इटावा में ब्राह्मण समाज महासभा ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जहाँ दाँदरपुर काण्ड एक बार फिर सुर्खियों में रहा। प्रदेश अध्यक्ष पंडित अरुण दुबे ने दोषी कथावाचक के प्रकरण में अब तक चार्जशीट दाखिल न होने पर पूरे ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने भाजपाइयों और शासन-प्रशासन पर जमकर निशाना साधा, उन पर ब्राह्मण समाज के शोषण और हनन का आरोप लगाया, और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पंडित अरुण दुबे ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि दाँदरपुर काण्ड में ब्राह्मण समाज के लोगों को जेल में डाल दिया गया, लेकिन दोषी कथावाचक की न तो अब तक गिरफ्तारी हुई और न ही भाजपा सरकार इस मामले में चार्जशीट दाखिल करा पाई। उन्होंने भाजपा शासन व प्रशासन को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और सरकार से जवाब भी मांगा। इसके साथ ही, उन्होंने ब्राह्मणों के विरुद्ध हो रहे अत्याचार की चर्चा में इटावा के बकेवर में घटी चंद्रमोहन पांडे की घटना का भी जिक्र किया, जहाँ चार महीने बीत जाने के बाद भी दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई और समाज को केवल 'लॉलीपॉप' ही मिल रहा है। उन्होंने बीते चार सालों की भाजपा सरकार में ब्राह्मण समाज का सबसे ज्यादा शोषण और हनन होने का दावा किया, साथ ही जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को अक्षम्य बताया। पंडित अरुण दुबे ने भाजपाइयों और जनप्रतिनिधियों की ओर इशारा करते हुए स्पष्ट किया कि यदि उन्हें सम्मान देकर उनके समाज का उत्पीड़न और हनन किया जाता है, तो ऐसा सम्मान उन्हें स्वीकार नहीं है। उन्होंने मुफ्त में मिल रहे सम्मान को भी नकार दिया, यह कहते हुए कि उन्हें ऐसा सम्मान नहीं चाहिए जहाँ उनके समाज का शोषण हो रहा हो और वे अपने समाज के पीड़ितों को न्याय न दिला पाएं। ब्राह्मण समाज महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह ब्राह्मण समाज का शोषण और हनन होता रहा, तो वह 2027 के चुनाव में भाजपा को समर्थन नहीं देगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो यह भूल गए हैं कि ब्राह्मण निर्णायक भूमिका में रहते हैं, वे संभल जाएं, नहीं तो आगामी 2027 के चुनाव में उन्हें माकूल जवाब दिया जाएगा। 2027 में ब्राह्मण किस तरफ निर्णायक होगा, इसका निर्णय बिगुल बजने के बाद लिया जाएगा। इस अवसर पर, ब्राह्मण समाज महासभा ने चाणक्य जयंती पर एक गोष्ठी का भी आयोजन किया, जिसे 'ब्राह्मण दिवस' के रूप में मनाया गया। पंडित अरुण दुबे ने चाणक्य की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और समाज में ब्राह्मणों के योगदान पर विस्तृत चर्चा की।
इटावा में ब्राह्मण समाज महासभा ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जहाँ दाँदरपुर काण्ड एक बार फिर सुर्खियों में रहा। प्रदेश अध्यक्ष पंडित अरुण दुबे ने दोषी कथावाचक के प्रकरण में अब तक चार्जशीट दाखिल न होने पर पूरे ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने भाजपाइयों और शासन-प्रशासन पर जमकर निशाना साधा, उन पर ब्राह्मण समाज के शोषण और हनन का आरोप लगाया, और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पंडित अरुण दुबे ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि दाँदरपुर काण्ड में ब्राह्मण समाज के लोगों को जेल में डाल दिया गया, लेकिन दोषी कथावाचक की न तो अब तक गिरफ्तारी हुई और न ही भाजपा सरकार इस मामले में चार्जशीट दाखिल करा पाई। उन्होंने भाजपा शासन व प्रशासन को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और सरकार से जवाब भी मांगा। इसके साथ ही, उन्होंने ब्राह्मणों के विरुद्ध हो रहे अत्याचार की चर्चा में इटावा के बकेवर में घटी चंद्रमोहन पांडे की घटना का भी जिक्र किया, जहाँ चार महीने बीत जाने के बाद भी दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई और समाज को केवल 'लॉलीपॉप' ही मिल रहा है। उन्होंने बीते चार सालों की भाजपा सरकार में ब्राह्मण समाज का सबसे ज्यादा शोषण और हनन होने का दावा किया, साथ ही जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को अक्षम्य बताया। पंडित अरुण दुबे ने भाजपाइयों और जनप्रतिनिधियों की ओर इशारा करते हुए स्पष्ट किया कि यदि उन्हें सम्मान देकर उनके समाज का उत्पीड़न और हनन किया जाता है, तो ऐसा सम्मान उन्हें स्वीकार नहीं है। उन्होंने मुफ्त में मिल रहे सम्मान को भी नकार दिया, यह कहते हुए कि उन्हें ऐसा सम्मान नहीं चाहिए जहाँ उनके समाज का शोषण हो रहा हो और वे अपने समाज के पीड़ितों को न्याय न दिला पाएं। ब्राह्मण समाज महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह ब्राह्मण समाज का शोषण और हनन होता रहा, तो वह 2027 के चुनाव में भाजपा को समर्थन नहीं देगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो यह भूल गए हैं कि ब्राह्मण निर्णायक भूमिका में रहते हैं, वे संभल जाएं, नहीं तो आगामी 2027 के चुनाव में उन्हें माकूल जवाब दिया जाएगा। 2027 में ब्राह्मण किस तरफ निर्णायक होगा, इसका निर्णय बिगुल बजने के बाद लिया जाएगा। इस अवसर पर, ब्राह्मण समाज महासभा ने चाणक्य जयंती पर एक गोष्ठी का भी आयोजन किया, जिसे 'ब्राह्मण दिवस' के रूप में मनाया गया। पंडित अरुण दुबे ने चाणक्य की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और समाज में ब्राह्मणों के योगदान पर विस्तृत चर्चा की।
- इटावा में स्वर्गीय मुन्नी देवी तिवारी जी की स्मृति में एक निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर आगामी 7 जून, रविवार को सुबह 9:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक लगेगा। जनपद के सभी निवासियों से अपील की गई है कि वे इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं।1
- इटावा के लवेदी थाना क्षेत्र के नवादा गांव में एक बेरोजगार युवक से गैस एजेंसी खुलवाने के नाम पर 36 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई है। रोजगार पाने की लालच में पीड़ित युवक ने अपना खेत बेचकर यह बड़ी रकम 'इंदिरा गैस एंड पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी को जमा करवाई थी। इस ठगी का शिकार हुए युवक ने अब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।4
- उत्तर प्रदेश के इटावा में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहाँ कोमल सिंह नामक एक व्यक्ति को अपनी पत्नी को तमंचा दिखाकर धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने आरोपी का बेखौफ अंदाज और दिए गए बयान अब चर्चा का विषय बने हुए हैं। कोमल सिंह ने पुलिस के सामने कहा कि 'मेरे भैया की दो शादियां हुई थीं, बड़ी वाली मुझे दे दी... उसी की छाती पर तमंचा लगाया था।' उसने अपने आपराधिक इतिहास का भी बखान करते हुए कहा कि वह 'उरई जेल में तीन बार जा चुका हूं... वो मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। अब तो सेंट्रल जेल देखनी है, जहां जाली के अंदर से मुलाकात होती है।' उसके इन बयानों से मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए। बताया जाता है कि आरोपी न सिर्फ खुलेआम असलहा लेकर घूम रहा था, बल्कि अपने आपराधिक इतिहास का भी बखान कर रहा था। पत्नी को तमंचा दिखाकर धमकाने की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोमल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस मामले की चर्चा जोरों पर है। वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- इटावा के मानिकपुर मोड़ स्थित NHAI सर्विस रोड की हालत लगातार खराब होती जा रही है, जहाँ गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं। इन हादसों से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर मौन हैं। स्थानीय लोगों ने बताया है कि सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, जो बरसात और भारी वाहनों की आवाजाही से और अधिक क्षतिग्रस्त हो गए हैं, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए अत्यधिक जोखिमपूर्ण बन गए हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ है, और संबंधित विभाग तथा प्रशासन हादसों के बावजूद ध्यान नहीं दे रहा है। मानिकपुर मोड़ पहले भी सड़क दुर्घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है, जिससे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने NHAI और जिला प्रशासन से सर्विस रोड की तत्काल मरम्मत कराकर दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- महामंडलेश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग के साथ औरैया जिले के दिबियापुर में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान सेहुद धाम में विशेष रूप से गौ पूजन कर गौ ध्वज स्थापित किया गया, जो इस अभियान का प्रतीक है। धाम के पुजारी महंत रामप्रिय दास ने स्वामी जी के आगमन पर उनका चरण पादुका पूजन किया, आरती उतारी और उन्हें अंग वस्त्र भेंट कर पारंपरिक रूप से उनका स्वागत किया। स्वामी जी ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों से भावुक अपील की कि वे ऐसे सभी राजनैतिक दलों को अपना पूर्ण समर्थन दें जो अपने घोषणापत्र में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने का प्रस्ताव लाने का साहस दिखाते हैं।2
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में स्थित नगर पंचायत अटसू में एक सब्ज़ी विक्रेता की मृत्यु हो गई है। इस दुखद घटना के कारण मृतक के परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है और वे अत्यधिक शोक संतप्त हैं।1
- इटावा, उत्तरप्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक अपराधी, कोमल सिंह, ने अपनी पत्नी की छाती पर तमंचा तानने की बात को “छाती ठोक कर” स्वीकार किया है। उसने खुद को एक “ड्रामाटिक क्रिमिनल” बताया और अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं दिखाया। कोमल सिंह ने बताया कि उसके भैया की दो शादियां हुई थीं, जिसमें से उन्होंने बड़ी वाली पत्नी उसे दे दी थी, और उसी की छाती पर उसने तमंचा लगाया था। उसने बड़े ही बेखौफ अंदाज में यह भी बताया कि वह उरई जेल में तीन बार रह चुका है और उस जेल को वह अपने लिए मामूली जेल मानता है, जिसका अर्थ है कि वह उसे insignificant समझता है। कोमल सिंह ने अपनी आगे की इच्छा भी जाहिर की कि उसे “सेन्ट्रल जेल देखनी है जिसमें जाली के अंदर से मिलाई होती है”।1
- इटावा जनपद के करियावली गांव निवासी प्रभुदयाल पुत्र रामभरोसे, जिन्हें 'बाबा' कहा जा रहा है, राजस्थान में मिले हैं। यह जानकारी स्वयं प्रभुदयाल द्वारा दी गई है। उनके बारे में सूचना देने या उनसे संपर्क साधने के इच्छुक व्यक्ति मोबाइल नंबर 9929703784 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- एक पानी के टैंकर का चैंबर टूटा हुआ पाया गया है।1