प्रशासन व ग्राम प्रधान की लापरवाही से तालग्राम ब्लॉक के स्थित ग्राम पंचायत तिसौली स्थिति प्रशासन व ग्राम प्रधान मिथलेश कुमारी यादव की लापरवाही से तालग्राम ब्लॉक के स्थित ग्राम पंचायत तिसौली गांव के दोनों तरह स्कूल है प्राथमिक विद्यालय तिसौली व पूर्व माध्यमिक विद्यालय अदमापुर और पंडित दीन दयाल उपाध्याय मॉडल इण्टर कॉलेज गांव के बाहर ही ये तीनो स्कूल स्थित और सारे बच्चों का आना जाना एक दिन ही रास्ते से है सड़क पर पानी भर जाता हैं और सफाई कर्मी द्वारा निकाला हुआ नाली का कचड़ा सड़क पर ही छोड़ दिया जाता है और वह फैल जाता है और कभी कचड़ा गांव बाहर नहीं फेंका जाता सफाई कर्मी नाली के कचड़े को वही छोड़ देने के कारण और गंदगी व कीटाणु फैल रहे है। और ना ही कचड़े की गाड़ी अभी तक नहीं गांव में आई। चारों ओर कीचड़ से स्कूली बच्चों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही हैं और जिससे उनकी यूनिफॉर्म और जूते गंदे हो रहे है। सुबह स्कूल लगने और दोपहर छुट्टी के समय विद्यार्थी की हालत और भी गंभीर हो जाती हैं। जलभराव व कीचड़ के कारण संभलकर चलने को मजबूर जब कि दो पहिया वाहन चालकों के फिसलने और हादसे की आशंका बनी रहती हैं इसके बावजूद भी 2 वर्ष पहले जलनिगम की तरफ से सड़क पर कार्य कराया गया था अभी तक सड़क की मरम्मत भी नहीं हुई रहवासियों का कहना कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी समस्या जैसी कि तैसी बनी हुई है । उन्होंने प्रशासन व ग्राम प्रधान से जल्द सड़क व पानी निकास की मरम्मत कराने की मांग है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और लोगों को कीचड़ व जलभराव से राहत मिले सके।
प्रशासन व ग्राम प्रधान की लापरवाही से तालग्राम ब्लॉक के स्थित ग्राम पंचायत तिसौली स्थिति प्रशासन व ग्राम प्रधान मिथलेश कुमारी यादव की लापरवाही से तालग्राम ब्लॉक के स्थित ग्राम पंचायत तिसौली गांव के दोनों तरह स्कूल है प्राथमिक विद्यालय तिसौली व पूर्व माध्यमिक विद्यालय अदमापुर और पंडित दीन दयाल उपाध्याय मॉडल इण्टर कॉलेज गांव के बाहर ही ये तीनो स्कूल स्थित और सारे बच्चों का आना जाना एक दिन ही रास्ते से है सड़क पर पानी भर जाता हैं और सफाई कर्मी द्वारा निकाला हुआ नाली का कचड़ा सड़क पर ही छोड़ दिया जाता है और वह फैल जाता है और कभी कचड़ा गांव बाहर नहीं फेंका जाता सफाई कर्मी नाली के कचड़े को वही छोड़ देने के कारण और गंदगी व कीटाणु फैल रहे है। और ना ही कचड़े की गाड़ी अभी तक नहीं गांव में आई। चारों ओर कीचड़ से स्कूली बच्चों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही हैं और जिससे उनकी यूनिफॉर्म और जूते गंदे हो रहे है। सुबह स्कूल लगने और दोपहर छुट्टी के समय विद्यार्थी की हालत और भी गंभीर हो जाती हैं। जलभराव व कीचड़ के कारण संभलकर चलने को मजबूर जब कि दो पहिया वाहन चालकों के फिसलने और हादसे की आशंका बनी रहती हैं इसके बावजूद भी 2 वर्ष पहले जलनिगम की तरफ से सड़क पर कार्य कराया गया था अभी तक सड़क की मरम्मत भी नहीं हुई रहवासियों का कहना कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी समस्या जैसी कि तैसी बनी हुई है । उन्होंने प्रशासन व ग्राम प्रधान से जल्द सड़क व पानी निकास की मरम्मत कराने की मांग है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और लोगों को कीचड़ व जलभराव से राहत मिले सके।
- फर्रुखाबाद ब्यूरो रिपोर्ट फर्रुखाबाद में सीएम योगी से तटबंध और गंगा ड्रेजिंग की मांग की गई।1
- सरकारी चकरोड़ पर किसान ने चला दिया था हल, डीएम के आदेश पर प्रशासन ने हटाया कब्जा सरकारी चकरोड़ पर किसान ने चला दिया था हल, डीएम के आदेश पर प्रशासन ने हटाया कब्जा कन्नौज संवाददाता। खेत और मकान तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं मिलने से परेशान किसान की शिकायत पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम के आदेश पर राजस्व टीम ने गांव पहुंचकर सरकारी चकरोड़ की नाप-जोख कर उसे कब्जामुक्त करा दिया। प्रशासन ने ग्राम पंचायत के अधिकारियों को चकरोड़ पर सड़क बनवाने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई के दौरान मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा रही। जानकारी के अनुसार ठठिया थाना क्षेत्र के बलनापुर निवासी किसान देशराज ने डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को लिखित शिकायत देकर बताया था कि गांव के सत्यराम ने अपने खेत के पास से निकली करीब 180 मीटर लंबी और तीन मीटर चौड़ी सरकारी चकरोड़ को जोतकर अपने खेत में मिला लिया है। किसान का कहना था कि संबंधित खेत मेन रोड से लगा हुआ है, जिसके कारण सरकारी रास्ते पर कब्जा कर लिया गया। चकरोड़ बंद होने से उसे अपने मकान और खेत तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही अन्य किसानों के सामने भी खेतों तक पहुंचने की समस्या खड़ी हो गई थी। किसान की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तहसील तिर्वा के अधिकारियों को सरकारी चकरोड़ को कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए। डीएम के आदेश पर गुरुवार को शाम नायब तहसीलदार सतीश कन्नौजिया के नेतृत्व में राजस्व टीम गांव पहुंची। लेखपाल अर्पित कटियार और शोभित कटियार ने मौके पर पहुंचकर सरकारी अभिलेखों के आधार पर चकरोड़ की नाप-जोख की। नाप-जोख के दौरान सरकारी चकरोड़ की भूमि को चिह्नित कर उसे कब्जामुक्त कराया गया। इसके बाद नायब तहसीलदार ने ग्राम पंचायत बलनापुर के सचिव पवन और प्रधान प्रतिनिधि मोहित राठौर को सरकारी चकरोड़ पर सड़क बनवाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों और किसानों को आवागमन के लिए स्थायी रास्ता मिल सके। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान गांव में काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सरकारी रास्ता कब्जामुक्त होने के बाद किसान और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। अब चकरोड़ पर सड़क बनने से लोगों को अपने घरों और खेतों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।1
- हम नकल माफिया की कमर तोड़ेंगे और उनके आकाओं को भी जमीन-आसमान दिखाने का काम करेंगे... हम नकल माफिया की कमर तोड़ेंगे और उनके आकाओं को भी जमीन-आसमान दिखाने का काम करेंगे...1
- 🌊 फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावितों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि बाढ़ का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी। इसके लिए अन्नदाता किसानों का सहयोग भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने किसानों के हित को लेकर कहा कि डबल इंजन की NDA सरकार किसानों के साथ है और उनके कल्याण के लिए लगातार काम किया जा रहा है। युवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिना भेदभाव और पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां उपलब्ध हो रही हैं। वहीं बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा— “एक बेटी पढ़ती है तो वह केवल परिवार को नहीं, समाज को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करती है।” मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि हर गरीब के साथ सरकार खड़ी है और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं एवं राहत का लाभ पहुंचाया जाएगा। 🌾 बाढ़ से राहत, किसानों का साथ, युवाओं को रोजगार और गरीबों का कल्याण—सरकार ने विकास के साथ जनसहयोग को भी अपनी प्राथमिकता बताया। 📍 फर्रुखाबाद | उत्तर प्रदेश #Farrukhabad #YogiAdityanath #FloodRelief #UPNews #UttarPradesh #NDA #Farmers #Kisan #Youth #GovernmentJobs #WomenEmpowerment #GaribKalyan #DDTodayNews3
- फर्रुखाबाद ब्यूरो रिपोर्ट फर्रुखाबाद में गुरुवार सुबह करीब 11:40 पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन मैदान पहुंचे।1
- उत्तर प्रदेश जनपद फर्रुखाबाद से खबर हर छोटी बड़ी खबर आप तक देखते रहिए शुरू एप पर 🚨 10 फीसदी कमीशन के आरोप से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण को लेकर सोमवार को विवाद खड़ा हो गया। सिविल अस्पताल लिंजीगंज के चिकित्सक डॉ. राणप्रताप ने सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनसे 10 फीसदी कमीशन मांगा गया और कमीशन न देने पर स्थानांतरण नहीं रोकने की बात कही गई। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्थानांतरण के विरोध में डॉक्टर और कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए घेराव किया। डॉ. राणप्रताप ने ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और अपना स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के कुछ महत्वपूर्ण पटल पर चार-पांच वर्षों से जमे कर्मचारियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रदर्शन के बाद सीएमओ कार्यालय ने 5 सितंबर को वार्ता कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। अब निगाहें 5 सितंबर की बैठक पर हैं कि आरोपों पर क्या जवाब सामने आता है और क्या मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है।1
- Loction/ Mainpuri स्लग, मैनपुरी में तीन माह की बच्ची से दुष्कर्म कर दरिंदगी का आरोप, प्राइवेट पार्ट से खून निकलता देख परिजनों के उड़े होश , हालत बिगड़ने पर सैफई रेफर, आरोपी गिरफ्तार, एंकर, जनपद मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने का जघन्य सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्ची के पिता ने गांव के ही एक व्यक्ति पर बच्ची को बहाने से घर के पीछे ले जाकर उसके साथ गलत काम करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए जिला महिला अस्पताल लाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पीड़ित बच्ची के पिता के अनुसार, घटना के समय वह घर पर मौजूद थे। आरोप है कि गांव का एक व्यक्ति उनके खेत में खाद डालने के बाद उनके घर आया। इसी दौरान उसने उनकी करीब तीन माह की बच्ची को खिलाने के बहाने अपने साथ मकान के पीछे ले गया। कुछ देर बाद वह बच्ची को वापस लेकर आया। बच्ची लगातार रो रही थी और शांत नहीं हो रही थी। परिजनों ने बच्ची को संभालने का प्रयास किया तो उसकी हालत देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद परिजन उसे स्थानीय चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सक ने उसे उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाने की सलाह दी। बच्ची की हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने रात में पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से बच्ची को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवर और फिर जिला महिला अस्पताल मैनपुरी ले जाया गया। यहां से चिकित्सकों ने बच्ची को बेहतर उपचार के लिए सैफई रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार चल रहा है। बच्ची के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। चिकित्सकीय परीक्षण और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बाइट, परिजन बाइट, अरुण कुमार सिंह एस पी सिटी Loction/ Mainpuri स्लग, मैनपुरी में तीन माह की बच्ची से दुष्कर्म कर दरिंदगी का आरोप, प्राइवेट पार्ट से खून निकलता देख परिजनों के उड़े होश , हालत बिगड़ने पर सैफई रेफर, आरोपी गिरफ्तार, एंकर, जनपद मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने का जघन्य सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्ची के पिता ने गांव के ही एक व्यक्ति पर बच्ची को बहाने से घर के पीछे ले जाकर उसके साथ गलत काम करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए जिला महिला अस्पताल लाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पीड़ित बच्ची के पिता के अनुसार, घटना के समय वह घर पर मौजूद थे। आरोप है कि गांव का एक व्यक्ति उनके खेत में खाद डालने के बाद उनके घर आया। इसी दौरान उसने उनकी करीब तीन माह की बच्ची को खिलाने के बहाने अपने साथ मकान के पीछे ले गया। कुछ देर बाद वह बच्ची को वापस लेकर आया। बच्ची लगातार रो रही थी और शांत नहीं हो रही थी। परिजनों ने बच्ची को संभालने का प्रयास किया तो उसकी हालत देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद परिजन उसे स्थानीय चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सक ने उसे उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाने की सलाह दी। बच्ची की हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने रात में पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से बच्ची को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवर और फिर जिला महिला अस्पताल मैनपुरी ले जाया गया। यहां से चिकित्सकों ने बच्ची को बेहतर उपचार के लिए सैफई रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार चल रहा है। बच्ची के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। चिकित्सकीय परीक्षण और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बाइट, परिजन बाइट, अरुण कुमार सिंह एस पी सिटी4
- जीडी न्यूज़ नेटवर्क (GD News Network) पर इस वक्त की बेहद खौफनाक और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बेवर थाना क्षेत्र स्थित गाँव कुड़ी से एक जघन्य मामला सामने आया है। यहाँ महज़ तीन महीने की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया है। पीड़िता की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। विस्तृत समाचार (Detailed News Explanation): उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में बेवर थाना क्षेत्र के गाँव कुड़ी में दिल दहला देने वाली यह घटना घटी। उस वक्त तीन महीने की मासूम बच्ची अपने घर में चारपाई पर लेटी हुई थी और परिवार के सदस्य अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान गाँव का ही परिचित युवक बच्ची को खिलाने के बहाने गोद में उठाकर मकान के पीछे ले गया। परिवार के सदस्य परिचित होने के कारण उस पर किसी भी तरह का संदेह नहीं कर सके। करीब आधे घंटे बाद आरोपी बच्ची को वापस लाकर चारपाई पर लिटाकर चला गया। इसके तुरंत बाद मासूम लगातार रोने लगी और किसी भी तरह शांत नहीं हो रही थी। जब परिजनों ने उसे संभालने का प्रयास किया और कपड़े हटाकर देखे, तो उनके होश उड़ गए। बच्ची के गुप्तांगों से गंभीर रूप से रक्तस्राव हो रहा था और उसके शरीर पर हैवानियत के स्पष्ट निशान थे। परिजनों में हड़कंप मच गया और वे तुरंत बच्ची को स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल जिला महिला अस्पताल मैनपुरी भेजा। वहाँ प्राथमिक उपचार देने के बाद चिकित्सकों ने नाजुक हालत के चलते मासूम को तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र, सैफई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया, जहाँ डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पीड़ित पिता द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया। पुलिस का कहना है कि बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आउट्रो (Outro): मासूम बच्ची फिलहाल सैफई मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की गहन जाँच जारी है। ऐसी ही तमाम निष्पक्ष और मुख्य खबरों के लिए जुड़े रहिए जीडी न्यूज़ नेटवर्क (GD News Network) के साथ।3
- पॉक्सो एक्ट का वांछित और पुलिस अभिरक्षा से फरार आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार जोरदार बारिश में विधवा का कच्चा मकान भरभराकर गिरा, बेघर हुई महिला; बाल-बाल बचे तीन मासूम कन्नौज संवाददाता। लगातार हो रही जोरदार बारिश ने मानीमऊ क्षेत्र के मखदूमापुर गांव में एक विधवा महिला के सिर से छत छीन ली। बुधवार सुबह करीब नौ बजे बारिश के बीच महिला का कच्चा मकान अचानक भरभराकर धराशाई हो गया। हादसे के समय परिवार के लोग घर में मौजूद थे, लेकिन गनीमत रही कि सभी बाल-बाल बच गए। मकान गिरने से गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। अब महिला के सामने तीन मासूम बच्चों के साथ रहने की समस्या खड़ी हो गई है। मखदूमापुर निवासी स्वर्गीय अजय राठौर की करीब दो माह पहले मौत हो गई थी। उनकी पत्नी मोनी अपने तीन छोटे बच्चों पुत्री अनन्या (4), कृतिका (3) और पुत्र सत्यम (2) के साथ रहती हैं। पति की मौत के बाद मोनी मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। परिवार के पास रहने के लिए कच्चा मकान ही एकमात्र सहारा था। बुधवार सुबह लगातार हो रही बारिश के कारण अचानक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से परिवार में अफरातफरी मच गई। हादसे में महिला और उसके तीनों बच्चे सुरक्षित बच गए, लेकिन घर में रखा गृहस्थी का अधिकांश सामान मलबे में दब गया। मकान धराशाई होने के बाद परिवार के पास सिर छिपाने के लिए भी सुरक्षित जगह नहीं बची है। महिला ने मजबूरी में बच्चों और गृहस्थी के सामान को मोमिया के नीचे रखकर बारिश से बचाने का प्रयास किया। विधवा महिला ने प्रशासन से आर्थिक मदद और रहने के लिए आवास उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से बारिश से बेघर हुए परिवार की तत्काल मदद करने की मांग की है, ताकि तीन मासूम बच्चों के साथ महिला को खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न होना पड़े।1