महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान चोटिल हो गईं। बुधवार को फील्डिंग करते समय उनके दाएं टखने में चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें दर्द से कराहते हुए स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। उनका स्कैन कराया गया है, हालांकि बीसीसीआई ने अभी तक उनकी चोट की गंभीरता पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। श्रेयंका पाटिल भारतीय टीम के स्पिन आक्रमण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वह दीप्ति शर्मा और श्री चरणी के साथ टीम की तीसरी मुख्य स्पिनर मानी जाती हैं। इसके अलावा, वह एक बेहतरीन फील्डर भी हैं, ऐसे में उनकी यह चोट टीम इंडिया के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। भारत का अगला मैच 21 जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होना है और इस अहम मुकाबले में उनकी उपलब्धता पर संदेह बना हुआ है। यह घटना पिछले साल हुए 50 ओवर के महिला विश्व कप की याद दिलाती है, जब प्रमुख सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल भी बाउंड्री लाइन पर फील्डिंग के दौरान टखने में चोटिल होकर टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण से बाहर हो गई थीं। उस समय उनकी जगह शैफाली वर्मा को टीम में शामिल किया गया था। श्रेयंका की इस चोट ने एक बार फिर भारतीय टीम की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान चोटिल हो गईं। बुधवार को फील्डिंग करते समय उनके दाएं टखने में चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें दर्द से कराहते हुए स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। उनका स्कैन कराया गया है, हालांकि बीसीसीआई ने अभी तक उनकी चोट की गंभीरता पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। श्रेयंका पाटिल भारतीय टीम के स्पिन आक्रमण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वह दीप्ति शर्मा और श्री चरणी के साथ टीम की तीसरी मुख्य स्पिनर मानी जाती हैं। इसके अलावा, वह एक बेहतरीन फील्डर भी हैं, ऐसे में उनकी यह चोट टीम इंडिया के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। भारत का अगला मैच 21 जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होना है और इस अहम मुकाबले में उनकी उपलब्धता पर संदेह बना हुआ है। यह घटना पिछले साल हुए 50 ओवर के महिला विश्व कप की याद दिलाती है, जब प्रमुख सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल भी बाउंड्री लाइन पर फील्डिंग के दौरान टखने में चोटिल होकर टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण से बाहर हो गई थीं। उस समय उनकी जगह शैफाली वर्मा को टीम में शामिल किया गया था। श्रेयंका की इस चोट ने एक बार फिर भारतीय टीम की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी और गोरखपुर जिलों में सोमवार की दोपहर को हल्की बारिश हुई। वहीं, राज्य की राजधानी लखनऊ में तेज धूप के साथ उमस और गर्मी में वृद्धि दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 3 घंटों के लिए राज्य के कई हिस्सों में आंधी के साथ बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। फिलहाल मानसून बिहार की सीमा पर अटका हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर प्रदेश में मौसम में यह बदलाव आया है। रविवार की रात से ही वाराणसी, गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में आसमान में बादल छाए हुए हैं।1
- वाराणसी के भगवती धाम इंटर कॉलेज, खरगीपुर परिसर में 'नन्ही कली' संस्था ने एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान बच्चियों का तिलक लगाकर, पुष्प अर्पित कर और मंगलकामनाओं के साथ हार्दिक स्वागत किया गया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बन गया। संस्था की शीतल पटेल ने इस अवसर पर कहा कि प्रत्येक बच्ची समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य होती है और उनका सम्मान, प्रोत्साहन तथा शिक्षा के प्रति उत्साहवर्धन करना हम सभी का दायित्व है। इस स्वागत कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के मन में विद्यालय के प्रति अपनेपन की भावना जगाना और उन्हें नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रेरित करना था। तिलक लगाकर किए गए इस अनोखे स्वागत से बच्चियों के चेहरे खुशी से खिल उठे, और उन्होंने नए जोश व आत्मविश्वास के साथ अपनी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत की। अभिभावकों ने भी संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच और उत्साह का संचार करते हैं। संस्था ने यह संकल्प भी व्यक्त किया कि वह भविष्य में भी बालिका शिक्षा, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रहेगी।2
- वाराणसी में चल रही राम जानकी भागवत कथा के छठे दिन महिलाओं की काफी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई। कथा में आचार्य शिक्षक नागिन ने राजा बलि की कथा सुनाई। बताया गया कि कथा के अंतिम दिवस पर राम-सीता विवाह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सतीश कुमार कसेरा ने गुरु चरणों का आशीर्वाद और अंग वस्त्र भी प्राप्त किया, जिसके बाद उन्होंने 'जय गुरुदेव जय विष्णु भगवान' का उद्घोष किया। आज के दिन आचार्य ने गोकर्ण की कथा भी सुनाई, जिसे भक्तजनों ने प्रसन्नतापूर्वक सुना। इस अवसर पर विश्व हिंदू सद्भावना विकास परिषद के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर सतीश कुमार कसेरा ने कथा का श्रवण किया और प्रसाद के साथ-साथ गुरु का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।1
- आज के आधुनिक युग में, जहाँ बाज़ार में नई तकनीक और आकर्षक डिज़ाइन वाली मोटरसाइकिलें उपलब्ध हैं, वहीं रॉयल एनफील्ड की ओल्ड बुलेट का अपना एक विशेष रुतबा और पहचान है। यह केवल एक मोटरसाइकिल नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए जुनून, शान और विरासत का प्रतीक है। इसकी दमदार 'ठक-ठक' आवाज़ लोगों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लेती है। ओल्ड बुलेट की मजबूत बनावट, शानदार संतुलन और लंबी दूरी तय करने की क्षमता इसे अन्य बाइकों से अलग बनाती है। यह गाँव की कच्ची सड़कों से लेकर शहर की व्यस्त गलियों तक, हर रास्ते पर अपनी एक अलग पहचान बनाती है। लोगों का पुरानी बुलेट के प्रति यह लगाव सिर्फ उसके लुक या आवाज़ के कारण नहीं है, बल्कि यह उन सुनहरे दिनों की याद दिलाती है जब मजबूती और भरोसे को अत्यधिक महत्व दिया जाता था। आज भी कई लोग अपनी वर्षों पुरानी बुलेट को बड़े गर्व के साथ सँभाल कर रखते हैं और उसे परिवार के सदस्य जैसा मानते हैं। बुलेट चलाना केवल सफर करना नहीं, बल्कि एक खास अनुभव है। इसकी सवारी में जो आत्मविश्वास और शाही एहसास मिलता है, वह शायद ही किसी और बाइक में मिलता हो। यही वजह है कि समय बदलने के बावजूद ओल्ड बुलेट का क्रेज आज भी बरकरार है, क्योंकि, जैसा कि सूर्य प्रकाश पाण्डेय (मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन) ने लिखा है, "बुलेट पुरानी हो सकती है, लेकिन उसका रुतबा कभी पुराना नहीं होता।"1
- वाराणसी के कैथी में मार्कण्डेय महादेव धाम के पास बने रैन बसेरे में भीषण गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यह रैन बसेरा कैथी पुलिस चौकी से मात्र 10 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी इसकी स्थिति अत्यंत खराब है। गंदगी के कारण रैन बसेरे के अंदर रहना असंभव हो गया है, जिससे इसकी उपयोगिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस अव्यवस्था को लेकर मार्कण्डेय महादेव धाम के प्रबंधन पर प्रश्नचिह्न लग गया है। रैन बसेरा होने के बावजूद इसका कोई इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है क्योंकि अंदर पैर रखना भी मुश्किल है। इस स्थिति से स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- एक टिप्पणी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधा गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ये नेता किसी गरीब व्यक्ति के लिए आंसू नहीं बहाते हैं। इसके बजाय, यह कहा गया है कि ये नेता माफिया के मरने पर आंसू बहाते हुए देखे जाते हैं।1
- चंदौली के चहनियां क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली भूपौली पम्प कैनाल में समय से पानी न छोड़े जाने के कारण सैकड़ों गाँवों के किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। धान की खेती के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन मुख्य नहर सहित सभी सहायक नहरें सूखी पड़ी हैं, जिससे किसान धान की नर्सरी तक तैयार नहीं कर पा रहे हैं। कुछ किसानों ने निजी पंपिंग सेट और बोरिंग का सहारा लेकर जैसे-तैसे नर्सरी डाली है, जिससे उनकी लागत बढ़ गई है और खेतों की सिंचाई को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। भूपौली पम्प कैनाल भुपौली से मथेला होते हुए कमालपुर तक जाती है और इसके बीच प्रभुपुर से रामगढ़ सहित कई गाँवों को पानी मिलता है। हालांकि, सहायक नहरों में भी पानी नहीं पहुंच रहा है। नहरों और तालाबों में पानी न होने का असर वन्य जीवों और पक्षियों पर भी पड़ रहा है। मथेला-लोलपुर निवासी दिनेश तिवारी के अनुसार, यदि समय पर पानी छोड़ा जाता तो गाँवों के तालाब-सरोवर सूखते नहीं और पशु-पक्षियों को भी राहत मिलती। किसान जुलुम तिवारी ने विभागीय उदासीनता को दोषी ठहराते हुए कहा कि हर साल रोपाई के समय पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन नहरें सूखी रहने से लागत बढ़ रही है और समय पर रोपाई प्रभावित होने की आशंका है। समस्या को लेकर भूपौली नहर के जिम्मेदार अधिकारियों और जेई से कई बार संपर्क करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। किसान नेता श्रवण कुशवाहा ने चेतावनी दी है कि जब किसानों को सबसे ज्यादा पानी चाहिए, तभी नहरें सूखी रहती हैं और किसानों की उपेक्षा अब लंबे समय तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसान इसका जवाब देंगे। क्षेत्रीय किसानों ने शासन और सिंचाई विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर भूपौली पम्प कैनाल में पानी छोड़ने तथा नहरों की मरम्मत कर टेल तक पूरी क्षमता से पानी पहुंचाने की मांग की है।1
- पोस्ट में 'जय श्री राम साथियों' के नारे के साथ 'मिर्ज़ापुर का वेतन तो उस्मानाबाद बीजेपी ग्राम' का उल्लेख किया गया है। यह वाक्य बीजेपी ग्राम से संबंधित किसी स्थिति या घोषणा को दर्शाता है, संभवतः मिर्ज़ापुर के संदर्भ में। अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।1