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मध्य प्रदेश में "भोपाल चलो भोपाल चलो" के नारे के साथ ओबीसी महासभा ने आगामी 20 जुलाई 2026 को विधानसभा घेराव करने का बड़ा एलान किया है। इस आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय कर कमेटी, कार्यकारी जिला अध्यक्ष और जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी मध्य प्रदेश द्वारा पूरी ताकत झोंकी जा रही है और प्रदर्शन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। "ओबीसी महासभा जिंदाबाद" के नारों के साथ आयोजित होने वाले इस घेराव प्रदर्शन के जरिए मुख्य रूप से तीन मांगें उठाई गई हैं। इनमें पहली मांग 13% होल्ड को हटाने की है, दूसरी मांग 27% आरक्षण को तुरंत लागू करने की है, और तीसरी मांग पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना करवाकर उसके आंकड़े सार्वजनिक करने की है।
इंडिया न्यूज 30 IPS
मध्य प्रदेश में "भोपाल चलो भोपाल चलो" के नारे के साथ ओबीसी महासभा ने आगामी 20 जुलाई 2026 को विधानसभा घेराव करने का बड़ा एलान किया है। इस आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय कर कमेटी, कार्यकारी जिला अध्यक्ष और जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी मध्य प्रदेश द्वारा पूरी ताकत झोंकी जा रही है और प्रदर्शन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। "ओबीसी महासभा जिंदाबाद" के नारों के साथ आयोजित होने वाले इस घेराव प्रदर्शन के जरिए मुख्य रूप से तीन मांगें उठाई गई हैं। इनमें पहली मांग 13% होल्ड को हटाने की है, दूसरी मांग 27% आरक्षण को तुरंत लागू करने की है, और तीसरी मांग पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना करवाकर उसके आंकड़े सार्वजनिक करने की है।
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- मध्य प्रदेश के बालाघाट में एथेनॉल प्लांट भेजने के नाम पर हजारों क्विंटल सरकारी चावल गायब करने का एक बड़ा खेल सामने आया है। बालाघाट के नवेगांव एफसीआई (FCI) और गर्रा सीडब्ल्यूसी (CWC) गोदाम से छिंदवाड़ा के एथेनॉल प्लांट के लिए भेजा गया चावल रास्ते से ही गायब कर राइस मिलों में खपा दिया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) ने अब तक 17 खाली ट्रक जब्त किए हैं और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में प्लांट कर्मियों और ट्रांसपोर्टर सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, वारासिवनी के संचेती राइस मिल के संचालक पिता-पुत्र फिलहाल फरार हैं, जिनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। इसके अलावा, अब तक बालाघाट के 6 और सिवनी के 2 राइस मिलर्स भी इस जांच के दायरे में आ चुके हैं। यह घोटाला बेहद शातिर तरीके से चल रहा था, जिसमें सरकार से ₹2,320 प्रति क्विंटल में मिलने वाला चावल प्लांट संचालक ₹2,600 से ₹3,000 रुपये में मिलर्स को बेच देते थे। इसके बाद मिलर्स बिना किसी मेहनत और खर्च के इसी चावल को दोबारा धान मिलिंग के नाम पर सरकारी राशन गोदामों में जमा करा देते थे। इस सिंडिकेट में शामिल कई लोगों के राजनीतिक संबंध होने के कारण इसके तार भोपाल तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।1
- धान के कटोरे के रूप में मशहूर मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में अब पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक बदलाव आ रहा है। लालबर्रा विकासखंड के ग्राम अमोली के प्रगतिशील किसान राजेंद्र पंचेश्वर ने अपनी एक एकड़ जमीन पर धान की पारंपरिक खेती को छोड़कर अमरूद के पौधे रोपे हैं। उन्होंने अमरूद की खेती के साथ ही 'मल्टी-लेयर' यानी अंतर्वर्ती फसल प्रणाली का अनोखा उदाहरण पेश किया है, जो जिले के अन्य किसानों के लिए एक नजीर बन गया है। राजेंद्र ने अमरूद के पौधों के बीच खाली पड़ी जगह का इस्तेमाल अदरक और अरहर की खेती के लिए किया है। इस नवाचार को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें अब अदरक, अरहर और अमरूद के बीच खाली जगह पर मक्का की फसल लगाने की भी सलाह दी गई है, जिससे भूमि का शत-प्रतिशत उपयोग हो सके और आय बढ़ सके। कृषि विभाग इस प्रयास में उनका लगातार सहयोग और मार्गदर्शन कर रहा है। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि लालबर्रा की वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की टीम वैज्ञानिक मार्गदर्शन के जरिए लगातार राजेंद्र के संपर्क में है। इस मॉडल के तीन बड़े फायदे सामने आए हैं। पहला, धान की तुलना में अमरूद, अदरक और अरहर की खेती में पानी की बहुत बचत होती है। दूसरा, एक ही खेत से फल, मसाला, दाल और अनाज मिलने से किसान की आय के स्रोत बढ़े हैं और यह धान की एकल खेती से अधिक मुनाफा देने वाला है। तीसरा, अलग-अलग फसलों के चक्र से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और रसायनों पर निर्भरता कम होती है। 'अमोली मॉडल' के रूप में मशहूर हो रहा राजेंद्र पंचेश्वर का यह सफल प्रयास अब बालाघाट के दूसरे किसानों को भी अपनी खेती की दिशा बदलने के लिए प्रेरित कर रहा है।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के किरनापुर में एक जर्जर छात्रावास की बदहाल स्थिति के कारण छात्रों का भविष्य खतरे के साये में है। इस छात्रावास की छत से लगातार कंक्रीट गिर रहा है, जिससे हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है। इस बेहद गंभीर समस्या को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिम्मेदारों की इस अनदेखी के कारण छात्र असुरक्षित माहौल में रहने को मजबूर हैं।1
- बालाघाट जिले के कटंगी में 415 लाख रुपये की लागत से हो रहे परसवाड़ाघाट-सावरगांव-हथोड़ा सड़क निर्माण कार्य में अवैध खनन का बड़ा खेल सामने आया है। इस पूरे मामले में जनपद सदस्य से लेकर ठेकेदार तक की मिलीभगत की बात उजागर हुई है।1
- बालाघाट के लांजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कारंजा-बापड़ी रोड पर स्थित एक खेत के मकान में अज्ञात चोरों ने ताला काटकर हजारों रुपये के कृषि उपकरण, खाद और घरेलू सामान पर हाथ साफ कर दिया। चोरों ने मकान का ताला काटकर वहां रखे दवा छिड़काव पंप, बर्तन, पंखा और अन्य जरूरी सामान चोरी कर लिया। यह कृषि भूमि महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव निवासी 65 वर्षीय नीलमदास नरसिंग उपराडे की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने लांजी थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।1
- बालाघाट में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला सामने आया है। महिला के मुंह से झाग निकलने के बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस बीच महिला के तकिये के नीचे से चूहामार दवा भी मिली है, जिससे पूरा मामला संदिग्ध बना हुआ है।1
- बालाघाट के रामपायली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुनी-बटरमारा पुलिया के बीच एक अनियंत्रित बोलेरो पिकअप पलटने से भीषण हादसा हो गया, जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे के वक्त इस पिकअप वाहन में करीब 20 से 25 लोग सवार थे। दुर्घटना में लगभग 7 से 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि एक दर्जन घायलों को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1