भोजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के सोभनाथ के बथान में सोमवार को एक कट्ठा ज़मीन के विवाद को लेकर हुई मारपीट में एक पूर्व होमगार्ड जवान की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान सोभनाथ बथान गांव निवासी स्वर्गीय मोलन सिंह के 65 वर्षीय पुत्र नंद जी सिंह के रूप में हुई है। इस घटना में मृतक के पक्ष के पांच अन्य लोग, जिनमें महिला-पुरुष दोनों शामिल हैं, घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है। यह विवाद भगवान यादव और दयानंद सिंह के बीच वर्ष 2016 से एक कट्ठा ज़मीन को लेकर चल रहा था। सोमवार को जब दयानंद सिंह खेत में मवेशी चराने गए, तो श्री भगवान यादव के पक्ष के लोगों से उनकी कहासुनी हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान दयानंद सिंह के बड़े भाई नंद जी सिंह को लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। मारपीट में दयानंद सिंह, लक्ष्मण यादव, धनजी यादव, पिंटू यादव और चना मुनि देवी भी घायल हुए। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को जगदीशपुर नया टोला मोड़ पर रखकर सड़क जाम कर दिया और आगजनी करते हुए प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। मृतक के भाई दयानंद सिंह ने बताया कि उनके भाई की हत्या की गई है, लेकिन पुलिस ने उनके ही पक्ष के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने सरकार से मृतक के परिजन को मुआवज़ा देने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। मृतक के परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं, जिनकी पत्नी का निधन पहले ही हो चुका है। इधर, घायल चना मुनि देवी ने भी थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
भोजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के सोभनाथ के बथान में सोमवार को एक कट्ठा ज़मीन के विवाद को लेकर हुई मारपीट में एक पूर्व होमगार्ड जवान की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान सोभनाथ बथान गांव निवासी स्वर्गीय मोलन सिंह के 65 वर्षीय पुत्र नंद जी सिंह के रूप में हुई है। इस घटना में मृतक के पक्ष के पांच अन्य लोग, जिनमें महिला-पुरुष दोनों शामिल हैं, घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है। यह विवाद भगवान यादव और दयानंद सिंह के बीच वर्ष 2016 से एक कट्ठा ज़मीन को लेकर चल रहा था। सोमवार को जब दयानंद सिंह खेत में
मवेशी चराने गए, तो श्री भगवान यादव के पक्ष के लोगों से उनकी कहासुनी हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान दयानंद सिंह के बड़े भाई नंद जी सिंह को लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। मारपीट में दयानंद सिंह, लक्ष्मण यादव, धनजी यादव, पिंटू यादव और चना मुनि देवी भी घायल हुए। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को जगदीशपुर नया टोला मोड़ पर रखकर सड़क जाम कर दिया और आगजनी करते हुए प्रदर्शन किया। करीब आधे
घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। मृतक के भाई दयानंद सिंह ने बताया कि उनके भाई की हत्या की गई है, लेकिन पुलिस ने उनके ही पक्ष के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने सरकार से मृतक के परिजन को मुआवज़ा देने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। मृतक के परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं, जिनकी पत्नी का निधन पहले ही हो चुका है। इधर, घायल चना मुनि देवी ने भी थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
- बिहार में भोजपुरी फिल्मों के 'पावर स्टार' और एमएलसी उपचुनाव के उम्मीदवार पवन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो पवन सिंह के नामांकन दाखिल करने के बाद का है, जब मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकारों ने उनसे उनकी पत्नी ज्योति सिंह को लेकर सवाल किया। पत्नी से जुड़े सवाल को सुनते ही पवन सिंह ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, जिसके बाद वहाँ मौजूद लोगों के बीच उनकी प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर खूब साझा किया जा रहा है और उनके प्रशंसक अपने-अपने अंदाज़ में इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे भी किए जा रहे हैं, जिसके चलते वीडियो के पूरे संदर्भ और आधिकारिक बयान को देखना महत्वपूर्ण बताया गया है। नॉमिनेशन के बाद दिया गया पवन सिंह का यह जवाब उनके समर्थकों के बीच तेज़ी से वायरल हो रहा है और सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।1
- बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर मुख्य विपक्षी दल राजद ने आरा प्रखंड मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया। इस धरना प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अनवर आलम ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार में गरीब और किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है, और राज्य में महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा, कानून व्यवस्था तथा भ्रष्टाचार चरम पर है। अनवर आलम ने स्पष्ट किया कि राजद गरीबों के साथ ऐसा अन्याय होने नहीं देगी, और यदि स्थिति नहीं सुधरती है तो पार्टी सड़कों पर उतरकर 'पूरे भारत को बंद' करने का काम करेगी। उन्होंने बिहार के 'मुखिया' सम्राट चौधरी पर बिहार हित में काम न करने और केवल बिहार के भाईचारे को खत्म करने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया। वहीं, राजद के भोजपुर जिलाध्यक्ष विरबल यादव ने इस धरना कार्यक्रम को 'ऐतिहासिक' बताया और कहा कि सरकार के प्रति आम जनमानस में भारी आक्रोश है। उन्होंने भी चेतावनी दी कि अगर सरकार नहीं सुधरती है, तो राजद आगे के क्रम में सड़कों पर उतरकर 'पूरे देश को चक्का जाम' करेगा।4
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना के राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप संचालित फुल-टाइम हाइब्रिड अंडरग्रेजुएट (पहले बैच) और पोस्टग्रेजुएट अकादमिक कार्यक्रमों के विद्यार्थियों ने वर्ष 2026 के प्लेसमेंट और इंटर्नशिप सत्र में सफलता का एक नया इतिहास रचा है। इस सत्र में कुल 887 स्नातक और 672 स्नातकोत्तर छात्र योग्य थे, जिनमें से 780 छात्रों ने सक्रिय रूप से प्लेसमेंट अभियान में भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए, 240 विद्यार्थियों ने शानदार प्लेसमेंट हासिल किया और 460 विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटर्नशिप के अवसर सुरक्षित किए। इस पूरे सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण हाइब्रिड मोड के एक मेधावी छात्र द्वारा प्राप्त ₹56 लाख प्रति वर्ष (LPA) का सर्वोच्च पैकेज रहा, जिसने संस्थान के लिए एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस प्लेसमेंट ड्राइव की एक और अभूतपूर्व उपलब्धि वैश्विक तकनीकी दिग्गज ओरेकल और आईबीएम में 200 से अधिक छात्रों का इंटर्नशिप के लिए चयन होना रहा। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), भारतीय स्टेट बैंक (SBI), इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), एम्ब्रीजोन टेक्नोलॉजीज, गवि-एचसीएल (GUVI-HCL), इन्फोसेरा, टेलीपरफॉर्मेंस और टैक्सट्रॉन टेक्नोलॉजीज जैसी देश और दुनिया की शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों एवं प्रतिष्ठित सरकारी संगठनों में बेहतरीन प्लेसमेंट और इंटर्नशिप के अवसर प्राप्त किए हैं। संस्थान के इन होनहार विद्यार्थियों का चयन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर (SDE), फुल स्टैक डेवलपर, डेटा साइंटिस्ट, एआई/एमएल (AI/ML) इंजीनियर, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और रिसर्च इंटर्न जैसे महत्वपूर्ण पदों पर हुआ है। अपने ध्येय वाक्य "ज्ञान से सफलता तक" को चरितार्थ करते हुए, आईआईटी पटना ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सभी चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी है। संस्थान का कहना है कि यह शानदार सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, संकाय सदस्यों के कुशल मार्गदर्शन और संस्थान के उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा को मजबूती से प्रमाणित करती है।1
- सारण जिले में इंडियन पेट्रोलियम गैस एजेंसी के कामकाज को लेकर उपभोक्ताओं में भारी असंतोष है। आरोप है कि एजेंसी के पास गैस का स्टॉक होने के बावजूद उपभोक्ताओं को इसकी आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि एजेंसी के सारे कर्मचारी कार्यालय में ताला लगाकर आते ही नहीं हैं, जिसके कारण गैस वितरण पूरी तरह से ठप पड़ा है। इस गंभीर लापरवाही पर सरकार से तत्काल और कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। जनता की मांग है कि ऐसी गैस एजेंसियों को तुरंत बंद कर देना चाहिए, जो अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रही हैं और उपभोक्ताओं को जानबूझकर परेशान कर रही हैं।1
- सारण जिले के लहलादपुर प्रखंड कार्यालय में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान राजद के प्रमुख नेता मदन राय, रामाशीष यादव और अजित कुशवाहा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।1
- बिक्रम में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर भाग रहे एक बाइक सवार की गाड़ी पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में बाइक पर सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति भागने में सफल रहा।1
- अरवल जिला मुख्यालय से एक लड़का फेसबुक पर रील बनाकर रातों रात वायरल हो गया है। उसने अपनी रीलों के माध्यम से तेजी से प्रसिद्धि हासिल की।1
- बिहार के भोजपुर जिले के बहियारा में स्थापित एक मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं और सोशल मीडिया पर खूब चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मंदिर दक्षिण भारत के विश्वप्रसिद्ध तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर (तिरुपति बालाजी) की तर्ज पर बनाया गया है और भगवान श्री वेंकटेश्वर (बालाजी) के दिव्य स्वरूप को समर्पित है। इसकी भव्यता, धार्मिक वातावरण और आकर्षक स्थापत्य कला लोगों को अपनी ओर खींच रही है, जिससे यह सनातन धर्म के अनुयायियों के बीच आस्था का नया केंद्र बन गया है। इस मंदिर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे हजारों लोग देख और साझा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर के स्थापित होने से अब बिहार के लोगों को भगवान बालाजी के दर्शन के लिए दूर दक्षिण भारत जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बहियारा में भी लोग उसी श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान बालाजी की पूजा-अर्चना कर पा रहे हैं, जिससे यह स्थान धार्मिक समाचारों में प्रमुखता से छाया हुआ है। इस भव्य मंदिर की झलक और धार्मिक माहौल वाला यह वीडियो लोगों का ध्यान लगातार अपनी ओर आकर्षित कर रहा है, जिसके बाद इसे 'आरा का तिरुपति बालाजी धाम' भी कहा जाने लगा है।1