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शिवहर जिले के हिरम्मा थाना क्षेत्र के माधोपुर छाता गांव में बीते 23 मई 2026 को दो पक्षों के बीच हुई आपसी मारपीट ने भयावह रूप ले लिया, जिसमें एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। इस हिंसक झड़प के दौरान एक पक्ष के लोगों ने महिला पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल, शिवहर ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक महिला की पहचान रामकली देवी उर्फ राजकली देवी, पत्नी सोनेलाल राय के रूप में हुई है। इस जघन्य घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। सूचना मिलते ही हिरम्मा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना का संज्ञान लिया और इस मामले में कांड संख्या 20/2026 के तहत बीएनएस 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं, जैसे 126(2), 115(2), 103(2), 303(2), 352/351(2) और 329(4)/3(5) में मुकदमा दर्ज किया। हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए, शिवहर पुलिस अधीक्षक ने मामले के त्वरित और सफल अनुसंधान के लिए एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया, जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, हिरम्मा थानाध्यक्ष और डीआईयू के अधिकारियों को शामिल किया गया। पुलिस की इस टीम ने वैज्ञानिक और मानवीय पहलुओं पर गहन जांच-पड़ताल की और त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में सीधे संलिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान माधोपुर छाता निवासी होरिल कुमार (पिता स्व. शंभुराय), वंशलाल राय (पिता स्व. महावीर राय), किशोर राय (पिता वंशलाल राय) और प्रमीला देवी (पत्नी स्व. शंभुराय) के रूप में हुई है। शिवहर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में शांति बहाल करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है और घटना में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद से गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने व कानून का पालन करने की अपील की है।

22 hrs ago
user_Dainik Bihar Tv24
Dainik Bihar Tv24
Newspaper publisher तरियानी चौक, शिवहर, बिहार•
22 hrs ago

शिवहर जिले के हिरम्मा थाना क्षेत्र के माधोपुर छाता गांव में बीते 23 मई 2026 को दो पक्षों के बीच हुई आपसी मारपीट ने भयावह रूप ले लिया, जिसमें एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। इस हिंसक झड़प के दौरान एक पक्ष के लोगों ने महिला पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल, शिवहर ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक महिला की पहचान रामकली देवी उर्फ राजकली देवी, पत्नी सोनेलाल राय के रूप में हुई है। इस जघन्य घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। सूचना मिलते ही हिरम्मा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना का संज्ञान लिया और इस मामले में कांड संख्या 20/2026 के तहत बीएनएस 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं, जैसे 126(2), 115(2), 103(2), 303(2), 352/351(2) और 329(4)/3(5) में मुकदमा दर्ज किया। हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए, शिवहर पुलिस अधीक्षक ने मामले के त्वरित और सफल अनुसंधान के लिए एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया, जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, हिरम्मा थानाध्यक्ष और डीआईयू के अधिकारियों को शामिल किया गया। पुलिस की इस टीम ने वैज्ञानिक और मानवीय पहलुओं पर गहन जांच-पड़ताल की और त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में सीधे संलिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान माधोपुर छाता निवासी होरिल कुमार (पिता स्व. शंभुराय), वंशलाल राय (पिता स्व. महावीर राय), किशोर राय (पिता वंशलाल राय) और प्रमीला देवी (पत्नी स्व. शंभुराय) के रूप में हुई है। शिवहर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में शांति बहाल करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है और घटना में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद से गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने व कानून का पालन करने की अपील की है।

More news from बिहार and nearby areas
  • शिवहर जिले के श्यामपुर भटहा थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। 28 मई 2026 को मिली सूचना के अनुसार, पहाड़पुर निवासी विशाल कुमार को अज्ञात लोगों द्वारा चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। स्थानीय निवासियों और पुलिस की मदद से जख्मी विशाल कुमार को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतक के भाई रंजय कुमार के बयान पर श्यामपुर भटहा थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया, जिसमें पुलिस ने धारा 126(2), 118(1) और 103(1) बीएनएस 2023 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। इस जघन्य अपराध के जल्द खुलासे और दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से शिवहर पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया। इस टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, श्यामपुर भटहा थानाध्यक्ष, डीआईयू और अन्य सहयोगी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया था। SIT ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन छानबीन की, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में संलिप्त एक अभियुक्त, पहाड़पुर निवासी प्रिंस कुमार (पिता नंदन पासवान) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू भी बरामद किया है। शिवहर पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल, पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे की असली मंशा का पता लगाया जा सके। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और जनता से भी सहयोग की अपील की गई है।
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    शिवहर जिले के श्यामपुर भटहा थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। 28 मई 2026 को मिली सूचना के अनुसार, पहाड़पुर निवासी विशाल कुमार को अज्ञात लोगों द्वारा चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। स्थानीय निवासियों और पुलिस की मदद से जख्मी विशाल कुमार को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतक के भाई रंजय कुमार के बयान पर श्यामपुर भटहा थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया, जिसमें पुलिस ने धारा 126(2), 118(1) और 103(1) बीएनएस 2023 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की।

इस जघन्य अपराध के जल्द खुलासे और दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से शिवहर पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया। इस टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, श्यामपुर भटहा थानाध्यक्ष, डीआईयू और अन्य सहयोगी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया था। SIT ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन छानबीन की, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में संलिप्त एक अभियुक्त, पहाड़पुर निवासी प्रिंस कुमार (पिता नंदन पासवान) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू भी बरामद किया है।

शिवहर पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल, पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे की असली मंशा का पता लगाया जा सके। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और जनता से भी सहयोग की अपील की गई है।
    user_Dainik Bihar Tv24
    Dainik Bihar Tv24
    Newspaper publisher तरियानी चौक, शिवहर, बिहार•
    21 hrs ago
  • यह पाठ 'जय श्री राम' और 'राधे राधे' के भक्तिपूर्ण नारों की पुनरावृत्ति करता है, जो श्रद्धा और भक्ति के गहरे भाव को दर्शाता है।
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    यह पाठ 'जय श्री राम' और 'राधे राधे' के भक्तिपूर्ण नारों की पुनरावृत्ति करता है, जो श्रद्धा और भक्ति के गहरे भाव को दर्शाता है।
    user_Vishwanath Sahni
    Vishwanath Sahni
    Nurse Madhuban, Purbi Champaran•
    20 hrs ago
  • ललित कश्यप के 'तूफान चैनल' और 'बेनीपुर चैनल' को सब्सक्राइब करने का अनुरोध किया गया है।
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    ललित कश्यप के 'तूफान चैनल' और 'बेनीपुर चैनल' को सब्सक्राइब करने का अनुरोध किया गया है।
    user_Lalit Kashyap Tufan
    Lalit Kashyap Tufan
    Security Guard औराई, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    6 hrs ago
  • मुजफ्फरपुर जिले के अमनौर पंचायत में पत्रकार आकाश प्रियदर्शन की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद भारी बवाल देखा जा रहा है। इस पूरी घटना को विकास के नाम पर हो रही राजनीति और सच्चाई उजागर करने वाले पत्रकारों पर आरोप लगाने के खेल का हिस्सा बताया जा रहा है। पत्रकार आकाश प्रियदर्शन की इस ग्राउंड रिपोर्ट के कारण पंचायत में गहरा हंगामा मच गया है।
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    मुजफ्फरपुर जिले के अमनौर पंचायत में पत्रकार आकाश प्रियदर्शन की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद भारी बवाल देखा जा रहा है। इस पूरी घटना को विकास के नाम पर हो रही राजनीति और सच्चाई उजागर करने वाले पत्रकारों पर आरोप लगाने के खेल का हिस्सा बताया जा रहा है। पत्रकार आकाश प्रियदर्शन की इस ग्राउंड रिपोर्ट के कारण पंचायत में गहरा हंगामा मच गया है।
    user_RITIK RAJPUT
    RITIK RAJPUT
    Yoga instructor Aurai, Muzaffarpur•
    11 hrs ago
  • सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदि शक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय भागवत कथा कार्यक्रम का पाँचवाँ दिन संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पूतना वध की कथा श्रवण कराई। संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में ही राक्षसी पूतना का वध किया था। पूतना को कंस ने भेजा था, क्योंकि कंस को यह भविष्यवाणी मिली थी कि देवकी का आठवाँ पुत्र उसका वध करेगा। इस भय से कंस ने अपने आस-पास के सभी नवजात शिशुओं को मारने का आदेश दिया था और इसी उद्देश्य से पूतना को गोकुल भेजा गया था। पूतना एक सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुँची और यशोदा से श्रीकृष्ण को गोद में लेने की इच्छा जताई। उसने अपने स्तनों पर विष लगाया हुआ था, किंतु जब उसने श्रीकृष्ण को स्तनपान कराया, तो भगवान ने उसके स्तनों से विष और उसके प्राण दोनों खींच लिए। पूतना अपने असली राक्षसी रूप में लौटते हुए प्राण त्याग दिए। कथाओं के अनुसार, पूतना अपने पूर्व जन्म में राजा बली की पुत्री रत्नमाला थी। जब वामन भगवान राजा बली से भिक्षा मांगने आए थे, तब रत्नमाला ने वामन रूप में भगवान को देखकर उनसे पुत्र के रूप में स्नेह करने की इच्छा की थी। परंतु, बाद में जब वामन भगवान ने अपने विराट रूप में बली से तीन पग भूमि मांगी और सब कुछ ले लिया, तो रत्नमाला ने क्रोधवश उन्हें मारने की इच्छा जताई। भगवान ने उसके दोनों भावों को स्वीकार किया, जिसके कारण अगले जन्म में उसे पूतना के रूप में जन्म मिला और भगवान श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने का अवसर प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण द्वारा वध होने पर उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। पूतना के वध के बाद, गोकुलवासी उसके विशाल राक्षसी रूप को देखकर भय और आश्चर्य से भर गए। उन्होंने पूतना के शरीर को जलाने का निर्णय लिया, और इस दौरान एक अद्भुत घटना घटी—उसके शरीर से एक दिव्य सुगंध फैलने लगी। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श से पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ था और उसका शरीर पवित्र हो गया था। इसलिए, जब उसका अंतिम संस्कार किया गया, तो वह सुगंधित धुआँ में परिवर्तित हो गया, जो देवताओं की कृपा का प्रतीक था। गोकुलवासियों ने इस घटना को भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उनकी दिव्यता का प्रमाण माना और भगवान की जय-जयकार की। उन्होंने श्रीकृष्ण को भगवान के रूप में मानना शुरू कर दिया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति और अधिक बढ़ गई। पूतना, जो भगवान श्रीकृष्ण के हाथों मारी गई थी, अंत में गोलोक धाम को प्राप्त हुई। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान किसी भी व्यक्ति की भावना को महत्व देते हैं, चाहे वह कैसी भी हो। पूतना ने भगवान श्रीकृष्ण को माँ के रूप में स्तनपान कराने का प्रयास किया था, भले ही उसका उद्देश्य बुरा था, किंतु श्रीकृष्ण ने उसकी इस सेवा को माँ के समान माना। इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने पूतना को मातृत्व का दर्जा दिया और उसे मोक्ष प्रदान किया, जिससे वह अपनी मृत्यु के बाद गोलोक धाम चली गई, जहाँ उसे भगवान श्रीकृष्ण के साथ रहने का सौभाग्य मिला। यह भगवान की करुणा और अनुग्रह का प्रतीक है कि उन्होंने अपने शत्रु को भी मोक्ष प्रदान कर दिया। आज के भागवत कथा कार्यक्रम में अमरेंद्र कुमार कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी, श्री जगलाल प्रसाद कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती देवी, बहु सह शिक्षिका श्रीमती शर्मिला सिन्हा, श्रीमती मीना देवी, श्रीमती चंदा देवी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा, श्री गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा अपनी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ, एवं श्री यादों लाल सहनी अपनी पत्नी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ उपस्थित रहे। दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव भी अपनी अर्धांगिनी श्रीमती प्रियंका भार्गव और छोटे पुत्र राजकुमार हार्षित कुमार भार्गव के साथ, साथ ही इटवा के श्री गजाधर पासवान सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
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    सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदि शक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय भागवत कथा कार्यक्रम का पाँचवाँ दिन संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पूतना वध की कथा श्रवण कराई।

संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में ही राक्षसी पूतना का वध किया था। पूतना को कंस ने भेजा था, क्योंकि कंस को यह भविष्यवाणी मिली थी कि देवकी का आठवाँ पुत्र उसका वध करेगा। इस भय से कंस ने अपने आस-पास के सभी नवजात शिशुओं को मारने का आदेश दिया था और इसी उद्देश्य से पूतना को गोकुल भेजा गया था। पूतना एक सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुँची और यशोदा से श्रीकृष्ण को गोद में लेने की इच्छा जताई। उसने अपने स्तनों पर विष लगाया हुआ था, किंतु जब उसने श्रीकृष्ण को स्तनपान कराया, तो भगवान ने उसके स्तनों से विष और उसके प्राण दोनों खींच लिए। पूतना अपने असली राक्षसी रूप में लौटते हुए प्राण त्याग दिए।

कथाओं के अनुसार, पूतना अपने पूर्व जन्म में राजा बली की पुत्री रत्नमाला थी। जब वामन भगवान राजा बली से भिक्षा मांगने आए थे, तब रत्नमाला ने वामन रूप में भगवान को देखकर उनसे पुत्र के रूप में स्नेह करने की इच्छा की थी। परंतु, बाद में जब वामन भगवान ने अपने विराट रूप में बली से तीन पग भूमि मांगी और सब कुछ ले लिया, तो रत्नमाला ने क्रोधवश उन्हें मारने की इच्छा जताई। भगवान ने उसके दोनों भावों को स्वीकार किया, जिसके कारण अगले जन्म में उसे पूतना के रूप में जन्म मिला और भगवान श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने का अवसर प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण द्वारा वध होने पर उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई।

पूतना के वध के बाद, गोकुलवासी उसके विशाल राक्षसी रूप को देखकर भय और आश्चर्य से भर गए। उन्होंने पूतना के शरीर को जलाने का निर्णय लिया, और इस दौरान एक अद्भुत घटना घटी—उसके शरीर से एक दिव्य सुगंध फैलने लगी। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श से पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ था और उसका शरीर पवित्र हो गया था। इसलिए, जब उसका अंतिम संस्कार किया गया, तो वह सुगंधित धुआँ में परिवर्तित हो गया, जो देवताओं की कृपा का प्रतीक था। गोकुलवासियों ने इस घटना को भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उनकी दिव्यता का प्रमाण माना और भगवान की जय-जयकार की। उन्होंने श्रीकृष्ण को भगवान के रूप में मानना शुरू कर दिया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति और अधिक बढ़ गई।

पूतना, जो भगवान श्रीकृष्ण के हाथों मारी गई थी, अंत में गोलोक धाम को प्राप्त हुई। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान किसी भी व्यक्ति की भावना को महत्व देते हैं, चाहे वह कैसी भी हो। पूतना ने भगवान श्रीकृष्ण को माँ के रूप में स्तनपान कराने का प्रयास किया था, भले ही उसका उद्देश्य बुरा था, किंतु श्रीकृष्ण ने उसकी इस सेवा को माँ के समान माना। इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने पूतना को मातृत्व का दर्जा दिया और उसे मोक्ष प्रदान किया, जिससे वह अपनी मृत्यु के बाद गोलोक धाम चली गई, जहाँ उसे भगवान श्रीकृष्ण के साथ रहने का सौभाग्य मिला। यह भगवान की करुणा और अनुग्रह का प्रतीक है कि उन्होंने अपने शत्रु को भी मोक्ष प्रदान कर दिया।

आज के भागवत कथा कार्यक्रम में अमरेंद्र कुमार कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी, श्री जगलाल प्रसाद कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती देवी, बहु सह शिक्षिका श्रीमती शर्मिला सिन्हा, श्रीमती मीना देवी, श्रीमती चंदा देवी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा, श्री गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा अपनी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ, एवं श्री यादों लाल सहनी अपनी पत्नी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ उपस्थित रहे। दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव भी अपनी अर्धांगिनी श्रीमती प्रियंका भार्गव और छोटे पुत्र राजकुमार हार्षित कुमार भार्गव के साथ, साथ ही इटवा के श्री गजाधर पासवान सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • शिवहर जिले में हुए एक विशाल ह*त्या कां*ड के मामले में शिवहर पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए, घटना के महज 12 घंटे के भीतर ही इस ह*त्या के आरोपी को चा*कू समेत गिरफ्तार कर लिया है।
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    शिवहर जिले में हुए एक विशाल ह*त्या कां*ड के मामले में शिवहर पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए, घटना के महज 12 घंटे के भीतर ही इस ह*त्या के आरोपी को चा*कू समेत गिरफ्तार कर लिया है।
    user_Vinod Singh Rajput, shivhar News
    Vinod Singh Rajput, shivhar News
    Newspaper publisher तरियानी चौक, शिवहर, बिहार•
    16 hrs ago
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