मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने झांसी-बेलाताल खंड का सघन निरीक्षण किया, जिसमें उन्होंने दोहरीकरण के कार्यों, खंड के विभिन्न स्टेशनों पर चल रहे विकास कार्यों और निर्माणाधीन गुड्स शेड का जायजा लिया। अपने निरीक्षण के दौरान, मंडल रेल प्रबंधक ने सर्वप्रथम बेलाताल स्टेशन पर यात्री सुविधाओं, संरक्षा एवं परिचालन व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। इसमें फुट ओवर ब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया, स्टेशन मास्टर पैनल रूम वर्किंग और कैटरिंग स्टॉल शामिल थे। उन्होंने स्टेशन परिसर में बिखरे स्क्रैप लोहे और वायरिंग जैसी अनुपयोगी वस्तुओं के निस्तारण और खाली पड़े स्थान को ग्रीन पार्क में बदलने के निर्देश दिए। इसके पश्चात, अनिरुद्ध कुमार ने घुटई रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित हरपालपुर रेलवे स्टेशन पर, उन्होंने स्टेशन भवन और माल गोदाम निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र में यात्री सुविधाओं और माल परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके। मंडल रेल प्रबंधक ने रोरा स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और संरक्षा व्यवस्थाओं का भी व्यापक जायजा लिया। मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर उन्होंने प्लेटफॉर्म क्रमांक-3 के निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्माण प्रगति, गुणवत्ता एवं यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने प्रेस तथा स्थानीय प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। श्री कुमार ने निवाड़ी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर यात्री सुविधाओं, संरक्षा, स्वच्छता और परिचालन व्यवस्थाओं का जायजा लिया, साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निवाड़ी में भी उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों से बात की और उनकी मांगों पर कार्य करने के लिए निर्देश जारी किए। अंत में, बरुआसागर रेलवे स्टेशन पर माल स्टैकिंग हेतु निर्माणाधीन व्हार्फ का निरीक्षण करते हुए, उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और माल लदान-सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस सघन निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक के साथ वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी गिरीश कंचन, वरिष्ठ मंडल अभियंता (पूरब) आयुष श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक फ्रेट नीरज भटनागर, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जे के शर्मा, वारिष्ठ मंडल सिग्नल एवं टेलीकॉम इंजीनियर (ब्रांच लाइन) रश्मि गौतम और मंडल परिचालन प्रबंधक उर्वशी शेखावत सहित अन्य अधिकारी एवं स्टाफ भी उपस्थित रहे।
मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने झांसी-बेलाताल खंड का सघन निरीक्षण किया, जिसमें उन्होंने दोहरीकरण के कार्यों, खंड के विभिन्न स्टेशनों पर चल रहे विकास कार्यों और निर्माणाधीन गुड्स शेड का जायजा लिया। अपने निरीक्षण के दौरान, मंडल रेल प्रबंधक ने सर्वप्रथम बेलाताल स्टेशन पर यात्री सुविधाओं, संरक्षा एवं परिचालन व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। इसमें फुट ओवर ब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया, स्टेशन मास्टर पैनल रूम वर्किंग और कैटरिंग स्टॉल शामिल थे। उन्होंने स्टेशन परिसर में बिखरे स्क्रैप लोहे और वायरिंग जैसी अनुपयोगी वस्तुओं के निस्तारण और खाली पड़े स्थान को ग्रीन पार्क में बदलने के निर्देश दिए। इसके पश्चात, अनिरुद्ध कुमार ने घुटई रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित हरपालपुर रेलवे स्टेशन पर, उन्होंने
स्टेशन भवन और माल गोदाम निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र में यात्री सुविधाओं और माल परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके। मंडल रेल प्रबंधक ने रोरा स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और संरक्षा व्यवस्थाओं का भी व्यापक जायजा लिया। मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर उन्होंने प्लेटफॉर्म क्रमांक-3 के निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्माण प्रगति, गुणवत्ता एवं यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने प्रेस तथा स्थानीय प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। श्री कुमार ने निवाड़ी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर यात्री सुविधाओं, संरक्षा, स्वच्छता और परिचालन व्यवस्थाओं का जायजा लिया, साथ
ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निवाड़ी में भी उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों से बात की और उनकी मांगों पर कार्य करने के लिए निर्देश जारी किए। अंत में, बरुआसागर रेलवे स्टेशन पर माल स्टैकिंग हेतु निर्माणाधीन व्हार्फ का निरीक्षण करते हुए, उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और माल लदान-सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस सघन निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक के साथ वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी गिरीश कंचन, वरिष्ठ मंडल अभियंता (पूरब) आयुष श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक फ्रेट नीरज भटनागर, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जे के शर्मा, वारिष्ठ मंडल सिग्नल एवं टेलीकॉम इंजीनियर (ब्रांच लाइन) रश्मि गौतम और मंडल परिचालन प्रबंधक उर्वशी शेखावत सहित अन्य अधिकारी एवं स्टाफ भी उपस्थित रहे।
- गुरु श्री नियमित उस्ताद बेधड़क जी का 40वां कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। प्रदेश के 72 जिलों में फैले 1011 परीक्षा केंद्रों पर 20,500 से अधिक AI आधारित CCTV कैमरों के ज़रिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इन सभी केंद्रों से परीक्षा की लाइव मॉनिटरिंग झांसी स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर से की जाएगी। परीक्षा के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी 37 हजार से ज़्यादा अधिकारी और कर्मचारी संभालेंगे। इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था के तहत कुल 4.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिनकी हर गतिविधि पर इन AI कैमरों की पैनी नज़र रहेगी।1
- झांसी के बबीना थाना क्षेत्र में एक युवक को कार ओवरटेक करने पर एक दारोगा और एक कांस्टेबल द्वारा सरेआम पीटे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना तब हुई जब एक युवक अपनी कार चला रहा था और उसने बगल से गुजर रहे एक कांस्टेबल की कार को ओवरटेक कर दिया। कांस्टेबल को यह बात नागवार गुजरी और उसने युवक की कार रोककर उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया और तू-तू मैं-मैं के कारण जाम लग गया। तभी बबीना थाने में तैनात दारोगा भगत सिंह भी मौके पर पहुँचे, लेकिन बीच-बचाव करने के बजाय उन्होंने भी युवक की पिटाई कर दी। इस पूरे घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया। झांसी के एसएसपी बीबीजी टी एस मूर्ति ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए सड़क पर "गुंडागर्दी" करने वाले दारोगा भगत सिंह और संबंधित कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। इस मामले की जाँच सी ओ सदर रामवीर सिंह को सौंपी गई है।1
- झांसी पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो गाय को राष्ट्र माता घोषित करेगा, वही शासन करेगा।1
- झाँसी के 2018 के चर्चित संजय वर्मा शूटआउट मामले में न्यायालय विशेष न्यायाधीश ई.सी. एक्ट की अदालत ने सभी दोषियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। इस प्रकरण में कुल आठ आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ-साथ प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जिन दोषियों को सज़ा सुनाई गई है, उनमें उधम सिंह, भूपेंद्र, प्रहलाद, राजेंद्र, कमलेश, बॉबी, सोनू और रिंकू शामिल हैं। यह घटना नवाबाद थाना क्षेत्र के कचहरी चौराहे पर हुई फायरिंग से संबंधित है, जिसने 2018 में काफी सुर्खियाँ बटोरी थीं। सज़ा पर अदालत का फैसला आने के बाद, पुलिस सभी दोषियों को जेल ले गई। इस जानकारी को डीजीसी क्रिमिनल मृदुल कांत श्रीवास्तव ने साझा किया।2
- शनिवार सुबह झाँसी के मिनर्वा चौराहे के पास स्थित देशी शराब की दुकान के भीतर बनी कैंटीन में रखे गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में किसी तरह सिलेंडर को दुकान से बाहर निकाला गया। सूचना मिलने के बाद मिनर्वा चौकी प्रभारी भरतसिंह भी मौके पर पहुंचे। वहाँ मौजूद लोगों की मदद से पानी डालकर आग को बुझाया जा सका।1