नयापारा राजिम के इंदिरा मार्केट स्थित नेहरू घाट पर शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां महानदी के तेज बहाव में 35 वर्षीय युवक प्रदीप कश्यप लापता हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रदीप अपनी पत्नी मंगला कश्यप के साथ नदी में नहाने गया था। इसी दौरान कुछ बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिन्हें डूबने से बचाने के लिए प्रदीप नदी में उतरा। बच्चे तो सुरक्षित बाहर आ गए, लेकिन प्रदीप खुद तेज बहाव में बह गया और उसका कुछ पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलते ही नवापारा पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय नागरिकों के सहयोग के साथ-साथ रायपुर से गोताखोरों की टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने ऑक्सीजन मास्क और बोट के जरिए करीब तीन घंटे तक नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, देर शाम तक चले इस अभियान के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अंधेरा होने और नदी का बहाव बेहद तेज होने के कारण फिलहाल सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया है, जिसे रविवार सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा। हादसे की खबर मिलने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू भी नेहरू घाट पहुंचीं और उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा रही और लोग युवक की कुशलता की प्रार्थना करते नजर आए। लापता युवक की पत्नी मंगला कश्यप ने बताया कि प्रदीप ने बच्चों को डूबता देख बिना कुछ सोचे-समझे उन्हें बचाने की कोशिश की थी, जिसके कारण वह खुद गहरे पानी में चला गया। इस हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव काफी अधिक है, इसलिए बिना सुरक्षा के नदी में नहाने से बचें।
नयापारा राजिम के इंदिरा मार्केट स्थित नेहरू घाट पर शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां महानदी के तेज बहाव में 35 वर्षीय युवक प्रदीप कश्यप लापता हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रदीप अपनी पत्नी मंगला कश्यप के साथ नदी में नहाने गया था। इसी दौरान कुछ बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिन्हें डूबने से बचाने के लिए प्रदीप नदी में उतरा। बच्चे तो सुरक्षित बाहर आ गए, लेकिन प्रदीप खुद तेज बहाव में बह गया और उसका कुछ पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलते ही नवापारा पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय नागरिकों के सहयोग के साथ-साथ रायपुर से गोताखोरों की टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने ऑक्सीजन मास्क और बोट के जरिए करीब तीन घंटे तक नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, देर शाम तक चले इस अभियान के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अंधेरा होने और नदी का बहाव बेहद तेज होने के कारण फिलहाल सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया है, जिसे रविवार सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा। हादसे की खबर मिलने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू भी नेहरू घाट पहुंचीं और उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा रही और लोग युवक की कुशलता की प्रार्थना करते नजर आए। लापता युवक की पत्नी मंगला कश्यप ने बताया कि प्रदीप ने बच्चों को डूबता देख बिना कुछ सोचे-समझे उन्हें बचाने की कोशिश की थी, जिसके कारण वह खुद गहरे पानी में चला गया। इस हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव काफी अधिक है, इसलिए बिना सुरक्षा के नदी में नहाने से बचें।
- खैरागढ़ के पिपलाकछार में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण खेत में काम कर रहे 50 वर्षीय किसान धनसाय पटेल की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीण घायल हो गए। यह हादसा बुधवार दोपहर का है, जब धनसाय अन्य मजदूरों के साथ खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। दरअसल, खेत के पास बिजली का एक तार पिछले दो महीनों से टूटा पड़ा था, जो अनजाने में खेत के झटका तार से छू रहा था। रोपाई के दौरान चंपा साहू नामक महिला इस तार की चपेट में आ गई। उसे बचाने के लिए खेत मालिक का बेटा सीमन साहू दौड़ा और वह भी करंट की चपेट में आ गया। इसके बाद दोनों को बचाने पहुंचे धनसाय पटेल को करंट का जोरदार झटका लगा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बाद में एक अन्य युवक ने लकड़ी की मदद से तीनों को अलग किया। इस हादसे से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो महीनों से इस टूटे तार की कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की गई थी, लेकिन विभाग ने सुध नहीं ली। हादसे के तुरंत बाद जब बिजली विभाग की टीम तार ठीक करने पहुँची, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और "मौत के बाद जागने" का आरोप लगाते हुए जेई (JE) कार्यालय का घेराव किया। मौके पर पहुँची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया। वर्तमान में घायल सीमन और चंपा का इलाज सिविल अस्पताल में जारी है और ग्रामीण लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।2
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- खैरागढ़ थाना क्षेत्र में ₹8.65 करोड़ की साइबर ठगी के एक बड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी को केसीजी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान राकेश कुमार साहू उर्फ राहुल साहू (30 वर्ष) के रूप में की है, जो जिला दुर्ग के सुपेला का निवासी है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। यह मामला भारत सरकार के समन्वय पोर्टल से मिली सूचना के आधार पर खैरागढ़ थाने में अपराध क्रमांक 519/2025 के तहत दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी। 9 जुलाई को हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में राकेश कुमार साहू ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे 10 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया और वहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग राज्यों के लोगों से ₹8.65 करोड़ से अधिक की ठगी की थी, जिसे कई बैंक खातों में जमा कराया गया था। मामले में पूर्व में भी कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस शेष फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की विवेचना जारी है।1
- छत्तीसगढ़ के भिलाई में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य धार्मिक कार्यक्रम 17 अगस्त से 23 अगस्त तक जयंती स्टेडियम में आयोजित होगा।1
- बलौदाबाजार शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सबमर्सिबल पंपों के केबल वायर चोरी कर दहशत फैलाने वाले एक शातिर सीरियल चोर को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी हेमु कुमार सेन (33 वर्ष), निवासी गार्डन चौक, बलौदाबाजार को उस समय घेराबंदी कर हिरासत में लिया, जब वह चोरी का केबल और तांबा वायर एक कबाड़ी दुकान में बेचने की फिराक में ग्राहक तलाश रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों और झोपड़ीनुमा मकान के पास छिपाकर रखा गया करीब 250 फीट पीवीसी केबल वायर और लगभग 1.500 किलोग्राम तांबे का तार बरामद किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जून और जुलाई माह के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों तथा ग्राम करमदा में चोरी की तीन अलग-अलग वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपी ने वार्ड क्रमांक 17 के पाड़ेपारा स्कूल, लोहिया नगर, रिसदा रोड, वार्ड क्रमांक 20 के बंगला क्षेत्र और ग्राम करमदा के विभिन्न सार्वजनिक व व्यावसायिक परिसरों में लगे सबमर्सिबल पंपों को निशाना बनाकर हजारों रुपये मूल्य के केबल वायर चोरी किए थे। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के तहत आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 580/2026, 581/2026 एवं 582/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक देवेन्द्र देवांगन, महिला प्रधान आरक्षक अन्नपूर्णा बंजारे एवं प्रधान आरक्षक कमल कैवर्त्य की भूमिका सराहनीय रही। इस कार्रवाई से क्षेत्र में केबल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।1
- बलौदाबाजार के कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने शनिवार को जिला अस्पताल और फिजियोथेरेपी सेंटर का व्यापक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पताल की ओपीडी, आईपीडी, इंटीग्रेटेड पब्लिक लैब, मातृ एवं शिशु अस्पताल, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), फिजियोथेरेपी सेंटर तथा पंचकर्म केंद्र का अवलोकन किया और वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार करने के लिए कहा। इस निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिला अस्पताल में प्रस्तावित एमआरआई मशीन की स्थापना के लिए सिविल और तकनीकी कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को जल्द अत्याधुनिक जांच सुविधा मिल सके। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने, लैब जांच रिपोर्ट को व्हाट्सएप के जरिए मरीजों को उपलब्ध कराने और विजिटिंग एरिया में बैठने के लिए कुर्सियां बढ़ाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती पांच कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य और वजन में सुधार का जायजा लेते हुए उन्होंने माताओं से चर्चा की और रसोईघर, भोजन सामग्री तथा पेयजल की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। फिजियोथेरेपी सेंटर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि वहां रोजाना करीब 45 और हर महीने लगभग 980 मरीज इलाज के लिए आते हैं, जहां एक पुरुष और एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट के साथ पांच बेड और आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रथम तल पर स्थित पंचकर्म केंद्र का भी निरीक्षण किया और दवाओं तथा संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाकर इसे पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार वर्मा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक सृष्टि मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।2
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सरसीवा पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में 7 अलग-अलग मामलों के तहत कुल 117 लीटर कच्ची महुआ शराब, अंग्रेजी शराब और इसे बनाने के उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जिले को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ पुलिस का यह विशेष अभियान लगातार जारी है।1
- छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत में बारसूर का मामा भांजा मंदिर अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है। 11वीं से 12वीं शताब्दी के दौरान निर्मित यह मंदिर प्राचीन कलाकृतियों से सुसज्जित है, जो इसे राज्य की वास्तुकला में एक विशेष स्थान दिलाते हैं।1
- नवापारा राजिम के नेहरू घाट पर शनिवार दोपहर महानदी के तेज बहाव में बहकर एक 35 वर्षीय युवक लापता हो गया। यह हादसा दोपहर करीब 2:30 बजे उस समय हुआ जब प्रदीप कश्यप नामक युवक अपनी पत्नी मंगला कश्यप के साथ नदी में नहाने गया था। नदी में नहा रहे कुछ बच्चों को गहरे पानी में डूबता देख प्रदीप उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरा। बच्चे तो सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन प्रदीप खुद तेज बहाव की चपेट में आ गया और लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही नवापारा पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय नागरिकों के सहयोग के साथ-साथ रायपुर से गोताखोरों की टीम को भी तलाश के लिए बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने ऑक्सीजन मास्क और बोट के जरिए नदी में करीब 3 घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया। देर शाम तक चले इस अभियान के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। नदी के तेज बहाव और अंधेरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को फिलहाल रोक दिया गया है, जिसे रविवार सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा। इस हादसे की खबर मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू भी नेहरू घाट पहुंचीं और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। घटनास्थल पर मौजूद सैकड़ों लोग युवक की कुशलता की प्रार्थना करते नजर आए। वहीं, प्रशासन ने बरसात के मौसम में नदी के बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए लोगों से बिना सुरक्षा के नदी में न नहाने की अपील की है।2