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तत्काल प्रशासन ले संज्ञान , बड़ी घटना होने की संभावना प्रबल, रास्ता बंद होने से ग्रामीणो मे आक्रोश तत्काल प्रशासन ले संज्ञान , बड़ी घटना होने की संभावना प्रबल, रास्ता बंद होने से ग्रामीणो मे आक्रोश *न्यायालय को गुमराह करके किसी सार्वजनिक रास्ते को रोकने का आदेश प्राप्त करना* कानूनन अवैध और न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) है। अम्बेडकर नगर अकबरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुर्गूपुर मेजर ( जमालपुर) *सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी के आने-जाने का रास्ता नहीं रोका जा सकता है।* झूठे तथ्यों के आधार पर लिया गया आदेश, यदि साबित हो जाए, तो रद्द कर दिया जाता है और दोषी पर कार्रवाई की जा सकती है। *महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु:* रास्ता रोकना अवैध: सर्वोच्च न्यायालय ने रांची के एक मामले में कहा कि किसी भी नागरिक के आने-जाने के रास्ते (Public Passage) को बाउंड्री बनाकर या अन्य तरीकों से नहीं रोका जा सकता, भले ही वह जगह निजी जमीन के करीब हो। *न्यायालय को गुमराह करना:* यदि अदालत को गलत तथ्य या फर्जी दस्तावेज देकर आदेश प्राप्त किया जाता है, तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है और यह न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा है। *अवैध आदेश पर कार्रवाई:* यदि गलत जानकारी देकर रास्ता रोका गया है, तो प्रभावित पक्ष संबंधित उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका या अवमानना याचिका दाखिल कर सकता है। *निष्कर्ष:* सार्वजनिक रास्ते को रोकना एक अपराध है। यदि न्यायालय ने गुमराह होकर ऐसा आदेश दिया है, तो उसे उचित कानूनी कार्यवाही के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। *दैनिक जागरण खबर के अनुसार* 👇 *नहीं रोक सकते किसी के आने-जाने का रास्ता', Supreme Court की बड़ी टिप्पणी* *सुप्रीम कोर्ट ने रांची के हिनू में रास्ता विवाद मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी के आने जाने का रास्ता नहीं बंद किया जा सकता है। हाई कोर्ट का आदेश बिल्कुल सही है। इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने एसएलपी खारिज कर दी। *गीता देवी की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा।* झारखंड हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2022 को गीता देवी के घर के सामने बनी बॉउंड्री को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम की ओर से कार्रवाई करते आने-जाने का रास्ते पर बनी बाउंड्री को तोड़ दिया था। इसके खिलाफ अंजू मिंज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। *क्या है पूरा मामला* बता दें कि गीता देवी हिनू में रहती हैं। कुछ दिनों पहले पाहन की जमीन बताते हुए बॉउंड्री बना दिया गया। कहा गया कि इस पर गांव वाले पूजा करते हैं। निजी जमीन से रास्ता नहीं दिया जा सकता है। तब अदालत ने कहा था कि मामले में पहले दिन से कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह जमीन का मालिकाना हक (टाइटल सूट) तय नहीं कर रहा है। इसके लिए सभी पक्षों को सक्षम अदालत में जाना चाहिए। *रास्ता को लेकर हाई कोर्ट ने सुनवाई की है और यह प्रार्थी का मौलिक अधिकार है।* अदालत ने कहा था कि प्रार्थी 1953 से उक्त रास्ते का इस्तेमाल कर रही हैं। एसएआर कोर्ट के तहत बीस साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल करने पर नगर निगम उसे स्ट्रीट (रास्ता) का दर्जा प्रदान कर देता है। *प्रार्थी की ओर से इस पर 2008 में हाई कोर्ट के खंडपीठ के आदेश का हवाला दिया।* इस दौरान हस्तक्षेप कर्ता की ओर से बार- बार आदेश वापस लेने का आग्रह किया जा रहा था। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए उन पर एक लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही वकील के आचरण को अनुकूल नहीं पाते हुए अदालत ने यह मामला बार काउंसिल को भेज दिया था। Suyash Kumar Mishra 87557770009506000647 #india #UttarPradesh #AmbedkarNagar #akbarpur #YogiAdityanath #MYogiAdityanath #police #india #facebook #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #suyash #viral #video #reels MYogiAdityanath Ambedkarnagar Police Narendra Modi UP Police DM Ambedkarnagar

1 hr ago
user_Suyash Kumar Mishra
Suyash Kumar Mishra
पत्रकार Sadar, Lucknow•
1 hr ago

तत्काल प्रशासन ले संज्ञान , बड़ी घटना होने की संभावना प्रबल, रास्ता बंद होने से ग्रामीणो मे आक्रोश तत्काल प्रशासन ले संज्ञान , बड़ी घटना होने की संभावना प्रबल, रास्ता बंद होने से ग्रामीणो मे आक्रोश *न्यायालय को गुमराह करके किसी सार्वजनिक रास्ते को रोकने का आदेश प्राप्त करना* कानूनन अवैध और न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) है। अम्बेडकर नगर अकबरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुर्गूपुर मेजर ( जमालपुर) *सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी के आने-जाने का रास्ता नहीं रोका जा सकता है।* झूठे तथ्यों के आधार पर लिया गया आदेश, यदि साबित हो जाए, तो रद्द कर दिया जाता है और दोषी पर कार्रवाई की जा सकती है। *महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु:* रास्ता रोकना अवैध: सर्वोच्च न्यायालय ने रांची के एक मामले में कहा कि किसी भी नागरिक के आने-जाने के रास्ते (Public Passage) को बाउंड्री बनाकर या अन्य तरीकों से नहीं रोका जा सकता, भले ही वह जगह निजी जमीन के करीब हो। *न्यायालय को गुमराह करना:* यदि अदालत को गलत तथ्य या फर्जी दस्तावेज देकर आदेश प्राप्त किया जाता है, तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है और यह न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा है। *अवैध आदेश पर कार्रवाई:* यदि गलत जानकारी देकर रास्ता रोका गया है, तो प्रभावित पक्ष संबंधित उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका या अवमानना याचिका दाखिल कर सकता है। *निष्कर्ष:* सार्वजनिक रास्ते को रोकना एक अपराध है। यदि न्यायालय ने गुमराह होकर ऐसा आदेश दिया है, तो उसे उचित कानूनी कार्यवाही के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। *दैनिक जागरण खबर के अनुसार* 👇 *नहीं रोक सकते किसी के आने-जाने का रास्ता', Supreme Court की बड़ी टिप्पणी* *सुप्रीम कोर्ट ने रांची के हिनू में रास्ता विवाद मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी के आने जाने का रास्ता नहीं बंद किया जा सकता है। हाई कोर्ट का आदेश बिल्कुल सही है। इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने एसएलपी खारिज कर दी। *गीता देवी की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा।* झारखंड हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2022 को गीता देवी के घर के सामने बनी बॉउंड्री को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम की ओर से कार्रवाई करते आने-जाने का रास्ते पर बनी बाउंड्री को तोड़ दिया था। इसके खिलाफ अंजू मिंज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। *क्या है पूरा मामला* बता दें कि गीता देवी हिनू में रहती हैं। कुछ दिनों पहले पाहन की जमीन बताते हुए बॉउंड्री बना दिया गया। कहा गया कि इस पर गांव वाले पूजा करते हैं। निजी जमीन से रास्ता नहीं दिया जा सकता है। तब अदालत ने कहा था कि मामले में पहले दिन से कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह जमीन का मालिकाना हक (टाइटल सूट) तय नहीं कर रहा है। इसके लिए सभी पक्षों को सक्षम अदालत में जाना चाहिए। *रास्ता को लेकर हाई कोर्ट ने सुनवाई की है और यह प्रार्थी का मौलिक अधिकार है।* अदालत ने कहा था कि प्रार्थी 1953 से उक्त रास्ते का इस्तेमाल कर रही हैं। एसएआर कोर्ट के तहत बीस साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल करने पर नगर निगम उसे स्ट्रीट (रास्ता) का दर्जा प्रदान कर देता है। *प्रार्थी की ओर से इस पर 2008 में हाई कोर्ट के खंडपीठ के आदेश का हवाला दिया।* इस दौरान हस्तक्षेप कर्ता की ओर से बार- बार आदेश वापस लेने का आग्रह किया जा रहा था। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए उन पर एक लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही वकील के आचरण को अनुकूल नहीं पाते हुए अदालत ने यह मामला बार काउंसिल को भेज दिया था। Suyash Kumar Mishra 87557770009506000647 #india #UttarPradesh #AmbedkarNagar #akbarpur #YogiAdityanath #MYogiAdityanath #police #india #facebook #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #suyash #viral #video #reels MYogiAdityanath Ambedkarnagar Police Narendra Modi UP Police DM Ambedkarnagar

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  • 🚨 मेगा ब्रेकिंग | #अम्बेडकरनगर में गैस किल्लत पर बड़ा धमाका 🚨अम्बेडकरनगर में LPG गैस की भारी किल्लत को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। शासन-प्रशासन भले ही गैस आपूर्ति को सामान्य बताने के दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयान कर रही है। जनपद मुख्यालय के दो बड़े और प्रतिष्ठित व्यवसायियों ने कैमरे के सामने आकर प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी। जिले के मशहूर साहू मिष्ठान भंडार के मालिक संदीप साहू और मौसम बहार स्वीट हाउस के प्रोप्राइटर आनंद का गुस्सा मीडिया के सामने फूट पड़ा। दोनों व्यापारियों ने साफ शब्दों में कहा कि LPG गैस की भीषण किल्लत ने उनके व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई बार दुकान बंद करने की नौबत आ जाती है। 🗣️ संदीप साहू का बयान: “ग्राहकों की सेवा करना हमारा धर्म है, लेकिन गैस न मिलने की वजह से मिठाई और अन्य सामान बनाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का खर्च चलाना भी भारी पड़ रहा है। अगर यही हाल रहा तो कारोबार बंद करना पड़ सकता है।” 🗣️ आनंद का आरोप: “जिले में गैस की आपूर्ति को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वो सिर्फ कागजों में हैं। जमीनी स्तर पर व्यापारियों और आम लोगों को गैस के लिए भटकना पड़ रहा है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो कई प्रतिष्ठानों पर ताला लग सकता है।” ⚠️ अब उठ रहे बड़े सवाल 👉 जब प्रशासन गैस आपूर्ति को सामान्य बता रहा है तो जमीनी स्तर पर इतनी बड़ी किल्लत क्यों? 👉 आखिर गैस की सप्लाई कहां अटक रही है? 👉 क्या जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कदम उठाएंगे? इस खुलासे के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है और व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। 🔥 अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो अम्बेडकर नगर में व्यापारियों का बड़ा आंदोलन भी देखने को मिल सकता है। 📢 यह मुद्दा अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है। #india #facebook #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #suyash #india #facebook #AmbedkarNagar #jalalpur #photo #news #PMO #PMOIndia #NarendraModi #अयोध्या #ayodhya #dmambedkarnagar #viral #video #reels #UPGovt #UPGovernment #YogiAdityanath #MYogiAdityanath DM Ambedkarnagar MYogiAdityanath Narendra Modi
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    🚨 मेगा ब्रेकिंग | #अम्बेडकरनगर में गैस किल्लत पर बड़ा धमाका 🚨अम्बेडकरनगर में LPG गैस की भारी किल्लत को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। शासन-प्रशासन भले ही गैस आपूर्ति को सामान्य बताने के दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयान कर रही है।
जनपद मुख्यालय के दो बड़े और प्रतिष्ठित व्यवसायियों ने कैमरे के सामने आकर प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी। जिले के मशहूर साहू मिष्ठान भंडार के मालिक संदीप साहू और मौसम बहार स्वीट हाउस के प्रोप्राइटर आनंद का गुस्सा मीडिया के सामने फूट पड़ा।
दोनों व्यापारियों ने साफ शब्दों में कहा कि LPG गैस की भीषण किल्लत ने उनके व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई बार दुकान बंद करने की नौबत आ जाती है।
🗣️ संदीप साहू का बयान:
“ग्राहकों की सेवा करना हमारा धर्म है, लेकिन गैस न मिलने की वजह से मिठाई और अन्य सामान बनाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का खर्च चलाना भी भारी पड़ रहा है। अगर यही हाल रहा तो कारोबार बंद करना पड़ सकता है।”
🗣️ आनंद का आरोप:
“जिले में गैस की आपूर्ति को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वो सिर्फ कागजों में हैं। जमीनी स्तर पर व्यापारियों और आम लोगों को गैस के लिए भटकना पड़ रहा है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो कई प्रतिष्ठानों पर ताला लग सकता है।”
⚠️ अब उठ रहे बड़े सवाल
👉 जब प्रशासन गैस आपूर्ति को सामान्य बता रहा है तो जमीनी स्तर पर इतनी बड़ी किल्लत क्यों?
👉 आखिर गैस की सप्लाई कहां अटक रही है?
👉 क्या जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कदम उठाएंगे?
इस खुलासे के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है और व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
🔥 अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो अम्बेडकर नगर में व्यापारियों का बड़ा आंदोलन भी देखने को मिल सकता है।
📢 यह मुद्दा अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है।
#india #facebook #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #suyash #india #facebook #AmbedkarNagar #jalalpur #photo #news #PMO #PMOIndia #NarendraModi #अयोध्या #ayodhya #dmambedkarnagar #viral #video #reels 
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DM Ambedkarnagar MYogiAdityanath Narendra Modi
    user_Suyash Kumar Mishra
    Suyash Kumar Mishra
    पत्रकार Sadar, Lucknow•
    2 hrs ago
  • लखनऊ=.. मलिहाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष एहसान अजीज खान को कुछ अज्ञात लोगों ने धर कर पीटा. गढ़ी संजर खान में ईद गहा साफ सफाई करा रहे अहसान अजीज खा को अचानक से आकर कुछ युवकों में पीट दिया सूत्रों की माने तो पूर्व में विवाद होने पर हुई मारपीट गाड़ी पर हुई दो राउंड फायरिंग एक दर्जन लोगों ने मिलकर पिटा विवाद के दौरान दबंगों ने जान से मारने की धमकी दी मलिहाबाद थाने पर पिटाई करने वाले युवकों पर कार्यवाही की कर रहे माँग जानकारी के मुताबिक एहसान अजीज खान अपने चार से पांच साथियों के साथ ईदगाह में सफाई का कार्य करने गए थे उसी समय कुछ अज्ञात लोगों ने आकर एहसान अजीज खान को खूब पीटा. जानकारी के मुताबिक पिछले विवाद को लेकर ऐसा अहसान खान नगर पंचायत अध्यक्ष को पीटा गया
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    लखनऊ=..
मलिहाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष एहसान अजीज खान को कुछ अज्ञात लोगों ने धर कर पीटा.
गढ़ी संजर खान में ईद गहा साफ सफाई करा रहे अहसान अजीज खा को अचानक से आकर कुछ युवकों में पीट दिया
सूत्रों की माने तो पूर्व में विवाद होने पर हुई मारपीट
गाड़ी पर हुई दो राउंड फायरिंग एक दर्जन लोगों ने मिलकर पिटा 
विवाद के दौरान दबंगों ने जान से मारने की धमकी दी 
मलिहाबाद थाने पर पिटाई करने वाले युवकों पर कार्यवाही की कर रहे माँग
जानकारी के मुताबिक एहसान अजीज  खान अपने चार से पांच साथियों के साथ ईदगाह में सफाई का कार्य करने गए थे उसी समय कुछ अज्ञात लोगों ने आकर एहसान अजीज खान को खूब पीटा.
जानकारी के मुताबिक पिछले विवाद को लेकर ऐसा अहसान खान नगर पंचायत अध्यक्ष को पीटा गया
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • रहीमाबाद के रुसेना गांव में 28 साल बाद घर लौटा बेटा, मां की आंखों से खुशी के आंसू। रोज़गार की तलाश में गया शिवनाथ 28 साल बाद गांव लौटा, परिवार ने गले लगाकर स्वागत किया। मां कलावती ने बेटे को सीने से लगाया, वर्षों बाद बेटे को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। 28 साल पहले मुजफ्फरनगर गया शिवनाथ, मेरठ में बंधक बनाकर उससे जबरन काम कराया जाता रहा। एक दयालु व्यक्ति ने 500 रुपये देकर शिवनाथ को बंधन से मुक्त कराया, ट्रेन में बैठाया। किसी तरह लखनऊ पहुंचा शिवनाथ, फिर पैदल चलते हुए रविवार सुबह अपने गांव रुसेना पहुंचा। बेटे को अचानक सामने देखकर मां और छोटे भाई वीरेंद्र की आंखों से खुशी छलक पड़ी। वर्षों बाद घर लौटे शिवनाथ को देखने के लिए गांव में लोगों की भीड़ लग गई। घर पहुंचने के बाद नाई बुलाकर शिवनाथ के बढ़े बाल और दाढ़ी कटवाई गई। 28 साल बाद बेटे के लौटने से परिवार में खुशी की लहर, गांव में चर्चा का विषय बना।
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    रहीमाबाद के रुसेना गांव में 28 साल बाद घर लौटा बेटा, मां की आंखों से खुशी के आंसू।
रोज़गार की तलाश में गया शिवनाथ 28 साल बाद गांव लौटा, परिवार ने गले लगाकर स्वागत किया।
मां कलावती ने बेटे को सीने से लगाया, वर्षों बाद बेटे को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ीं।
28 साल पहले मुजफ्फरनगर गया शिवनाथ, मेरठ में बंधक बनाकर उससे जबरन काम कराया जाता रहा।
एक दयालु व्यक्ति ने 500 रुपये देकर शिवनाथ को बंधन से मुक्त कराया, ट्रेन में बैठाया।
किसी तरह लखनऊ पहुंचा शिवनाथ, फिर पैदल चलते हुए रविवार सुबह अपने गांव रुसेना पहुंचा।
बेटे को अचानक सामने देखकर मां और छोटे भाई वीरेंद्र की आंखों से खुशी छलक पड़ी।
वर्षों बाद घर लौटे शिवनाथ को देखने के लिए गांव में लोगों की भीड़ लग गई।
घर पहुंचने के बाद नाई बुलाकर शिवनाथ के बढ़े बाल और दाढ़ी कटवाई गई।
28 साल बाद बेटे के लौटने से परिवार में खुशी की लहर, गांव में चर्चा का विषय बना।
    user_Anurag Kashyap
    Anurag Kashyap
    Sadar, Lucknow•
    3 hrs ago
  • विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं! मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ। साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ। मुख्य मांगें और चेतावनी: विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे। 31 नंबर प्रश्न अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए 1 सदाचारी 2 पंडित 3 अवसरवादी 4 निष्कपट 32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती। हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए: "सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है, कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!" "जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!" जय हिंद! जय भारत! सोनी शुक्ला क्रांति राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री जनहित सर्व समाज सेवा समिति
    1
    विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन
उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं!
मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ।
साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ।
मुख्य मांगें और चेतावनी:
विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे।
31 नंबर प्रश्न 
अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए  
1 सदाचारी
2 पंडित 
3 अवसरवादी 
4 निष्कपट 
32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए
गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे।
सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती।
हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए:
"सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है,
कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!"
"जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!"
जय हिंद! जय भारत!
सोनी शुक्ला क्रांति
राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री 
जनहित सर्व समाज सेवा समिति
    user_Soni Shukla
    Soni Shukla
    Building society सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं! मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ। साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ। मुख्य मांगें और चेतावनी: विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे। 31 नंबर प्रश्न अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए 1 सदाचारी 2 पंडित 3 अवसरवादी 4 निष्कपट 32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती। हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए: "सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है, कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!" "जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!" जय हिंद! जय भारत! सोनी शुक्ला क्रांति राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री जनहित सर्व समाज सेवा समिति
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    विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन
उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं!
मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ।
साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ।
मुख्य मांगें और चेतावनी:
विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे।
31 नंबर प्रश्न 
अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए  
1 सदाचारी
2 पंडित 
3 अवसरवादी 
4 निष्कपट 
32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए
गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे।
सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती।
हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए:
"सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है,
कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!"
"जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!"
जय हिंद! जय भारत!
सोनी शुक्ला क्रांति
राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री 
जनहित सर्व समाज सेवा समिति
    user_Soni Shukla
    Soni Shukla
    Police Officer सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़: राजधानी लखनऊ में 'रिकवरी माफिया' का आतंक, खाकी पर उठे सवाल! । ​लखनऊ: पीजीआई थाना क्षेत्र के कल्ली पश्चिम में रिकवरी एजेंटों की सरेआम गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, खुद को फाइनेंस कंपनी का एजेंट बताने वाले दबंग बिना किसी कानूनी नोटिस के सड़कों पर गाड़ियाँ रोककर जबरन ज़ब्त कर रहे हैं। ​ सरेराह हो रही इस लूट ने प्रशासन की कार्यशैली और भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में असुरक्षा और दहशत का माहौल है। Lucknow Police UP Police
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    ब्रेकिंग न्यूज़: राजधानी लखनऊ में 'रिकवरी माफिया' का आतंक, खाकी पर उठे सवाल! ।
​लखनऊ: पीजीआई थाना क्षेत्र के कल्ली पश्चिम में रिकवरी एजेंटों की सरेआम गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, खुद को फाइनेंस कंपनी का एजेंट बताने वाले दबंग बिना किसी कानूनी नोटिस के सड़कों पर गाड़ियाँ रोककर जबरन ज़ब्त कर रहे हैं।
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सरेराह हो रही इस लूट ने प्रशासन की कार्यशैली और भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में असुरक्षा और दहशत का माहौल है।
Lucknow Police
UP Police
    user_Harsha Media Uttar Pradesh
    Harsha Media Uttar Pradesh
    Tenant ownership सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। चेकिंग के दौरान एक कार को बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म लगी होने के कारण रोका गया। बताया जा रहा है कि चालक ने खुद को भाजपा नेता का रिश्तेदार बताकर बचने की कोशिश की। इस पर एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल ने साफ शब्दों में कहा, “तुम्हारे फूफा चाहे प्रेसिडेंट हों, चालान तो होगा।” इसके बाद वाहन का चालान कर दिया गया। यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने अभियान चलाकर कुल 172 वाहनों का चालान किया और ₹86 हजार से ज्यादा का जुर्माना वसूला।
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    मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। चेकिंग के दौरान एक कार को बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म लगी होने के कारण रोका गया। बताया जा रहा है कि चालक ने खुद को भाजपा नेता का रिश्तेदार बताकर बचने की कोशिश की।
इस पर एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल ने साफ शब्दों में कहा, “तुम्हारे फूफा चाहे प्रेसिडेंट हों, चालान तो होगा।” इसके बाद वाहन का चालान कर दिया गया।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने अभियान चलाकर कुल 172 वाहनों का चालान किया और ₹86 हजार से ज्यादा का जुर्माना वसूला।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • 13 सालों तक बिस्तर पर अचेत अवस्था में जीवन बिताने वाले गाजियाबाद के हरीश राणा को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की मंजूरी मिल गई.दिल्ली एम्स में उनके लाइफ सपोर्ट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस बीच उनकी अंतिम विदाई से जुड़ा एक इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर लोग भावुक हो रहे हैं.
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    13 सालों तक बिस्तर पर अचेत अवस्था में जीवन बिताने वाले गाजियाबाद के हरीश राणा को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की मंजूरी मिल गई.दिल्ली एम्स में उनके लाइफ सपोर्ट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस बीच उनकी अंतिम विदाई से जुड़ा एक इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर लोग भावुक हो रहे हैं.
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं! मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ। साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ। मुख्य मांगें और चेतावनी: विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे। 31 नंबर प्रश्न अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए 1 सदाचारी 2 पंडित 3 अवसरवादी 4 निष्कपट 32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती। हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए: "सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है, कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!" "जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!" जय हिंद! जय भारत! सोनी शुक्ला क्रांति राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री जनहित सर्व समाज सेवा समिति
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    विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन
उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं!
मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ।
साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ।
मुख्य मांगें और चेतावनी:
विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे।
31 नंबर प्रश्न 
अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए  
1 सदाचारी
2 पंडित 
3 अवसरवादी 
4 निष्कपट 
32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए
गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे।
सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती।
हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए:
"सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है,
कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!"
"जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!"
जय हिंद! जय भारत!
सोनी शुक्ला क्रांति
राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री 
जनहित सर्व समाज सेवा समिति
    user_Soni Shukla
    Soni Shukla
    Police Officer सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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