मुरादाबाद के कांठ और अगवानपुर में मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। शाम करीब 5 बजे, सिया समुदाय के लोगों ने अपने अलम और सुन्नी समुदाय के लोगों ने अपने पंखे तथा ताजिए कांठ और अगवानपुर के मुख्य बाजारों में एकत्रित किए। इसके बाद दोनों समुदायों के लोग अपने-अपने धार्मिक प्रतीकों के साथ एक विशाल जुलूस के रूप में कर्बला की ओर रवाना हुए। जुलूस के दौरान, सिया समुदाय के लोगों ने नोहाखानी करते हुए एवं चाकू-छूरियों से सीना ज़नी मातम किया, जबकि सुन्नी समुदाय के लोगों ने अखाड़ा खेलते हुए और 'नारा-ए-तकबीर अल्लाहु अकबर' के नारे लगाते हुए कर्बला तक पहुंचे। कर्बला पहुंचने के बाद, दोनों समुदायों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अलम, पंखे और ताजियों से जुड़े अनुष्ठान संपन्न किए। कांठ में इस आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखी गई, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। पूरे आयोजन के दौरान, कांठ और अगवानपुर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
मुरादाबाद के कांठ और अगवानपुर में मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। शाम करीब 5 बजे, सिया समुदाय के लोगों ने अपने अलम और सुन्नी समुदाय के लोगों ने अपने पंखे तथा ताजिए कांठ और अगवानपुर के मुख्य बाजारों में एकत्रित किए। इसके बाद दोनों समुदायों के लोग अपने-अपने धार्मिक प्रतीकों के साथ एक विशाल जुलूस के रूप में कर्बला की ओर रवाना हुए। जुलूस के दौरान, सिया समुदाय के लोगों ने नोहाखानी करते हुए एवं चाकू-छूरियों से सीना ज़नी मातम किया, जबकि सुन्नी समुदाय के लोगों ने अखाड़ा खेलते हुए और 'नारा-ए-तकबीर अल्लाहु अकबर' के नारे लगाते हुए कर्बला तक पहुंचे। कर्बला पहुंचने के बाद, दोनों समुदायों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अलम, पंखे और ताजियों से जुड़े अनुष्ठान संपन्न किए। कांठ में इस आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखी गई, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। पूरे आयोजन के दौरान, कांठ और अगवानपुर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में यह सामने आया है कि लाइब्रेरी संचालकों ने अब वह सुविधा देनी शुरू कर दी है, जिसे OYO अपने ग्राहकों को बहुत पहले से उपलब्ध करा रहा था।1
- इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत को याद करते हुए, AIMIM के नेताओं ने राहगीरों में शर्बत का वितरण किया। यह कार्यक्रम उनकी शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उसे याद करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।1
- स्वार क्षेत्र में मोहर्रम के अवसर पर, स्वार नगर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच ताजिए निकाले गए। इस दौरान अकीदतमंदों ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ जुलूस में हिस्सा लिया। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से निकले ये ताजिए अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए मानपुर स्थित ईदगाह पहुँचे, जहाँ धार्मिक परंपरा के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।1
- मोहम्मद शहज़ेब ने दावा किया है कि वह लोगों को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने में सहायता करते हैं। उनका यह भी कहना है कि वे इन सेवाओं के लिए कोई शुल्क नहीं लेते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने नौकरी के अवसरों में भी सहायता प्रदान करने की बात कही है। यह जानकारी संबंधित व्यक्ति के दावों पर आधारित है, और किसी भी सेवा का लाभ लेने से पहले स्वयं पूरी जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।1
- मोहर्रम के यौमे आशुरा की पूर्व संध्या पर रामपुर के कोठी खास बाग में मातम किया गया। इस मौके पर पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खान हमजा मियां और कई देशों के राजदूत भी मौजूद रहे।1
- कांठ और गढ़ी क्षेत्रों में मोहर्रम के जुलूस पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत निकाले गए।1
- झारखंड के जपला से एक परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ लक्ष्मी शिशु वाटिका के प्रिंसिपल शाशीकेश कश्यप छोटी बच्चियों को बेरहमी से पीटते हुए एक वीडियो में कैद हुए हैं। इस वीडियो में प्रिंसिपल शाशीकेश कश्यप को मासूम बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए, उन्हें निर्ममतापूर्वक पीटते हुए देखा जा सकता है।1