इजराइल–ईरान युद्ध समाप्त करने की मांग को लेकर भाकपा (माले) का शांति मार्च। इजराइल–ईरान युद्ध समाप्त करने की मांग को लेकर भाकपा (माले) का शांति मार्च। फतुहा, 30 मार्च। इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने की मांग को लेकर सोमवार को फतुहा में भाकपा (माले) के बैनर तले शांति मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में लाल झंडे और बैनर लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर मार्च करते हुए युद्ध के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान इजराइल और ईरान से तत्काल युद्ध समाप्त करने की अपील की गई। मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि युद्ध का सबसे अधिक दुष्प्रभाव आम जनता पर पड़ता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने के लिए ठोस पहल की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही युद्ध समाप्त नहीं हुआ, तो आगे बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शांति मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। संवाददाता फतुहा
इजराइल–ईरान युद्ध समाप्त करने की मांग को लेकर भाकपा (माले) का शांति मार्च। इजराइल–ईरान युद्ध समाप्त करने की मांग को लेकर भाकपा (माले) का शांति मार्च। फतुहा, 30 मार्च। इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने की मांग को लेकर सोमवार को फतुहा में भाकपा (माले) के बैनर तले शांति मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं
स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में लाल झंडे और बैनर लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर मार्च करते हुए युद्ध के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान इजराइल और ईरान से तत्काल युद्ध समाप्त करने की अपील की गई। मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि युद्ध का सबसे अधिक दुष्प्रभाव आम जनता पर पड़ता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित
करने के लिए ठोस पहल की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही युद्ध समाप्त नहीं हुआ, तो आगे बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शांति मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। संवाददाता फतुहा
- पचरुखिया थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई, 120 लीटर अवैध देशी शराब के साथ तीन गिरफ्तार। फतुहा , संवाददाता: पचरुखिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसफा-चंडासी मार्ग से 120 लीटर अवैध देशी शराब बरामद की है। इस दौरान एक काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया है। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सत्येंद्र कुमार (उम्र लगभग 30 वर्ष), राम स्वारथ पासवान (उम्र लगभग 50 वर्ष) एवं जयप्रकाश कुमार (उम्र लगभग 20 वर्ष) के रूप में की गई है। सभी आरोपी उसफा गांव, थाना पचरुखिया, जिला पटना के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर उक्त स्थान पर छापेमारी की गई, जहां से अवैध शराब के साथ तीनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। बरामद शराब की मात्रा करीब 120 लीटर बताई जा रही है, जिसे बिक्री के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है तथा उनके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जब्त मोटरसाइकिल को भी थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है। थाना पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। क्षेत्र में शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।1
- फतुहा। नगर के वाणी पुस्तकालय परिसर में कांग्रेस नेता एवं प्रख्यात समाजसेवी नेमन बाबू की स्मृति में एक भावपूर्ण शोक सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के सैकड़ों लोग एकत्र हुए और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह भावुक रहा, जहां उपस्थित लोगों ने उनके सामाजिक योगदान को याद किया। शोक सभा में उपस्थित लोगों ने नेमन बाबू के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि नेमन बाबू का जीवन पूरी तरह समाजसेवा और जनहित के कार्यों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने हमेशा गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद की तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किया। वक्ताओं ने कहा कि नेमन बाबू जैसे व्यक्तित्व का इस दुनिया से चले जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके कार्य, विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। लोगों ने भावुक होकर उन्हें याद किया और उनके साथ बिताए पलों को साझा किया। इस अवसर पर दयानंद प्रसाद, वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार पांडेय, महंत परमानंद दास सहित कई कांग्रेस नेता, समाजसेवी और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।1
- बिजली विभाग के कमी के कारण एक वार्ड सदस्य की मौत1
- बिहार की राजधानी पटना के नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के प्रांगण में हेल्थ मेला का आयोजन 30 मार्च 2026 दिन सोमवार को किया गया ,हेल्थ मेला का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद चौरसिया ,अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉ रश्मि प्रसाद ,नालंदा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर उषा कुमारी ने किया ,नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रिंसिपल डॉक्टर उषा कुमारी ने बताया कि हेल्थ मेला के आयोजन में 20 स्टाल लगाए गए हैं ,जहां लोगो को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हेल्थ मेला लगाया गया है ۔इस हेल्थ मेला में अस्पताल के सभी डिपार्टमेंट के विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा हेल्थ मेला में आए लोगों को विशेष जानकारी दी जा रही है ,4
- शीतल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने अपने ऊपर लगे करोड़ों रुपए के ठगी के आरोप एवं टिप्पणियों का किया खंडन...!!!1
- हर हरमहादेव4
- आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बड़ा ही दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री के सामने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए गो बैक का नारा लगाया गया।देखिये वीडियो1
- सूने घर में घुसे चोर, पत्रकार की मेहनत की पूंजी पर हाथ साफ। फतुहा: एक परिवार की अनुपस्थिति और घर की खामोशी को मौका बनाकर चोरों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिसने न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचाया बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। पटेल नगर (वृंदा गार्डन के पीछे) स्थित पत्रकार सुधीर कुमार सिंह के घर में हुई इस चोरी ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बताया जाता है कि 29 मार्च को सुधीर कुमार सिंह का पूरा परिवार नालंदा के बनगच्छा गांव में पूजा में शामिल होने गया था। खुद सुधीर अपने पत्रकारिता कार्य से दनियावां गए हुए थे। पीछे छूट गया था एक सूना घर—और इसी सूनेपन को चोरों ने अपना हथियार बना लिया। 30 मार्च की सुबह जब सुधीर घर लौटे, तो दरवाजे की स्थिति ने ही अनहोनी का संकेत दे दिया। दरवाजा अंदर से बंद था। दिल में उठती आशंका के साथ जब वे छत के रास्ते खिड़की तक पहुंचे, तो देखा कि लोहे की मजबूत जाली तक उखाड़ दी गई थी। अंदर का दृश्य और भी भयावह था—गोदरेज और ड्रेसिंग टेबल के टूटे ताले, बिखरा सामान और उजड़ी हुई अलमारी, मानो घर की शांति को किसी ने बेरहमी से रौंद दिया हो। चोर घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात—लॉकेट, नथुनी, कान की बाली, चांदी के पायल समेत अन्य कीमती सामान—और करीब 20 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। यह सिर्फ सामान की चोरी नहीं थी, बल्कि एक परिवार की मेहनत और यादों की पूंजी पर चोट थी। पीड़ित के अनुसार, चोरी गए सामान की कीमत लगभग तीन लाख रुपये आंकी गई है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है, लेकिन इस घटना ने इलाके के लोगों के मन में डर और असुरक्षा की भावना भर दी है। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसे सूने घर चोरों के निशाने पर यूं ही असहाय बने रहेंगे?1