चित्तौड़गढ़ पुलिस ने बालिग युवक-युवतियों के स्वेच्छा से विवाह करने के अधिकार में बाधा डालने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक बहिष्कार, अवैध जुर्माना और तथाकथित "झगड़ा राशि" की जबरन वसूली जैसी सामाजिक कुप्रथाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति या परिवार पर सामाजिक दबाव बनाकर धनराशि वसूलना, समाज से बहिष्कृत करना अथवा किसी प्रकार का अवैध दंड आरोपित करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि समाज में लंबे समय से कुछ ऐसी परंपराएं प्रचलित हैं, जिनके तहत बालिग युवक-युवती द्वारा अपनी स्वेच्छा एवं सहमति से नाता-विवाह अथवा सामान्य विवाह करने पर उनके परिजनों पर सामाजिक दबाव बनाया जाता है। कई मामलों में कथित पंच-पटेल या प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा "झगड़े" के नाम पर बड़ी धनराशि की मांग किए जाने की शिकायतें प्राप्त होती रही हैं। श्री सिंह ने कहा कि इस प्रकार की अवैध वसूली न केवल संबंधित परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालती है, बल्कि कई बार उन्हें कर्जग्रस्त होने या अपनी भूमि एवं संपत्ति बेचने पर भी मजबूर होना पड़ता है, जिससे समाज के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान और प्रचलित कानून प्रत्येक बालिग नागरिक को अपनी इच्छा एवं सहमति से विवाह करने और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्रदान करते हैं। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति, परिवार या दंपती को सामाजिक बहिष्कार, अवैध जुर्माना, आर्थिक दंड अथवा किसी अन्य प्रकार के सामाजिक दबाव का सामना करना पड़े, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जानी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी या शिकायत पुलिस नियंत्रण कक्ष के संपर्क नंबर 7300453344 पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पुलिस प्रशासन ने दृढ़ता से दोहराया है कि कानून से ऊपर कोई भी व्यक्ति या सामाजिक व्यवस्था नहीं है और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
चित्तौड़गढ़ पुलिस ने बालिग युवक-युवतियों के स्वेच्छा से विवाह करने के अधिकार में बाधा डालने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक बहिष्कार, अवैध जुर्माना और तथाकथित "झगड़ा राशि" की जबरन वसूली जैसी सामाजिक कुप्रथाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति या परिवार पर सामाजिक दबाव बनाकर धनराशि वसूलना, समाज से बहिष्कृत करना अथवा किसी प्रकार का अवैध दंड आरोपित करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि समाज में लंबे समय से कुछ ऐसी परंपराएं प्रचलित हैं, जिनके तहत बालिग युवक-युवती द्वारा अपनी स्वेच्छा एवं सहमति से नाता-विवाह अथवा सामान्य विवाह करने पर उनके परिजनों पर सामाजिक दबाव बनाया जाता है। कई मामलों में कथित पंच-पटेल या प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा "झगड़े" के नाम पर बड़ी धनराशि की मांग किए जाने की शिकायतें प्राप्त होती रही हैं। श्री सिंह ने कहा कि इस प्रकार की अवैध वसूली न केवल संबंधित परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालती है, बल्कि कई बार उन्हें कर्जग्रस्त होने या अपनी भूमि एवं संपत्ति बेचने पर भी मजबूर होना पड़ता है, जिससे समाज के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान और प्रचलित कानून प्रत्येक बालिग नागरिक को अपनी इच्छा एवं सहमति से विवाह करने और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्रदान करते हैं। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति, परिवार या दंपती को सामाजिक बहिष्कार, अवैध जुर्माना, आर्थिक दंड अथवा किसी अन्य प्रकार के सामाजिक दबाव का सामना करना पड़े, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जानी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी या शिकायत पुलिस नियंत्रण कक्ष के संपर्क नंबर 7300453344 पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पुलिस प्रशासन ने दृढ़ता से दोहराया है कि कानून से ऊपर कोई भी व्यक्ति या सामाजिक व्यवस्था नहीं है और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में स्थित श्रीसांवलिया सेठ मंडफिया मंदिर से आज के प्रभु सेठ साँवरा के श्रृंगार दर्शन साझा किए गए हैं। इन मनोहारी दर्शनों को 'जय हो मेरे प्रभु सेठ साँवरा' के जयघोष के साथ प्रस्तुत किया गया है।1
- नीमच में नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित नीमच गौरव दिवस महोत्सव का समापन बुधवार को देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। टाउन हॉल के अटल सभागृह में बाबा ऑर्केस्ट्रा और श्री शिवाय म्यूजिकल ग्रुप की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति चोपड़ा ने उल्लेख किया कि 1857 की क्रांति में मध्यांचल की पहली गोली नीमच से चली थी, जिसे जिले के लिए गौरव का विषय बताया गया। समारोह के दौरान पूर्व सैनिकों का सम्मान भी किया गया। देशभक्ति गीतों और सामूहिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ-साथ भारत माता के जयकारों के बीच इस भव्य महोत्सव का समापन हुआ, जिसने टाउन हॉल को देशभक्ति के तरानों से गुंजायमान कर दिया।1
- फतेहपुर में एक युवती ने 'नंदी' में कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। यह देखते हुए, एक युवा सिपाही दीपक सोलंकी ने एक पल की भी देरी किए बिना तुरंत 'नंदी' में छलांग लगा दी। उन्होंने बहादुरी से डूबती हुई युवती को बचा लिया और इस प्रकार अपनी वर्दी की लाज रखी। इस साहसिक कार्य के लिए सभी ने सिपाही दीपक सोलंकी और उनकी वर्दी की खूब तारीफ की।1
- भीलवाड़ा जिले में पुलिस थाना पुर के जवानों ने दुपहिया वाहन चालकों के हेलमेट और चार पहिया वाहनों के सीट बेल्ट की सघन जांच की कार्रवाई की।1
- सिंगोली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए राजस्थान के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से 620 ग्राम अफीम और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।1
- एक पति ने अपनी पत्नी को पढ़ाने-लिखाने और उसे नौकरी दिलाने के लिए अपने निजी सपने और आजीविका तक का त्याग कर दिया। हालांकि, आरोप है कि पत्नी को नौकरी मिलते ही उसने उसी पति पर झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए। इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पीड़ित पति अपनी मेहनत की कमाई, अपने दिए गए गहनों और अपने साथ हुए कथित अन्याय का हिसाब मांग रहा है। यह तर्क दिया गया है कि रिश्तों की नींव त्याग, विश्वास और सम्मान पर आधारित होती है, न कि स्वार्थ और विश्वासघात पर। इसलिए, इस मामले के माध्यम से यह मांग उठाई गई है कि वास्तविक अपराधों पर जितनी गंभीरता और सख्ती से कार्रवाई की जाती है, उतनी ही सख्ती झूठे मामलों पर भी बरती जानी चाहिए, ताकि न्याय का संतुलन बना रहे और पुरुषों को भी न्याय मिल सके।1
- चित्तौड़गढ़ से आए एक दिलचस्प संदेश में स्थानीय महिलाओं की खूब सराहना की गई है। इस संदेश में एक विनोदी लहजे में कहा गया है कि चित्तौड़गढ़ की औरतें किसी भी मामले में किसी से कम नहीं हैं, और यह बात बीड़ी पीने के संदर्भ में भी लागू होती है।1
- नीमच की सिंगोली थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 620 ग्राम अफीम जब्त की और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत की गई। जब्त की गई अफीम की कीमत लगभग 3.10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस टीम ने प्रेमपुरा फंटे के पास नाकाबंदी की थी, तभी एक संदिग्ध मोटरसाइकिल चालक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। तलाशी के दौरान, मोटरसाइकिल के पैनल के अंदर छिपाकर रखी गई 620 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया, जिसकी कीमत 50 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।1
- यूट्यूब चैनल 'किशनब्लॉगिंग' ने अपनी केदारनाथ यात्रा से जुड़ी एक खास व्लॉग स्टोरी साझा की है। इस व्लॉग का शीर्षक 'घर से केदारनाथ तक – मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी यात्रा' है, जिसमें व्लॉगर ने अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा के अनुभव को दर्शाया है। चैनल ने अपने दर्शकों से आग्रह किया है कि वे इस व्लॉग को देखें, लाइक, कमेंट, और शेयर करें, साथ ही 'किशनब्लॉगिंग' यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब भी करें।1