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एक पड़ोसी ने अपने घर के सामने गंदगी फैला रखी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, कई बार अनुरोध करने के बावजूद भी पड़ोसी इस गंदगी को साफ करने से इनकार करता है, जिससे यह समस्या बनी हुई है।
Jeetu soni
एक पड़ोसी ने अपने घर के सामने गंदगी फैला रखी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, कई बार अनुरोध करने के बावजूद भी पड़ोसी इस गंदगी को साफ करने से इनकार करता है, जिससे यह समस्या बनी हुई है।
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- बदरपुर मोहन को-ऑपरेटिव के ए ब्लॉक में एक कंपनी में आग लगने की घटना सामने आई है। सूचना मिलते ही बदरपुर थाना पुलिस और फायर बिग्रेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। बचाव दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की और सफलतापूर्वक उस पर नियंत्रण पा लिया।1
- गोकलपुरी पुलिस स्टेशन में स्नैचिंग की एक घटना दर्ज की गई थी। गाजियाबाद के लोनी की रहने वाली 46 वर्षीय शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि यह घटना 2 जून, 2026 को तब हुई जब वह अंबेडकर कॉलेज कट के पास भजनपुरा की ओर वजीराबाद रोड पर पैदल चल रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद, गोकलपुरी पुलिस स्टेशन की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो कुख्यात स्नैचरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से छीना गया मोबाइल फोन और चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।2
- गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के थाना फेस 1 पुलिस ने मोबाइल फोन चोरी करने वाले एक अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। यह कार्रवाई 05.06.2026 को गंदे नाले की पटरी सेक्टर 14 से की गई। उनके कब्जे से कुल 67 चोरी के मोबाइल फोन, 6 मोबाइल फोन के फोल्डर, एक लैपटॉप, मोबाइल फोन खोलने के उपकरण और दो अवैध चाकू बरामद किए गए हैं। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है। यह गिरोह दिल्ली, नोएडा, एनसीआर और आसपास के भीड़भाड़ वाले इलाकों व रेड लाइट पर सक्रिय था। वे अपराध को अंजाम देने के लिए एक विशेष तरीके का इस्तेमाल करते थे: बाल अपचारी अचानक चलती गाड़ी के सामने आकर चोट लगने का नाटक कर चिल्लाता था, और जब वाहन मालिक गाड़ी से बाहर निकलकर देखने आता था, तभी अभियुक्त गोलू गाड़ी की दूसरी तरफ से खिड़की खोलकर मोबाइल फोन चोरी करके भाग जाता था। अभियुक्त राहगीरों की जेब से मोबाइल फोन चोरी करने, स्नैचिंग करने और पीजी व बंद पड़े मकानों से भी चोरी करने में माहिर हैं। चोरी किए गए कुछ मोबाइल फोन को वे आम व्यक्तियों को अपनी मजबूरी बताकर सस्ते दामों पर बेच देते थे, जबकि जो फोन नहीं बिकते थे, अभियुक्त पवन अपने लैपटॉप का उपयोग करके उनके लॉक तोड़कर और पुर्जे खोलकर बेच देता था। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान 40 वर्षीय पवन पुत्र वैधनाथ, निवासी गली नंबर 2 नया बांस गांव, सेक्टर नोएडा, थाना फेस 1, नोएडा, गौतमबुद्धनगर; और 20 वर्षीय गोलू पुत्र विकास, निवासी गली नंबर 2 नया बांस गांव, थाना फेस 1, नोएडा, गौतमबुद्धनगर के रूप में हुई है। इनके साथ एक बाल अपचारी को भी पकड़ा गया है। उनके खिलाफ थाना फेस 1 नोएडा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2)/317(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत दो मुकदमे (मु0अ0स0 262/2026 और मु0अ0स0 257/2026) दर्ज किए गए हैं। बरामदगी में एक एचपी कंपनी का लैपटॉप, 67 चोरी के मोबाइल फोन, 6 फोन के टूटे हुए फोल्डर, 5 चीमटी सफेद धातु की, 14 भिन्न-भिन्न प्रकार के पेचकस, एक मिनी ग्राइंडर, एक छोटी रेती, एक नुकीला प्लास, एक वायर कटर, लगभग दो मीटर लंबी एक काले-लाल रंग की केबल और दो अवैध चाकू शामिल हैं।4
- भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने 'बीमा सखी' नामक एक विशेष योजना शुरू की है, जो 10वीं पास महिलाओं के लिए कमाई का एक शानदार अवसर प्रदान करती है। यह योजना उन महिलाओं के लिए फायदेमंद है जो घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होना चाहती हैं। इसमें महिलाओं को न केवल बीमा क्षेत्र में काम करने का मौका मिलता है, बल्कि उन्हें शुरुआती प्रशिक्षण के साथ मासिक स्टाइपेंड भी दिया जाता है। इस योजना से जुड़ने के लिए ग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट होना अनिवार्य नहीं है, जिससे यह विशेष रूप से 10वीं पास महिलाओं के लिए सुलभ हो जाती है। 'बीमा सखी' बनने के लिए आवेदक की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए, और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है। यह योजना खासतौर पर उन महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो अपने स्थानीय क्षेत्र में रहकर ही काम करना चाहती हैं। चयनित महिलाओं को बीमा से संबंधित जानकारी लोगों तक पहुंचाने, विभिन्न बीमा योजनाओं के बारे में बताने और नई पॉलिसियां करवाने में मदद करने का कार्य सौंपा जाता है। इस कार्य के लिए उन्हें पहले पूरी ट्रेनिंग दी जाती है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें शुरुआती तीन साल तक हर महीने स्टाइपेंड प्रदान किया जाता है, जिसकी राशि 7000 रुपये तक हो सकती है।1
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार इस परियोजना को ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और रक्षा परियोजना के रूप में पेश कर रही है, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य एक बड़े कारोबारी को लाभ पहुँचाना है। राहुल गांधी ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया जाने के बावजूद देश की विरासत को बर्बाद करने वाला करार दिया। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो में, जो उनके अप्रैल में किए गए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर आधारित है, राहुल गांधी ने कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना से पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। इसमें पेड़ों की कटाई और कोरल रीफ को क्षति पहुँचेगी, साथ ही इलाके में रहने वाले जनजातीय समुदायों को विस्थापित होना पड़ेगा। उनका आरोप है कि सरकार रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क देकर अपने असली मकसद को छिपाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस भारतीय नौसेना के आईएनएस बाज़ बेस के विस्तार का पूरी तरह समर्थन करती है, क्योंकि यह सुरक्षा के लिए आवश्यक है और नौसेना कई सालों से इसकी मांग कर रही है। हालांकि, उनका कहना है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि ऐसी परियोजना में ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाने की जरूरत पर जोर दे रही है जब देश में पहले से ही इंटरनेशनल सी-पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के तहत 1.5 करोड़ पेड़ काटे जाएंगे और कई महत्वपूर्ण कोरल रीफ्स को आधिकारिक दस्तावेजों से हटा दिया गया है। निकोबार के उन समुदायों को भी वहाँ से हटाया जाएगा जिन्हें कभी भारत सरकार ने बसाया था, ताकि वहाँ होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बनाए जा सकें। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि ग्रेट निकोबार भारत के सबसे संवेदनशील और समृद्ध क्षेत्रों में से एक है, लेकिन इस परियोजना से समुद्री जैव विविधता और आदिवासी संस्कृति को भारी नुकसान पहुँचेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ग्रेट निकोबार को नष्ट करने के बजाय इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जाए।1
- पलवल में अचानक आए तेज तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। इस बदले मौसम के कारण दर्जनों स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं पूरे शहर में व्यापक जलभराव की स्थिति देखने को मिली। राष्ट्रीय राजमार्ग भी जलभराव से अछूता नहीं रहा, जहाँ वाहनों की गति पूरी तरह थम गई। शहर की एक बड़ी समस्या पलवल के एलिवेटेड पुल से सामने आई, जहाँ से झरने की तरह पानी की बौछारें नीचे सड़क पर गिर रही थीं, जिससे वाहन चालक परेशान हो गए। इसकी वजह साइड में लगे बरसाती पानी को नीचे लाने वाले पाइपों का क्षतिग्रस्त होना बताया गया है। इस स्थिति को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। एलिवेटेड पुल के नीचे से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक सड़क पर भारी जलभराव और ऊपर से गिरते पानी से बेहद परेशान दिखे और प्रशासन को कोसते नजर आए। पलवल की न्यू कॉलोनी, जिसे पॉश क्षेत्र कहा जाता है, वहाँ भी भीषण जलभराव हुआ, गलियाँ पूरी तरह जलमग्न हो गईं, जगह-जगह पेड़ टूटे नजर आए और सीवर भी बारिश के पानी में उफनते दिखे, जिससे पानी का निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि, कुछ लोगों ने इस बदले मौसम से गर्मी से राहत मिलने और खुशनुमा मौसम का अनुभव होने पर खुशी जताई, इसे पहाड़ों जैसा ठंडा बताया। वहीं, एक बुजुर्ग ने जलभराव को मुसीबत बताते हुए सरकार और प्रशासन से ध्यान देने की अपील की। जलभराव की स्थिति पर डॉ. महावीर मलिक ने बताया कि इसके लिए सिर्फ प्रशासन और सरकार ही नहीं, बल्कि आम आदमी भी जिम्मेदार है, क्योंकि पॉलीथीन का अंधाधुंध प्रयोग नालियों में रुकावट पैदा कर जलभराव का एक बड़ा कारण बनता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह बारिश किसानों, खासकर दलहनी फसलें बोने वालों के लिए लाभदायक रहेगी। इस बीच, नगर परिषद के अधिकारियों पर भी आरोप लगे हैं कि वे 'रोम जल रहा था, नीरो चैन की बंसी बजा रहा था' की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने शिकायत की कि वह सोमवार सुबह 10:30 बजे नाला टूटने की शिकायत लेकर नगर परिषद के ईओ से मिलने गए, तो वे दफ्तर में सोए हुए मिले और उन्हें बाद में आने को कहा गया। हालांकि, इस आरोप की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन अगर यह सच है, तो इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।1
- दक्षिण दिल्ली के शाहपुर जाट इलाके में एक व्यक्ति शराब के नशे में धुत होकर स्थानीय लोगों को लगातार परेशान कर रहा है। यह व्यक्ति मूल रूप से साबुन डिकर में रहता है और हमेशा दारू के नशे में रहता है, जिसकी वजह से वह रेहड़ी-पटरी वालों, दुकानदारों, ऑटो चालकों और अधीक्षक चालक वालों को लगातार परेशान करता रहता है। नशे की हालत में यह व्यक्ति अक्सर उनसे मारपीट करने और जबरन पैसे ऐंठने की कोशिश करता है। स्थानीय लोगों ने इस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग की है, ताकि उसे सबक सिखाया जा सके और उसकी इन हरकतों पर लगाम लगाई जा सके।2
- पुलिस थाने की बीट को ठेके पर दिए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है, जिसके तहत एसएचओ द्वारा प्रतिदिन लाखों रुपये की उगाही की जा रही है। इस अवैध गतिविधि का पर्दाफाश उस समय हुआ जब एक नशा तस्कर को खुफिया कैमरे में कैद किया गया, जिससे एसएचओ की कथित वसूली का खुलासा हुआ है।1
- क्राइम ब्रांच की WR-II यूनिट ने NDPS एक्ट के मामलों में वांछित एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 11 महीनों से लगातार फरार चल रहा था। आरोपी के खिलाफ क्राइम ब्रांच थाना और भलस्वा डेयरी थाना में कई मामले दर्ज थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए यह अपराधी अपने ठिकाने लगातार बदल रहा था, लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम ने आखिरकार उसे उत्तर प्रदेश के वृंदावन से दबोच लिया।1