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नोएडा में एक तेज रफ्तार काली स्कॉर्पियो ने सब्जी से भरे एक लोडर में भीषण टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
Kapil kumar Chawla Amroha
नोएडा में एक तेज रफ्तार काली स्कॉर्पियो ने सब्जी से भरे एक लोडर में भीषण टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
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- जनपद अमरोहा के गजरौला स्थित शिव इंटर कॉलेज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य विवाह समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन में लगभग 200 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच वैवाहिक बंधन में बंधे, जिनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा विधायक राजीव तरारा रहे, जिन्होंने नवविवाहित जोड़ों को सुखद एवं सफल दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर गजरौला ब्लॉक प्रमुख मीनाक्षी चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी कुमार मिश्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखूरी जैन और गजरौला बीडीओ सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी भी मौजूद थे। सभी अतिथियों ने हाथ उठाकर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।3
- भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ मेरठ के कमिश्नरी चौराहे पर हुए एक प्रदर्शन के मामले में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का आरोप है कि भाटी ने प्रदर्शनकारियों को उकसाया, जिसके कारण हालात बेकाबू हो गए और सड़क पर जाम लग गया। इस मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें दिग्विजय भाटी का नाम भी शामिल है। गौरतलब है कि दिग्विजय भाटी को बीते 26 जून को अमरोहा जिले से जिला बदर भी किया गया था। अब इस नई एफआईआर के दर्ज होने के बाद यह मामला और गरमा गया है।1
- उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा स्थित तहसील हसनपुर के ग्राम फैयाजनगर की मुख्य सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। सड़क पर लंबे समय से गंदा पानी भरा रहता है, जिससे ग्रामीण, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात हो या सामान्य दिन, सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिसके चलते कई बार लोग फिसलकर गिर चुके हैं, और छोटे बच्चों को स्कूल पहुँचने में अत्यधिक परेशानी होती है। यह सड़क पूरे गाँव के लिए मुख्य मार्ग है, लेकिन उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव में आज तक इसकी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों को मजबूरीवश गंदे पानी से होकर निकलना पड़ता है, जिससे बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर समस्या के मद्देनजर, माननीय मुख्यमंत्री जी और संबंधित विभाग से तत्काल ध्यान देने और ग्राम फैयाजनगर में सड़क निर्माण व समुचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निवेदन किया गया है, ताकि ग्रामीणों को इस गंभीर परेशानी से राहत मिल सके।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में मूंढापांडे थाना क्षेत्र से एक मामले की खबर सामने आई है, जहाँ डॉक्टरों पर गलत ऑपरेशन करने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों के अनुसार, गलत ऑपरेशन के आरोप लगने के बाद संबंधित डॉक्टर अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार के सदस्यों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।1
- मेरठ कलेक्टर परिसर के पास दलित छात्रा ललित गौतम की हत्या के विरोध में आयोजित एक शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन पर मेरठ पुलिस ने लाठीचार्ज किया। यह धरना प्रदर्शन 5 मई को हुई मेरठ की दलित छात्रा ललित गौतम की हत्या के उपलक्ष्य में किया जा रहा था। शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे इस प्रदर्शन में पुलिस द्वारा लाठियां बरसाई गईं।1
- मेरठ कमिश्नरी में ललिता गौतम को न्याय दिलाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद, अब इस मामले में दिग्विजय भाटी को नामजद किए जाने पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उनके समर्थकों का दावा है कि दिग्विजय भाटी का इस पूरे घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है और उन्हें इस मामले में बेवजह फंसाया जा रहा है। समर्थकों ने स्पष्ट किया है कि घटना के समय दिग्विजय भाटी मेरठ में मौजूद नहीं थे, बल्कि वह पिछले दिन से गाजियाबाद में थे। उनका आरोप है कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के ही दिग्विजय भाटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है, जो न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। इस पूरे प्रकरण पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक और विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। दिग्विजय भाटी के समर्थकों ने इस मामले की निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच की मांग की है, ताकि किसी निर्दोष के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो और केवल वास्तविक दोषियों पर ही कानूनी कार्यवाही की जाए।1
- मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र में स्थित राजकिरण हॉस्पिटल उस समय हंगामे का केंद्र बन गया, जब एक महिला रेशमा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर गलत ऑपरेशन करने का गंभीर आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टर मरीज को छोड़कर अस्पताल से फरार हो गए। इस घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने तुरंत अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण महिला की जान खतरे में पड़ने का आरोप लगाया। महिला के पति रिजवान ने मौके पर डायल पुलिस को बुलाकर शिकायत भी दर्ज कराई। हालांकि, राजकिरण हॉस्पिटल का स्टाफ भी देर रात तक मौके से फरार रहा, और मूंढापांडे पुलिस हंगामे की स्थिति को देखते हुए रात करीब साढ़े ग्यारह बजे तक हॉस्पिटल के गेट पर मौजूद रही। मूंढापांडे थाना प्रभारी मोहित कुमार चौधरी ने बताया कि राजकिरण हॉस्पिटल में हंगामे की सूचना मिली थी और महिला को बेहतर इलाज के लिए कॉसमॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में अभी तक कोई लिखित तहरीर (शिकायत) प्राप्त नहीं हुई है। दूसरी ओर, राजकिरण हॉस्पिटल के संचालक प्रमोद यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मरीज का अल्ट्रासाउंड रामपुर में कराया गया था, जिसके लिए उनके डॉक्टर ने ही सलाह दी थी। यादव के अनुसार, मरीज को शाम के समय ही उनके अस्पताल से कॉसमॉस अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के स्टाफ के साथ मरीज के पति और परिजनों ने गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तथा मारपीट की है, जिसका वीडियो अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में कैद है। प्रमोद यादव ने चेतावनी दी कि यदि आवश्यकता पड़ी तो आरोप लगाने वालों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है, और अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ खुलेआम 'गुंडा गर्दी' का आरोप लगाया गया है। इस घटना में, जब एक मुस्लिम महिला सड़क पर पैदल जा रही थी, तभी एक शख्स ने आकर सरेआम सड़क पर तमंचा लहराते हुए फायरिंग कर दी। इस वाकये को प्रदेश की कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर की गई हरकत बताया गया है। आरोप है कि मुसलमानों को परेशान करना और उन्हें निशाना बनाना तो याद रखा जाता है, लेकिन इस तरह की गुंडागर्दी को बिल्कुल गलत ठहराया गया है। मांग की गई है कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए और ऐसे लोगों पर तत्काल कार्यवाही की जानी चाहिए।1