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साउथ जिले के डीसीपी अनन्त मित्तल, एसीपी सोमनाथ पारुथी और एसएचओ के नेतृत्व में फुट पेट्रोलिंग की गई। मैदानगढ़ी थाने की पुलिस ने 8 किलोमीटर लंबी पैदल गश्त कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
Faiz news
साउथ जिले के डीसीपी अनन्त मित्तल, एसीपी सोमनाथ पारुथी और एसएचओ के नेतृत्व में फुट पेट्रोलिंग की गई। मैदानगढ़ी थाने की पुलिस ने 8 किलोमीटर लंबी पैदल गश्त कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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- थाना मुरादनगर की पुलिस टीम ने एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान लूट की घटना को अंजाम देने वाले एक अभियुक्त को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन, एक ऑटो रिक्शा और 700 रुपये नकद बरामद किए हैं।1
- उत्तर पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार थाना पुलिस ने पेट्रोलिंग के दौरान दो ऑटो लिफ्टरों को गिरफ्तार कर कुल चार चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस टीम ने एक मोटरसाइकिल पर बिना हेलमेट के आ रहे दो व्यक्तियों को शक के आधार पर रोका। पुलिस द्वारा मोटरसाइकिल के कागजात मांगे जाने पर आरोपी उन्हें नहीं दिखा सके। जाँच में पता चला कि वह मोटरसाइकिल ज्योति नगर थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी। इसके बाद, दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की गई, जिसके दौरान उनकी निशानदेही पर तीन और चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जिससे बरामद कुल मोटरसाइकिलों की संख्या चार हो गई।1
- नई दिल्ली से खबर है कि नीट (NEET) विवाद के बाद, देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा 'यूपीएससी प्रीलिम्स 2026' भी अब विवादों के घेरे में आ गई है। कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने परीक्षा में गड़बड़ी और संभावित पेपर लीक का गंभीर आरोप लगाया है। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने एक संगीन दावा करते हुए कहा है कि यूपीएससी प्रीलिम्स के पेपर में पूछे गए 100 सवालों में से 82 सवाल 'अनंतम आईएएस' नामक कोचिंग इंस्टीट्यूट के स्टडी मटेरियल से हूबहू मेल खा रहे हैं। इस गंभीर आरोप के बाद, छात्र संगठन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से इस मामले में तुरंत स्थिति स्पष्ट करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।1
- सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों को इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। इस फैसले के तहत, पुलिस के लिए इस्तेमाल होने वाले 100, एंबुलेंस के लिए 108 और फायर ब्रिगेड के लिए 101 जैसे मौजूदा इमरजेंसी नंबरों को बंद कर दिया जाएगा। अब इन सभी सेवाओं को एक ही हेल्पलाइन नंबर 112 से जोड़ा जाएगा, जिससे नागरिकों को विभिन्न नंबर याद रखने की परेशानी नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश का पालन करने के लिए सभी संबंधित सरकारों को 3 महीने की समयसीमा दी है। यह कदम आपातकालीन सुविधाओं तक पहुँच को आसान बनाने और देशव्यापी स्तर पर सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।1
- गाजियाबाद के आदर्श नगर खोड़ा में आरोपी जानी ने घर में घुसकर दो सगी बहनों को गोली मार दी है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आरोपी जानी ने कबूल किया है कि उसने यह वारदात शादी टूटने के कारण अंजाम दी।1
- ले आए तो पकड़ रहूंगी1
- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने मंगलवार को असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और भक्ति में लीन दिखाई दिए। अनंत अंबानी द्वारा की गई पूजा और मंदिर की परंपराओं के अनुसार किए गए अनुष्ठान, खासकर कबूतर उड़ाना और बकरे छोड़ना, अब चर्चा का विषय बन गए हैं। कामाख्या मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और इसे तांत्रिक साधना का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां देवी के योनि स्वरूप की पूजा की जाती है, जिसे पूरे ब्रह्मांड के जन्म और जीवन का स्रोत माना जाता है। माता कामाख्या ही समस्त जगत की माता हैं, और इसी प्रतीक स्वरूप में मंदिर में देवी का रजपर्व, जिसे अंबुवाची उत्सव के नाम से जाना जाता है, मनाया जाता है। यह मंदिर तांत्रिक परंपरा का सिद्ध स्थान भी है। समय के साथ, मंदिर में कई ऐसी लोक परंपराएं विकसित हुई हैं जो शास्त्रीय पूजा-पद्धति के साथ-साथ स्थानीय असमिया और जनजातीय मान्यताओं से भी प्रभावित हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है कबूतर उड़ाना और बकरा छोड़ना। ये परंपराएं लोक-आस्थाओं का हिस्सा मानी जाती हैं और इनका स्पष्ट जिक्र किसी शास्त्रीय ग्रंथ में नहीं मिलता, बल्कि ये स्थानीय धार्मिक संस्कृति और श्रद्धालुओं की मान्यताओं से विकसित हुई हैं। लोग मन्नत मांगने या पूरी होने पर भेंट के रूप में यहां कबूतर उड़ाते और बकरे छोड़ते हैं, जिसे जीवित अर्पण या जीवित बलि कहा जाता है। इस बलि में कोई रक्तपात, कष्ट या हिंसा नहीं होती, यह एक अहिंसक बलि है। कहा जाता है कि कबूतर मनुष्य के लालच, विकारों और घमंड का प्रतीक हैं। कबूतर उड़ाकर ये सभी विकार देवी को समर्पित कर दिए जाते हैं। एक लोककथा के अनुसार, एक दंपती ने संतान का आशीर्वाद मांगा और मनौती मानी थी। जब उन्हें संतान हुई, तो वे कपोत बलि देने आए। इस दौरान, कबूतर के साथियों और बच्चों की आवाज सुनकर दंपती भावुक हो गए और उन्होंने बलि का विचार त्याग कर कबूतर को माता को समर्पित करते हुए ऐसे ही उड़ा दिया। तभी से यह परंपरा बन गई। मान्यता है कि पक्षियों को आजाद करना पुण्य का कार्य है, जिससे देवी की कृपा प्राप्त होती है। कुछ लोग इसे बंधनों, कष्टों या नकारात्मकता से मुक्ति का प्रतीक भी मानते हैं।1
- घरेलू सामान से जुड़ी सेवाओं के लिए एक सप्लायर उपलब्ध है, जो पैकिंग, शिफ्टिंग, हैंडलिंग और ट्रांसपोर्टेशन जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है। इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए 9971055608 पर संपर्क किया जा सकता है।1