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इलाहाबाद हाइकोर्ट ने 'हाफ एनकाउंटर' के मामलों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाइकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि 'सजा देना पुलिस का काम नहीं है, यह न्यायपालिका का काम है।' कोर्ट ने आगे यह भी संकेत दिया कि ऐसा लगता है कि ये 'हाफ एनकाउंटर' 'प्रमोशन के लिए हो रहे हैं'।
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इलाहाबाद हाइकोर्ट ने 'हाफ एनकाउंटर' के मामलों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाइकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि 'सजा देना पुलिस का काम नहीं है, यह न्यायपालिका का काम है।' कोर्ट ने आगे यह भी संकेत दिया कि ऐसा लगता है कि ये 'हाफ एनकाउंटर' 'प्रमोशन के लिए हो रहे हैं'।
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- अयोध्या जिले में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में यूरिया खाद की कालाबाजारी, टैगिंग और इसकी कमी को दूर करने की मांग को लेकर जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पर किसान महापंचायत का आयोजन किया। महापंचायत के दौरान, नव नियुक्त जिला कृषि अधिकारी सौरभ वर्मा ने मौके पर पहुँचकर किसानों की समस्याओं को जायज ठहराया और समाधान के लिए समय माँगा। इस पर भाकियू नेताओं ने थोक विक्रेताओं के साथ बैठक कर थोक दर घोषित करने की तिथि तय करने की शर्त रखी, परंतु जिला कृषि अधिकारी द्वारा बैठक की तिथि घोषित न किए जाने से किसान कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसान आक्रोशित हो उठे। इसके बाद, आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और किसानों ने शासन-प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और यूरिया की कालाबाजारी रोकने की मांग करते हुए मंडलायुक्त कार्यालय पहुँचे। वहाँ अपर आयुक्त प्रशासन को 16 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया, जिसमें समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई। किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने स्पष्ट किया कि थोक विक्रेताओं द्वारा फुटकर विक्रेताओं को फुटकर दर से भी अधिक दाम पर यूरिया बेचे जाने के कारण किसानों को महंगी यूरिया मिल रही है। उन्होंने गुणवत्ताविहीन वस्तुओं की जबरन टैगिंग को भी अनुचित बताया और जिला कृषि अधिकारी व जिला प्रशासन से मांग की कि थोक खाद की दर घोषित की जाए ताकि किसानों को ₹266.50 प्रति बोरी यूरिया मिल सके। इसके अतिरिक्त, पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने और भारत सरकार की ऑनलाइन यूरिया खरीद व्यवस्था को अनुचित बताते हुए उसे लागू न करने की भी मांग की गई। मांगपत्र में स्मार्ट मीटर को पूरी तरह समाप्त करने और प्रतिदिन 20 घंटे लगातार विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था करने की मांग भी शामिल थी। जिन गाँवों में अभी तक विद्युत लाइन नहीं पहुँची है और किसानों को सिंचाई के लिए डीजल इंजन का उपयोग करना पड़ रहा है, उनके लिए डीजल मुफ्त करने की वकालत की गई। इसके अलावा, डीजल, पेट्रोल और गैस के बढ़े हुए दाम वापस लेने तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विद्युत बिल में की गई 10 प्रतिशत की वृद्धि को तत्काल वापस लेने की भी मांग की गई। इस किसान पंचायत को भागीरथी वर्मा, फरीद अहमद, भोला सिंह टाइगर सहित कई अन्य नेताओं और किसानों ने भी संबोधित किया।1
- अयोध्या के थाना कैंट क्षेत्र के ककरही बाजार में एक पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहाँ छोटे भाई ने अपने बड़े भाई घनश्याम की चारपाई के पाटी से हमला कर हत्या कर दी। इस हिंसक झड़प में मृतक की पत्नी भी घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक घनश्याम की पत्नी की तहरीर पर, पुलिस ने सास, ससुर, देवर (जो कि हत्यारा भाई है) और ननद सहित परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सास और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्यारा छोटा भाई अभी भी फरार है।2
- आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, सड़क मार्ग पर गाड़ी मोटर चलाने वाले चालकों से 10 आवश्यक नियमों का पालन करने और उन्हें ध्यान में रखने का आग्रह किया गया है। इन नियमों में सबसे महत्वपूर्ण और पहला निर्देश यह है कि गाड़ी चलाते समय दारू या शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। रिपोर्ट में चालकों को विशेष रूप से सावधानी और सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है। यह रिपोर्ट लाल चंद सोनी द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- अयोध्या के सैदपुर चौकी थाना बाबा बाजार क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति को खोया हुआ मोबाइल मिलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। परिवार का आरोप है कि पुलिस युवक पर 17 अन्य मोबाइल चोरी का झूठा आरोप लगाकर उससे 80,000 रुपये की मांग कर रही है। परिजनों के अनुसार, पुलिस मोबाइल की लोकेशन के आधार पर युवक के घर पहुँची और उसे थाने ले गई, जहाँ वह पिछले चार दिनों से हिरासत में है। परिवार का दावा है कि कांस्टेबल सुधांशु लगातार उन पर यह दबाव बना रहे हैं कि अगर 17 मोबाइल चोरी के बदले 80,000 रुपये नहीं दिए गए, तो युवक को जेल भेज दिया जाएगा। युवक की पत्नी ने चौकी इंचार्ज सैदपुर गजेंद्र त्रिपाठी और कांस्टेबल सुधांशु पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि ये पुलिसकर्मी उनके घर आए और छोटे बच्चों के साथ मारपीट की। वे लगातार पैसे के लिए दबाव बना रहे हैं और परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। महिला ने इस बात पर जोर दिया कि उनके पति को झूठे इल्जाम में फँसाया जा रहा है और उन्होंने कहा, "हम गरीब लोग हैं, मोबाइल के पैसे कहाँ से दें?" महिला ने यह भी आरोप लगाया कि सैदपुर चौकी में भी कांस्टेबल सुधांशु और गजेंद्र त्रिपाठी ने उनके बच्चों को बुलाकर बेल्ट और डंडे से पीटा, जिससे उन्हें काफी चोटें आई हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस लगातार उनका शोषण कर रही है और उनके पति को चार दिनों से बिना किसी ठोस आधार के हिरासत में रखा हुआ है। इस मामले में उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई गई है। परिजनों का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, हालाँकि उसकी पुष्टि नहीं की गई है।1
- अयोध्या में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने यूरिया खाद की कालाबाजारी, टैगिंग और इसकी कमी के विरोध में जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पर एक किसान महापंचायत का आयोजन किया, जिसमें थोक दर घोषित करने की मुख्य मांग रखी गई। नए जिला कृषि अधिकारी सौरभ वर्मा ने महापंचायत में पहुंचकर किसानों की समस्याओं को जायज ठहराया और समाधान के लिए समय मांगा। हालांकि, भाकियू नेताओं की यह शर्त कि थोक विक्रेताओं के साथ बैठक की तिथि घोषित की जाए ताकि थोक दर तय हो सके, पूरी नहीं हुई। बैठक की तिथि घोषित न होने से आक्रोशित भाकियू कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और किसानों ने प्रदर्शन करते हुए शासन-प्रशासन विरोधी नारे लगाए और कमिश्नरी का घेराव कर यूरिया की कालाबाजारी रोकने की मांग की। उन्होंने अपर आयुक्त प्रशासन को 16 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की गुहार लगाई। किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने बताया कि थोक विक्रेताओं द्वारा फुटकर विक्रेताओं को फुटकर दर से भी अधिक दाम पर यूरिया बेचने के कारण किसानों को महंगी यूरिया मिल रही है। उन्होंने जबरन गुणवत्ताहीन वस्तुओं की टैगिंग को भी अनुचित ठहराया। घनश्याम वर्मा ने जिला कृषि अधिकारी और जिला प्रशासन से थोक दर घोषित करने की मांग की, जिससे किसानों को ₹266.50 प्रति बोरी की फुटकर दर पर यूरिया मिल सके। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने और भारत सरकार की ऑनलाइन यूरिया खरीद व्यवस्था को अनुचित बताते हुए उसे लागू न करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, जिलाध्यक्ष राम गणेश मौर्य ने स्मार्ट मीटर को पूरी तरह समाप्त करने और प्रतिदिन 20 घंटे लगातार विद्युत आपूर्ति की मांग रखी। मध्यांचल सचिव सूर्यनाथ वर्मा ने उन किसानों के लिए डीजल मुफ्त करने की बात कही, जिनके गांवों में विद्युत लाइनें नहीं हैं और सिंचाई के लिए बिजली न मिलने के कारण उन्हें डीजल इंजन का उपयोग करना पड़ रहा है। प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी और श्री राम वर्मा ने महंगाई का विरोध करते हुए डीजल, पेट्रोल और गैस के बढ़े हुए दाम वापस लेने तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई 10 प्रतिशत विद्युत बिल वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की। इस किसान महापंचायत में भारी संख्या में नर-नारियों, किसानों और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे जिला प्रशासन पर किसान समस्याओं के समाधान का दबाव बना। महापंचायत को जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, फरीद अहमद, भोला सिंह टाइगर, मोहम्मद अली, सिद्धू भारती, सती प्रसाद वर्मा, सरबजीत वर्मा, राजदेव यादव, राम अवध किसान, रविंद्र मौर्य, तहसील अध्यक्ष रवि शंकर पांडे, महेंद्र वर्मा, संतोष वर्मा, राजेश मिश्रा, जगदीश यादव, रामू चंद्र विश्वकर्मा, जितेंद्र कुमार, मनसाराम वर्मा, वेद प्रकाश पांडे, राम सुमेर भारती, प्रेम शंकर वर्मा, बाबूराम तिवारी, सुनील पाल, राहुल वर्मा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष विकास वर्मा, विवेक पटेल, विजय प्रकाश, अश्वनी शर्मा, जवाहरलाल तिवारी, लक्ष्मीकांत तिवारी, परशुराम प्रधान, काली प्रसाद मौर्य, मुन्ना कनौजिया, उर्मिला निषाद, आसमानिशा, जमुना देवी, गीता देवी और लालमति सुनीता देवी सहित अनेक लोगों ने संबोधित किया।3
- योगी बाबा ने ताबड़तोड़ एक्शन लिया है, जिसके चलते अब किसी भी तरह की गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है।1
- गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र स्थित नवनीत विहार में प्रशासन ने सूर्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। इस दौरान, प्रशासन ने आरोपी के घर पर अवैध कब्जे को लेकर नोटिस चस्पा किया और ढोल-नगाड़ों तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से पूरे क्षेत्र में मुनादी कराते हुए आरोपी को कड़ा संदेश भी दिया। प्रशासन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, आरोपी असद के कब्जे वाली जमीन राजस्व अभिलेखों में 'शासकीय भूमि (बंजर श्रेणी)' के रूप में दर्ज है। यह नोटिस उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 135 के तहत जारी किया गया है। आरोपी को इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कब्जा नहीं हटाया जाता, तो प्रशासन वैधानिक कार्रवाई करते हुए इसे बलपूर्वक हटाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च भी आरोपी को ही उठाना होगा।1
- अयोध्या जिला चिकित्सालय में अब बीमार और गंभीर रोगियों का इलाज बिना मोबाइल नंबर बताए 'टेढ़ी खीर' के समान हो गया है, जिसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को घंटों लाइन में लगकर और भी बीमार होना पड़ रहा है। पर्चा बनवाने के लिए पहले मोबाइल नंबर बताना अनिवार्य है; उस नंबर पर एक ओटीपी (ओपीटी नम्बर) आता है जिसे बताने के बाद ही पर्चा बन पाता है, और तभी डॉक्टर मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण शुरू करते हैं। मरीजों के बीच यह चर्चा गूंज रही है कि यदि किसी मरीज के पास मोबाइल नंबर नहीं है, तो न तो वह पर्चा बनवा पाएगा और न ही डॉक्टर उसका स्वास्थ्य परीक्षण कर सकेंगे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी कई बीमार मरीजों को देर तक लाइन में खड़े रहने से उनकी सेहत पहले से ज्यादा बिगड़ती दिखाई देती है, जिससे रोगी और उनके साथ आए तीमारदार भी बेहद परेशान हैं। यह रोगियों की समझ से बाहर है कि घंटों लाइन में खड़ा करके एक बीमार व्यक्ति को और बीमार करने के पीछे स्वास्थ्य विभाग की मंशा क्या है। इस मामले में उच्च अधिकारियों से तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता बताई गई है। जोर दिया गया है कि सरकार की मंशा के अनुरूप गंभीर, बुजुर्ग, असहाय, बेसहारा और गरीब मरीजों का तुरंत इलाज किया जाना चाहिए। अन्य औपचारिकताओं की पूर्ति हेतु इलाज के बिना किसी की जान से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए, क्योंकि शासन की मंशा पहले गंभीर रोगी का तुरंत इलाज करना है। घंटों लाइन में लगकर बीमार और हो रहे बीमार, जिससे तीमारदार भी परेशान हैं।1
- Post by Sandeep Srivastava Press1