समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि हिंदू रत्न राहुल गोयल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर गंगापुर सिटी जंक्शन से जयपुर के मध्य अतिरिक्त रेल सेवाएं शुरू करने तथा बंद पड़ी गंगापुर सिटी-कासगंज रेल सेवा को पुनः संचालित करने की मांग की है। उन्होंने शीघ्र कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि इन सेवाओं से लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा। अपने पत्र में राहुल गोयल ने बताया कि गंगापुर सिटी पश्चिम मध्य रेलवे का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है, जहाँ सवाई माधोपुर, करौली और दौसा जिले सहित आसपास के लाखों यात्री रेल सेवाओं पर निर्भर हैं। वर्तमान में गंगापुर सिटी से जयपुर के लिए केवल दो दोपहर की रेलगाड़ियां उपलब्ध हैं, जिससे सुबह, शाम और रात्रि में जयपुर जाने के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्र, मरीज, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग मजबूरी में निजी बसों से यात्रा करते हैं, जिससे समय और धन की हानि के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। जयपुर प्रदेश की राजधानी होने के कारण शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ज्ञापन में गंगापुर सिटी से जयपुर के लिए सुबह 6 बजे, सुबह 9:30 बजे, शाम 5 बजे, रात्रि 8:30 बजे और रात्रि 11 बजे के स्लॉट में पांच नई रेलगाड़ियां शुरू करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही रणथंभौर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का गंगापुर सिटी तक विस्तार करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके अतिरिक्त, राहुल गोयल ने उल्लेख किया कि गंगापुर सिटी-कासगंज पैसेंजर रेलगाड़ी बंद होने से उत्तर प्रदेश के मथुरा, कासगंज और बरेली क्षेत्र की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है, और इसलिए इस रेल सेवा को तत्काल प्रभाव से पुनः प्रारंभ किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव गंगापुर सिटी और आसपास के लाखों यात्रियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेंगे, जो क्षेत्र के विकास, यात्री सुविधा और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि हिंदू रत्न राहुल गोयल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर गंगापुर सिटी जंक्शन से जयपुर के मध्य अतिरिक्त रेल सेवाएं शुरू करने तथा बंद पड़ी गंगापुर सिटी-कासगंज रेल सेवा को पुनः संचालित करने की मांग की है। उन्होंने शीघ्र कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि इन सेवाओं से लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा। अपने पत्र में राहुल गोयल ने बताया कि गंगापुर सिटी पश्चिम मध्य रेलवे का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है, जहाँ सवाई माधोपुर, करौली और दौसा जिले सहित आसपास के लाखों यात्री रेल सेवाओं पर निर्भर हैं। वर्तमान में गंगापुर सिटी से जयपुर के लिए केवल दो दोपहर की रेलगाड़ियां उपलब्ध हैं, जिससे सुबह, शाम और रात्रि में जयपुर जाने के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्र, मरीज, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग मजबूरी में निजी बसों से यात्रा करते हैं, जिससे समय और धन की हानि के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। जयपुर प्रदेश की राजधानी होने के कारण शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ज्ञापन में गंगापुर सिटी से जयपुर के लिए सुबह 6 बजे, सुबह 9:30 बजे, शाम 5 बजे, रात्रि 8:30 बजे और रात्रि 11 बजे के स्लॉट में पांच नई रेलगाड़ियां शुरू करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही रणथंभौर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का गंगापुर सिटी तक विस्तार करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके अतिरिक्त, राहुल गोयल ने उल्लेख किया कि गंगापुर सिटी-कासगंज पैसेंजर रेलगाड़ी बंद होने से उत्तर प्रदेश के मथुरा, कासगंज और बरेली क्षेत्र की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है, और इसलिए इस रेल सेवा को तत्काल प्रभाव से पुनः प्रारंभ किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव गंगापुर सिटी और आसपास के लाखों यात्रियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेंगे, जो क्षेत्र के विकास, यात्री सुविधा और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- गंगापुर सिटी में खंडेलवाल युवा परिषद द्वारा 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।1
- जैसे पहले धौलपुर के डाकुओं को खदेड़ दिया गया था, ठीक उसी तरह के तेवर एक बार फिर दिखाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है। यह मांग मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए एक वैसी ही आक्रामक कार्यप्रणाली अपनाने की बात करती है।1
- बामनवास में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न जनहित सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित शहरी सेवा शिविर में अपेक्षित जनभागीदारी देखने को नहीं मिली। शिविर स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के काउंटरों पर अधिकांश समय कुर्सियां खाली नजर आईं और लोगों की आवाजाही भी काफी कम रही, जिससे शिविर स्थल तस्वीरों और वीडियो में भी लगभग सूना दिखाई दिया। नगर पालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कई काउंटरों पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे, लेकिन फरियादियों की संख्या बेहद कम थी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस कम उपस्थिति का प्रमुख कारण शिविर के प्रचार-प्रसार में कमी तथा पूर्व में समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों के नकारात्मक अनुभव रहे हैं। कुछ लोगों ने शिविर के समय निर्धारण और सूचना व्यवस्था को भी कम भागीदारी का एक मुख्य कारण बताया। यह भी गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, पट्टा वितरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न जनहित सेवाओं के लिए नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बामनवास में हुए इस शहरी सेवा शिविर में आमजन की कम भागीदारी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।2
- टोडाभीम के रंग लाल का पुरा के पास सड़क किनारे मिले अज्ञात व्यक्ति के शव की पहचान हो गई है। सोमवार सुबह रंग लाल का पुरा के पास एक अज्ञात शव पड़ा हुआ मिला था, जिसकी पहचान सोमवार शाम 5:00 बजे करीरी निवासी गोलू मीणा के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों ने युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को प्राथमिक की पेश की है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया है और उन्होंने शव लेने से भी इनकार कर दिया है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।1
- उपखंड की पट्टी किशोरपुरा में अंबेडकर नगर युवा विकास सेवा संस्था के अध्यक्ष अशोक कुमार धवन के नेतृत्व में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पट्टी किशोरपुरा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ, स्थानीय ग्रामीणों और संस्था के सदस्यों ने योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। इस अवसर पर, अशोक कुमार धवन ने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए सभी उपस्थित लोगों से नियमित रूप से योग करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक जुगल किशोर सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।3
- लालसोट में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस, नगर परिषद लालसोट के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर परिषद आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे सामूहिक अवकाश (हड़ताल) पर चले जाएंगे। जिला अध्यक्ष मिथुन गोडीवाल ने बताया कि सफाई कर्मचारी भर्ती के संबंध में संघ द्वारा पहले भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। विभिन्न तिथियों पर हुए समझौतों में वाल्मीकि समाज और परंपरागत सफाई कार्य से जुड़े लोगों को भर्ती में प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, इन समझौतों का पालन नहीं किया गया है, जिसके कारण कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। ज्ञापन में नगर परिषद से यूनियन कार्यालय उपलब्ध कराने, वर्ष 2018 में सफाई पदों पर नियुक्त गैर-वाल्मीकि कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेजने, सफाई कर्मचारी भर्ती में परंपरागत सफाई कार्य करने वालों को प्राथमिकता देने, पूर्व न्यायालयीन प्रकरणों के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने, भर्ती प्रक्रिया को यूनियन के समझौते के अनुसार लागू करने, ठेका प्रथा समाप्त कर निकाय कोष से सीधे भुगतान की व्यवस्था करने और भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित लॉटरी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में भी निर्धारित समयावधि के ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसी स्थिति में, यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो नगर परिषद के सफाई कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान जिला अध्यक्ष मिथुन गोडीवाल के साथ मोहन नकवाल, अशोक, संजय संगत, अमर संगत, संजय नकवाल, सोनू पवार, मुरारी लाल, प्रकाश, मुकेश, सीमा देवी, हेमलता देवी, माया देवी, पूजा देवी, संजय वाल्मीकि, मुन्ना नकवाल, राम खिलाड़ी नकवाल, रामचरण पवार, सोना देवी, कलर देवी सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।1
- श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन सर्किल पर स्थापित प्रतिमा का भव्य परिमार्जन कार्य पूरा हो गया है। इस भव्य परिमार्जन के बाद, अब इस स्थान पर नियमित रूप से सफाई अभियान चलाया जाएगा।1
- मेघराज मीणा नारौली डांग की कलम से लिखे अनुसार, खण्डीप और उसके आसपास के करीब 25 गांवों में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहा है। यहाँ माता-बहनें, बड़े-बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने वाले लोगों को हाथ जोड़कर ठंडा नींबू पानी, कोल्ड ड्रिंक और नाश्ते का वितरण कर रहे हैं। इस आयोजन को अश्वमेघ यज्ञ की आहुति के समान बताया जा रहा है, जो खण्डीप की धरा पर हो रहा है। इस विराट आयोजन में, कमेटी, कार्यकर्ता और हजारों सेवकों के पैरों में रोज़ धूप में घूमने से छाले पड़ चुके हैं, फिर भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखती। लगभग 400-500 महिला-पुरुष बिना रुके, कई घंटों तक हाथों में बीजना लेकर आगंतुकों को हवा कर रहे हैं। यहाँ तक कि 70-80 साल के बुजुर्ग भी हाथ जोड़कर व्यवस्था संभाल रहे हैं, जिनमें कहीं कोई थकान या शिकन का भाव नहीं है। इस महापड़ाव में ना कोई राजनीति, ना कोई पार्टी, ना कोई क्षेत्र और ना ही कोई जाति की भावना है; बल्कि सभी किसान एक अविश्वसनीय एकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। वक्ताओं द्वारा सहज और संविधान के दायरे में भाषण दिए जा रहे हैं। यहाँ हर व्यक्ति गांव के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही खुद को जिम्मेदार मानता है, जिसके हाथ अभिवादन के लिए और सिर सम्मान के लिए झुके रहते हैं। इसे सर्व समाज का समुद्र मंथन बताया गया है, जो मात्र एक आंदोलन नहीं बल्कि संविधान पर चलने वालों के लिए एक चुनौतीपूर्ण परीक्षा है, जिसकी तैयारी अब तक जोरों पर चल रही है। जनसमूह की भावना अपने चरम पर है, और लेखक का मानना है कि यदि किसी ने इस 'अश्वमेघ यज्ञ की आहुति ज्वाला' के दर्शन नहीं किए हैं, तो वे जीवन के सबसे बेहतरीन और भावुक क्षणों से वंचित हो रहे हैं। लेखक इस बात पर गर्व महसूस करने का आह्वान करते हैं कि उन्होंने एक सभ्य, संविधान को मानने वाली और समझदार कौम में जन्म लिया है।1