उमरिया जिला जेल में सामाजिक न्याय विभाग के निर्देशानुसार विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को मद्यपान, मादक पदार्थों, नशीली दवाओं, शराब और विभिन्न प्रकार के नशों से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में अवगत कराना था। जेल अधीक्षक डी.के. सारस ने बताया कि तम्बाकू उत्पादों के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, टी.बी. और हृदय रोग से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने हेतु यह पहल की गई। इस कार्यक्रम में मोहन डाबर (न्यायाधीश/सचिव), अमन दुबे (उप संचालक, सामाजिक न्याय विभाग), प्रत्युष श्रीवास्तव (डिप्टी कलेक्टर), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व्ही.एस. चंदेल, मनोज विश्वकर्मा (गायत्री परिवार उमरिया), ब्रम्हकुमारी संचालिका बी.के. निशा बहन, हार्टफुलनेश संचालिका प्रणाली पिशे, संगीत शिक्षक सोहन चौधरी, सामाजिक न्याय विभाग के विशेष शिक्षक प्रदीप पटले और दीपक साहू (कार्यालय सहायक) सहित कंचन तिवारी, रीतेश चतुर्वेदी एवं संगीत साथी सागर पुरी गोस्वामी, प्रिया रजक, निकेता प्रजापति, साहिल रजक, सुयश, सतीष वर्मन और अमर सिंह उपस्थित रहे। उपस्थित सभी आगंतुकों ने नशा मुक्ति के लिए कई जीवंत और प्रभावशील उदाहरण प्रस्तुत किए, जिससे बंदियों को नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। उप संचालक श्री अमन दुबे ने सभी को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम के दौरान 05 वर्षीय बालिका विधी डाबर ने एक संगीतमय नशामुक्ति गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक डी.के. सारस, जेलर/उप अधीक्षक माखन सिंह मार्को, प्रमुख मुख्य प्रहरी शिवशंकर कोल और जेल के ड्यूटीरत समस्त अधिकारी/कर्मचारी भी मौजूद रहे।
उमरिया जिला जेल में सामाजिक न्याय विभाग के निर्देशानुसार विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को मद्यपान, मादक पदार्थों, नशीली दवाओं, शराब और विभिन्न प्रकार के नशों से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में अवगत कराना था। जेल अधीक्षक डी.के. सारस ने बताया कि तम्बाकू उत्पादों के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, टी.बी. और हृदय रोग से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने हेतु यह पहल की गई। इस कार्यक्रम में मोहन डाबर (न्यायाधीश/सचिव), अमन दुबे (उप संचालक, सामाजिक न्याय विभाग), प्रत्युष श्रीवास्तव (डिप्टी कलेक्टर), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व्ही.एस. चंदेल, मनोज विश्वकर्मा (गायत्री परिवार उमरिया), ब्रम्हकुमारी संचालिका बी.के. निशा बहन, हार्टफुलनेश संचालिका प्रणाली पिशे, संगीत शिक्षक सोहन
चौधरी, सामाजिक न्याय विभाग के विशेष शिक्षक प्रदीप पटले और दीपक साहू (कार्यालय सहायक) सहित कंचन तिवारी, रीतेश चतुर्वेदी एवं संगीत साथी सागर पुरी गोस्वामी, प्रिया रजक, निकेता प्रजापति, साहिल रजक, सुयश, सतीष वर्मन और अमर सिंह उपस्थित रहे। उपस्थित सभी आगंतुकों ने नशा मुक्ति के लिए कई जीवंत और प्रभावशील उदाहरण प्रस्तुत किए, जिससे बंदियों को नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। उप संचालक श्री अमन दुबे ने सभी को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम के दौरान 05 वर्षीय बालिका विधी डाबर ने एक संगीतमय नशामुक्ति गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक डी.के. सारस, जेलर/उप अधीक्षक माखन सिंह मार्को, प्रमुख मुख्य प्रहरी शिवशंकर कोल और जेल के ड्यूटीरत समस्त अधिकारी/कर्मचारी भी मौजूद रहे।
- सतना स्मार्ट सिटी के हालात बद से बदतर हो चुके हैं, जहाँ जरा सी बारिश ने ही आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। शहर के वार्ड नंबर 5 में हजारी भवन के पास दर्जनों घरों में नाली का पानी घुस गया। इस स्थिति से परेशान होकर स्थानीय रहवासियों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को भी इस समस्या का समाधान करने के लिए नंगे पैर पानी में उतरना पड़ा, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।1
- कटनी नगर के निमिहा धाम में आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी का पावन कार्यक्रम धूमधाम से शुरू हो चुका है। भक्तों की श्रद्धा, भक्ति और जयकारों से मंदिर परिसर पूरी तरह गूंज उठा है। सभी श्रद्धालु इस कार्यक्रम में धर्म लाभ प्राप्त कर माता रानी का आशीर्वाद ले रहे हैं। निमिहा धाम में विराजी माँ विंध्यवासिनी के दिव्य दरबार में भक्तों की अटूट आस्था उमड़ रही है, और ऐसी मान्यता है कि माता रानी की कृपा से उनके जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आगमन होता है।1
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने शहडोल जिले की ब्यौहारी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत धाँधोकुई के ग्राम दाल में पेयजल की समस्या से स्थायी राहत प्रदान करने के उद्देश्य से हैंडपंप खनन का कार्य पूरा किया है। इस कार्य के परिणामस्वरूप, स्थानीय निवासियों को शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे उनकी दीर्घकालिक पेयजल संबंधी दिक्कतें दूर होंगी।1
- मैहर कांग्रेस के भीतर इन दिनों अजब हाल देखने को मिल रहे हैं, जहाँ मैहर ब्लॉक कांग्रेस के सरलानगर मंडलम का अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी के एक कार्यकर्ता डॉ. संतोष सोनी को नियुक्त किए जाने को लेकर जिला अध्यक्ष धर्मेश घई और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश प्रजापति की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस फैसले के बाद डॉ. संतोष सोनी के बयान ने इन दोनों पदाधिकारियों की कार्यशैली को हाशिए पर ला दिया है। इस घटना ने शीर्ष नेतृत्व के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वे इन जिम्मेवारों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे या उनसे जवाब-तलब किया जाएगा। आरोप है कि मैहर में कांग्रेस के लगातार कमजोर होने की मूल वजह पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं की अनदेखी करके अन्य दलों के लोगों से तालियाँ बजवाना है। कहा गया है कि जब तक कांग्रेस के कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ताओं को अहमियत नहीं दी जाएगी, तब तक पार्टी मजबूत नहीं हो पाएगी। शीर्ष नेतृत्व को समय-समय पर जो सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं, उसे एक बड़ा धोखा बताया गया है। पार्टी का मूल कार्यकर्ता आज भी कांग्रेस के लिए दरी बिछाने और झंडा-बैनर लगाने का काम कर रहा है, और जब तक कांग्रेस उस अंतिम व्यक्ति को नहीं जोड़ेगी, तब तक वह भारतीय जनता पार्टी का कुछ नहीं कर सकती। डॉ. संतोष सोनी, जो बहुजन समाज पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हें मंडलम का अध्यक्ष बनाए जाने पर यह भी सवाल उठाया गया कि क्या सरलानगर क्षेत्र से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है कि उन्हें कार्यकर्ता नहीं मिल रहे और दूसरी पार्टियों से 'हायर' करना पड़ रहा है। डॉ. संतोष सोनी ने अपने जवाबों से यह दिखा दिया कि पार्टी के प्रति निष्ठा क्या होती है, और उन्होंने कांग्रेस के इस प्रस्ताव को मुँह पर ही ठुकरा दिया। चेतावनी दी गई है कि अगर धर्मेश घई ऐसी ही प्रतिनिधित्व करेंगे तो कांग्रेस 'टमसा पार' हो जाएगी, और सवाल पूछा गया है कि घई साहब कब तक शीर्ष नेतृत्व को धोखा देंगे और अन्य दल के लोगों से तालियाँ बजवाते रहेंगे।1
- उत्तराखंड में जोशीमठ के पास बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा और हैरान कर देने वाला भीषण ट्रैफिक जाम देखा गया है। यात्रा में अत्यधिक भीड़ के कारण लोग कई-कई घंटों तक धूप में फंसे रहे। बार-बार यह सलाह दी जाती है कि मई-जून के पीक सीज़न में, खासकर वीकेंड पर, पहाड़ों पर जाने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पहाड़ों पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं होतीं और रास्ते भर दुकानों पर पीने का पानी या भोजन सामग्री जैसी चीजें हर जगह उपलब्ध नहीं होतीं। जाम में फंसने पर गाड़ी को वापस मोड़ना भी संभव नहीं होता। इसके बावजूद, लोग इन चेतावनियों को मानने को तैयार नहीं होते और पढ़े-लिखे तथा समझदार होने के बाद भी, खासकर शनिवार और रविवार को, बिना सोचे-समझे निकल पड़ते हैं। फिर जब वे घंटों जाम में फंसे रहते हैं, तो व्यवस्थाओं और सिस्टम को दोष देते हैं।1
- अनूपपुर के बिजूरी में बढ़ते अपराधों से आम जनता में गहरा आक्रोश है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस अपनी 'मस्ती में मस्त' दिखाई दे रही है। इसका एक स्पष्ट उदाहरण शुक्रवार देर रात तब सामने आया जब एक अवैध रेत खनन माफिया का डंपर हरीश मेडिकल के सामने बिजली के पोल से टकरा गया। इस टक्कर में डंपर चकनाचूर हो गया और विद्युत पोल भी गिरने की कगार पर पहुँच गया। हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर होने के बावजूद पुलिस केवल 'तमाशा देखती रही' और कोई कार्रवाई नहीं की। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए, स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि हनुमान मंदिर और स्टेशन चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर ऐसी स्थिति है, तो पूरे नगर की कानून-व्यवस्था का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।1