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नवीन तहसील कार्यालय पर जनसुनवाई में पहुंचे बड़ी संख्या में फरियादी, सीमांकन, सड़क, जलभराव और अतिक्रमण संबंधी शिकायतों पर तहसीलदार ने दिए निराकरण के निर्देश भांडेर नगर के रामगढ़ रोड स्थित नवीन तहसील कार्यालय के सभागार में मंगलवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक शासन की महत्वाकांक्षी योजना जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के खंड स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान भांडेर तहसीलदार सुनील भदौरिया ने आमजन की समस्याएं और शिकायतें गंभीरता से सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। जनसुनवाई में सीमांकन, बिजली बिल में गड़बड़ी, सड़क निर्माण, जलभराव और अतिक्रमण से संबंधित सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए। एसडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है और जल्द ही उनका समाधान कराया जाएगा। जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं और अधिकारियों ने उन्हें नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

17 hrs ago
user_Shahid Qureshi
Shahid Qureshi
दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
17 hrs ago

नवीन तहसील कार्यालय पर जनसुनवाई में पहुंचे बड़ी संख्या में फरियादी, सीमांकन, सड़क, जलभराव और अतिक्रमण संबंधी शिकायतों पर तहसीलदार ने दिए निराकरण के निर्देश भांडेर नगर के रामगढ़ रोड स्थित नवीन तहसील कार्यालय के सभागार में मंगलवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक शासन की महत्वाकांक्षी योजना जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के खंड स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान भांडेर तहसीलदार सुनील भदौरिया ने आमजन की समस्याएं और शिकायतें गंभीरता से सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। जनसुनवाई में सीमांकन, बिजली बिल में गड़बड़ी, सड़क निर्माण, जलभराव और अतिक्रमण से संबंधित सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए। एसडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है और जल्द ही उनका समाधान कराया जाएगा। जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं और अधिकारियों ने उन्हें नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

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  • *ईद-ए-मिलादुन्नबी पर इंसानियत की मिसाल: जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल, दिया भाईचारे का पैगाम* दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से सेवा, सद्भाव और इंसानियत की मिसाल पेश की गई। मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किए और उनकी कुशलक्षेम जानी। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए पैगंबर साहब की शिक्षाओं और इंसानियत के संदेश को साझा किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का पर्व नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी है। पैगंबर साहब ने इंसानियत, प्रेम, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और पड़ोसियों के हक को विशेष महत्व दिया। *पड़ोसी भूखा हो तो अपनी खुशी अधूरी* कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की उस शिक्षा को भी याद किया, जिसमें पड़ोसी के अधिकार और उसकी जरूरत का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है। समाजजनों ने बताया कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं का भाव यही है कि जब आपके पड़ोस में कोई व्यक्ति भूखा हो और आप स्वयं पेट भरकर खाना खा लें, तो यह इंसानियत और पड़ोसी के हक की भावना के विपरीत है। समाजजनों ने कहा कि इस संदेश की सबसे खूबसूरत बात यह है कि पड़ोसी की मदद को धर्म की सीमा में नहीं बांधा गया। पड़ोसी चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई—पड़ोसी तो पड़ोसी होता है। उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना, उसकी जरूरत में मदद करना और उसके भूखे होने पर भोजन उपलब्ध कराना ही सच्ची इंसानियत है। उन्होंने कहा कि आज के समय में पैगंबर साहब की यह शिक्षा समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आसपास रहने वाला व्यक्ति परेशान है, भूखा है या किसी मुसीबत में है तो उसकी मदद करना हर इंसान की जिम्मेदारी होनी चाहिए। यही सोच समाज में आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत करती है। *मरीजों के बीच पहुंचकर बांटीं खुशियां* ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन जिला चिकित्सालय पहुंचे और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरित किए। इस दौरान मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई। समाजजनों ने कहा कि बीमारी के समय व्यक्ति शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजरता है। ऐसे समय में उसके पास पहुंचकर हालचाल पूछना, फल देना और उसके साथ कुछ समय बिताना भी सेवा और इंसानियत का हिस्सा है। इसी भावना के साथ मिलाद उन नबी की खुशियां मरीजों के साथ साझा की गईं। *गरीब, यतीम और जरूरतमंदों की मदद का संदेश* समाजजनों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने गरीबों, यतीमों, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद करने की शिक्षा दी। उन्होंने इंसान को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और आसपास के लोगों के लिए भी जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी दुखी व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी इबादत और इंसानियत की भावना से जुड़ा कार्य है। *हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश* कार्यक्रम में समाजजनों ने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से है। सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे का सम्मान करें और सुख-दुख में साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की कोई जाति और इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहें, एक-दूसरे के त्योहारों और खुशियों में शामिल हों तथा जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करें—यही समाज को मजबूत बनाने का रास्ता है। सेवा के साथ दिया इंसानियत का संदेश जिला अस्पताल में फल वितरण कार्यक्रम के माध्यम से मुस्लिम समाज ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की खुशियों को जरूरतमंद और बीमार लोगों के साथ साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ फल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से पैगंबर साहब के प्रेम, सद्भाव, पड़ोसी के हक और इंसानियत के संदेश को भी लोगों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में हाफिज कासिम साहब, मौलाना खलील साहब, कारी फरीद साहब, हाफिज अंजर साहब, हाफिज शमीम साहब, हाफिज नईमउल्ला साहब, अनीस खान (पपोली), राहत अली जैदी, जाहिद भाई (बल्ले), शानू भाई, फैसल भाई, कल्लू भाई टेलर, मुईन कुरैशी साहब, अशफाक खान, राजू खान और आरिफ खान सहित समाज के कई वरिष्ठजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने लोगों से अपील की कि ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर पैगंबर साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अपने आसपास रहने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएं। क्योंकि पड़ोसी की पहचान उसका धर्म नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी होना है और इंसानियत की पहचान यही है कि किसी के भूखे रहते हम अपनी खुशी को अधूरा समझें। *ईद-ए-मिलादुन्नबी पर इंसानियत की मिसाल: जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल, दिया भाईचारे का पैगाम* दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से सेवा, सद्भाव और इंसानियत की मिसाल पेश की गई। मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किए और उनकी कुशलक्षेम जानी। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए पैगंबर साहब की शिक्षाओं और इंसानियत के संदेश को साझा किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का पर्व नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी है। पैगंबर साहब ने इंसानियत, प्रेम, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और पड़ोसियों के हक को विशेष महत्व दिया। *पड़ोसी भूखा हो तो अपनी खुशी अधूरी* कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की उस शिक्षा को भी याद किया, जिसमें पड़ोसी के अधिकार और उसकी जरूरत का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है। समाजजनों ने बताया कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं का भाव यही है कि जब आपके पड़ोस में कोई व्यक्ति भूखा हो और आप स्वयं पेट भरकर खाना खा लें, तो यह इंसानियत और पड़ोसी के हक की भावना के विपरीत है। समाजजनों ने कहा कि इस संदेश की सबसे खूबसूरत बात यह है कि पड़ोसी की मदद को धर्म की सीमा में नहीं बांधा गया। पड़ोसी चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई—पड़ोसी तो पड़ोसी होता है। उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना, उसकी जरूरत में मदद करना और उसके भूखे होने पर भोजन उपलब्ध कराना ही सच्ची इंसानियत है। उन्होंने कहा कि आज के समय में पैगंबर साहब की यह शिक्षा समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आसपास रहने वाला व्यक्ति परेशान है, भूखा है या किसी मुसीबत में है तो उसकी मदद करना हर इंसान की जिम्मेदारी होनी चाहिए। यही सोच समाज में आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत करती है। *मरीजों के बीच पहुंचकर बांटीं खुशियां* ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन जिला चिकित्सालय पहुंचे और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरित किए। इस दौरान मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई। समाजजनों ने कहा कि बीमारी के समय व्यक्ति शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजरता है। ऐसे समय में उसके पास पहुंचकर हालचाल पूछना, फल देना और उसके साथ कुछ समय बिताना भी सेवा और इंसानियत का हिस्सा है। इसी भावना के साथ मिलाद उन नबी की खुशियां मरीजों के साथ साझा की गईं। *गरीब, यतीम और जरूरतमंदों की मदद का संदेश* समाजजनों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने गरीबों, यतीमों, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद करने की शिक्षा दी। उन्होंने इंसान को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और आसपास के लोगों के लिए भी जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी दुखी व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी इबादत और इंसानियत की भावना से जुड़ा कार्य है। *हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश* कार्यक्रम में समाजजनों ने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से है। सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे का सम्मान करें और सुख-दुख में साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की कोई जाति और इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहें, एक-दूसरे के त्योहारों और खुशियों में शामिल हों तथा जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करें—यही समाज को मजबूत बनाने का रास्ता है। सेवा के साथ दिया इंसानियत का संदेश जिला अस्पताल में फल वितरण कार्यक्रम के माध्यम से मुस्लिम समाज ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की खुशियों को जरूरतमंद और बीमार लोगों के साथ साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ फल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से पैगंबर साहब के प्रेम, सद्भाव, पड़ोसी के हक और इंसानियत के संदेश को भी लोगों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में हाफिज कासिम साहब, मौलाना खलील साहब, कारी फरीद साहब, हाफिज अंजर साहब, हाफिज शमीम साहब, हाफिज नईमउल्ला साहब, अनीस खान (पपोली), राहत अली जैदी, जाहिद भाई (बल्ले), शानू भाई, फैसल भाई, कल्लू भाई टेलर, मुईन कुरैशी साहब, अशफाक खान, राजू खान और आरिफ खान सहित समाज के कई वरिष्ठजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने लोगों से अपील की कि ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर पैगंबर साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अपने आसपास रहने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएं। क्योंकि पड़ोसी की पहचान उसका धर्म नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी होना है और इंसानियत की पहचान यही है कि किसी के भूखे रहते हम अपनी खुशी को अधूरा समझें।
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    *ईद-ए-मिलादुन्नबी पर इंसानियत की मिसाल: जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल, दिया भाईचारे का पैगाम*

दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से सेवा, सद्भाव और इंसानियत की मिसाल पेश की गई। मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किए और उनकी कुशलक्षेम जानी। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए पैगंबर साहब की शिक्षाओं और इंसानियत के संदेश को साझा किया गया।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का पर्व नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी है। पैगंबर साहब ने इंसानियत, प्रेम, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और पड़ोसियों के हक को विशेष महत्व दिया।

*पड़ोसी भूखा हो तो अपनी खुशी अधूरी*

कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की उस शिक्षा को भी याद किया, जिसमें पड़ोसी के अधिकार और उसकी जरूरत का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है। समाजजनों ने बताया कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं का भाव यही है कि जब आपके पड़ोस में कोई व्यक्ति भूखा हो और आप स्वयं पेट भरकर खाना खा लें, तो यह इंसानियत और पड़ोसी के हक की भावना के विपरीत है।
समाजजनों ने कहा कि इस संदेश की सबसे खूबसूरत बात यह है कि पड़ोसी की मदद को धर्म की सीमा में नहीं बांधा गया। पड़ोसी चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई—पड़ोसी तो पड़ोसी होता है। उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना, उसकी जरूरत में मदद करना और उसके भूखे होने पर भोजन उपलब्ध कराना ही सच्ची इंसानियत है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में पैगंबर साहब की यह शिक्षा समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आसपास रहने वाला व्यक्ति परेशान है, भूखा है या किसी मुसीबत में है तो उसकी मदद करना हर इंसान की जिम्मेदारी होनी चाहिए। यही सोच समाज में आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत करती है।

*मरीजों के बीच पहुंचकर बांटीं खुशियां*

ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन जिला चिकित्सालय पहुंचे और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरित किए। इस दौरान मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई।
समाजजनों ने कहा कि बीमारी के समय व्यक्ति शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजरता है। ऐसे समय में उसके पास पहुंचकर हालचाल पूछना, फल देना और उसके साथ कुछ समय बिताना भी सेवा और इंसानियत का हिस्सा है। इसी भावना के साथ मिलाद उन नबी की खुशियां मरीजों के साथ साझा की गईं।

*गरीब, यतीम और जरूरतमंदों की मदद का संदेश*

समाजजनों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने गरीबों, यतीमों, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद करने की शिक्षा दी। उन्होंने इंसान को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और आसपास के लोगों के लिए भी जिम्मेदार बनने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी दुखी व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी इबादत और इंसानियत की भावना से जुड़ा कार्य है।

*हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश*

कार्यक्रम में समाजजनों ने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से है। सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे का सम्मान करें और सुख-दुख में साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की कोई जाति और इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता।

हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहें, एक-दूसरे के त्योहारों और खुशियों में शामिल हों तथा जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करें—यही समाज को मजबूत बनाने का रास्ता है।

सेवा के साथ दिया इंसानियत का संदेश

जिला अस्पताल में फल वितरण कार्यक्रम के माध्यम से मुस्लिम समाज ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की खुशियों को जरूरतमंद और बीमार लोगों के साथ साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ फल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से पैगंबर साहब के प्रेम, सद्भाव, पड़ोसी के हक और इंसानियत के संदेश को भी लोगों तक पहुंचाया गया।
कार्यक्रम में हाफिज कासिम साहब, मौलाना खलील साहब, कारी फरीद साहब, हाफिज अंजर साहब, हाफिज शमीम साहब, हाफिज नईमउल्ला साहब, अनीस खान (पपोली), राहत अली जैदी, जाहिद भाई (बल्ले), शानू भाई, फैसल भाई, कल्लू भाई टेलर, मुईन कुरैशी साहब, अशफाक खान, राजू खान और आरिफ खान सहित समाज के कई वरिष्ठजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने लोगों से अपील की कि ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर पैगंबर साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अपने आसपास रहने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएं। क्योंकि पड़ोसी की पहचान उसका धर्म नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी होना है और इंसानियत की पहचान यही है कि किसी के भूखे रहते हम अपनी खुशी को अधूरा समझें।
*ईद-ए-मिलादुन्नबी पर इंसानियत की मिसाल: जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल, दिया भाईचारे का पैगाम*
दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से सेवा, सद्भाव और इंसानियत की मिसाल पेश की गई। मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किए और उनकी कुशलक्षेम जानी। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए पैगंबर साहब की शिक्षाओं और इंसानियत के संदेश को साझा किया गया।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का पर्व नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी है। पैगंबर साहब ने इंसानियत, प्रेम, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और पड़ोसियों के हक को विशेष महत्व दिया।
*पड़ोसी भूखा हो तो अपनी खुशी अधूरी*
कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की उस शिक्षा को भी याद किया, जिसमें पड़ोसी के अधिकार और उसकी जरूरत का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है। समाजजनों ने बताया कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं का भाव यही है कि जब आपके पड़ोस में कोई व्यक्ति भूखा हो और आप स्वयं पेट भरकर खाना खा लें, तो यह इंसानियत और पड़ोसी के हक की भावना के विपरीत है।
समाजजनों ने कहा कि इस संदेश की सबसे खूबसूरत बात यह है कि पड़ोसी की मदद को धर्म की सीमा में नहीं बांधा गया। पड़ोसी चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई—पड़ोसी तो पड़ोसी होता है। उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना, उसकी जरूरत में मदद करना और उसके भूखे होने पर भोजन उपलब्ध कराना ही सच्ची इंसानियत है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में पैगंबर साहब की यह शिक्षा समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आसपास रहने वाला व्यक्ति परेशान है, भूखा है या किसी मुसीबत में है तो उसकी मदद करना हर इंसान की जिम्मेदारी होनी चाहिए। यही सोच समाज में आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत करती है।
*मरीजों के बीच पहुंचकर बांटीं खुशियां*
ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन जिला चिकित्सालय पहुंचे और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरित किए। इस दौरान मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई।
समाजजनों ने कहा कि बीमारी के समय व्यक्ति शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजरता है। ऐसे समय में उसके पास पहुंचकर हालचाल पूछना, फल देना और उसके साथ कुछ समय बिताना भी सेवा और इंसानियत का हिस्सा है। इसी भावना के साथ मिलाद उन नबी की खुशियां मरीजों के साथ साझा की गईं।
*गरीब, यतीम और जरूरतमंदों की मदद का संदेश*
समाजजनों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने गरीबों, यतीमों, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद करने की शिक्षा दी। उन्होंने इंसान को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और आसपास के लोगों के लिए भी जिम्मेदार बनने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी दुखी व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी इबादत और इंसानियत की भावना से जुड़ा कार्य है।
*हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश*
कार्यक्रम में समाजजनों ने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से है। सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे का सम्मान करें और सुख-दुख में साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की कोई जाति और इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहें, एक-दूसरे के त्योहारों और खुशियों में शामिल हों तथा जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करें—यही समाज को मजबूत बनाने का रास्ता है।
सेवा के साथ दिया इंसानियत का संदेश
जिला अस्पताल में फल वितरण कार्यक्रम के माध्यम से मुस्लिम समाज ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की खुशियों को जरूरतमंद और बीमार लोगों के साथ साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ फल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से पैगंबर साहब के प्रेम, सद्भाव, पड़ोसी के हक और इंसानियत के संदेश को भी लोगों तक पहुंचाया गया।
कार्यक्रम में हाफिज कासिम साहब, मौलाना खलील साहब, कारी फरीद साहब, हाफिज अंजर साहब, हाफिज शमीम साहब, हाफिज नईमउल्ला साहब, अनीस खान (पपोली), राहत अली जैदी, जाहिद भाई (बल्ले), शानू भाई, फैसल भाई, कल्लू भाई टेलर, मुईन कुरैशी साहब, अशफाक खान, राजू खान और आरिफ खान सहित समाज के कई वरिष्ठजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने लोगों से अपील की कि ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर पैगंबर साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अपने आसपास रहने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएं। क्योंकि पड़ोसी की पहचान उसका धर्म नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी होना है और इंसानियत की पहचान यही है कि किसी के भूखे रहते हम अपनी खुशी को अधूरा समझें।
    user_Safik kazi Midia
    Safik kazi Midia
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    14 min ago
  • इंदरगढ़: अंदर बस्ती रोड सफाई अभियान पर उठे सवाल, व्यापारी हनी खान बोले— "सिर्फ हमारी ही पटिया और नाली क्यों हटाई गई, बाकी दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों?" इंदरगढ़: अंदर बस्ती रोड सफाई अभियान पर उठे सवाल, व्यापारी हनी खान बोले— "सिर्फ हमारी ही पटिया और नाली क्यों हटाई गई, बाकी दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों?" ​इंदरगढ़ (दतिया/विशेष रिपोर्ट): नगर परिषद इंदरगढ़ द्वारा अंदर बस्ती रोड पर जल भराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए चलाए जा रहे सफाई अभियान के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस अभियान के तहत स्थानीय व्यापारी हनी खान (बबलू) ने नगर परिषद के कर्मचारियों और अमले पर स्पष्ट रूप से पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं। हनी खान का कहना है कि प्रशासन द्वारा केवल उनकी ही दुकान के सामने की नाली साफ की गई और उनकी ही दुकान की पटियां हटाई गईं, जबकि पूरी सड़क पर अन्य कई दुकानदारों ने भी नाली पर अतिक्रमण या पटियां डाली हुई हैं, जिन्हें छुआ तक नहीं गया। ​मुख्य बिंदु और विवाद के केंद्र: ​चुनिंदा कार्रवाई (Selective Action) का आरोप: पीड़ित व्यापारी हनी खान का सवाल है कि यदि जल भराव की समस्या पूरे अंदर बस्ती रोड पर है, तो नगर परिषद की टीम ने केवल उनकी ही दुकान के सामने कार्रवाई क्यों की? आसपास के अन्य दुकानदारों के अतिक्रमण और नालियों को जस का तस क्यों छोड़ दिया गया? ​पटिया हटाने पर आक्रोश: व्यापारी का कहना है कि प्रशासनिक अमले ने मनमाने तरीके से उनकी दुकान की पटियां हटाईं, जिससे उनके व्यापार और आवागमन पर बुरा असर पड़ा है। इस दौरान लापरवाही के चलते उनका नल भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
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    इंदरगढ़: अंदर बस्ती रोड सफाई अभियान पर उठे सवाल, व्यापारी हनी खान बोले— "सिर्फ हमारी ही पटिया और नाली क्यों हटाई गई, बाकी दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों?"
इंदरगढ़: अंदर बस्ती रोड सफाई अभियान पर उठे सवाल, व्यापारी हनी खान बोले— "सिर्फ हमारी ही पटिया और नाली क्यों हटाई गई, बाकी दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों?"
​इंदरगढ़ (दतिया/विशेष रिपोर्ट):
नगर परिषद इंदरगढ़ द्वारा अंदर बस्ती रोड पर जल भराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए चलाए जा रहे सफाई अभियान के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस अभियान के तहत स्थानीय व्यापारी हनी खान (बबलू) ने नगर परिषद के कर्मचारियों और अमले पर स्पष्ट रूप से पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं। हनी खान का कहना है कि प्रशासन द्वारा केवल उनकी ही दुकान के सामने की नाली साफ की गई और उनकी ही दुकान की पटियां हटाई गईं, जबकि पूरी सड़क पर अन्य कई दुकानदारों ने भी नाली पर अतिक्रमण या पटियां डाली हुई हैं, जिन्हें छुआ तक नहीं गया।
​मुख्य बिंदु और विवाद के केंद्र:
​चुनिंदा कार्रवाई (Selective Action) का आरोप: पीड़ित व्यापारी हनी खान का सवाल है कि यदि जल भराव की समस्या पूरे अंदर बस्ती रोड पर है, तो नगर परिषद की टीम ने केवल उनकी ही दुकान के सामने कार्रवाई क्यों की? आसपास के अन्य दुकानदारों के अतिक्रमण और नालियों को जस का तस क्यों छोड़ दिया गया?
​पटिया हटाने पर आक्रोश: व्यापारी का कहना है कि प्रशासनिक अमले ने मनमाने तरीके से उनकी दुकान की पटियां हटाईं, जिससे उनके व्यापार और आवागमन पर बुरा असर पड़ा है। इस दौरान लापरवाही के चलते उनका नल भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
    user_पत्रकार पवन दांतरे इंदरगढ
    पत्रकार पवन दांतरे इंदरगढ
    Video Creator दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अंगूरी बैराज से 7.0 क्यूमेक्स पानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से नदी के तटबंधों से दूर रहने की अपील की जा रही है। सुरक्षा का ध्यान रखें और सतर्क रहें
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    अंगूरी बैराज से 7.0 क्यूमेक्स पानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से नदी के तटबंधों से दूर रहने की अपील की जा रही है। सुरक्षा का ध्यान रखें और सतर्क रहें
    user_Lakshya News
    Lakshya News
    Datia, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • दतिया। कोतवाली थाना क्षेत्र में क्रेडिट कार्ड से 29,500 रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज पुलिस लाइन मस्जिद रामनगर कॉलोनी निवासी रविन्द्र कुमार शर्मा (35) ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 3 अगस्त की रात करीब 10:08 बजे उनके मोबाइल पर दो OTP आए। OTP खुलते ही उनके HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड से 29,500 रुपए अज्ञात व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर निकाल लिए गए। फरियादी ने तत्काल कस्टमर केयर से संपर्क कर क्रेडिट कार्ड बंद कराया। शिकायत के आधार दतिया। कोतवाली थाना क्षेत्र में क्रेडिट कार्ड से 29,500 रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज पुलिस लाइन मस्जिद रामनगर कॉलोनी निवासी रविन्द्र कुमार शर्मा (35) ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 3 अगस्त की रात करीब 10:08 बजे उनके मोबाइल पर दो OTP आए। OTP खुलते ही उनके HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड से 29,500 रुपए अज्ञात व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर निकाल लिए गए। फरियादी ने तत्काल कस्टमर केयर से संपर्क कर क्रेडिट कार्ड बंद कराया। शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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    दतिया। कोतवाली थाना क्षेत्र में क्रेडिट कार्ड से 29,500 रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज
पुलिस लाइन मस्जिद रामनगर कॉलोनी निवासी रविन्द्र कुमार शर्मा (35) ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 3 अगस्त की रात करीब 10:08 बजे उनके मोबाइल पर दो OTP आए। OTP खुलते ही उनके HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड से 29,500 रुपए अज्ञात व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर निकाल लिए गए।

फरियादी ने तत्काल कस्टमर केयर से संपर्क कर क्रेडिट कार्ड बंद कराया। शिकायत के आधार
दतिया। कोतवाली थाना क्षेत्र में क्रेडिट कार्ड से 29,500 रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज
पुलिस लाइन मस्जिद रामनगर कॉलोनी निवासी रविन्द्र कुमार शर्मा (35) ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 3 अगस्त की रात करीब 10:08 बजे उनके मोबाइल पर दो OTP आए। OTP खुलते ही उनके HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड से 29,500 रुपए अज्ञात व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर निकाल लिए गए।
फरियादी ने तत्काल कस्टमर केयर से संपर्क कर क्रेडिट कार्ड बंद कराया। शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    user_RAVIDEEP LITORIYA
    RAVIDEEP LITORIYA
    दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • रतनगढ़ माता धाम पर पार्किंग के नाम पर श्रद्धालुओं से ₹10 वसूली का आरोप, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल दतिया रतनगढ़। प्रसिद्ध रतनगढ़ माता धाम पर श्रद्धालुओं से पार्किंग के नाम पर ₹10 लिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बसई मलिक क्षेत्र में श्रद्धालुओं से पार्किंग शुल्क के नाम पर राशि लेते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इस वसूली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि पार्किंग शुल्क निर्धारित है तो इसकी स्पष्ट जानकारी मौके पर प्रदर्शित की जानी चाहिए और प्रत्येक वाहन चालक को विधिवत रसीद उपलब्ध कराई जानी चाहिए। वहीं, यदि बिना किसी अधिकृत आदेश, ठेके या निर्धारित शुल्क के राशि ली जा रही है तो यह गंभीर जांच का विषय है। रतनगढ़ माता धाम में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मेले एवं विशेष अवसरों पर प्रशासन द्वारा वाहनों की पार्किंग और यातायात व्यवस्था के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए जाते रहे हैं। पूर्व में बसई मलिक क्षेत्र को भी पार्किंग व्यवस्था के लिए उपयोग किए जाने का उल्लेख मिलता है।ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने पार्किंग व्यवस्था और शुल्क वसूली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि ₹10 की राशि किस आदेश के तहत ली जा रही है, पार्किंग का ठेका किसके पास है और वसूली करने वाले लोगों को अधिकृत किया गया है या नहीं। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थल पर आने वाले लोगों से किसी भी प्रकार की अनधिकृत वसूली नहीं होनी चाहिए। यदि पार्किंग शुल्क शासन अथवा प्रशासन द्वारा निर्धारित है तो उसका रेट बोर्ड लगाया जाए और रसीद की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। फिलहाल वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए मामले में प्रशासन की जांच और अधिकृत स्पष्टीकरण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ₹10 की वसूली वैध पार्किंग शुल्क है अथवा अनधिकृत वसूली। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन एवं रतनगढ़ धाम प्रबंधन इस मामले की जांच करता है या नहीं और श्रद्धालुओं से ली जा रही राशि के संबंध में क्या स्थिति स्पष्ट की जाती है।
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    रतनगढ़ माता धाम पर पार्किंग के नाम पर श्रद्धालुओं से ₹10 वसूली का आरोप, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
दतिया रतनगढ़। प्रसिद्ध रतनगढ़ माता धाम पर श्रद्धालुओं से पार्किंग के नाम पर ₹10 लिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बसई मलिक क्षेत्र में श्रद्धालुओं से पार्किंग शुल्क के नाम पर राशि लेते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इस वसूली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि पार्किंग शुल्क निर्धारित है तो इसकी स्पष्ट जानकारी मौके पर प्रदर्शित की जानी चाहिए और प्रत्येक वाहन चालक को विधिवत रसीद उपलब्ध कराई जानी चाहिए। वहीं, यदि बिना किसी अधिकृत आदेश, ठेके या निर्धारित शुल्क के राशि ली जा रही है तो यह गंभीर जांच का विषय है।
रतनगढ़ माता धाम में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मेले एवं विशेष अवसरों पर प्रशासन द्वारा वाहनों की पार्किंग और यातायात व्यवस्था के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए जाते रहे हैं। पूर्व में बसई मलिक क्षेत्र को भी पार्किंग व्यवस्था के लिए उपयोग किए जाने का उल्लेख मिलता है।ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने पार्किंग व्यवस्था और शुल्क वसूली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि ₹10 की राशि किस आदेश के तहत ली जा रही है, पार्किंग का ठेका किसके पास है और वसूली करने वाले लोगों को अधिकृत किया गया है या नहीं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थल पर आने वाले लोगों से किसी भी प्रकार की अनधिकृत वसूली नहीं होनी चाहिए। यदि पार्किंग शुल्क शासन अथवा प्रशासन द्वारा निर्धारित है तो उसका रेट बोर्ड लगाया जाए और रसीद की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
फिलहाल वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए मामले में प्रशासन की जांच और अधिकृत स्पष्टीकरण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ₹10 की वसूली वैध पार्किंग शुल्क है अथवा अनधिकृत वसूली।
अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन एवं रतनगढ़ धाम प्रबंधन इस मामले की जांच करता है या नहीं और श्रद्धालुओं से ली जा रही राशि के संबंध में क्या स्थिति स्पष्ट की जाती है।
    user_AD SINGH DHAKAD
    AD SINGH DHAKAD
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जनसुनवाई में 70 शिकायतें पहुंचीं, एसपी ने अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश दतिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल ने जनसुनवाई आयोजित कर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए आवेदकों की शिकायतें सुनीं। जनसुनवाई में जमीन विवाद, मारपीट, घरेलू विवाद और साइबर फ्रॉड सहित कुल 70 प्रकरण सामने आए। एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों से शिकायतों की जानकारी लेते हुए मामलों के निष्पक्ष और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में एसडीओपी भांडेर पूनम चंद्र यादव, एसडीओपी बड़ौनी विनायक शुक्ला सहित जिले के विभिन्न थानों के प्रभारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए आवेदकों को जल्द राहत दिलाने के निर्देश दिए।
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    जनसुनवाई में 70 शिकायतें पहुंचीं, एसपी ने अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
दतिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल ने जनसुनवाई आयोजित कर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए आवेदकों की शिकायतें सुनीं। जनसुनवाई में जमीन विवाद, मारपीट, घरेलू विवाद और साइबर फ्रॉड सहित कुल 70 प्रकरण सामने आए। एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों से शिकायतों की जानकारी लेते हुए मामलों के निष्पक्ष और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में एसडीओपी भांडेर पूनम चंद्र यादव, एसडीओपी बड़ौनी विनायक शुक्ला सहित जिले के विभिन्न थानों के प्रभारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए आवेदकों को जल्द राहत दिलाने के निर्देश दिए।
    user_Vikas Sen
    Vikas Sen
    Photographer दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • दतिया में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने जहर पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल महिला को पुलिस वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया। महिला के साथ उसका बेटा भी मौजूद था। डॉक्टरों के अनुसार, महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है। बताया गया है कि महिला दूसरी बार अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंची थी। जानकारी के मुताबिक, महिला की पहचान भांडेर के काजीपाठा मोहल्ला निवासी पूनम वाल्मीकि के रूप में हुई है। महिला ने एसपी को दिए शिकायती आवेदन में अपने ससुराल पक्ष पर करीब दो महीने से प्रताड़ित करने और उसे घर से बाहर निकालने का आरोप लगाया है। आवेदन के अनुसार, महिला का विवाह लगभग तीन साल पहले भांडेर के काजीपाठा मोहल्ला निवासी मोनू जाटव से हुआ था। महिला का आरोप है कि उसका पति करीब दो महीने पहले उसे छोड़कर चला गया। इससे पहले पति और ससुराल वालों द्वारा उसके साथ मारपीट की जाती थी। महिला ने अपने जेठ सोनू जाटव पर मारपीट करने और घर का सामान बाहर फेंककर उसे घर से निकालने का आरोप लगाया है। उसने पति मोनू, जेठ सोनू, जेठानी मुन्नी और ससुर गोविंद दास पर परेशान और प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। महिला का यह भी आरोप है कि उसने ससुराल वालों के खिलाफ पहले भी पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन उसकी शिकायत के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई। उसने भांडेर थाना पुलिस पर अपने हिसाब से रिपोर्ट लिखने का आरोप लगाते हुए एसपी से मामले में कार्रवाई की मांग की है। जनसुनवाई में घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने तत्काल महिला को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल महिला का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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    दतिया में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने जहर पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल महिला को पुलिस वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया।
महिला के साथ उसका बेटा भी मौजूद था। डॉक्टरों के अनुसार, महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है। बताया गया है कि महिला दूसरी बार अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंची थी।
जानकारी के मुताबिक, महिला की पहचान भांडेर के काजीपाठा मोहल्ला निवासी पूनम वाल्मीकि के रूप में हुई है। महिला ने एसपी को दिए शिकायती आवेदन में अपने ससुराल पक्ष पर करीब दो महीने से प्रताड़ित करने और उसे घर से बाहर निकालने का आरोप लगाया है।
आवेदन के अनुसार, महिला का विवाह लगभग तीन साल पहले भांडेर के काजीपाठा मोहल्ला निवासी मोनू जाटव से हुआ था। महिला का आरोप है कि उसका पति करीब दो महीने पहले उसे छोड़कर चला गया। इससे पहले पति और ससुराल वालों द्वारा उसके साथ मारपीट की जाती थी।
महिला ने अपने जेठ सोनू जाटव पर मारपीट करने और घर का सामान बाहर फेंककर उसे घर से निकालने का आरोप लगाया है। उसने पति मोनू, जेठ सोनू, जेठानी मुन्नी और ससुर गोविंद दास पर परेशान और प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
महिला का यह भी आरोप है कि उसने ससुराल वालों के खिलाफ पहले भी पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन उसकी शिकायत के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई। उसने भांडेर थाना पुलिस पर अपने हिसाब से रिपोर्ट लिखने का आरोप लगाते हुए एसपी से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
जनसुनवाई में घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने तत्काल महिला को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल महिला का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    user_Shahid Qureshi
    Shahid Qureshi
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • इस बिस्तर पर अपनी इज्जत छुपाए एक शादीशुदा महिला बैठी है और इस बिस्तर पर बिना कोई शर्ट टी-शर्ट के उसका बॉयफ्रेंड यानी प्रेमी बैठा है महिला की 2 महीने पहले ही शादी हुई थी लेकिन बॉयफ्रेंड का जुनून इस कदर तड़पा रहा था कि उसने अपने बॉयफ्रेंड को अपनी ससुराल में अपने ही पति के बेडरूम में बुला लिया और वहीं पर इश्क के साथ रंगरलियां करने लगी लेकिन तभी पति वहां पर पहुंच जाता है तो उसकी आंखे फटी की फटी रह जाती हैं मानो पैरों तले से जमीन खिसक गई हो लेकिन यह महिला इतनी शातिर है इतना सब कुछ होने के बावजूद भी पति के अनुसार पत्नी ने पति के हाथ पकड़े और बॉयफ्रेंड ने गला दबा दिया जब पति ने शोर मचाया तो आसपास के लोग आए और पति की जान बच पाई मामला यूपी के झांसी जिले का है पीड़ित पति का कहना है कि 24 जून को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर की रहने वाली लड़की से उसकी शादी हुई थी पति का आरोप है की शादी के दो तीन हफ्ते के बाद से ही उसकी पत्नी उसे कभी चाय तो कभी दूध तो कभी खाने में नींद की गोलियां मिलाकर देने लगी ताकि वह आराम से अपने बॉयफ्रेंड से रात में बातें कर सके जब पति की हालत खराब हुई तो उसे शक हुआ कि उसे खाने में कुछ दिया जा रहा है सुने क्या कुछ कहा उस महिला के पीड़ित पति ने। इस बिस्तर पर अपनी इज्जत छुपाए एक शादीशुदा महिला बैठी है और इस बिस्तर पर बिना कोई शर्ट टी-शर्ट के उसका बॉयफ्रेंड यानी प्रेमी बैठा है महिला की 2 महीने पहले ही शादी हुई थी लेकिन बॉयफ्रेंड का जुनून इस कदर तड़पा रहा था कि उसने अपने बॉयफ्रेंड को अपनी ससुराल में अपने ही पति के बेडरूम में बुला लिया और वहीं पर इश्क के साथ रंगरलियां करने लगी लेकिन तभी पति वहां पर पहुंच जाता है तो उसकी आंखे फटी की फटी रह जाती हैं मानो पैरों तले से जमीन खिसक गई हो लेकिन यह महिला इतनी शातिर है इतना सब कुछ होने के बावजूद भी पति के अनुसार पत्नी ने पति के हाथ पकड़े और बॉयफ्रेंड ने गला दबा दिया जब पति ने शोर मचाया तो आसपास के लोग आए और पति की जान बच पाई मामला यूपी के झांसी जिले का है पीड़ित पति का कहना है कि 24 जून को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर की रहने वाली लड़की से उसकी शादी हुई थी पति का आरोप है की शादी के दो तीन हफ्ते के बाद से ही उसकी पत्नी उसे कभी चाय तो कभी दूध तो कभी खाने में नींद की गोलियां मिलाकर देने लगी ताकि वह आराम से अपने बॉयफ्रेंड से रात में बातें कर सके जब पति की हालत खराब हुई तो उसे शक हुआ कि उसे खाने में कुछ दिया जा रहा है सुने क्या कुछ कहा उस महिला के पीड़ित पति ने।
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    इस बिस्तर पर अपनी इज्जत छुपाए एक शादीशुदा महिला बैठी है और इस बिस्तर पर बिना कोई शर्ट टी-शर्ट के उसका बॉयफ्रेंड यानी प्रेमी बैठा है महिला की 2 महीने पहले ही शादी हुई थी लेकिन बॉयफ्रेंड का जुनून इस कदर तड़पा रहा था कि उसने अपने बॉयफ्रेंड को अपनी ससुराल में अपने ही पति के बेडरूम में बुला लिया और वहीं पर इश्क  के साथ रंगरलियां करने लगी लेकिन तभी पति वहां पर पहुंच जाता है तो उसकी आंखे फटी की फटी रह जाती हैं मानो पैरों तले से जमीन खिसक गई हो लेकिन यह महिला इतनी शातिर है इतना सब कुछ होने के बावजूद भी पति के अनुसार पत्नी ने पति के हाथ पकड़े और बॉयफ्रेंड ने गला दबा दिया जब पति ने शोर मचाया तो आसपास के लोग आए और पति की जान बच पाई मामला यूपी के झांसी जिले का है पीड़ित पति का कहना है कि 24 जून को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर की रहने वाली लड़की से उसकी शादी हुई थी पति का आरोप है की शादी के दो तीन हफ्ते के बाद से ही उसकी पत्नी उसे कभी चाय तो कभी दूध तो कभी खाने में नींद की गोलियां मिलाकर देने लगी ताकि वह आराम से अपने बॉयफ्रेंड से रात में बातें कर सके जब पति की हालत खराब हुई तो उसे शक हुआ कि उसे खाने में कुछ दिया जा रहा है सुने क्या कुछ कहा  उस महिला के पीड़ित पति ने।
इस बिस्तर पर अपनी इज्जत छुपाए एक शादीशुदा महिला बैठी है और इस बिस्तर पर बिना कोई शर्ट टी-शर्ट के उसका बॉयफ्रेंड यानी प्रेमी बैठा है महिला की 2 महीने पहले ही शादी हुई थी लेकिन बॉयफ्रेंड का जुनून इस कदर तड़पा रहा था कि उसने अपने बॉयफ्रेंड को अपनी ससुराल में अपने ही पति के बेडरूम में बुला लिया और वहीं पर इश्क  के साथ रंगरलियां करने लगी लेकिन तभी पति वहां पर पहुंच जाता है तो उसकी आंखे फटी की फटी रह जाती हैं मानो पैरों तले से जमीन खिसक गई हो लेकिन यह महिला इतनी शातिर है इतना सब कुछ होने के बावजूद भी पति के अनुसार पत्नी ने पति के हाथ पकड़े और बॉयफ्रेंड ने गला दबा दिया जब पति ने शोर मचाया तो आसपास के लोग आए और पति की जान बच पाई मामला यूपी के झांसी जिले का है पीड़ित पति का कहना है कि 24 जून को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर की रहने वाली लड़की से उसकी शादी हुई थी पति का आरोप है की शादी के दो तीन हफ्ते के बाद से ही उसकी पत्नी उसे कभी चाय तो कभी दूध तो कभी खाने में नींद की गोलियां मिलाकर देने लगी ताकि वह आराम से अपने बॉयफ्रेंड से रात में बातें कर सके जब पति की हालत खराब हुई तो उसे शक हुआ कि उसे खाने में कुछ दिया जा रहा है सुने क्या कुछ कहा  उस महिला के पीड़ित पति ने।
    user_Safik kazi Midia
    Safik kazi Midia
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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