मध्यप्रदेश के 267 PWD रेस्ट हाउस अब आमजन के लिए खुले,, ऑनलाइन बुक कर सकेंगे कमरा-हॉल बुक भोपाल। मध्यप्रदेश में अब आम नागरिक भी लोक निर्माण विभाग (PWD) के विश्राम गृहों में ठहर सकेंगे। विभाग ने प्रदेश के 267 PWD रेस्ट हाउस और गेस्ट हाउस को आम लोगों के लिए उपलब्ध कराते हुए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। उपलब्धता के आधार पर कोई भी व्यक्ति कमरा या हॉल ऑनलाइन आरक्षित कर सकता है। दिल्ली में बैठकर भी कर सकेंगे बुकिंग नई व्यवस्था के तहत व्यक्ति मध्यप्रदेश के किसी भी जिले में उपलब्ध PWD रेस्ट हाउस की जानकारी देखकर ऑनलाइन कमरा या हॉल बुक कर सकता है। विभाग के ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में “GENERAL PUBLIC” श्रेणी उपलब्ध है, जिसमें विजिटर को स्थान, चेक-इन और चेक-आउट तारीख, वयस्कों और बच्चों की संख्या तथा मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भरनी होती है। PWD Rest House Online Booking Portal 12 साल बाद बदला किराया ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने से पहले विभाग ने करीब 12 साल बाद रेस्ट हाउस की किराया दरों में संशोधन किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार नई दरें 27 जुलाई 2026 को निर्धारित कर तत्काल प्रभाव से लागू की गईं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी और खजुराहो—में कमरे का किराया ₹800 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रतिदिन और हॉल का किराया ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,000 प्रतिदिन किया गया है। वहीं अन्य जिला मुख्यालयों में कमरे का किराया ₹600 से बढ़ाकर ₹1,000 और हॉल का किराया ₹800 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रतिदिन किया गया है। तहसील मुख्यालयों के लिए कमरे का किराया ₹600 प्रतिदिन बताया गया है। 2023 में लिया था फैसला आम जनता के लिए PWD विश्राम गृह खोलने का फैसला विभाग ने वर्ष 2023 में लिया था। हालांकि, इसका व्यावहारिक क्रियान्वयन अब किया गया है। पहले इन भवनों का इस्तेमाल मुख्य रूप से सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सरकारी कार्य से आने वाले लोगों के लिए होता था। हर रेस्ट हाउस में भोजन की सुविधा नहीं कमरा या हॉल बुक होने के बावजूद भोजन की सुविधा हर रेस्ट हाउस में उपलब्ध नहीं है। जहां खानसामा मौजूद है, वहां उससे संपर्क कर भोजन की व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए ठहरने वाले व्यक्ति को भोजन का भुगतान अलग से करना होगा। कुछ रेस्ट हाउस में फिलहाल भोजन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सुविधा खुली, लेकिन व्यवस्थाओं की भी परीक्षा 267 रेस्ट हाउस को आम लोगों के लिए खोलने से यात्रियों और पर्यटकों को अपेक्षाकृत कम कीमत पर सरकारी विश्राम गृह में ठहरने का विकल्प मिलेगा। हालांकि, अलग-अलग स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति समान नहीं है। इसलिए बुकिंग से पहले संबंधित रेस्ट हाउस में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
मध्यप्रदेश के 267 PWD रेस्ट हाउस अब आमजन के लिए खुले,, ऑनलाइन बुक कर सकेंगे कमरा-हॉल बुक भोपाल। मध्यप्रदेश में अब आम नागरिक भी लोक निर्माण विभाग (PWD) के विश्राम गृहों में ठहर सकेंगे। विभाग ने प्रदेश के 267 PWD रेस्ट हाउस और गेस्ट हाउस को आम लोगों के लिए उपलब्ध कराते हुए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। उपलब्धता के आधार पर कोई भी व्यक्ति कमरा या हॉल ऑनलाइन आरक्षित कर सकता है। दिल्ली में बैठकर भी कर सकेंगे बुकिंग नई व्यवस्था के तहत व्यक्ति मध्यप्रदेश के किसी भी जिले में उपलब्ध PWD रेस्ट हाउस की जानकारी देखकर ऑनलाइन कमरा या हॉल बुक कर सकता है। विभाग के ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में “GENERAL PUBLIC” श्रेणी उपलब्ध है, जिसमें विजिटर को स्थान, चेक-इन और चेक-आउट तारीख, वयस्कों और बच्चों की संख्या तथा मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भरनी होती है। PWD Rest House Online Booking Portal 12 साल बाद बदला किराया ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने से पहले विभाग ने करीब 12 साल बाद रेस्ट हाउस की किराया दरों में संशोधन किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार नई दरें 27 जुलाई 2026 को निर्धारित कर तत्काल प्रभाव से लागू की गईं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी और खजुराहो—में कमरे का किराया ₹800 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रतिदिन और हॉल का किराया ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,000 प्रतिदिन किया गया है। वहीं अन्य जिला मुख्यालयों में कमरे का किराया ₹600 से बढ़ाकर ₹1,000 और हॉल का किराया ₹800 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रतिदिन किया गया है। तहसील मुख्यालयों के लिए कमरे का किराया ₹600 प्रतिदिन बताया गया है। 2023 में लिया था फैसला आम जनता के लिए PWD विश्राम गृह खोलने का फैसला विभाग ने वर्ष 2023 में लिया था। हालांकि, इसका व्यावहारिक क्रियान्वयन अब किया गया है। पहले इन भवनों का इस्तेमाल मुख्य रूप से सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सरकारी कार्य से आने वाले लोगों के लिए होता था। हर रेस्ट हाउस में भोजन की सुविधा नहीं कमरा या हॉल बुक होने के बावजूद भोजन की सुविधा हर रेस्ट हाउस में उपलब्ध नहीं है। जहां खानसामा मौजूद है, वहां उससे संपर्क कर भोजन की व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए ठहरने वाले व्यक्ति को भोजन का भुगतान अलग से करना होगा। कुछ रेस्ट हाउस में फिलहाल भोजन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सुविधा खुली, लेकिन व्यवस्थाओं की भी परीक्षा 267 रेस्ट हाउस को आम लोगों के लिए खोलने से यात्रियों और पर्यटकों को अपेक्षाकृत कम कीमत पर सरकारी विश्राम गृह में ठहरने का विकल्प मिलेगा। हालांकि, अलग-अलग स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति समान नहीं है। इसलिए बुकिंग से पहले संबंधित रेस्ट हाउस में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
- नेपाल में बाढ़ का खौफनाक मंजर: छत पर फंसे शख्स ने कपड़ा घुमाकर मांगी मदद, हेलीकॉप्टर ने किया सुरक्षित रेस्क्यू नेपाल में बाढ़ का खौफनाक मंजर: छत पर फंसे शख्स ने कपड़ा घुमाकर मांगी मदद, हेलीकॉप्टर ने किया सुरक्षित रेस्क्यू नेपाल। नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। चारों तरफ पानी, कीचड़ और मलबे से घिरे एक व्यक्ति ने इमारत की छत पर फंसने के बाद आसमान में उड़ रहे हेलीकॉप्टर को कपड़ा घुमाकर मदद का संकेत दिया। हेलीकॉप्टर ने संकेत मिलने के बाद वहां पहुंचकर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। छत बनी जिंदगी का आखिरी सहारा वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बाढ़ की तेज धारा ने आसपास के इलाके को पूरी तरह मलबे और कीचड़ में बदल दिया है। व्यक्ति एक इमारत की छत पर फंसा हुआ था और नीचे उतरने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। इसी दौरान उसे आसमान में रेस्क्यू हेलीकॉप्टर दिखाई दिया। व्यक्ति ने कपड़ा घुमाकर हेलीकॉप्टर का ध्यान अपनी ओर खींचा। संकेत मिलने के बाद हेलीकॉप्टर ने उसके पास पहुंचकर रेस्क्यू किया। नेपाल में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान यह घटना नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बीच सामने आई है। भारी मात्रा में पानी, चट्टान और मलबे की तेज धारा ने कई इलाकों में घरों, सड़कों और पुलों को तबाह कर दिया है। सड़क संपर्क टूटने के कारण कई दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में राहत एवं बचाव दल हेलीकॉप्टरों की मदद से फंसे लोगों को निकालने और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सामान पहुंचाने में जुटे हैं। एक नेपाली अधिकारी के अनुसार अब तक 239 लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला जा चुका है। एक इशारा और बच गई जिंदगी बाढ़ की तबाही के बीच छत पर फंसे व्यक्ति का हेलीकॉप्टर को कपड़ा घुमाकर संकेत देना और फिर सुरक्षित निकाला जाना इस आपदा के बीच उम्मीद और मानवीय रेस्क्यू का भावुक दृश्य बन गया है। घटना/वीडियो अपडेट: 26–27 अगस्त 20261
- गुना अंडरपास की जर्जर हालत पर उठी आवाज, DRM भोपाल से तत्काल जीर्णोद्धार की मांग गुना रेलवे स्टेशन एवं EN कार्यालय के समीप स्थित अंडरपास की जर्जर हालत को लेकर यात्री सेवा संगठन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष एवं पूर्व पश्चिम मध्य रेलवे रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (XZRUCC) सदस्य सुनील आचार्य ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) भोपाल सहित संबंधित DEN एवं EN अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल निरीक्षण एवं जीर्णोद्धार की मांग की है। आचार्य ने पत्र में बताया कि यह अंडरपास गुना रेलवे स्टेशन एवं EN कार्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। अंडरपास के दूसरी ओर श्रीराम कॉलोनी सहित दर्जनों कॉलोनियां हैं, जिनमें रहने वाले हजारों छात्र-छात्राओं एवं आम राहगीरों के लिए यह प्रमुख आवागमन मार्ग है। कॉलोनियों को जोड़ने वाला यह मार्ग कम दूरी का होने के कारण दिन-रात लोगों के आवागमन में उपयोग होता है। उन्होंने बताया कि अंडरपास के ऊपर से कोटा-बीना एवं इंदौर रेल लाइन गुजरती हैं और लगातार रेल यातायात संचालित होता रहता है।1
- बरसाने में राधा रानी के दर्शन… क्या अब इसके लिए भी देने पड़ते हैं पैसे? 🙏 बरसाने में राधा रानी के दर्शन… क्या अब इसके लिए भी देने पड़ते हैं पैसे? 🙏 बरसाने में श्री राधा रानी के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के बीच एक सवाल चर्चा में है—क्या राधा रानी के दर्शन के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं? आस्था के इस पावन धाम में दर्शन व्यवस्था को लेकर आपकी क्या राय है? अपनी बात कमेंट में जरूर बताएं। 🙏🌸1
- महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन बरसते पानी में भी सड़क पर उतरे कार्यकर्ता महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन बरसते पानी में भी सड़क पर उतरे कार्यकर्ता1
- भारी भीड़ सूरत में आज देखने को मिली और आप लोगों को बता दूं वीडियो को शेयर करें1
- 2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर भारत की तैयारी तेज. | 2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर भारत की तैयारी तेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया और ओलंपिक मिशन को लेकर खेल विशेषज्ञों व युवा एथलीटों के साथ संवाद कार्यक्रम की रूपरेखा तय की है। 2036 ओलंपिक की दावेदारी को मजबूत करने के लिए देश भर में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने के लिए व्यापक वित्तीय सहायता योजनाएं लागू की जा रही हैं।1
- ग्रामीणों की समस्या को लेकर विधानसभा में याचिका प्रस्तुत करेंगे विधायक इंजीनियर हरि बाबू राय, ग्रामीणों की समस्या को लेकर विधानसभा में याचिका प्रस्तुत करेंगे विधायक इंजी. हरिबाबू राय अशोकनगर। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुन्दौली में भ्रमण के दौरान विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने दूसरे गांव को जोड़ने वाली कच्ची सड़क पर बनी पुलिया के बरसात में क्षतिग्रस्त होकर बह जाने की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन बाधित हो गया है और उन्हें दूसरी ओर जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों एवं अन्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त पुलिया एवं मार्ग की स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या के स्थायी समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। विधायक ने बताया कि ग्रामीणों की इस महत्वपूर्ण समस्या को याचिका के माध्यम से विधानसभा के समक्ष रखा जाएगा, ताकि संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कर पुलिया के शीघ्र निर्माण एवं आवागमन की व्यवस्था सुचारू कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है और क्षेत्रवासियों की समस्याओं को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा।1
- 11 गोवंश की मौत के बाद नेशनल हाइवे-46 पर बवाल,ग्रामीणों ने लगाया चक्काजाम; ट्रक चालक फरार गुना। NH-46 हाईवे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में 11 गोवंश की मौत हो गई। चिंताहरण मंदिर के पास सड़क पर बैठे गोवंश को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे के बाद मौके पर गोवंश के शव बिखर गए, जिसके चलते ग्रामीणों और गौसेवकों में भारी आक्रोश फैल गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार ट्रक चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। *हादसे के बाद NH-46 पर दो घंटे चक्काजाम* घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और गौसेवक मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने आवारा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान, सड़क पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग को लेकर NH-46 पर चक्काजाम कर दिया। जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित रहा। पुलिस एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद करीब दो घंटे बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। *ट्रक चालक फरार, तलाश में जुटी पुलिस* हादसे के बाद पुलिस ने सड़क से मृत गोवंश को हटवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रक चालक मौके से फरार है और पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों और अन्य माध्यमों से ट्रक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। *ग्रामीणों का सवाल—हादसे के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन?* ग्रामीणों का आरोप है कि NH-46 पर सड़क किनारे बैठने वाले आवारा गोवंश की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। रात में पर्याप्त रोशनी और चेतावनी संकेत नहीं होने से वाहन चालकों को सड़क पर बैठे पशु समय पर दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने प्रशासन से हादसे के बाद अस्थायी कार्रवाई के बजाय स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। बड़ा सवाल: जब हाईवे पर आवारा गोवंश की मौजूदगी दुर्घटनाओं का लगातार खतरा बन रही है, तो क्या प्रशासन हादसे का इंतजार किए बिना प्रभावी व्यवस्था करेगा?1