घुटवाली की सिंचाई योजना 4 साल से बंद, किसान परेशान सिंचाई ठप डुमरी/गिरिडीह।डुमरी प्रखंड के पंचायत मधगोपाली अंतर्गत ग्राम घुटवाली स्थित उद्वह सिंचाई योजना पिछले 4 वर्षों से बंद पड़ी है। इस योजना से सैकड़ों एकड़ जमीन की सिंचाई होती थी।स्थानीय किसान विनय कुमार, कालेश्वर महतो, रामेश्वर महतो, टेकलाल महतो, डेगलाल महतो, जगदीश महतो व अन्य ने बताया कि उपायुक्त ने 4 साल पहले निरीक्षण कर योजना चालू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।शनिवार को झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो ने कहा कि पानी के अभाव में किसान खेती नहीं कर पा रहे। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि जल्द पहल नहीं हुई तो डुमरी अनुमंडल कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।ग्रामीणों ने सरकार से योजना तुरंत शुरू करने की मांग की है। बताते चलें कि यह योजना पहले भालको और झारखंड बनने के बाद झालको के तहत चलती थी। रखरखाव के अभाव में यह अब बंद है।
घुटवाली की सिंचाई योजना 4 साल से बंद, किसान परेशान सिंचाई ठप डुमरी/गिरिडीह।डुमरी प्रखंड के पंचायत मधगोपाली अंतर्गत ग्राम घुटवाली स्थित उद्वह सिंचाई योजना पिछले 4 वर्षों से बंद पड़ी है। इस योजना से सैकड़ों एकड़ जमीन की सिंचाई होती थी।स्थानीय किसान विनय कुमार, कालेश्वर महतो, रामेश्वर महतो, टेकलाल महतो, डेगलाल महतो, जगदीश महतो व अन्य ने बताया कि उपायुक्त ने 4 साल पहले निरीक्षण कर योजना चालू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।शनिवार को झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो ने कहा कि पानी के अभाव में किसान खेती नहीं कर पा रहे। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि जल्द पहल नहीं हुई तो डुमरी अनुमंडल कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।ग्रामीणों ने सरकार से योजना तुरंत शुरू करने की मांग की है। बताते चलें कि यह योजना पहले भालको और झारखंड बनने के बाद झालको के तहत चलती थी। रखरखाव के अभाव में यह अब बंद है।
- 1 साल से सर्वर डाउन या प्रशासनिक बहाना? मईया सम्मान योजना को लेकर ब्लॉक में महिलाओं का हंगामा! 🚨 झारखंड की माताओं और बहनों के हक पर कब तक लगेगा 'सर्वर डाउन' का ताला? देखिए विष्णुगढ़ ब्लॉक परिसर से सच तक झारखंड न्यूज़ की यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट! मईया सम्मान योजना का लाभ लेने के लिए महिलाएँ लगातार ब्लॉक के चक्कर काट रही हैं। लेकिन अधिकारी और कर्मचारी एक ही बात कहकर टाल रहे हैं कि सर्वर बंद है। हमारा सीधा सवाल: 👉 अगर 1 साल से पोर्टल बंद है, तो प्रशासन ने कोई लिखित नोटिस क्यों नहीं लगाया? 👉 क्या यह सिर्फ एक बहाना है या अधिकारियों की बड़ी लापरवाही? आप इस वीडियो को शेयर करें ताकि इन महिलाओं की आवाज सरकार और उच्च अधिकारियों तक पहुंचे! 1
- तेलो में पूर्व मंत्री स्व जगरनाथ महतो की जयंती मनायी गया, 1 सौ साड़ी एवं 50 किलो दूध का खीर का वितरण किया गया। पूर्व मंत्री स्वर्गीय जगरनाथ महतो की 59वीं जयंती समारोह तेलो के शंकर चौक में झारखंड नव निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश वर्णवाल के नेतृत्व में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महतो मार्केट से गाजे बाजे के साथ जगरनाथ बाबू अमर, जबतक सूरज चांद रहेगा टाइगर जगरनाथ बाबू तेरा नाम अमर रहेगा के नारे लगाते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुँचकर कर जगरनाथ महतो के चित्र पर माल्यापर्ण करते हुए सभी लोगो ने नमन किया। इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष गणेश वर्णवाल के द्वारा 1सौ गरीब महिलाओं के बीच साड़ी वितरण एवं 50 किलो दूध का खीर वितरण किया। गणेश वर्णवाल ने कहा कि पूर्व मंत्री स्व. जगरनाथ महतो किसी एक पार्टी के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे जनमानस के नेता थे। वे हर आदमी के दुख-सुख में खड़े रहते थे। गरीब, किसान, मजदूर और नौजवानों की आवाज बनकर उन्होंने हमेशा संघर्ष किया। शिक्षा और रोजगार के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। स्व. जगरनाथ महतो का जन्म 4 जनवरी 1967 को बोकारो के डुमरी में हुआ था। वे "टाइगर" के नाम से प्रसिद्ध थे। डुमरी से 4 बार विधायक और झारखंड सरकार में शिक्षा मंत्री रहे। शिक्षा, रोजगार और आदिवासी-मूलवासी के हक की लड़ाई में उनकी अहम भूमिका रही। साथ ही कहा कि मंत्री के छोटे से कार्याकाल मे शिक्षा के क्षेत्र में जो कार्य किए है वो आज भी असमरणीय है। आज उनकी कमी पूरे झारखंड को खल रही है। ऐसे जननेता को हमारा शत-शत नमन। जयंती समारोह में अजीत सोनी, शक्ति ठाकुर, राजन कुमार, जगदीश रजक, पूर्व शिक्षक कुंज बिहारी महतो, लोकनाथ गोप, शंकर कुमार, सुनील कुमार, महेश बरनवाल, सुल्तान अंसारी, सबा खान, मोहम्मद इजहार समेत सैकड़ो की संख्या में लोग स्व जगन्नाथ बाबू की चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया।1
- धनबाद के बहुचर्चित के.के. पॉलिटेक्निक–उप डाकघर घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को ईडी की टीम लोयाबाद तीन नंबर स्थित पंकज चौहान के आवास पर पहुंची और छापेमारी की।1
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अंधभक्त को धोया||शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अंधभक्त को धोया शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अंधभक्त को धोया1
- 👉 “ED की कार्रवाई से खुलेंगे सट्टेबाजों का राज?” 👉 “पंकज–बाघमारा का पप्पू और राका का खेल!” #लोयाबाद #बाघमारा #धनबाद #EDRaid #EDAction #ईडी #पंकजचौहान #सट्टेबाजी #सट्टाकनेक्शन #BreakingNews #DhanbadNews #Loyabad #Baghmara #BulandSandesh #बुलंदसंदेश #बेबाकखबरें1
- झारखण्ड नौकरी या व्यापार झारखण्ड सरकार,JPSC/JSSC नौकरी नियुक्ती निकाल कर व्यापार कर रही है #jpsc #jssc #jharkhand #dhanbad #paperleak1
- एक आवाज प्रदूषण के खिलाफ संगठन और उसरी बचाव अभियान के लोगों ने चलाया जनसंपर्क अभियान एक आवाज प्रदूषण के खिलाफ संगठन और उसरी बचाव अभियान के लोगों ने मानव श्रृंखला बनाने को लेकर शुक्रवार शाम 5 बजे को टुंडी रोड के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान जल जंगल और जमीन बचाने को लेकर गंभीर चर्चा की गई। चतरो स्थित बालमुकुंद स्पंज आयरन फैक्ट्री द्वारा उसरी नदी से पाइपलाइन के माध्यम से फैक्ट्री में पानी लाने के लिए बिछाए जा रहे पाइपलाइन के विरोध में ग्रामीणों ने अभियान छेड़ दिया है।1
- रोजगार के लिए गए काड़ामारा गांव के 35 वर्षीय युवक विजय सिंह की ओडिशा के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत। रोजगार की तलाश में पलायन करना चंद्रपुरा प्रखंड के एक और परिवार के लिए भारी पड़ गया। तुरियो पंचायत अंतर्गत काड़ामारा गांव निवासी 35 वर्षीय विजय सिंह की ओडिशा के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गया। जानकारी के अनुसार विजय सिंह पिछले तीन महीने से ओडिशा राज्य के झारसुगुड़ा में स्थित रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड स्टील प्लांट में मजदूरी का काम कर रहा था। परिजनों ने बताया कि पिछले दो दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। बुधवार को सुबह अस्पताल से ही उसने वीडियो कॉल के माध्यम से पत्नी से बातचीत भी की थी। शाम में उनकी मृत्यु हो जाने की सूचना दी। मृतक की पत्नी ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण विजय रोजगार के लिए ओडिशा गया था। वह बहुत मेहनती था और परिवार का भरण-पोषण के लिए कठिन परिस्थितियों में भी काम करता था। उसका घर का भी स्थिति ठीक नहीं। खपरा का कच्चा मकान है। वह भी गिरने के कगार पर है। नतीजन वह अपने मायके में रहती थी। उनका शव गुरुवार-शुक्रवार की रात्रि 2 बजे पैतृक गांव कांडामारा लाया गया। इधर विजय की मौत की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियों और एक पुत्र को छोड़ गया है। चार छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। शव पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक अपने घर का इकलौता पुत्र था। उसके पिता भी 6 साल पहले मृत्यु हो गया है। शुक्रवार को उनका दाहसंस्कार किया जाएगा।1