गंगा तट ढाईघाट माघ मेले का डीएम ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश शाहजहांपुर। बुधवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं जिलाधिकारी फर्रुखाबाद आशुतोष कुमार द्विवेदी ने संयुक्त रूप से गंगा नदी के तट ढाईघाट पर चल रहे माघ मेले का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने घाट पर तैनात गोताखोरों से गंगा नदी की गहराई की जानकारी ली। उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महावीर प्रसाद यादव को निर्देशित किया कि गंगा के अंदर लगाई गई बैरी कटिंग को और अधिक मजबूत कराया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्य स्नानों से पूर्व सभी आवश्यक कार्य हर हाल में पूर्ण करा लिए जाएं। इसके उपरांत मेला स्थल ढाईघाट पर एक संयुक्त आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता दोनों जिलाधिकारियों ने की। बैठक में चिकित्सा, पशु चिकित्सा, साफ-सफाई, पेयजल, मोबाइल टॉयलेट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी टीमें पूरी सक्रियता के साथ कार्य करें, ताकि मेला शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने घाट पर पर्याप्त संख्या में गोताखोरों एवं नावों की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही घाट पर लगातार एनाउंसमेंट कराने को कहा, जिससे श्रद्धालु अधिक गहराई में जाकर स्नान न करें और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रशासन द्वारा माघ मेले के अंतर्गत 15 जनवरी 2026 मकर संक्रांति, 18 जनवरी 2026 मौनी अमावस्या, 23 जनवरी 2026 वसंत पंचमी, 1 फरवरी 2026 माघी पूर्णिमा एवं 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि को विशेष स्नान-पूजन कराए जाने की तैयारी की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन तिथियों पर सभी विभाग आपसी समन्वय एवं विशेष सतर्कता के साथ कार्य करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद आरती सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शाहजहांपुर दीक्षा भंवरे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रताप, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
गंगा तट ढाईघाट माघ मेले का डीएम ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश शाहजहांपुर। बुधवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं जिलाधिकारी फर्रुखाबाद आशुतोष कुमार द्विवेदी ने संयुक्त रूप से गंगा नदी के तट ढाईघाट पर चल रहे माघ मेले का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने घाट पर तैनात गोताखोरों से गंगा नदी की गहराई की जानकारी ली। उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महावीर प्रसाद यादव को निर्देशित किया कि गंगा के अंदर लगाई गई बैरी कटिंग को और अधिक मजबूत कराया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्य स्नानों से पूर्व सभी आवश्यक कार्य हर हाल में पूर्ण करा लिए जाएं। इसके उपरांत मेला स्थल ढाईघाट पर एक संयुक्त आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता दोनों जिलाधिकारियों ने की। बैठक में चिकित्सा, पशु चिकित्सा, साफ-सफाई, पेयजल, मोबाइल टॉयलेट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी टीमें पूरी सक्रियता के साथ कार्य करें, ताकि मेला शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने घाट पर पर्याप्त संख्या में गोताखोरों एवं नावों की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही घाट पर लगातार एनाउंसमेंट कराने को कहा, जिससे श्रद्धालु अधिक गहराई में जाकर स्नान न करें और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रशासन द्वारा माघ मेले के अंतर्गत 15 जनवरी 2026 मकर संक्रांति, 18 जनवरी 2026 मौनी अमावस्या, 23 जनवरी 2026 वसंत पंचमी, 1 फरवरी 2026 माघी पूर्णिमा एवं 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि को विशेष स्नान-पूजन कराए जाने की तैयारी की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन तिथियों पर सभी विभाग आपसी समन्वय एवं विशेष सतर्कता के साथ कार्य करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद आरती सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शाहजहांपुर दीक्षा भंवरे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रताप, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- सहयोग संस्था का सेवा संकल्प, ठंड में जरूरतमंदों को मिली राहत बरेली मोड़ पर चाय-बिस्कुट व कंबल वितरण का कैंप लगातार जारी शाहजहांपुर। कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद की समाजसेवी संस्था सहयोग की ओर से लगातार सेवा कार्य किए जा रहे हैं। संस्था द्वारा बरेली मोड़ स्थित खाटू श्याम मंदिर के बाहर कैंप लगाकर राहगीरों व जरूरतमंदों को गरमा-गरम चाय, बिस्कुट के साथ-साथ कंबल वितरित किए गए। कैंप प्रभारी शिवम वर्मा व सरदार हरजीत सिंह ने बताया कि सर्द मौसम में जितने अधिक सेवा कैंप लगाए जाएंगे, उतना ही समाज के लिए बेहतर होगा। ठंड से राहत पाकर राहगीरों ने चाय का आनंद लिया और संस्था के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। संस्था के संस्थापक अनिल गुप्ता प्रधान व शाहनवाज खां एडवोकेट ने कहा कि समाज हित से जुड़े सभी कार्य संस्था द्वारा निरंतर किए जाएंगे। साथ ही महानगर की समस्याओं को उच्च पटल तक पहुंचाकर उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में संस्था की डायरेक्टर शालू यादव, महासचिव विकास सक्सेना, कोषाध्यक्ष महेंद्र दुबे सहित अमर दीप खालसा, अंकुश गुप्ता, स्तुति गुप्ता, सुमन गुप्ता, रूचि गुप्ता, रासु, मानस, वंदना गुप्ता, रिया, आशीष गुप्ता, सुरजीत सिंह, अक्षय, तनिष्क, मणिक, प्रभ् गुण कौर, अनुराग अग्रवाल, शबाब, संजीव, नन्हे लल्ला आदि मौजूद रहे।1
- सड़क पर लहराकर चला रहे थे बाइक, डीएम ने बाइक सवार युवकों को रोका , बाईक सीज शाहजहांपुर 14 जनवरी। ढाईघाट मेला से लौट रहे जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कांट रोड पर कृभको फर्टिलाइजर के पास बगैर हेलमेट लगाए अनियंत्रित तरीके से बाइक सवार तीन युवको को रोक लिया।चालक हाइवे पर बाइक लहराकर कर चला रहा था और कई बार हॉर्न बजाने के बाद भी चालक अनदेखा करता रहा। डीएम के निर्देश लर कांट पुलिस ने बाइक को सीज कर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क पर इस तरह की लापरवाही न केवल वाहन चालक बल्कि अन्य राहगीरों की जान के लिए भी खतरा बन सकती है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विशेष रूप से दोपहिया वाहनों पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारी बैठाकर चलना सड़क सुरक्षा नियमों का उलंघन है। जिलाधिकारी ने अपील की कि वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें और वाहन को नियंत्रित गति में चलाएं।1
- ढाईघाट मेले में पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायज़ा शाहजहाँपुर। 14 जनवरी 2026 को जनपद शाहजहाँपुर में आयोजित ढाईघाट मेले में पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर ने पहुंचकर मेले की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेले में तैनात पुलिस बल की तैयारियों का जायज़ा लिया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के समय जिलाधिकारी शाहजहाँपुर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, डाइवर्जन प्लान, पुलिस पिकेट, पीआरवी तैनाती, महिला पुलिस ड्यूटी तथा घाट क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की। मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं से संवाद कर पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा संबंधी फीडबैक लिया और श्रद्धालुओं को चाय व बिस्कुट वितरित कर जलपान कराया। इससे श्रद्धालुओं में प्रसन्नता देखी गई। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सहज और सुचारू वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा पुलिस बल पूरी तरह सतर्क और अलर्ट मोड में तैनात रहे। साथ ही जनपद पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या या सूचना मिलने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 या नजदीकी पुलिस चौकी/अधिकारी से संपर्क1
- मकर संक्रांति के पावन पर जनपद शाहजहांपुर के मदनापुर के रामलीला मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन मुख्य वक्ता का उद्बोधन1
- dad khaj khujali ka gharelu upay hamari video ko like share aur follow avashya Karen1
- शाहजहांपुर जनपदीय SOG, सर्विलांस सेल टीम व थाना रोजा की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा जीएसटी की बोगस फर्म बनाकर 10 करोड़ 77 लाख रुपयें की कर चोरी करनें वालें गिरोह में से वांछित चल रहें 02 नफर अभियुक्त को भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज़ सहित गिरफ्तारी के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी सदर महोदय की बाइट।*1
- Post by Anoop Kumar/ media1
- रामगंगा की धारा में जीवन का उत्सव: डीएम ने 555 कछुए छोड़ दिलाया संरक्षण का संकल्प शाहजहांपुर। रामगंगा नदी के संरक्षण को लेकर एक भावनात्मक और प्रेरक पहल के तहत जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को 555 कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में मुक्त किया। यह कार्यक्रम विकास खंड जलालाबाद के गोरा घाट पर आयोजित हुआ, जहां नदी की धारा में उतरते कछुओं के साथ ही संरक्षण का संदेश भी प्रवाहित हुआ। जिला गंगा समिति , डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विगत कई वर्षों से संचालित समुदाय आधारित कछुआ संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत यह विमोचन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रामगंगा नदी की जलीय जैव विविधता को सुदृढ़ करना है। कछुए नदी के पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से जल की स्वच्छता बनाए रखने में सहायक होते हैं। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रभागीय वनाधिकारी सचिन कुमार ने संरक्षित कछुओं को रामगंगा में छोड़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने नदियों को “मां स्वरूप” बताते हुए कहा कि कछुए नदियों के स्वास्थ्य के प्रतीक हैं और इनके संरक्षण से भू-जल स्तर व जलीय जीवन दोनों सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने जल को अमूल्य धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर जोर दिया। प्रभागीय वनाधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि रामगंगा में पाई जाने वाली प्रमुख प्रजातियों—बगाटुर ढोंगोका और पंगशुरा टेंटोरिया—के 555 शावकों को इस वर्ष छोड़ा गया है, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। यह शावक किसानों के सहयोग से खेतों में नष्ट होने से बचाए गए अंडों से हैचरी में संरक्षित किए गए थे। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के समन्वयक डॉ. मोहम्मद आलम ने रामगंगा के उद्गम से लेकर गंगा में संगम तक विभिन्न जिलों में किए जा रहे संरक्षण कार्यों की जानकारी दी। वहीं समन्वयक डॉ. हरिमोहन मीना ने अंडों के संरक्षण, हैचिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और वैज्ञानिक बायोमैट्रिक प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में उप प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने आभार व्यक्त किया। विमोचन के दौरान ग्रामीणों ने आध्यात्मिक जुड़ाव के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संचालन जिला परियोजना अधिकारी, जिला गंगा समिति डॉ. विनय कुमार सक्सेना ने किया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1