रानीवाड़ा कलां में सरकारी रास्ते पर अवैध अतिक्रमण, ग्रामीणों का आवागमन बाधित रानीवाड़ा कलां में सरकारी रास्ते पर अवैध अतिक्रमण, ग्रामीणों का आवागमन बाधित रानीवाड़ा (जालोर) तहसील रानीवाड़ा के ग्राम रानीवाड़ा कलां में स्थित सरकारी सार्वजनिक रास्ते पर अवैध अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित काश्तकार मुलसिंह उर्फ मूला पुत्र अना जी, जाति राजपूत, निवासी रानीवाड़ा कलां ने इस संबंध में श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, जालोर को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए रास्ता खुलवाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में बताया गया कि प्रार्थी की पुश्तैनी सहखातेदारी भूमि मौजा रानीवाड़ा कलां में खाता संख्या 318 के खसरा नंबर 1103, 1104, 1105, 1106, 1139, 480, 689 व 784 में कुल 6.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्थित है। वहीं पड़ोसी खातेदार ईश्वरसिंह पुत्र बाबूसिंह, निवासी रानीवाड़ा कलां की खातेदारी भूमि खसरा नंबर 1096, 1097, 1098 व 688 में कुल 2.55 हेक्टेयर क्षेत्रफल की है। पीड़ित ने बताया कि उनके खेतों से गांव एवं मुख्य सड़क तक आने-जाने के लिए सरकारी गैर मुमकिन रास्ता खसरा संख्या 1054, क्षेत्रफल 0.29 हेक्टेयर, वर्षों से उपयोग में लिया जा रहा है। यह रास्ता राजस्व रिकॉर्ड में राजस्थान सरकार के नाम से दर्ज है और सार्वजनिक आवागमन के लिए निर्धारित है। आरोप है कि पड़ोसी खातेदार ईश्वरसिंह द्वारा उक्त सरकारी गैर मुमकिन रास्ते पर अवैध अतिक्रमण कर रास्ता बंद कर दिया गया है। प्रार्थी के अनुसार, पत्थर बाड़ू डालकर अवैध पक्का निर्माण किया गया है, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। विरोध करने पर कथित रूप से लाठी के जोर पर आवागमन रोका जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से खेतों तक कृषि यंत्र ले जाना मुश्किल हो गया है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है, वहीं बीमार एवं बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि इस संबंध में दिनांक 26 दिसंबर 2025 को तहसीलदार रानीवाड़ा को शिकायत दी गई थी, जिस पर पटवारी रानीवाड़ा कलां द्वारा मौके पर पहुंचकर अस्थायी रूप से अतिक्रमण हटाया गया। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने पुनः पत्थर डालकर रास्ता बंद कर दिया और हालात पहले से भी अधिक बिगड़ गए। पीड़ित काश्तकार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी रास्ता भूमि खसरा संख्या 1054 से अवैध अतिक्रमण को स्थायी रूप से हटाया जाए, रास्ते को पुनः सार्वजनिक आवागमन के लिए सुचारू कराया जाए तथा संबंधित व्यक्ति को भविष्य में अतिक्रमण न करने के लिए पाबंद किया जाए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है, ताकि वर्षों पुराना सार्वजनिक रास्ता फिर से खुल सके और आमजन को राहत मिल सके।
रानीवाड़ा कलां में सरकारी रास्ते पर अवैध अतिक्रमण, ग्रामीणों का आवागमन बाधित रानीवाड़ा कलां में सरकारी रास्ते पर अवैध अतिक्रमण, ग्रामीणों का आवागमन बाधित रानीवाड़ा (जालोर) तहसील रानीवाड़ा के ग्राम रानीवाड़ा कलां में स्थित सरकारी सार्वजनिक रास्ते पर अवैध अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित काश्तकार मुलसिंह उर्फ मूला पुत्र अना जी, जाति राजपूत, निवासी रानीवाड़ा कलां ने इस संबंध में श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, जालोर को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए रास्ता खुलवाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में बताया गया कि प्रार्थी की पुश्तैनी सहखातेदारी भूमि मौजा रानीवाड़ा कलां में खाता संख्या 318 के खसरा नंबर 1103, 1104, 1105, 1106, 1139, 480, 689 व 784 में कुल 6.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्थित है। वहीं पड़ोसी खातेदार ईश्वरसिंह पुत्र बाबूसिंह, निवासी रानीवाड़ा कलां की खातेदारी भूमि खसरा नंबर 1096, 1097, 1098 व 688 में कुल 2.55 हेक्टेयर क्षेत्रफल की है। पीड़ित ने बताया कि उनके खेतों से गांव एवं मुख्य सड़क तक आने-जाने के लिए सरकारी गैर मुमकिन रास्ता खसरा संख्या 1054, क्षेत्रफल 0.29 हेक्टेयर, वर्षों से उपयोग में लिया जा रहा है। यह रास्ता राजस्व रिकॉर्ड में राजस्थान सरकार के नाम से दर्ज है और सार्वजनिक आवागमन के लिए निर्धारित है। आरोप है कि पड़ोसी खातेदार ईश्वरसिंह द्वारा उक्त सरकारी गैर मुमकिन रास्ते पर अवैध अतिक्रमण कर रास्ता बंद कर दिया गया है। प्रार्थी के अनुसार, पत्थर बाड़ू डालकर अवैध पक्का निर्माण किया गया है, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। विरोध करने पर कथित रूप से लाठी के जोर पर आवागमन रोका जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से खेतों तक कृषि यंत्र ले जाना मुश्किल हो गया है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है, वहीं बीमार एवं बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि इस संबंध में दिनांक 26 दिसंबर 2025 को तहसीलदार रानीवाड़ा को शिकायत दी गई थी, जिस पर पटवारी रानीवाड़ा कलां द्वारा मौके पर पहुंचकर अस्थायी रूप से अतिक्रमण हटाया गया। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने पुनः पत्थर डालकर रास्ता बंद कर दिया और हालात पहले से भी अधिक बिगड़ गए। पीड़ित काश्तकार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी रास्ता भूमि खसरा संख्या 1054 से अवैध अतिक्रमण को स्थायी रूप से हटाया जाए, रास्ते को पुनः सार्वजनिक आवागमन के लिए सुचारू कराया जाए तथा संबंधित व्यक्ति को भविष्य में अतिक्रमण न करने के लिए पाबंद किया जाए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है, ताकि वर्षों पुराना सार्वजनिक रास्ता फिर से खुल सके और आमजन को राहत मिल सके।
- Post by DRS Soni1
- रेवदर थाना क्षेत्र के हरणी अमरापुरा गांव में आपसी कहासुनी के बाद हुए झगड़े ने गंभीर रूप ले लिया, जिसमें घायल हुए एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के भाई नाथाराम कलबी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसका बड़ा भाई अमरापुरा निवासी जीवाराम चौधरी(50) पुत्र ओबाराम, मनरेगा कार्य में मजदूरी करता था। मंगलवार को ग्राम पंचायत कार्यालय हरणी अमरापुरा के बाहर मनरेगा मेट ठाकरीराम देवासी से नाम जोड़ने को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर मारपीट हुई, जिसमें जीवाराम के सिर पर आरोपी के हाथ में पहना चांदी का कड़ा लगने से गंभीर चोट लगी। चोट लगने के बाद वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने बीच बचाव किया तो आरोपी मौके से भाग गया। परिजनों व ग्रामीणों की मदद से उसे पहले रेवदर अस्पताल लाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उदयपुर रेफर किया गया। उदयपुर में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक का शव बुधवार को रेवदर अस्पताल लाया गया, जहां दर्जनों समाजबंधु अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गए। मृतक के भाई ने बताया कि घटना के बाद जब आरोपी को फ़ोन किया तो उसने कहा- “मैंने मारपीट की है, जो करना हो कर लेना। इलाज के पैसे चाहिए तो दे दूँगा।” इसके बाद वह अपने भाई ओबाराम के साथ उनके घर आकर घटना को लेकर माफ़ी मांगने लगा और इलाज के पैसे देने व उस पर केस ना करने की बात भी कही । इलाज के लिए आरोपी का भाई ओबाराम भी उनके साथ उदयपुर आया था । घटना की सूचना मिलते ही सीओ मनोज गुप्ता सहित पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से करवाया । इसके बाद परिजनों और समाज के लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी की माँग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया । सीओ मनोज गुप्ता ने परिजनों से वार्ता कर समझाइश की । मौके पर सांसद पुत्र धर्मवीर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से वार्ता की । सीओ ने 5 दिन में आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन माने और सुबह से करीब साढ़े 7 घंटे बाद शव लेकर रवाना हुए । पुलिस मामले की जाँच में जुटी है ।1
- शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा में भारत पाक थार एक्सप्रेस को शुरू करने के लिए1
- 23 फरवरी को होगा साईं बाबा मंदिर का वार्षिक उत्सव। बैठक कर लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय। श्री साईं बाबा मंदिर प्रांगण में साईं बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट की बैठक अध्यक्ष विशाल तंवर की अध्यक्षता मे आयोजित की जिसमें हर वर्ष की भाती इस वर्ष भी बाबा का 32 वा वार्षिक उत्सव (मेला) आयोजित करने का निर्णय लिया गया जो की 23 फरवरी 2026 सोमवार को होना तय किया गया जिसमें प्रातः 4:30 बजे बाबा की काकड़ आरती की जाएगी, प्रातः 5:30 बजे 108 किलो दूध से मंगल स्नान करवाया जाएगा, 7 बजे पालकी शोभा यात्रा निकाली जाएगी, 11 बजे ध्वजा रोहन, 11:15 बजे विशाल भंडारा एवं रात्री मे 8 बजे देश के जाने माने कलाकारो द्वारा विराट भजन सन्ध्या आयोजित की जाएगी। बैठक में अध्यक्ष विशाल तंवर, रमेश वैष्णव, मनरूप प्रजापत, राधे श्याम चौरसिया, विकाश व्यास, प्रेम चंद चौहान, अभिषेक मेरू, किशन सिंह इंदा , रणछोड़ मेघवाल, नरेश मंगला आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- आबूरोड सिरोही जिले के आबूरोड में रीको थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 204 किलो अवैध गांजा जब्त किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी दीपक को गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार आरोपी उड़ीसा से गुजरात के राजकोट अवैध गांजा की खेप लेकर जा रहा था। तस्करी को छुपाने के लिए कंटेनर में पुराने ट्यूब के भंगार के बीच एक गुप्त बॉक्स तैयार किया गया था, जिसमें गांजा छिपाकर रखा गया था।नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने कंटेनर को रुकवाकर तलाशी ली। गहन जांच में अंदर से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद हुआ। कार्रवाई थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। मामले की जांच जारी2
- Post by Boss Choudhary1
- water box office complaint1
- पुलिस बताएं कि गत 10 माह में 485 करोड रुपए की शराब सिरोही जिले के लोगों ने पी है - लोढ़ा शहर की ज्वलंत समस्याओं को लेकर सैकड़ो लोग उतरे सड़कों पर नगर कांग्रेस ने निकाली विशाल जन आक्रोश रैली आबूरोड। पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने कहां कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में सिरोही जिले में 475 करोड रुपए की शराब बेची गई और 2025-26 में अब तक 485 करोड रुपए की बेच दी गई है। तो यह वर्ष पूरा होते होते 600 करोड़ तक आंकड़ा पहुंच जाएगा तो यह शराब के हम सिरोही जिले के लोग पी रहे हैं या गुजरात के पेट में जा रही है। लोढ़ा नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा शहर की ज्वलंत समस्याओं को लेकर आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। लोढ़ा ने भाजपा सरकार की गवर्नेंस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री सिरोही के रामझरोखा मंदिर लूट के मामले में जिला कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम आयुक्त की कमेटी गठित कर रहे हैं, मैं जानना चाहता हूं कि नगर पालिका अधिनियम में उन्हें कमेटी गठित करने का क्या अधिकार है ? और कौनसी कमेटी कहने के बाद भी गठित हो गई। लोढ़ा ने कहा कि आबू रोड शहर और आसपास क्षेत्र में गत दो वर्षों में हुई चोरियों में से 175 चोरियां अभी तक नहीं खोल पाये हैं, यह अपने आप में चिंता का विषय हैं। डकैती के तो प्रतिशत मामले नहीं खुले हैं। उन्होंने कहां कि आजादी 75 साल के बाद भारत के प्रजातंत्र के इतिहास में पहली बार ऐसी घटना सामने आई जब लोकसभा के अध्यक्ष ने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री को खतरा है, उन्हें बताना चाहिए किन लोगों से खतरा है और उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। लोढ़ा ने कहा कि अत्यंत लज्जा जनक गलत बात है कि प्रधानमंत्री जैसे पद को अपनी संकुचित मानसिकता के चलते इतने तुच्छ स्तर पर हम ले जा रहे हैं कि पूरे देश के लोगों में निराशा व्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के हाथ गाय के खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने गायों के मांस के निर्यात में गायों को काटने की मशीनों पर सब्सिडी दी हैं। गायों का मांस बेचने वाली कंपनियों से चंदा लिया हैं। ढाई सौ करोड़ रुपये इलेक्ट्रॉल बॉन्ड के नाम पर बीफ कंपनियों से लिए गए। वाजपेई कर दो लोगों को समझने की जरूरतहै। गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए लेकिन तीसरी बार सत्ता में आने के बाद भी उसका नाम तक नहीं लेते। उन्होंने कहा कि सनातन के सबसे बड़े प्रतीक शंकराचार्य और शंकराचार्य भी मुक्तेश्वर आनंद का प्रयागराज में जो अपमान हुआ है, उनके शिष्यों को जिस तरह से चोटी पकड़कर मारा गया है इसके बाद भी सहयोगियों ने कोई आवाज नहीं उठाई इससे साफ नहीं होता है कि भाजपा का सनातन से कोई लेना देना नहीं है। माउंट आबू नगर पालिका के कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठाए और और कहां कि नक्की लेक के नावों के ठेके में जो भ्रष्टाचार हुआ है, उसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और माउंट आबू नगर पालिका में जो बार-बार हस्तक्षेपकर आयुक्त को बदला जा रहा है, वह अपने आप में भ्रष्टाचार और लूट का खुला प्रमाण हैं। विधायक मोतीराम कोली ने कहां कि नगर पालिका आबूरोड में व्यापक रूप से भ्रष्टाचार हो रहा है। मैंने विधानसभा में नगर पालिका को लेकर प्रश्न लगाए और उसका जवाब मिलते ही नगर पालिका के भ्रष्टाचार उजागर करूंगा। कोहली ने कहां की नगर पालिका आमजन को नोटिस देकर परेशान कर रही है। नगर पालिका के पास बहुत से जनहित के काम है करने को, पहले हमेशा से अधिशासी अधिकारी पहले वह कम करें फिर जनता को परेशान करें। नगर कांग्रेस अध्यक्ष नरगिस कायमखानी ने कहां कि प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त आ गई तो दूसरी नहीं आई, दूसरी आ गई तो तीसरी नहीं आई। सैकड़ो पट्टे नगर पालिकाओं में लंबित है। यह सब प्रकट करता है कि किस तरह की व्यवस्था चल रही हैं। आबूरोड के अंदर अनेक कॉलोनी को सीवरेज से जोड़ा नहीं गया तो, उसकी जानकारी लेकर जिला कलेक्टर को इन्हें शामिल करने का प्रस्ताव भेजना चाहिए और इस सुनिश्चित करना चाहिए कि पूरे शहर को सीवरेज का लाभ हो अन्यथा अरबों रुपए खर्च करने का कोई अर्थ नहीं रह जाता। रेवदर विधानसभा प्रभारी गोविंद बंजारा ने कहा कि भाजपा राज में आम जनता दुखी है। गरीब जनता की कोई सुनने वाला नहीं है। नगर कांग्रेस ने आज जो शहर की समस्या को लेकर रैली निकाली है उसमें इतनी तादाद में आए शहरवासियों से पता चलता है कि उनकी समस्या कितनी अधिक हैं। धरने को पूर्व विधायक गंगाबेन गरासिया, पूर्व जिला परिषद सदस्य पुखराज गहलोत, जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस रेणुलता व्यास, हेमलता शर्मा संबोधित किया। नगर कांग्रेस ने रैली निकाल कर किया विरोध प्रदर्शन - नगर कांग्रेस कमेटी आबू रोड ने शहर में ज्वलंत समस्याओं को लेकर विशाल रैली निकाली। रैली शहर के शांतिकुंज पार्क से शुरू होकर बस स्टैंड, कैलाश मेडिकल, शहर के मुख्य बाजार से होते हुए जगदीश चौराया से होकर तहसील कार्यालय पहुंचकर आमसभा में तब्दील हुई। रैली में हजारों की तादाद में शहरवासियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक लालाराम गरासिया, गंगाबेन गरासिया, एससी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष लखमाराम गरासिया, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रेनू लता व्यास, पूर्व जिला अध्यक्ष हेमलता शर्मा, सरपंच ललिता देवी, सुमित्रा परमार, राजेश गहलोत, अवधेश देवल, जयंतीलाल मारू, हमीद कुरैशी, हीर सिंह इंदा, कांतिलाल परिहार, शेर मोहम्मद, शमशाद अली अब्बासी, कैलाश माली, शिव शंकर शर्मा, जितेंद्र परिहार, राजेश परिहार,सुरेश बंजारा, जितेंद्र बंजारा, रमेश मीणा सलीम पठान, दिलावर पठान, दामोदर धानका, मोहन सीरवी, दशरथ नरूका, रमेश बंजारा, अजय बंजारा, छगन टॉक, विकास सिंह, दिनेश धावलेसा, रमेश कच्छावा, मंडल अध्यक्ष सुल्तान पठान, प्रेमाराम गरासिया, लक्ष्मी देवी, सुलेमान नागोरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित थे।4