सीतापुर के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसुरा-गुड़ैचा मार्ग पर स्थित सरैया मसूदपुर गांव के सामने सोमवार सुबह एक अज्ञात युवती का खून से लथपथ और क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह शव तालाब किनारे रपटा पुल के पास पड़ा मिला, जिसे देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, तड़के सुबह गांव के कुछ लोग शौच के लिए खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर तालाब किनारे पड़े शव पर पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर रामपुर मथुरा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतका की पहचान के लिए ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन समाचार लिखे जाने तक युवती की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग युवती की पहचान व घटना के खुलासे का इंतजार कर रहे हैं।
सीतापुर के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसुरा-गुड़ैचा मार्ग पर स्थित सरैया मसूदपुर गांव के सामने सोमवार सुबह एक अज्ञात युवती का खून से लथपथ और क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह शव तालाब किनारे रपटा पुल के पास पड़ा मिला, जिसे देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जानकारी
के अनुसार, तड़के सुबह गांव के कुछ लोग शौच के लिए खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर तालाब किनारे पड़े शव पर पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर रामपुर मथुरा थाना
पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतका की पहचान के लिए ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन समाचार लिखे जाने तक युवती की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग युवती की पहचान व घटना के खुलासे का इंतजार कर रहे हैं।
- एक 'मंत्रीजी' द्वारा 'अखिलेश' को एक तकनीकी दांव में फंसाए जाने के कारण 'खन्नाजी' अपनी नाम और पहचान खो बैठे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक 'खटारा गाड़ी' ने भी बहुत पसीना छुड़ाया, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।1
- लखनऊ जनपद के महिंगवा थाना क्षेत्र के मुसफरी स्थित हिम्मतपुरवा निवासी 22 वर्षीय रोहित, जो अपने पिता अजय का इकलौता बेटा था, रविवार को अपने दोस्तों के साथ घुंघटेर थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव में दांडी तुला धाम पर नहाने गया था। दोपहर करीब 2:00 बजे घर से निकला रोहित नहाते समय गहरे पानी में चला गया और डूब गया। उसके साथी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वह लापता हो गया और मौके से दो युवक भाग निकले। मंदिर परिसर में चल रहे राम नाम जाप के दौरान वहां मौजूद लोगों ने युवक को डूबते देखा। उनकी तेज आवाज सुनकर आसपास के काफी लोग इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से लगभग दो घंटे के बाद तालाब से शव को बाहर निकाला। रोहित की मौत से उसकी मां उषा देवी और बहन अंजलि का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पिता इस सदमे में कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं। इस दुखद घटना के बाद हजारों की संख्या में लोग तालाब के चारों ओर इकट्ठा हो गए। मौके पर एसडीएम फतेहपुर कार्तिकेय सिंह, क्षेत्राधिकार फतेहपुर जगतराम कानौजिया और थाना प्रभारी अभय मौर्या सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। थाना प्रभारी अभय कुमार मौर्या ने बताया कि परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- जनपद लखनऊ के थाना मनोज पांडे अंतर्गत एक महिला के अपहरण का गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ 'चटक के लाल की महिला' का अपहरण हुए 6 दिन बीत चुके हैं। इस घटना के 6 दिन बाद भी, पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई नाम दर्ज मुकदमा दर्ज नहीं किया है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि महिला 8-10 लाख रुपए की संपत्ति लेकर गई है और इस दौरान बच्चों को मारा-पीटा भी गया। इसके बावजूद, पुलिस द्वारा कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का कोई आश्वासन भी नहीं मिला है, जिसके चलते वे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। अब देखना यह है कि लखनऊ की पुलिस कब तक इस मामले के विपक्षी को पकड़ पाती है और कब बच्चों की माँ से पुलिस मिलकर आवश्यक कार्यवाही करेगी। इस तरह की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि लखनऊ की पुलिस कैसे न्याय सुनिश्चित करेगी।1
- बाराबंकी जिले में सरकारी योजनाओं और आवास (कॉलोनी) आवंटन में कथित धांधली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सामने आया है। हाल ही में आयोजित एक जन-संवाद कार्यक्रम (रात्रि चौपाल) के दौरान ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री के समक्ष अपनी शिकायतें रखते हुए आरोप लगाया कि पात्र लाभार्थियों को बिना सुविधा शुल्क (घूस) दिए आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर कुछ बिचौलियों और जिम्मेदार कर्मचारियों की मिलीभगत से आवास की सूची में हेरफेर की जा रही है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पात्र होने के बावजूद उनसे घर पास कराने के एवज में बड़ी रकम की मांग की जाती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवास आवंटन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए, और यदि कोई भी कर्मचारी या बिचौलिया रिश्वत की मांग करता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मामले के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिले में हाल ही में हुई लेखपाल की गिरफ्तारी के मद्देनजर, अब ग्रामीण इलाकों में चल रही अन्य सरकारी परियोजनाओं की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत सीधे वरिष्ठ अधिकारियों या एंटी-करप्शन हेल्पलाइन पर करें।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव धाम में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही हजारों शिव भक्तों ने लोधेश्वर महादेव के स्वयंभू शिवलिंग का विधि-विधान से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की, जिससे पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंज उठा। शिव भक्तों ने अपने हाथों में जल से भरे लोटे, गंगाजल, बेलपत्र, भांग, धतूरा और सुगंधित पुष्प लेकर मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचकर भगवान लोधेश्वर महादेव का अभिषेक किया। पुरुषोत्तम मास के अंतिम सोमवार के विशेष महत्व के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, जिनमें से कई ने मंदिर की लेटकर परिक्रमा भी की। मंदिर के मुख्य पुजारी वीरेंद्र कुमार अवस्थी ने जानकारी दी कि पुरुषोत्तम मास का यह अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालु सुबह से देर रात तक भगवान लोधेश्वर महादेव के दर्शन और पूजन करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि बाराबंकी के अलावा लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, उरई, जालौन, गोंडा, बहराइच, सुल्तानपुर, फतेहपुर और सीतापुर सहित कई जनपदों से शिव भक्त यहां पहुंचे हैं। मान्यता है कि लोधेश्वर महादेव स्वयंभू शिवलिंग हैं, जो धरती से प्रकट हुए थे। कथा के अनुसार, एक किसान लोधे राम अवस्थी अपने खेत में सिंचाई कर रहे थे जब पानी बार-बार एक ही स्थान पर जा रहा था। जब उन्होंने वहां खुदाई की, तो शिवलिंग प्रकट हुआ और फावड़ा लगने से शिवलिंग से रक्त निकलने लगा। इस घटना से किसान आश्चर्यचकित रह गए और बाद में वहां एक मंदिर का निर्माण कराया गया। आज भी शिवलिंग पर फावड़े का निशान दिखाई देता है। श्रद्धालुओं की यह आस्था भी है कि यह शिवलिंग महाभारत कालीन है और पांडवों ने भी यहां पूजा-अर्चना की थी। वर्तमान समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से लोधेश्वर महादेव धाम के विकास और कॉरिडोर निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। अपनी धार्मिक महत्ता के कारण यह तीर्थ स्थल देशभर में प्रसिद्ध हो रहा है।1
- सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते कहासुनी से मारपीट में बदल गया। इस पूरी घटना का वीडियो पेट्रोल पंप पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1