भीलवाड़ा में सनातन सेवा समिति, हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर और महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सान्निध्य में पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत आयोजित श्री भक्तमाल कथा का भावपूर्ण समापन हो गया है। 30 मई को ज्योतिर्मठ अवान्तर भानपुरा पीठ, मध्यप्रदेश के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद जी तीर्थ महाराज के श्रीमुख से कथा का पांचवें और अंतिम दिवस समापन हुआ। इस अवसर पर स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि "प्राणी की पूजा ही परमात्मा की पूजा है", और संत महापुरुष सदैव धर्म, भक्ति, सेवा तथा सदाचार का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने श्रीभक्तमाल के टीकाकार श्री प्रियादास जी द्वारा वर्णित भगवान शिव की भगवत निष्ठा का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान शिव स्वयं श्रीराम के परम भक्त हैं। माता सती द्वारा श्रीराम की परीक्षा लेने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए स्वामी जी ने समझाया कि ईश्वर की लीला और संतों की महिमा को तर्क से नहीं, बल्कि श्रद्धा और भक्ति से ही समझा जा सकता है। उन्होंने यह भी बल दिया कि जीवन की नींव सेवा, स्वाध्याय, संयम और सद्विचारों पर आधारित होनी चाहिए। वाणी में संयम, बड़ों का सम्मान तथा "राम-राम" से अभिवादन को भारतीय संस्कृति की पहचान बताते हुए उन्होंने कहा कि रामनाम ही मनुष्य की वास्तविक संपत्ति है। साथ ही, उन्होंने संतों और शास्त्रों द्वारा सही मार्ग दिखाने के बावजूद जीवन में विवेक की आवश्यकता पर भी जोर दिया। स्वामी जी ने भारतीय परंपराओं एवं आहार-विहार के वैज्ञानिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए मांगलिक कार्यों में गुड़-धनिया के महत्व और ऋतु तथा मास के अनुसार खान-पान की उपयोगिता भी बताई। उन्होंने श्रद्धालुओं को पुरुषोत्तम मास में धर्म, सेवा, सत्संग और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के समापन पर आरती और प्रसाद वितरण किया गया। आज विष्णु यज्ञ में डॉ. अशोक खटवानी परिवार और बड़ौदा से आए श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं, वहीं महादेव का रुद्राभिषेक भी किया गया। आश्रम के संत मायाराम ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 31 मई को पंडित गौरी शंकर शास्त्री के सान्निध्य में श्री सत्यनारायण कथा और सामूहिक पूर्णिमा उद्यापन होगा। इसके उपरांत, 1 से 7 जून तक जबलपुर के स्वामी अशोकानंद जी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा, और फिर 8 से 14 जून तक काशी के डॉ. स्वामी निर्मल दास जी महाराज के मुखारविंद से श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। संत गोविन्दराम ने बताया कि अधिक मास के अंतिम दिवस, 15 जून को संत समागम, विष्णु यज्ञ पूर्णाहुति, समस्त पाठ-परायण पूर्णाहुति, गंगा आरती और रामधुन विश्राम का भव्य आयोजन होगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से भीलवाड़ा में प्रवाहित हो रही धर्मगंगा की इस त्रिवेणी का पुरुषोत्तम मास में अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।
भीलवाड़ा में सनातन सेवा समिति, हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर और महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सान्निध्य में पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत आयोजित श्री भक्तमाल कथा का भावपूर्ण समापन हो गया है। 30 मई को ज्योतिर्मठ अवान्तर भानपुरा पीठ, मध्यप्रदेश के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद जी तीर्थ महाराज के श्रीमुख से कथा का पांचवें और अंतिम दिवस समापन हुआ। इस अवसर पर स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि "प्राणी की पूजा ही परमात्मा की पूजा है", और संत महापुरुष सदैव धर्म, भक्ति, सेवा तथा सदाचार का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने श्रीभक्तमाल के टीकाकार श्री प्रियादास जी द्वारा वर्णित भगवान शिव की भगवत निष्ठा का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान शिव स्वयं श्रीराम के परम भक्त हैं। माता सती द्वारा श्रीराम की परीक्षा लेने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए स्वामी जी ने समझाया कि ईश्वर की लीला और संतों की महिमा को तर्क से नहीं, बल्कि श्रद्धा और भक्ति से ही समझा जा सकता है। उन्होंने यह भी बल दिया कि जीवन की नींव सेवा, स्वाध्याय, संयम और सद्विचारों पर आधारित होनी चाहिए। वाणी में संयम, बड़ों का सम्मान तथा "राम-राम" से अभिवादन को भारतीय संस्कृति की पहचान बताते हुए उन्होंने कहा कि रामनाम ही मनुष्य की वास्तविक संपत्ति है। साथ ही, उन्होंने संतों और शास्त्रों द्वारा सही मार्ग दिखाने के बावजूद जीवन में विवेक की आवश्यकता पर भी जोर दिया। स्वामी जी ने भारतीय परंपराओं एवं आहार-विहार के वैज्ञानिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए मांगलिक कार्यों में गुड़-धनिया के महत्व और ऋतु तथा मास के अनुसार खान-पान की उपयोगिता भी बताई। उन्होंने श्रद्धालुओं को पुरुषोत्तम मास में धर्म, सेवा, सत्संग और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के समापन पर आरती और प्रसाद वितरण किया गया। आज विष्णु यज्ञ में डॉ. अशोक खटवानी परिवार और बड़ौदा से आए श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं, वहीं महादेव का रुद्राभिषेक भी किया गया। आश्रम के संत मायाराम ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 31 मई को पंडित गौरी शंकर शास्त्री के सान्निध्य में श्री सत्यनारायण कथा और सामूहिक पूर्णिमा उद्यापन होगा। इसके उपरांत, 1 से 7 जून तक जबलपुर के स्वामी अशोकानंद जी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा, और फिर 8 से 14 जून तक काशी के डॉ. स्वामी निर्मल दास जी महाराज के मुखारविंद से श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। संत गोविन्दराम ने बताया कि अधिक मास के अंतिम दिवस, 15 जून को संत समागम, विष्णु यज्ञ पूर्णाहुति, समस्त पाठ-परायण पूर्णाहुति, गंगा आरती और रामधुन विश्राम का भव्य आयोजन होगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से भीलवाड़ा में प्रवाहित हो रही धर्मगंगा की इस त्रिवेणी का पुरुषोत्तम मास में अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।
- भीलवाड़ा शहर में दिनभर की तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बाद शाम को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी के साथ हुई जोरदार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से तुरंत राहत मिली और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। शाम के समय आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। कई इलाकों में हुई तेज बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, वहीं तेज हवा के कारण लोगों को कुछ परेशानी का सामना भी करना पड़ा। लगातार पड़ रही गर्मी से परेशान शहरवासियों ने बारिश के बाद राहत महसूस की और मौसम ठंडा होने से उनके चेहरों पर खुशी दिखाई दी। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे में तेज बारिश की चेतावनी भी जारी की है।2
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने 30 मई को अपने कार्यालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) और चंबल परियोजना के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भीलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भीषण गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करना था। विधायक कोठारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि इस प्रचंड गर्मी में आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने जल वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने और किसी भी क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न होने पर तत्काल उसका समाधान करने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'वंदे गंगा जल जन अभियान' के तहत प्राचीन जलाशयों, बावड़ियों और कुओं के जल को जनता के लिए उपयोगी बनाने हेतु एक कार्ययोजना तैयार कर नागरिकों को राहत प्रदान करने को भी कहा। बैठक में अधीक्षण अभियंता चंबल विनोद गर्ग, अधिशाषी अभियंता चंबल महेश नरानिया, अधीक्षण अभियंता किशन खोईवाल, सहायक अभियंता दिलराज मीणा, कनिष्ठ अभियंता श्रीराम मीणा, सहायक अभियंता प्रेम जीनगर, कनिष्ठ अभियंता हरीश मीणा, सौभाग्य राज सिंह, सुरेश सालवी, संदीप मीणा, विजय सिंह खटाना और नरेश गुर्जर सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। उनके साथ एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेंद्र सिंह राठौड़, बाबूलाल टाक, सुंदरलाल बंबोरा, संजय राठी, चेतन मानसिहका, कमल कोठारी, केदार जागेटिया, प्रिंस जैन, अजय पाराशर और पृथ्वीराज सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।2
- भीलवाड़ा में नौतपा के अवसर पर भेरुनाथ मंदिर में पंच धुना अग्नि तप का आरंभ हो गया है। इस धार्मिक अनुष्ठान के शुरू होते ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।1
- 30 मई 2026 को कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान की आशंका जताई गई है, जिसके चलते व्यापक स्तर पर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इस मौसमी आपदा के कारण कई जगहों पर बिजली गुल होने की संभावना है, साथ ही पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुँच सकता है। तूफान की वर्तमान स्थिति और उसकी तीव्रता को देखते हुए, यह संभावना नहीं दिख रही कि यह शांतिपूर्वक थम जाएगा। इसी बीच, राजस्थान के भीलवाड़ा में भी बारिश के साथ तेज तूफान आया है, जिसने राज्य के कुछ जिलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।1
- साड़ास क्षेत्र में आई तेज़ आंधी और तूफान ने स्थानीय लोगों में भय और दहशत का माहौल बना दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई मकानों के चदर (छत) उड़ने की खबरें मिली हैं, जिससे लोगों को काफी नुकसान हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी निवासियों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में रहें और सुरक्षित स्थान पर रहकर सावधानी बरतें।1