विश्वकर्मा जयंती से पहले फिर बढ़ा विवाद, शोभायात्रा की कमान को लेकर आमने-सामने दो गुट SLUG = भगवान विश्वकर्मा शोभा यात्रा से पहले फिर शुरू हुई सिंहासन की लड़ाई, समाज के दो गुट आमने-सामने ANCHOR = मुजफ्फरनगर। भगवान विश्वकर्मा जयंती महोत्सव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे शोभायात्रा के आयोजन और अनुमति को लेकर विश्वकर्मा समाज में मतभेद सामने आने लगे हैं। पिछले साल भी समाज के यही दो गुट भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा के आखिरी दिन तक आपस में लड़ते रहे जिनको लेकर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने कई दौर की मीटिंग की कई वार्ताए की थी। इस बार फिर यही विवाद सामने आ रहा है। 17 सितंबर को प्रस्तावित भगवान विश्वकर्मा शोभायात्रा की अनुमति को लेकर समाज के दो पक्ष आमने-सामने हैं। जगदीश पांचाल पक्ष ने जिलाधिकारी से अपने नाम से अनुमति दिए जाने की मांग करते हुए मुकेश कुमार धीमान पक्ष पर शोभायात्रा के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोप लगाए। जबकि मुकेश कुमार धीमान पक्ष ने नगर मजिस्ट्रेट, जिलाधिकारी और एसएसपी से मुलाकात कर परंपरागत रूप से विश्वकर्मा चौक समिति के नाम से ही अनुमति जारी करने की मांग की है। विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि पिछले 20-30 वर्षों से 17 सितंबर को विश्वकर्मा चौक पर भगवान विश्वकर्मा की जयंती के अवसर पर शोभायात्रा, भंडारे और प्रातःकालीन यज्ञ का आयोजन होता चला आ रहा है। विश्वकर्मा चौक समिति की देखरेख में अब तक धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किए जाते रहे हैं। इस वर्ष भी समाज के लोग इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शोभायात्रा निकालना चाहते हैं। समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, हाल के दिनों में आयोजन को लेकर समाज के भीतर मतभेद उभरकर सामने आए हैं। बीते दिनों भाजपा नेता एवं सामाजिक सेवक के रूप में स्वयं को बताने वाले जगदीश पांचाल द्वारा जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर विश्वकर्मा चौक समिति की ओर से निकाली जाने वाली शोभायात्रा की अनुमति अपने नाम से दिए जाने की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग सक्रिय हुए और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर विश्वकर्मा चौक समिति के नाम से ही अनुमति जारी करने की मांग की है। मुकेश कुमार धीमान पक्ष का आरोप है कि जगदीश पांचाल द्वारा समिति के पदाधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। वहीं, समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि आयोजन को लेकर सभी पक्षों के बीच बातचीत के माध्यम से सहमति बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद समिति की ओर से प्रशासन के समक्ष औपचारिक रूप से अनुमति की मांग रखी गई है। इसी विवाद को लेकर विश्वकर्मा समाज से जुड़े अंशुल पांचाल ने भी दूसरे संगठन से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि जिन लोगों ने पहले उनका मान-सम्मान किया, उन्हीं लोगों ने उनसे पैसे लिए। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान उनकी बात को उचित महत्व नहीं दिया गया और उन्हें न तो माइक दिया गया और न ही मंच से बोलने का अवसर मिला। अंशुल पांचाल ने आरोप लगाया कि उनका नाम अंशुल पांचाल होने के बावजूद कार्यक्रम में उनके नाम के आगे ‘अंशुल धीमान’ लिख दिया गया। उनका कहना है कि ऐसा किए जाने से कार्यक्रम में धीमान समाज की भीड़ अधिक दिखाने का प्रयास किया गया। इस संबंध में उन्होंने देशराज पांचाल, मुकेश धीमान और जगदीश पांचाल पर आरोप लगाए हैं। वहीं, जगदीश पांचाल की ओर से समिति के पदाधिकारियों पर शोभायात्रा के नाम पर समाज के लोगों से अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने नहीं आया है और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा निकालने के लिए विश्वकर्मा चौक समिति को अनुमति प्रदान की जाए। साथ ही धार्मिक आयोजन को लेकर उत्पन्न विवाद को देखते हुए प्रशासन से निष्पक्ष निर्णय लेने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की मांग की गई है। अब देखना यह है कि प्रशासन शोभायात्रा की अनुमति किस समिति अथवा पक्ष के नाम से जारी करता है। BYTE = मुकेश कुमार धीमान ( अध्यक्ष विश्वकर्मा चौक समिति ) BYTE = अंशुल पांचाल ( युवा )
विश्वकर्मा जयंती से पहले फिर बढ़ा विवाद, शोभायात्रा की कमान को लेकर आमने-सामने दो गुट SLUG = भगवान विश्वकर्मा शोभा यात्रा से पहले फिर शुरू हुई सिंहासन की लड़ाई, समाज के दो गुट आमने-सामने ANCHOR = मुजफ्फरनगर। भगवान विश्वकर्मा जयंती महोत्सव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे शोभायात्रा के आयोजन और अनुमति को लेकर विश्वकर्मा समाज में मतभेद सामने आने लगे हैं। पिछले साल भी समाज के यही दो गुट भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा के आखिरी दिन तक आपस में लड़ते रहे जिनको लेकर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने कई दौर की मीटिंग की कई वार्ताए की थी। इस बार फिर यही विवाद सामने आ रहा है। 17 सितंबर को प्रस्तावित भगवान विश्वकर्मा शोभायात्रा की अनुमति को लेकर समाज के दो पक्ष आमने-सामने हैं। जगदीश पांचाल पक्ष ने जिलाधिकारी से अपने नाम से अनुमति दिए जाने की मांग करते हुए मुकेश कुमार धीमान पक्ष पर शोभायात्रा के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोप लगाए। जबकि मुकेश कुमार धीमान पक्ष ने नगर मजिस्ट्रेट, जिलाधिकारी और एसएसपी से मुलाकात कर परंपरागत रूप से विश्वकर्मा चौक समिति के
नाम से ही अनुमति जारी करने की मांग की है। विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि पिछले 20-30 वर्षों से 17 सितंबर को विश्वकर्मा चौक पर भगवान विश्वकर्मा की जयंती के अवसर पर शोभायात्रा, भंडारे और प्रातःकालीन यज्ञ का आयोजन होता चला आ रहा है। विश्वकर्मा चौक समिति की देखरेख में अब तक धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किए जाते रहे हैं। इस वर्ष भी समाज के लोग इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शोभायात्रा निकालना चाहते हैं। समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, हाल के दिनों में आयोजन को लेकर समाज के भीतर मतभेद उभरकर सामने आए हैं। बीते दिनों भाजपा नेता एवं सामाजिक सेवक के रूप में स्वयं को बताने वाले जगदीश पांचाल द्वारा जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर विश्वकर्मा चौक समिति की ओर से निकाली जाने वाली शोभायात्रा की अनुमति अपने नाम से दिए जाने की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग सक्रिय हुए और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर विश्वकर्मा चौक समिति के नाम से ही अनुमति जारी
करने की मांग की है। मुकेश कुमार धीमान पक्ष का आरोप है कि जगदीश पांचाल द्वारा समिति के पदाधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। वहीं, समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि आयोजन को लेकर सभी पक्षों के बीच बातचीत के माध्यम से सहमति बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद समिति की ओर से प्रशासन के समक्ष औपचारिक रूप से अनुमति की मांग रखी गई है। इसी विवाद को लेकर विश्वकर्मा समाज से जुड़े अंशुल पांचाल ने भी दूसरे संगठन से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि जिन लोगों ने पहले उनका मान-सम्मान किया, उन्हीं लोगों ने उनसे पैसे लिए। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान उनकी बात को उचित महत्व नहीं दिया गया और उन्हें न तो माइक दिया गया और न ही मंच से बोलने का अवसर मिला। अंशुल पांचाल ने आरोप लगाया कि उनका नाम अंशुल पांचाल होने के बावजूद कार्यक्रम में उनके नाम के आगे ‘अंशुल धीमान’ लिख दिया गया। उनका कहना है कि ऐसा किए जाने से
कार्यक्रम में धीमान समाज की भीड़ अधिक दिखाने का प्रयास किया गया। इस संबंध में उन्होंने देशराज पांचाल, मुकेश धीमान और जगदीश पांचाल पर आरोप लगाए हैं। वहीं, जगदीश पांचाल की ओर से समिति के पदाधिकारियों पर शोभायात्रा के नाम पर समाज के लोगों से अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने नहीं आया है और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा निकालने के लिए विश्वकर्मा चौक समिति को अनुमति प्रदान की जाए। साथ ही धार्मिक आयोजन को लेकर उत्पन्न विवाद को देखते हुए प्रशासन से निष्पक्ष निर्णय लेने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की मांग की गई है। अब देखना यह है कि प्रशासन शोभायात्रा की अनुमति किस समिति अथवा पक्ष के नाम से जारी करता है। BYTE = मुकेश कुमार धीमान ( अध्यक्ष विश्वकर्मा चौक समिति ) BYTE = अंशुल पांचाल ( युवा )
- 👉मुजफ्फरनगर में सपा नेता की 5 दिन से नजरबंदी पर बवाल, जिया चौधरी पहुंचीं घर; कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ लगाए नारे मुजफ्फरनगर में सपा नेता की 5 दिन से नजरबंदी पर बवाल! जिया चौधरी पहुंचे घर, कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ लगाए नारे मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष (शिक्षक सभा) डॉ. सत्येंद्र पाल को पुलिस द्वारा पिछले पांच दिनों से नजरबंद किए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी की जानकारी मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। पार्टी नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं। डॉ. सत्येंद्र पाल के शाहपुर स्थित आवास पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। नेताओं ने उनसे मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और पुलिस कार्रवाई पर विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। धम्म यात्रा की तैयारियों को लेकर गरमाया मामला डॉ. सत्येंद्र पाल ने अपनी नजरबंदी को बुढ़ाना में प्रस्तावित दलित बोधिसत्व धम्म यात्रा की तैयारियों से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यात्रा की तैयारियों को लेकर सरकार घबराई हुई है और इसी वजह से उन्हें गैर लोकतांत्रिक तरीके से नजरबंद किया गया है।उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सामाजिक न्याय और समानता की आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को दबाव में लाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इससे आंदोलन और मजबूत होगा। ‘जितना जुल्म कर लो, समाज की आवाज नहीं रुकेगी’ नजरबंद डॉ. सत्येंद्र पाल ने कहा कि कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए चाहे जितना जुल्म किया जाए, समाज की आवाज को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने का आह्वान किया और कहा कि किसी भी दबाव के आगे समाज के अधिकारों की लड़ाई को झुकाया नहीं जा सकता। आवास पर पहुंचे जिया चौधरी, कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी की सूचना मिलने के बाद सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उनके आवास पर पहुंचे। जिया चौधरी ने डॉ. सत्येंद्र पाल से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। सपा नेताओं का कहना था कि राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को इस प्रकार नजरबंद करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। जिया चौधरी बोलीं—सरकार तानाशाही पर उतारू सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए तानाशाही पर उतारू है। उन्होंने कहा कि समाज की आवाज को किसी भी दबाव से नहीं रोका जा सकता। जिया चौधरी ने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान की लड़ाई समाजवादी पार्टी मजबूती के साथ जारी रखेगी। उन्होंने डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज सुननी चाहिए, न कि उन्हें रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा लेना चाहिए। जिले में राजनीतिक हलचल तेज डॉ. सत्येंद्र पाल की लगातार पांच दिन से नजरबंदी के मामले ने जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में इस कार्रवाई को लेकर आक्रोश दिखाई दे रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष आवाज उठाई जाएगी। बुढ़ाना में प्रस्तावित धम्म यात्रा को लेकर पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष की नजरबंदी ने मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी पीछे नहीं हटेगी। नजरबंदी को लेकर उठ रहे सवाल सपा नेताओं ने डॉ. सत्येंद्र पाल को पांच दिनों से नजरबंद रखे जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन को किसी कार्यक्रम या गतिविधि को लेकर आशंका थी तो संबंधित लोगों से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट की जा सकती थी। नेताओं का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के माध्यम से विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।वहीं, डॉ. सत्येंद्र पाल और सपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान के मुद्दों को लेकर उनकी आवाज आगे भी उठती रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शाहपुर और बुढ़ाना क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सपा के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं।4
- एसपी सिटी अमृत जैन की अपील: शांति-सौहार्द बनाए रखें, पुलिस-प्रशासन के निर्देशों का करें पालन1
- उत्तर प्रदेश : मेरठ पुलिस ने व्यापारी गौरव मोहन अग्रवाल के कई गोदामों पर छापा मा उत्तर प्रदेश : मेरठ पुलिस ने व्यापारी गौरव मोहन अग्रवाल के कई गोदामों पर छापा मारा, 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के दिवाली पटाखे बरामद किए। पुलिस का दावा है कि व्यापारी के पास पटाखे स्टोरेज का कोई लाइसेंस नहीं था।1
- जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, मुजफ्फरनगर ने पुलिस बल के साथ थानाक्षेत्र शाहपुर के ग्राम तावली में किया फ्लैग मार्च, अधिनस्थों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश। अवगत कराना है कि जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने के दृष्टिगत आज दिनांक 10.09.2026 को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री अक्षय संजय महाडीक द्वारा थाना शाहपुर क्षेत्र के ग्राम तावली में पुलिस बल के साथ दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस होकर फ्लैग मार्च किया गया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस बल द्वारा गांव एवं आसपास के क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। ▶️ फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महोदय द्वारा पुलिस बल को पूर्ण सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने, क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले असामाजिक/अराजक तत्वों के विरुद्ध तत्काल एवं प्रभावी वैधानिक कार्यवाही करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ▶️ पुलिस द्वारा आमजन से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई। साथ ही सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से भ्रामक/अफवाहपूर्ण सूचना प्रसारित करने वालों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए आवश्यक वैधानिक कार्यवाही किए जाने के संबंध में भी अवगत कराया गया। फ्लैग मार्च के दौरान क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना श्री गजेन्द्र पाल सिंह, थानाध्यक्ष शाहपुर श्री गजेन्द्र सिंह सहित पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। ▶️ मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा कानून एवं शांति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लगातार क्षेत्र में भ्रमण, चेकिंग एवं निगरानी की जा रही है।1
- सहारनपुर मस्जिद प्रकरण में बड़ा अपडेट! सहारनपुर जाने से पहले आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव जीशान कुरैशी हाउस अरेस्ट! क्या है पूरा मामला? सामने आया बड़ा अपडेट सहारनपुर मस्जिद प्रकरण में बड़ा अपडेट! सहारनपुर जाने से पहले आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव जीशान कुरैशी हाउस अरेस्ट! क्या है पूरा मामला? सामने आया बड़ा अपडेट1
- बहला-फुसलाकर एवं दबाव डालकर मेरे बेटे के नाम पर लगभग 10 लाख का लोन कराने, दस्तावेजों के दुरुपयोग, बीमा कराने एवं जान से मारने की धमकी देने के संबंध में1
- किन्नर के प्यार में व्यक्ति ने अपने तीन बच्चो ओर पत्नी महिला को तलाक देकर हुए फरार, जनपद मुज़फ्फरनगर के थाना शहर कोतवाली क्षेत्र की एक पीड़ित महिला ने तीन तलाक देने के बाद अपने पति व ससुराल पक्ष के अन्य लोगो के विरुद्ध कार्यवाही की माँग उठाते हुए एसएसपी महोदय के नाम एक प्रार्थना पत्र सोपते हुए बताया की वह जनपद शामली की रहने वाली हैं और उसकी शादी 6 वर्ष पूर्व जनपद मुज़फ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मोहल्ला आर्यपुरी निवासी इस्तीखर बैग के साथ मुस्लिम रीती रिवाज़ के अनुसार हुई थी, शादी के समय घरवालों ने सभी सामान दिया था लेकिन ससुराल पक्ष के लोग दान दहेज से खुश नहीं थे और शादी के कुछ समय बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग करते आ रहे थे,अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने के चलते उसके साथ मारपीट की जाती थी,पीड़ित महिला ने बताया की उसके 3 बच्चे हैं जो अब वह इन बच्चो को लेकर दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर हैं, साथ ही पीड़ित महिला ने बताया की शादी से पहले ही उसके पति का एक जोया नाम की किन्नर से नाजायज संबंध हैं जिसके वीडियो भी महिला के पास सेव हैं, उसका पति उस किन्नर को कई मर्तबा घर भी लेकर आया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गयी,दिनांक 2 जून को मेरे साथ पति व नन्दोई के साथ साथ ससुराल पक्ष के लोगो ने जान से मरने की नियत से मारपीट शुरू कर दी और दुप्पते से मेरा गला घोट दिया जिससे में बेहोश हो गयी, होश में आने पर मैने अपने परिजनों को घटना के संबंध में अवगत कराया गया जिसके पश्चात मीमलाना रोड निवासी मेरे मामा मेरी ससुराल आए और उन्होंने मेरे पति व ससुराल पक्ष के लोगो से बातचीत की, इसी बिच मेरे पति इस्तीखर बैग ने मुझे तीन तलाक दे दिया और घर से बाहर निकल जाने के लिए बोल दिया अब में पीछे काफ़ी समय से अपने मामा के घर रह रही और बच्चो को लेकर इंसाफ के लिए दर दर की ठोंकर खा रही हुँ, अब फिलहल पति जोया किन्नर के साथ फरार हो गया हैं जो यहां नहीं हैं इसलिए में चाहती हुँ की मेरा मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की कृप्या करे।3
- शिव सेना (भवानी सेना) महिला मोर्चा की जिला कमेटी का गठन, सदस्यता अभियान पर जोर मुजफ्फरनगर। शिव सेना (भवानी सेना) महिला मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक 10 सितंबर को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने की, जबकि संचालन सविता गौतम ने किया। बैठक में महिला मोर्चा की जिला कमेटी के गठन को लेकर चर्चा हुई। सर्वसम्मति से निशा वर्मा को जिला कोषाध्यक्ष, पूनम चाहल को जिला उपाध्यक्ष और राखी प्रजापति को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया। जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने बताया कि शेष जिला कमेटी का गठन भी आगामी तीन से चार दिनों में पूरा कर सूची कार्यालय में सौंप दी जाएगी। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और अधिक से अधिक महिलाओं को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया गया। पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से सदस्यता अभियान को तेजी से चलाने का आह्वान किया गया। बैठक में सविता गौतम, पूनम गर्ग, सविता कश्यप, सुमन प्रजापति, अनीता प्रजापति, आरती पाल, कमलेश, अनीता ठाकुर सहित अन्य महिला पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहीं।4