भितरवार में प्री-मानसून की हल्की बारिश वार्ड 1 के रहवासियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। नालों की ठीक से सफाई न होने के कारण पाताली हनुमान मंदिर रोड पर नालों का गंदा पानी सड़क पर भर गया, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। रहवासियों ने बताया कि पूर्व में अवगत कराए जाने के बावजूद भी स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने गंदगी से भरे नालों की सही तरीके से सफाई नहीं कराई। इसी लापरवाही के चलते शुक्रवार को हुई पहली बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया। यह भी सामने आया है कि नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल इसी वार्ड से पार्षद पद पर निर्वाचित हुए हैं। पिछले साल की तरह इस बार भी बारिश में नालों का पानी सड़क पर आने से रहवासियों में निकाय के खिलाफ गहरा गुस्सा है। पहली ही बारिश ने नगर निकाय की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे सड़कों पर पानी भर गया है।
भितरवार में प्री-मानसून की हल्की बारिश वार्ड 1 के रहवासियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। नालों की ठीक से सफाई न होने के कारण पाताली हनुमान मंदिर रोड पर नालों का गंदा पानी सड़क पर भर गया, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। रहवासियों ने बताया कि पूर्व में अवगत कराए जाने के बावजूद भी स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने गंदगी से भरे नालों की सही तरीके से सफाई नहीं कराई। इसी लापरवाही के चलते शुक्रवार को हुई पहली बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया। यह भी सामने आया है कि नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल इसी वार्ड से पार्षद पद पर निर्वाचित हुए हैं। पिछले साल की तरह इस बार भी बारिश में नालों का पानी सड़क पर आने से रहवासियों में निकाय के खिलाफ गहरा गुस्सा है। पहली ही बारिश ने नगर निकाय की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे सड़कों पर पानी भर गया है।
- एक संदेश के माध्यम से माननीय प्रद्युम्न जी से सीधे तौर पर यह पूछा गया है कि 'इस रोड' को क्या नाम दिया जाना चाहिए। इस प्रश्न को बार-बार दोहराया गया है, जिससे सड़क की पहचान या उसकी वर्तमान स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है।1
- दतिया जिले में स्थित माता रतनगढ़ धाम पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। सुबह होते ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जहां श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए पूजा-अर्चना करते दिखे। इस दौरान, भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए विशेष कामनाएँ कीं।1
- *दतिया मांझी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ओबीसी सूची से हटाने की मांग* *विंध्य क्षेत्र के धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मूल मांझी जनजाति में शामिल करने का हवाला* *दतिया, 29 मई 2026* - मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। *1950 के परिपत्र का दिया हवाला* मांझी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 दिनांक 07 जनवरी 1950 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। *विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा* समाज के लोगों ने बताया कि म.प्र. विधानसभा में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 दिनांक 13-03-2023 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे द्वारा विधानसभा में यह स्वीकार किया जा चुका है कि मांझी जनजाति में तत्कालीन विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह, भोई समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है।मांझी समाज के जिला अध्यक्ष ने बताया कि विंध्यप्रदेश के अन्तर्गत आने वाले जिलों रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया, टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई गई है। यहां धीमर, केवट, मल्लाह, भोई ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं। ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संदर्भित दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा नगर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस से पहले महिलाओं ने एक अनूठे तरीके से नशा मुक्ति का संदेश दिया। वार्ड क्रमांक 01 के दुबे मोहल्ला में आयोजित एक कार्यक्रम में महिलाओं ने गीत-संगीत, जागरूकता गीतों और प्रेरणादायी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को तंबाकू और अन्य नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के बारे में सूचित करना था। महिलाओं ने जोर देकर कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की खुशहाली को भी प्रभावित करता है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार नशा मुक्ति अभियान चलाती रहेंगी और लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगी। इस पहल के तहत, महिलाओं ने सामूहिक रूप से 'नशा मुक्त सेवढ़ा' बनाने का संकल्प लिया। जागरूकता रैली, सामूहिक शपथ, नुक्कड़ नाटक, संकल्प हस्ताक्षर अभियान और तंबाकू त्याग परामर्श जैसी विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों में जागरूकता फैलाई गई। महिलाओं ने 'तंबाकू छोड़ो–जीवन जोड़ो' और 'नशा मुक्त हो हर परिवार, तभी बनेगा स्वस्थ समाज' जैसे सशक्त नारों के साथ समाज को सकारात्मक संदेश दिया। इस अवसर पर नशा मुक्ति पंपलेट और संकल्प शपथ पत्र वितरित किए गए, साथ ही उपस्थित प्रतिभागियों को स्वल्पाहार भी कराया गया। कार्यक्रम में सोनिया दुबे, पूजा, गौरी, भूता रजक, अंजना व्यास, कृष्णा उपाध्याय, श्रद्धा, गौरी बाई, कांता बाई सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। वार्डवासियों ने महिलाओं की इस पहल की सराहना की और अभियान में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया।1
- शिवपुरी में 29 मई 2026 को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली, जहाँ उन्होंने समस्त ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर्स को पूरी गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर वर्मा ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और टीकाकरण अभियानों की प्रगति की समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को केवल कागजी खानापूर्ति से बचने और गाँवों व ब्लॉकों में विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इन कैंपों के माध्यम से बीमार व कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर तुरंत उपचार उपलब्ध कराने को कहा गया है। टीकाकरण महाअभियान की समीक्षा करते हुए, जिला मजिस्ट्रेट ने पेंटावेलेंट वैक्सीन की पहली खुराक का कवरेज शत-प्रतिशत करने तथा बालिकाओं को गंभीर बीमारियों से बचाने हेतु एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण कवरेज को जल्द से जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, गर्भवती महिलाओं और नवजातों की सुरक्षा के लिए गर्भावस्था की पहली तिमाही में शत-प्रतिशत एएनसी रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने और मातृ व शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए हर मामले की पहचान करने के भी निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं की विशेष ट्रैकिंग पर कलेक्टर श्री वर्मा ने जोर दिया। उन्होंने गंभीर एनीमिया, पीआईएच, जीडीएम, हेपेटाइटिस और एचआईवी से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की फील्ड स्तर पर पहचान करने तथा प्रसव के दौरान जोखिम कम करने के लिए उनका बेहतर मेडिकल मैनेजमेंट सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, कलेक्टर वर्मा ने समस्त जनपद पंचायत के कार्यपालन अधिकारियों और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर को स्वास्थ्य विभाग से संबंधित लंबित कार्यों और डेटा को समन्वय बनाकर तुरंत पूरा करवाने के लिए निर्देशित किया, और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली आम जनता की स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने की हिदायत भी दी। बैठक के अंत में, कलेक्टर श्री वर्मा ने दोहराया कि ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।2
- मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया का दौरा किया, जहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान डॉ. मिश्रा ने संगठन को सशक्त करने पर विशेष बल दिया और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच सक्रिय रहकर कार्य करने का संदेश दिया। डॉ. मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा कार्यकर्ता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने सभी से मिलकर पार्टी की नीतियों और सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने का आग्रह किया, साथ ही कार्यकर्ताओं को क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर लगातार काम करते रहने की बात कही। मुलाकात के समय बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने क्षेत्रीय समस्याओं, विकास कार्यों और संगठनात्मक विषयों से संबंधित अपनी बातें डॉ. मिश्रा के सामने रखीं। पूर्व गृहमंत्री ने उन सभी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।1
- भितरवार की ग्राम पंचायत बामरोल में जमीन के सीमांकन के दौरान भाजपा नेता जीता रावत पर मारपीट की घटना हुई। यह घटना उस समय हुई जब भाजपा नेता जीता रावत और उनके साथियों द्वारा ग्राम बामरोल में खरीदी गई 72 बीघा जमीन का सीमांकन कराया जा रहा था। इस मारपीट के बाद यह मामला पुलिस थाना भितरवार पहुंच गया है।1
- *दतिया मांझी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ओबीसी सूची से हटाने की मांग* *विंध्य क्षेत्र के धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मूल मांझी जनजाति में शामिल करने का हवाला* *दतिया, 29 मई 2026* - मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। *1950 के परिपत्र का दिया हवाला* मांझी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 दिनांक 07 जनवरी 1950 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। *विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा* समाज के लोगों ने बताया कि म.प्र. विधानसभा में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 दिनांक 13-03-2023 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे द्वारा विधानसभा में यह स्वीकार किया जा चुका है कि मांझी जनजाति में तत्कालीन विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह, भोई समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है।मांझी समाज के जिला अध्यक्ष ने बताया कि विंध्यप्रदेश के अन्तर्गत आने वाले जिलों रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया, टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई गई है। यहां धीमर, केवट, मल्लाह, भोई ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं। ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संदर्भित दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।1
- दतिया जिले के ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। दुरसड़ा और आसपास के गांवों में लगभग 40 मिनट तक लगातार झमाझम बारिश दर्ज की गई। दोपहर तक जहां तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान थे, वहीं शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। दुरसड़ा के साथ-साथ इंदरगढ़ क्षेत्र के कई गांवों और आसपास के इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के चेहरों पर भी खुशी साफ दिखी, वहीं बच्चों और युवाओं ने भी इस बदले मौसम का पूरा आनंद लिया। हालांकि, कुछ जगहों पर कच्चे रास्तों पर कीचड़ की स्थिति बन गई थी, फिर भी तेज गर्मी से मिली राहत के कारण लोगों ने मौसम के इस परिवर्तन का स्वागत किया।1