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लखनऊ में बादशाहनगर मार्ग पर स्थित पुराने अकबरनगर v Mart के सामने एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। यह घटना थाना महानगर क्षेत्र की बताई जा रही है, जिसमें किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
Khabro Ki Paini Najar News New
लखनऊ में बादशाहनगर मार्ग पर स्थित पुराने अकबरनगर v Mart के सामने एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। यह घटना थाना महानगर क्षेत्र की बताई जा रही है, जिसमें किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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- आज मई 2026 में, लखनऊ के सुगामऊ लोधी चौराहा स्थित इंदिरा नगर में हमारे निवास स्थान पर बजरंगबली के आशीर्वाद से एक विशाल भंडारे का आयोजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस आयोजन के माध्यम से हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का एक जबरदस्त और प्रभावशाली संदेश देखने को मिला, जिसमें तमाम श्रद्धालुओं और भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की खास झलक यह रही कि बजरंगबली की आरती में कोई भी भेदभाव नहीं दिखा। श्री कुर्बान अली ने भी पूरी श्रद्धा से बजरंगबली की आरती की, और उनके साथ-साथ अन्य भक्तों ने भी आरती करके बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह दृश्य सचमुच एकता और सद्भाव का प्रतीक बन गया। इस विशाल भंडारे को सफल बनाने में कई लोगों ने सहयोग किया, जिनमें महेश शर्मा (जिला सचिव अपना दल एस लखनऊ), सत्रोहन गुप्ता मोदी जी, श्री कुर्बान अली जी, मोहित जी, अर्जुन शर्मा जी, प्रेम लोधी जी, श्री राम कृपाल मौर्य जी, अजय गौतम जी, बाबा जी और अन्य विशेष महत्वपूर्ण मित्र शामिल थे। इन सभी के सहयोग से सुगमऊ चौराहा, लखनऊ में आयोजित यह विशाल भंडारा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक हादसे ने पुलिसिया व्यवस्था के उस चेहरे को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है, जिसे देखकर कानून के रखवालों पर से भरोसा उठ जाए। यह मामला काकोरी थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर आकाश कुशवाहा और उनकी पत्नी से जुड़ा है, और आरोपों के मुताबिक, खाकी का रवैया एकदम 'वीआईपी मोड' में आ गया है, जहाँ पुलिस लिखा-पढ़ी के खेल में 'मास्टर डिग्री' हासिल कर रही है। तथ्यों और आरोपों के अनुसार, दिनांक 29.05.2026 को दोपहर लगभग 2:30 से 4:00 बजे के बीच, सब-इंस्पेक्टर आकाश कुशवाहा अपनी पत्नी को Creta कार (UP 12 CE 6277) चलाना सिखा रहे थे। अमेठिया सलेमपुर, अंधे की चौकी, हरदोई रोड के पास उनकी कातिलाना रफ्तार वाली गाड़ी ने एक मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में मोहम्मद साहिल (लगभग 28 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। साहिल, जो अमेठिया सलेमपुर, दुबग्गा, लखनऊ का निवासी था, अपने घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और अपने पीछे चार बहनें तथा कैंसर से पीड़ित एक बीमार पिता छोड़ गया है। मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे उनके दोस्त मो. महताब अली भी गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। हादसा होते ही दरोगा जी का 'कानूनी दिमाग' दौड़ पड़ा और उन्होंने कथित तौर पर मामले को रफा-दफा करने के लिए गाड़ी को पेड़ से लड़ा दिया, ताकि यह दिखाया जा सके कि एक्सीडेंट मोटरसाइकिल के पेड़ से टकराने से हुआ था। इसे 'ऑन-स्पॉट एविडेंस मैनेजमेंट' का कमाल बताया गया है। हालांकि, वहां मौजूद जनता मूर्ख नहीं थी। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत गाड़ी की चालक महिला और दरोगा जी को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। लोगों को उम्मीद थी कि न्याय मिलेगा, लेकिन स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाने में अपराधियों को एयर कंडीशनर वाले कमरे में बैठाकर 'वीआईपी ट्रीटमेंट' दिया जा रहा है, जबकि इंसाफ की गुहार लगाने आए पीड़ित पक्ष को थाने से भगाया जा रहा है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को 'सबसे बड़ा मजाक' करार दिया गया है, क्योंकि जनता चिल्ला-चिल्ला कर बता रही है कि गाड़ी एक महिला चालक चला रही थी और दरोगा जी बगल में बैठे थे, प्रार्थना-पत्र में भी यही स्पष्ट लिखा है, फिर भी सरकारी रिपोर्ट में वाहन नंबर UP 12 CE 6277 का चालक 'अज्ञात' दर्ज है। उसके रिश्तेदार का नाम और पता भी 'अज्ञात' लिखा गया है। यह शिकायत प्रार्थी अज्जे खान पुत्र इरशाद खान द्वारा की गई है। पूरे शहर को पता है कि गाड़ी किसकी है और कौन चला रहा था, लेकिन दुबग्गा पुलिस के लिए सब 'अज्ञात' है। पीड़ित परिवार पर अब कथित तौर पर समझौते और पैसों का दबाव बनाया जा रहा है, जिसमें एक गरीब की जिंदगी का सौदा करने का प्रयास किया जा रहा है। यह घटना इस देश में दोहरे कानून पर सवाल उठाती है – एक आम जनता और गरीबों के लिए, और दूसरा खाकी वर्दी वाले अमीरों और रसूखदारों के लिए, जिन्हें सड़क पर किसी की जान लेने के बाद भी थाने में 'एसी की हवा' और 'अज्ञात' होने का सुरक्षा कवच मिलता है। बड़े अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बावजूद, दुबग्गा की जनता बखूबी समझ रही है कि जब मामले की नींव ही 'अज्ञात' के झूठ पर रखी गई हो, तो इंसाफ की इमारत कैसी होगी।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक वकील से नोटों से भरा बैग छीन लिया गया। इस घटना के बाद, घटनास्थल पर पैसे लूटने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।1
- लखनऊ में पल्लव चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा 151 विभूतियों को सम्मानित किया गया।1
- राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसका शव फांसी पर लटका मिला। जानकारी के अनुसार, मृतका की शादी लगभग दो वर्ष पूर्व हुई थी और उसका एक आठ माह का मासूम बच्चा भी है। मृतका के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके पति सागर द्वारा कथित तौर पर दहेज के लिए महिला को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों का आरोप है कि सागर आए दिन स्कॉर्पियो कार की मांग को लेकर विवाहिता पर दबाव बनाता था और उसे परेशान करता था। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है, और आठ माह का मासूम बच्चा अपनी माँ के आँचल से हमेशा के लिए वंचित हो गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी।1
- मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन हो गया है, जिन्होंने 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' जैसे कई लोकप्रिय गाने गाए थे। अपनी सुरीली आवाज के लिए जानी जाने वाली कल्याणपुर ने हिंदी के अलावा मराठी, असमी, बंगाली और ओडिया भाषाओं में भी गीत गाए थे, जिससे उन्होंने संगीत जगत में अपनी एक खास पहचान बनाई थी।1
- लखनऊ के ऐतिहासिक हुसैनाबाद घंटाघर क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरी हुई दिखाई दे रही है। सतखंडा चौकी क्षेत्र में दबंगों द्वारा आए दिन मारपीट और बवाल किया जा रहा है, जिससे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इस स्थिति के लिए सतखंडा चौकी इंचार्ज हेमू पटेल को कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह नाकाम माना जा रहा है। दबंगों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उनके हौसले लगातार बुलंद हैं, जिसका फायदा उठाकर वे बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इन उपद्रवों के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जो पुलिसिया गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोलते हैं। घंटाघर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर लगातार हो रहे इस बवाल से न सिर्फ स्थानीय लोग परेशान हैं, बल्कि यह स्थिति पुलिस की सुस्ती को भी उजागर करती है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चौकी इंचार्ज हेमू पटेल इन दबंगों और उपद्रवियों पर कब सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे, और क्या उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल कराएंगे?1