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आज के अंक में प्रकाशित हुआ आज के अंक प्रकाशित हुआ ,,,, आज के अंक में प्रकाशित हुआ

2 hrs ago
user_आनंद धर द्विवेदी
आनंद धर द्विवेदी
हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
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आज के अंक में प्रकाशित हुआ आज के अंक प्रकाशित हुआ ,,,, आज के अंक में प्रकाशित हुआ

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by हरिशंकर पांडेय
    1
    Post by हरिशंकर पांडेय
    user_हरिशंकर पांडेय
    हरिशंकर पांडेय
    स्वतंत्र पत्रकारिता हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • अजीत मिश्रा (खोजी) साहब की चाय पर सक्रिय, पर 'जहरीले' पनीर पर मौन: क्या फूड विभाग का ईमान बिक चुका है? ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश) "रामा स्वीट हाउस की दबंगई: 'जो उखाड़ना है उखाड़ लो', आखिर किसका संरक्षण है मिलावटखोरों को?" "साहब की गाड़ी आती है, हिस्सा लेती है और निकल जाती है... बस्ती में फूड विभाग बना 'वसूली विभाग'!" "नकली पनीर की मंडी बना चिलमा बाजार: मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद क्या जागेगा कुंभकर्णी प्रशासन?" "बस्ती: अखिलेश यादव को चाय पिलाने वाले की जांच, लेकिन नकली सामान बेचने वालों को खुली छूट क्यों?" "रामा स्वीट हाउस की तीन दुकानों पर मिलावट का खेल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप।" ​बस्ती। उत्तर प्रदेश का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर कम और अपनी 'खास' सक्रियता को लेकर ज्यादा चर्चा में है। ताज़ा मामला विभाग के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। एक तरफ विभाग उस शख्स की जांच करने में पूरी ताकत झोंक देता है जिसने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चाय पिलाई थी, वहीं दूसरी तरफ बस्ती जिले के चिलमा बाजार में खुलेआम बिक रहा 'सफेद जहर' यानी नकली पनीर विभाग को दिखाई नहीं दे रहा। ​दुबौलिया: 'कमीशन' के खेल में दांव पर जनता की जान ​दुबौलिया थाना क्षेत्र के चिलमा बाजार से लगातार नकली पनीर और मिलावटी सामान की बिक्री की खबरें आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फूड विभाग की गाड़ी जब इलाके में आती है, तो हड़कंप मचने के बजाय एक 'सेट खेल' शुरू होता है। गाड़ी देखते ही दुकानें कुछ देर के लिए बंद होती हैं, कथित तौर पर 'हिस्सा' पहुँचता है और फिर गाड़ी रफूचक्कर हो जाती है। इसके बाद मिलावट का काला कारोबार फिर से सरपट दौड़ने लगता है। ​"फूड विभाग को मिलता रहे अपना हिस्सा, भाड़ में जाए जनता" — यह जुमला आज चिलमा बाजार के हर आम आदमी की जुबान पर है। ​रामा स्वीट हाउस: बेखौफ मिलावटखोरी और गुंडागर्दी ​चिलमा बाजार स्थित रामा स्वीट हाउस और इसकी संचालित तीनों शाखाएं इस समय शिकायतों के केंद्र में हैं। ​दबंगई का आलम: एक माह पहले जब एक जागरूक ग्राहक ने खराब सामान की शिकायत की, तो दुकानदार ने सुधार करने के बजाय धमकी दी— "जाओ जांच करा लो, जो उखाड़ना हो उखाड़ लेना।" * सोशल मीडिया पर वायरल: कल फिर एक ग्राहक को नकली पनीर थमा दिया गया। पीड़ित ने जब इसका विरोध किया और वीडियो सोशल मीडिया पर डाला, तो वह वायरल हो गया। दुकानदार की इस बेखौफी से साफ है कि उसे विभाग के 'आशीर्वाद' पर पूरा भरोसा है। ​पोर्टल पर पहुंची शिकायत, क्या जागेगा प्रशासन? ​थक-हारकर पीड़ित ग्राहक ने अब मुख्यमंत्री पोर्टल पर नकली पनीर और मिलावटी सामान की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अब सवाल यह उठता है कि: ​क्या विभाग केवल राजनीतिक रसूख वाले मामलों में ही अपनी फुर्ती दिखाएगा? ​क्या चिलमा बाजार के बच्चों और आम जनता की जान की कीमत विभाग के 'हिस्से' से कम है? ​क्या रामा स्वीट हाउस जैसे संस्थानों पर नकेल कसी जाएगी या फिर 'हिस्सा' बढ़ाकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा? ​निष्कर्ष: जनता अब तमाशा देख रही है। अगर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी चिलमा बाजार में नकली पनीर की बिक्री बंद नहीं हुई और रामा स्वीट हाउस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि बस्ती का फूड विभाग मिलावटखोरों का संरक्षक बन चुका है।
    1
    अजीत मिश्रा (खोजी)
साहब की चाय पर सक्रिय, पर 'जहरीले' पनीर पर मौन: क्या फूड विभाग का ईमान बिक चुका है?
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)
"रामा स्वीट हाउस की दबंगई: 'जो उखाड़ना है उखाड़ लो', आखिर किसका संरक्षण है मिलावटखोरों को?"
"साहब की गाड़ी आती है, हिस्सा लेती है और निकल जाती है... बस्ती में फूड विभाग बना 'वसूली विभाग'!"
"नकली पनीर की मंडी बना चिलमा बाजार: मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद क्या जागेगा कुंभकर्णी प्रशासन?"
"बस्ती: अखिलेश यादव को चाय पिलाने वाले की जांच, लेकिन नकली सामान बेचने वालों को खुली छूट क्यों?"
"रामा स्वीट हाउस की तीन दुकानों पर मिलावट का खेल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप।"
​बस्ती। उत्तर प्रदेश का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर कम और अपनी 'खास' सक्रियता को लेकर ज्यादा चर्चा में है। ताज़ा मामला विभाग के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। एक तरफ विभाग उस शख्स की जांच करने में पूरी ताकत झोंक देता है जिसने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चाय पिलाई थी, वहीं दूसरी तरफ बस्ती जिले के चिलमा बाजार में खुलेआम बिक रहा 'सफेद जहर' यानी नकली पनीर विभाग को दिखाई नहीं दे रहा।
​दुबौलिया: 'कमीशन' के खेल में दांव पर जनता की जान
​दुबौलिया थाना क्षेत्र के चिलमा बाजार से लगातार नकली पनीर और मिलावटी सामान की बिक्री की खबरें आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फूड विभाग की गाड़ी जब इलाके में आती है, तो हड़कंप मचने के बजाय एक 'सेट खेल' शुरू होता है। गाड़ी देखते ही दुकानें कुछ देर के लिए बंद होती हैं, कथित तौर पर 'हिस्सा' पहुँचता है और फिर गाड़ी रफूचक्कर हो जाती है। इसके बाद मिलावट का काला कारोबार फिर से सरपट दौड़ने लगता है।
​"फूड विभाग को मिलता रहे अपना हिस्सा, भाड़ में जाए जनता" — यह जुमला आज चिलमा बाजार के हर आम आदमी की जुबान पर है।
​रामा स्वीट हाउस: बेखौफ मिलावटखोरी और गुंडागर्दी
​चिलमा बाजार स्थित रामा स्वीट हाउस और इसकी संचालित तीनों शाखाएं इस समय शिकायतों के केंद्र में हैं।
​दबंगई का आलम: एक माह पहले जब एक जागरूक ग्राहक ने खराब सामान की शिकायत की, तो दुकानदार ने सुधार करने के बजाय धमकी दी— "जाओ जांच करा लो, जो उखाड़ना हो उखाड़ लेना।" * सोशल मीडिया पर वायरल: कल फिर एक ग्राहक को नकली पनीर थमा दिया गया। पीड़ित ने जब इसका विरोध किया और वीडियो सोशल मीडिया पर डाला, तो वह वायरल हो गया। दुकानदार की इस बेखौफी से साफ है कि उसे विभाग के 'आशीर्वाद' पर पूरा भरोसा है।
​पोर्टल पर पहुंची शिकायत, क्या जागेगा प्रशासन?
​थक-हारकर पीड़ित ग्राहक ने अब मुख्यमंत्री पोर्टल पर नकली पनीर और मिलावटी सामान की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अब सवाल यह उठता है कि:
​क्या विभाग केवल राजनीतिक रसूख वाले मामलों में ही अपनी फुर्ती दिखाएगा?
​क्या चिलमा बाजार के बच्चों और आम जनता की जान की कीमत विभाग के 'हिस्से' से कम है?
​क्या रामा स्वीट हाउस जैसे संस्थानों पर नकेल कसी जाएगी या फिर 'हिस्सा' बढ़ाकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा?
​निष्कर्ष:
जनता अब तमाशा देख रही है। अगर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी चिलमा बाजार में नकली पनीर की बिक्री बंद नहीं हुई और रामा स्वीट हाउस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि बस्ती का फूड विभाग मिलावटखोरों का संरक्षक बन चुका है।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    53 min ago
  • सुल्तानपुर जिले में थाना गोसाईगंज पुलिस द्वारा ७मार्च २०२६ को सिक्स लेन के पास में २४यूकेलिप्टस के चोरी हुए मामले में लकड़ी चोर गिरोह के 4 सदस्यों को वाहन सहित लकड़ी के 43 बोटे के साथ गिरफ्तार कर मा0 न्यायालय भेजा गया,पुलिस क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर रामकृष्ण चतुर्वेदी द्वारा मामले में दी गई जानकारी।
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    सुल्तानपुर जिले में थाना गोसाईगंज पुलिस द्वारा ७मार्च २०२६ को सिक्स लेन के पास में २४यूकेलिप्टस के चोरी हुए मामले में लकड़ी चोर गिरोह के 4 सदस्यों को वाहन सहित  लकड़ी के 43 बोटे के साथ गिरफ्तार कर मा0 न्यायालय भेजा गया,पुलिस क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर रामकृष्ण चतुर्वेदी द्वारा मामले में दी गई जानकारी।
    user_हलचल अयोध्या समाचार
    हलचल अयोध्या समाचार
    Actor फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • भारत भर में 2026 जनगणना की तैयारियां जोर-जोर के साथ चल रही है गांव पर अब प्रशिक्षण की कार्यक्रम शुरुआत हो चुकी है जिसमें की अप शिक्षक अब जो है तेजी के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं जिस्म की आपको बता दूं कि या 2026 जनगणना की दिशा तय करती है कि हमारे देश की आधारशिला क्या है और भारत सरकार राज्यों की सरकार इन्हीं आंकड़ों के आधार पर विभिन्न योजनाएं नीतियां निर्माण क्रियाविधि करती है इसलिए प्रत्येक प्रगारंग की जिम्मेदारी बेहद बन जाती है की सच्चाई ईमानदारी और सावधानी के साथ रिपोर्ट तैयार करें और 2026 जनगणना में स्मार्ट जनगणना के रूप में या आयुक्त की जा रही है जनगणना के रूप में आप जिसमें कि प्रत्येक डाटा संकलित किया जाएगा और या जिम्मेदारियां के साथ जनगणना की प्रशिक्षण अब होना शुरू हो चुका है जिसमें की सभी टीचर का ड्यूटी लगा और अनेक कैसे कर्मचारियों का ड्यूटी लगा आता है मानी जा रही है तो अब तेजी के साथ सभी लोग अब मन बना लीजिए और 2026 जनगणना की तैयारियां जोर-जोर के साथ कीजिए तो सही जानकारी सटीक जानकारी और सहयोग आप सब का वांछनीय है तो बस हम यही तक फिर आपसे मिलते हैं किसी मुद्दे के साथ।।।।। रिपोर्टिंगलालचंद सोनी की खास रिपोर्टिंग आज सुबह टाइम्स लखनऊ
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    भारत भर में 2026 जनगणना की तैयारियां जोर-जोर के साथ चल रही है गांव पर अब प्रशिक्षण की कार्यक्रम शुरुआत हो चुकी है जिसमें की अप शिक्षक अब जो है तेजी के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं जिस्म की आपको बता दूं कि या 2026 जनगणना की दिशा तय करती है कि हमारे देश की आधारशिला क्या है और भारत सरकार राज्यों की सरकार इन्हीं आंकड़ों के आधार पर विभिन्न योजनाएं नीतियां निर्माण क्रियाविधि करती है इसलिए प्रत्येक प्रगारंग की जिम्मेदारी बेहद बन जाती है की सच्चाई ईमानदारी और सावधानी के साथ रिपोर्ट तैयार करें और 2026 जनगणना में स्मार्ट जनगणना के रूप में या आयुक्त की जा रही है जनगणना के रूप में आप जिसमें कि प्रत्येक डाटा संकलित किया जाएगा और या जिम्मेदारियां के साथ जनगणना की प्रशिक्षण अब होना शुरू हो चुका है जिसमें की सभी टीचर का ड्यूटी लगा और अनेक कैसे कर्मचारियों का ड्यूटी लगा आता है मानी जा रही है तो अब तेजी के साथ सभी लोग अब मन बना लीजिए और 2026 जनगणना की तैयारियां जोर-जोर के साथ कीजिए तो सही जानकारी सटीक जानकारी और सहयोग आप सब का वांछनीय है तो बस हम यही तक फिर आपसे मिलते हैं किसी मुद्दे के साथ।।।।। रिपोर्टिंगलालचंद सोनी की खास रिपोर्टिंग आज सुबह टाइम्स लखनऊ
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    15 hrs ago
  • Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    1
    Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Bikapur, Ayodhya•
    18 hrs ago
  • महिला सफाई कर्मियों से छेड़छाड़ पर युवक की पिटाई, वीडियो वायरल अयोध्या राम की पैड़ी क्षेत्र में नगर निगम की महिला सफाई कर्मियों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक नशे में धुत युवक ने महिलाओं से अभद्रता की, जिसके बाद आक्रोशित महिलाओं ने युवक की चप्पलों से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि संबंधित युवक अक्सर राम की पैड़ी पर आने-जाने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करता था। घटना के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि सूचना के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नगर निगम की महिला सफाई कर्मचारी युवक को घेरकर उसकी पिटाई कर रही हैं। घटना अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मण घाट चौकी अंतर्गत राम की पैड़ी की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल, मामले में आधिकारिक पुष्टि और कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है।
    1
    महिला सफाई कर्मियों से छेड़छाड़ पर युवक की पिटाई, वीडियो वायरल
अयोध्या
राम की पैड़ी क्षेत्र में नगर निगम की महिला सफाई कर्मियों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक नशे में धुत युवक ने महिलाओं से अभद्रता की, जिसके बाद आक्रोशित महिलाओं ने युवक की चप्पलों से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि संबंधित युवक अक्सर राम की पैड़ी पर आने-जाने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करता था। घटना के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि सूचना के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नगर निगम की महिला सफाई कर्मचारी युवक को घेरकर उसकी पिटाई कर रही हैं। घटना अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मण घाट चौकी अंतर्गत राम की पैड़ी की बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल, मामले में आधिकारिक पुष्टि और कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है।
    user_Ambikanand Tripathi
    Ambikanand Tripathi
    City Star फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • अम्बेडकरनगर से दिल तोड़ देने वाली खबर… 💔 शादी से सिर्फ 6 दिन पहले एक युवक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। जिस घर में शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा है। 😢 परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है… 👉 आप देख रहे थे UP 45 News Ambedkar Nagar
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    अम्बेडकरनगर से दिल तोड़ देने वाली खबर… 💔
शादी से सिर्फ 6 दिन पहले एक युवक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई।
जिस घर में शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा है। 😢
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है…
👉 आप देख रहे थे UP 45 News Ambedkar Nagar
    user_Up45news
    Up45news
    Akbarpur, Ambedkar Nagar•
    25 min ago
  • अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश) शांति इंडियन गैस की गुंडागर्दी: हर्रैया में गैस की कालाबाजारी चरम पर, आपूर्ति विभाग ने साधी रहस्यमयी चुप्पी "महाभ्रष्टाचार! हर्रैया में गैस सिलेंडरों की लूट: जेब गर्म कर सो रहे जिम्मेदार, मायूस होकर घर लौट रही जनता।" "गैस माफिया और अधिकारियों का नापाक गठजोड़: शांति गैस एजेंसी बनी कालाबाजारी का अड्डा!" "बस्ती में 'हवा' हुई योगी सरकार की सख्ती: आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा शांति गैस की कालाबाजारी का साम्राज्य?" बस्ती। जनपद के हर्रैया स्थित 'शांति इंडियन गैस' एजेंसी इन दिनों उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि गैस सिलेंडरों की खुलेआम कालाबाजारी के लिए चर्चा में है। शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद, हर्रैया शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक गैस की रीफिलिंग और ऊंचे दामों पर बिक्री का काला खेल धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे खेल से अनजान बने हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। सुविधा शुल्क के प्रभाव में मूकदर्शक बने अधिकारी? क्षेत्र में चर्चा है कि आपूर्ति कार्यालय की इस चुप्पी के पीछे 'जेब गर्म' होने का बड़ा खेल है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे? अधिकारियों के बड़े-बड़े दावे धरातल पर पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। आरोप है कि "विटामिन-एम" (रिश्वत) की खुराक ने विभाग की आंखों पर पट्टी बांध दी है, यही कारण है कि एजेंसी संचालक के हौसले बुलंद हैं और वह नियमों को ताक पर रखकर व्यापार कर रहा है। रात भर लाइन में जनता, सुबह मिलता है 'गैस खत्म' का बोर्ड एजेंसी पर बदइंतजामी का आलम यह है कि आम जनता रात 8:00 बजे से ही लाइन लगाकर सुबह होने का इंतजार करती है। भीषण गर्मी और रातों की नींद खराब करने के बाद जब सुबह 7:00 बजे बारी आती है, तो संचालक की ओर से 'गैस खत्म' होने का फरमान सुना दिया जाता है। खाली सिलेंडर लेकर मायूस होकर घर लौटते उपभोक्ताओं के चेहरे प्रशासन की नाकामी की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। सवालों के घेरे में आपूर्ति विभाग कालाबाजारी के इस सिंडिकेट से आम जनमानस त्रस्त है। आखिर क्या कारण है कि शिकायतों के बाद भी शांति इंडियन गैस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती? क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी या जन-आंदोलन का इंतजार कर रहा है? अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद क्या जिलाधिकारी और विभागीय उच्चाधिकारी इस कालाबाजारी पर लगाम कसते हैं, या फिर रसूखदार संचालक और भ्रष्ट अधिकारियों की साठगांठ यूं ही जनता का हक मारती रहेगी।
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    अजीत मिश्रा (खोजी)
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)
शांति इंडियन गैस की गुंडागर्दी: हर्रैया में गैस की कालाबाजारी चरम पर, आपूर्ति विभाग ने साधी रहस्यमयी चुप्पी
"महाभ्रष्टाचार! हर्रैया में गैस सिलेंडरों की लूट: जेब गर्म कर सो रहे जिम्मेदार, मायूस होकर घर लौट रही जनता।"
"गैस माफिया और अधिकारियों का नापाक गठजोड़: शांति गैस एजेंसी बनी कालाबाजारी का अड्डा!"
"बस्ती में 'हवा' हुई योगी सरकार की सख्ती: आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा शांति गैस की कालाबाजारी का साम्राज्य?"
बस्ती। जनपद के हर्रैया स्थित 'शांति इंडियन गैस' एजेंसी इन दिनों उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि गैस सिलेंडरों की खुलेआम कालाबाजारी के लिए चर्चा में है। शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद, हर्रैया शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक गैस की रीफिलिंग और ऊंचे दामों पर बिक्री का काला खेल धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे खेल से अनजान बने हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सुविधा शुल्क के प्रभाव में मूकदर्शक बने अधिकारी?
क्षेत्र में चर्चा है कि आपूर्ति कार्यालय की इस चुप्पी के पीछे 'जेब गर्म' होने का बड़ा खेल है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे? अधिकारियों के बड़े-बड़े दावे धरातल पर पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। आरोप है कि "विटामिन-एम" (रिश्वत) की खुराक ने विभाग की आंखों पर पट्टी बांध दी है, यही कारण है कि एजेंसी संचालक के हौसले बुलंद हैं और वह नियमों को ताक पर रखकर व्यापार कर रहा है।
रात भर लाइन में जनता, सुबह मिलता है 'गैस खत्म' का बोर्ड
एजेंसी पर बदइंतजामी का आलम यह है कि आम जनता रात 8:00 बजे से ही लाइन लगाकर सुबह होने का इंतजार करती है। भीषण गर्मी और रातों की नींद खराब करने के बाद जब सुबह 7:00 बजे बारी आती है, तो संचालक की ओर से 'गैस खत्म' होने का फरमान सुना दिया जाता है। खाली सिलेंडर लेकर मायूस होकर घर लौटते उपभोक्ताओं के चेहरे प्रशासन की नाकामी की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।
सवालों के घेरे में आपूर्ति विभाग
कालाबाजारी के इस सिंडिकेट से आम जनमानस त्रस्त है। आखिर क्या कारण है कि शिकायतों के बाद भी शांति इंडियन गैस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती? क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी या जन-आंदोलन का इंतजार कर रहा है?
अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद क्या जिलाधिकारी और विभागीय उच्चाधिकारी इस कालाबाजारी पर लगाम कसते हैं, या फिर रसूखदार संचालक और भ्रष्ट अधिकारियों की साठगांठ यूं ही जनता का हक मारती रहेगी।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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