लखनऊ में योगीराज के तहत, थाना विभूतिखंड क्षेत्र के जलवा क्लब, साइबर हाइट्स के बाहर एक किशोरी के साथ हुई गंभीर आपराधिक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जलवा क्लब में गांजा और अफीम परोसा जा रहा है, और इसी क्लब के बाहर एक महिला से मारपीट, नशेबाज़ी और वीडियो बनाकर उसे बदनाम करने का प्रयास किया गया। समिट पुलिस चौकी प्रभारी पर कार्रवाई न करने का भी गंभीर आरोप है। पीड़िता किशोरी ने बताया कि 25 जनवरी 2026 की रात करीब 12:10 बजे कुछ युवतियों ने उसे कागज़ात लौटाने के बहाने बुलाकर योजनाबद्ध तरीके से बेरहमी से पीटा। इस दौरान न केवल मारपीट की गई, बल्कि गाली-गलौज करते हुए उसका वीडियो भी बनवाया गया, जिससे उसे बदनाम करने की धमकी दी गई। किशोरी का कहना है कि आरोपी युवतियां पहले भी चोरी, धमकी और नशे की हालत में हिंसा जैसी घटनाओं में शामिल रही हैं। जलवा क्लब के बाहर देर रात तक खुलेआम नशेबाज़ी और गांजा पीने के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाते हैं। घटना सीसीटीवी में कैद होने और 112 पर कॉल करने के बावजूद, अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज न होना पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। किशोरी पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि यदि लखनऊ पुलिस उनकी सुनवाई नहीं करती है, तो उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। उसने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ योगी सरकार है और दूसरी तरफ लखनऊ पुलिस बेलगाम हो चुकी है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। यह सवाल बना हुआ है कि क्या इस मामले में कार्रवाई होगी या इसे भी दबा दिया जाएगा।
लखनऊ में योगीराज के तहत, थाना विभूतिखंड क्षेत्र के जलवा क्लब, साइबर हाइट्स के बाहर एक किशोरी के साथ हुई गंभीर आपराधिक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जलवा क्लब में गांजा और अफीम परोसा जा रहा है, और इसी क्लब के बाहर एक महिला से मारपीट, नशेबाज़ी और वीडियो बनाकर उसे बदनाम करने का प्रयास किया गया। समिट पुलिस चौकी प्रभारी पर कार्रवाई न करने का भी गंभीर आरोप है। पीड़िता किशोरी ने बताया कि 25 जनवरी 2026 की रात करीब 12:10 बजे कुछ युवतियों ने उसे कागज़ात लौटाने के बहाने बुलाकर योजनाबद्ध तरीके से बेरहमी से पीटा। इस दौरान न केवल मारपीट की गई, बल्कि गाली-गलौज करते हुए उसका वीडियो भी बनवाया गया, जिससे उसे बदनाम करने की धमकी दी गई। किशोरी का कहना है कि आरोपी युवतियां पहले भी चोरी, धमकी और नशे की हालत में हिंसा जैसी घटनाओं में शामिल रही हैं। जलवा क्लब के बाहर देर रात तक खुलेआम नशेबाज़ी और गांजा पीने के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाते हैं। घटना सीसीटीवी में कैद होने और 112 पर कॉल करने के बावजूद, अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज न होना पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। किशोरी पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि यदि लखनऊ पुलिस उनकी सुनवाई नहीं करती है, तो उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। उसने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ योगी सरकार है और दूसरी तरफ लखनऊ पुलिस बेलगाम हो चुकी है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। यह सवाल बना हुआ है कि क्या इस मामले में कार्रवाई होगी या इसे भी दबा दिया जाएगा।
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में भीषण आग लगने की दुखद घटना सामने आई है, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने वहां स्थिति का जायजा लिया और आग की घटना में घायल हुए लोगों से भी मुलाकात की।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें लखनऊ में आग लगने की इस दुखद घटना के बारे में जानकारी मिली है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई है। राजनाथ सिंह ने इस घटना को 'बेहद दुखद' करार देते हुए कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और वे घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। रक्षा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बात करके हालात की पूरी जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि स्थिति का जायजा लेने के लिए वे तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो रहे हैं।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से अग्निकांड से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से ली।1
- लखनऊ में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में आग लगने की घटना सामने आई है, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में आग लगने की घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।2