारों और फेरीवालों के बीच विवाद? फिरोजाबाद के फारूकी गेट स्थित चूड़ी बाजार में आज यानी 17 सितंबर को उस समय हलचल बढ़ गई, जब स्थानीय दुकानदारों ने बाजार बंद कर अपनी नाराजगी जाहिर की। फारूकी गेट का यह इलाका लंबे समय से कारोबार और आपसी मेल-जोल के लिए जाना जाता है। यहां आसपास मुस्लिम समाज के दुकानदारों के साथ-साथ बहेलिया समुदाय के कुछ लोग भी फेरी लगाकर चूड़ी और अन्य सामान बेचते हैं। अलग-अलग समुदायों के लोग लंबे समय से यहां कारोबार करते आए हैं। हालांकि, स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से बहेलिया समुदाय से जुड़े कुछ फेरीवालों के व्यवहार और दुकानों के सामने लंबे समय तक ठेले व फड़ लगाए जाने को लेकर परेशानी बढ़ रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी बात को लेकर कई बार कहासुनी की स्थिति भी बनी। बताया जा रहा है कि 14 सितंबर को भी एक दुकानदार और कुछ फेरीवालों के बीच विवाद हुआ था। इसी घटनाक्रम के बाद आज स्थानीय दुकानदारों ने बाजार बंद कर अपनी नाराजगी जाहिर की। इसी दौरान दुकानदारों और बहेलिया समुदाय से जुड़े कुछ फेरीवालों के बीच फिर अनबन की स्थिति बन गई। मामला बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फारूकी गेट क्षेत्र के दो दुकानदारों को अपने साथ थाने ले गई। इसके बाद स्थानीय लोग भी थाने पहुंचे। थाने में दोनों पक्षों की बात सुनी गई। दुकानदारों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं, वहीं फेरीवालों का पक्ष भी सुना गया। बातचीत के जरिए मामले को शांत करने और आगे विवाद की स्थिति न बनने देने का प्रयास किया गया। दुकानदारों का कहना था कि अगर दुकानों के सामने ठेले और फड़ दोपहर 12 बजे तक लगे रहेंगे, तो स्थायी दुकानदारों की दुकानदारी प्रभावित होगी। वहीं, प्रशासन की ओर से फेरीवालों को सुबह 10 बजे तक दुकानों के सामने से ठेले और फड़ हटा लेने की हिदायत दिए जाने की बात सामने आई है, ताकि दुकानदारों का कारोबार प्रभावित न हो और विवाद की स्थिति भी पैदा न हो। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोप किसी पूरे समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। मामला कुछ दुकानदारों और कुछ फेरीवालों के बीच बाजार में कारोबार और जगह के इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। फारूकी गेट का बाजार तभी बेहतर तरीके से चल सकता है, जब स्थायी दुकानदारों की रोजी-रोटी, फेरीवालों की रोजी-रोटी और बाजार की व्यवस्था—तीनों के बीच संतुलन बना रहे। अब प्रशासन की बातचीत और दी गई हिदायत के बाद उम्मीद है कि मामला शांत रहेगा और आगे ऐसी स्थिति नहीं बनेगी, जिससे बाजार बंद करने या पुलिस को हस्तक्षेप करने की नौबत आए।1
- फिरोजाबाद नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा, एई के माफी मांगने के बाद करोड़ों के विकास प्रस्ताव पास!1
- आज आगरा के खेरागढ़ विधानसभा मे बसपा का विशाल कार्यकर्त्ता सम्मेलन हुआ!!! बसपा पार्टी के कार्यकर्त्ताओ ने आज खेरागढ़ विधानसभा मे विशाल सम्मेलन आयोजित किया जिसमे हजारों बसपा समर्थकों ने अपना योगदान दिया और बसपा पार्टी की तरफ से पंडित नीरज रावत को खेरागढ़ विधानसभा का 2027 मे होने वाले चुनाव के लिए दावेदार स्वीकार किया!!!1
- अलीगढ़ में करणी सेना के जिलाध्यक्ष के साथ हुई मारपीट,पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में क्षत्रिय युवा करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। मारपीट की घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र में घंटाघर और स्टेट बैंक के पास हुई जब सचिन राघव अपने भाई सुंदर राघव और दोस्त प्रहलाद के साथ थे, तभी करीब 100 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेरकर लात-घूंसों और बेल्ट से मारना पीटना शुरू कर दिया और उनसे माफी भी मंगवाई।इस दौरान आरोपियों ने जय भीम के नारे लगाए | इससे एक दिन पहले हुई एक सवर्ण महापंचायत के दौरान की गई कथित टिप्पणी को लेकर यह विवाद बढ़ा था। पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। जिसके बाद उपद्रवियों के समाज के लोगो ने एकत्रित होकर थाने का घेराव किया और हिरासत में लिए गए लोगो की रिहाई की माँग की | अलीगढ़ पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। Updated News-17/सितम्बर/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट नये youtube चैनल के साथ एक बार फिर से उसी नाम के साथ सोशल मीडिया मित्रों और शुभचिंतको से चैनल सब्सक्राइब करने की अपील🙏| अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना बिल्कुल भी ना भूले | अब सभी खबरों को देखिये 4K के साथ | AIN नेटवर्क को उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर, ब्लॉक रिपोर्टर के लिए शीघ्र सम्पर्क करें |1
- संवाददाता कासिम मलिक चकमार्ग में बिजली का खंभा लगाने का आरोप, एसडीएम से रोक लगाने की मांग फतेहाबाद | मांजा कुतकपुर गुर्जर में कृषि भूमि पर जाने वाले चकमार्ग पर बिजली का खंभा लगाए जाने के प्रयास का मामला सामने आया है। ग्रामीण राजन सिंह पुत्र महाकम सिंह ने उपजिलाधिकारी फतेहाबाद को प्रार्थना पत्र देकर चकमार्ग पर खंभा लगाने से रोकने और रास्ते से अवरोध हटाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में राजन सिंह ने बताया कि उनकी कृषि भूमि गांव मांजा कुतकपुर गुर्जर में है। खेत पर आने-जाने के लिए चकमार्ग संख्या-11 का उपयोग किया जाता है। आरोप है कि एनटीपीसी पावर ग्रिड कंपनी की ओर से चकमार्ग में बिजली का बड़ा खंभा लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए चकमार्ग में गड्ढे आदि खोदकर रास्ते को अवरुद्ध किया जा रहा है। ग्रामीण का कहना है कि यदि चकमार्ग के बीच खंभा लगा दिया गया तो सार्वजनिक रास्ते से आवागमन प्रभावित होगा। किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में परेशानी होगी। कृषि कार्य के दौरान ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के निकलने में भी दिक्कत हो सकती है। राजन सिंह ने एसडीएम से मामले की जांच कराकर चकमार्ग को अतिक्रमण और अवरोध से मुक्त रखने तथा बिजली का खंभा अन्य स्थान पर लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रास्ता बाधित होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, इसलिए जनहित में तत्काल कार्रवाई जरूरी है। प्रार्थी ने 14 सितंबर 2026 को एसडीएम फतेहाबाद को प्रार्थना पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।2
- विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज! क्या बोले लोग.... विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज! क्या बोले लोग.... उत्तर प्रदेश का विधानसभा 2027 का चुनाव नजदीक है और सभी प्रत्याशी व पार्टियां अपनी चुनावी तैयारी में जुटे हुए हैं! इस बार जनता की क्या मुद्दे रहेंगे किन मुद्दों को लेकर जनता वोट करेगी जानने के लिए देखिए पूरी खबर1
- 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में जनता के मुद्दों पर बढ़ी चर्चा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में जनता के मुद्दों पर बढ़ी चर्चा रोजगार, महंगाई, किसान, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास बने प्रमुख मुद्दे लखनऊ/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होती दिखाई दे रही हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों की तैयारियों, बैठकों और बयानों के बीच जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर भी चर्चा बढ़ रही है। चुनावी चर्चाओं में रोजगार और युवाओं के अवसर प्रमुख विषयों में शामिल हैं। युवा वर्ग सरकारी नौकरियों, भर्ती प्रक्रिया, प्रतियोगी परीक्षाओं और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को लेकर अपनी अपेक्षाएं सामने रख रहा है। वहीं महंगाई और परिवार के बढ़ते खर्च का मुद्दा भी आम लोगों की बातचीत में प्रमुखता से दिखाई दे रहा है। खाद्य पदार्थों, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और दैनिक जरूरतों से जुड़े खर्च को लेकर लोग सरकार की नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। किसानों से जुड़े मुद्दे भी चुनावी विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। फसल का उचित मूल्य, सिंचाई, बिजली, खाद-बीज, कृषि लागत और किसानों की आय जैसे विषयों पर राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर बातें रख रहे हैं। इसके अलावा कानून-व्यवस्था को लेकर भी राजनीतिक बहस जारी है। प्रदेश में अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े सवाल चुनाव के दौरान महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकते हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी जनता की अपेक्षाएं सामने आ रही हैं। सरकारी स्कूलों की व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, दवाइयों और बेहतर सुविधाओं जैसे विषयों पर लोग सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पानी जैसे बुनियादी विकास के मुद्दे भी स्थानीय स्तर पर चर्चा में हैं। कई इलाकों में लोग सड़क निर्माण, जल निकासी, पेयजल, बिजली आपूर्ति और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े स्थानीय सवालों को चुनावी मुद्दा बनाने की बात कर रहे हैं। इसके साथ ही सामाजिक न्याय, आरक्षण और समान अवसर से जुड़े विषय भी राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बने हुए हैं। अलग-अलग सामाजिक समूह अपने हितों, प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर अपनी अपेक्षाएं व्यक्त कर रहे हैं। जनता से सीधा सवाल 2027 विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों के वादों और घोषणाओं के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जनता किन मुद्दों को अपनी प्राथमिकता मानती है। क्या रोजगार और महंगाई सबसे बड़े मुद्दे होंगे? क्या किसान, कानून-व्यवस्था और शिक्षा-स्वास्थ्य प्रमुख भूमिका निभाएंगे? या फिर स्थानीय स्तर पर सड़क, बिजली, पानी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे मतदाताओं की प्राथमिकता बनेंगे? आने वाले समय में चुनावी गतिविधियां बढ़ने के साथ इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों और जनता के बीच बहस और तेज होने की संभावना है। #UPElection2027 #UPAssemblyElection2027 #UPElection #2027चुनाव #उत्तरप्रदेशचुनाव #उत्तरप्रदेश #UPNews #ElectionNews #चुनावीमुद्दे #जनताकीराय #रोजगार #महंगाई #किसान #कानूनव्यवस्था #शिक्षा #स्वास्थ्य #सामाजिकन्याय #AMissionTV #आजादपत्रकार #UPNewsToday1
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