राजस्थान पंचायती राज एवम माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश बिश्नोई खारा ने शिक्षकों के तबादलों में हो रही कथित धांधली और शिक्षक संघों की निष्क्रियता पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि एक दिन शिक्षक संघों की सभी 'दुकानें' बंद हो जाएंगी, क्योंकि तृतीय श्रेणी शिक्षकों को तबादला नीति के नाम पर उलझाया जा रहा है, और द्वितीय श्रेणी शिक्षकों को पदोन्नति के बाद दूर के जिलों में भेजा जा रहा है, जबकि वे अपने गृह जिले के पास आना चाहते थे। इसे उन्होंने "सरासर धोखा" बताया है। बिश्नोई खारा ने उन लोगों को "सबसे बड़े धोखेबाज" कहा जो इस मुद्दे पर मौन हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में परीक्षा के माध्यम से तबादले हो जाते हैं, तो यहां क्या समस्या है और क्यों सभी के लिए परीक्षा के आधार पर तबादले नहीं किए जाते। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे तबादला नीति का ज्ञान देते हैं, जबकि अपने रिश्तेदारों – चाहे वे तृतीय श्रेणी के हों, नवनियुक्त हों या शारीरिक शिक्षक हों – उनकी प्रतिनियुक्ति बाड़मेर और जैसलमेर जैसे दूरस्थ जिलों से जयपुर और बीकानेर करा रहे हैं। ये प्रतिनियुक्तियां दो-तीन साल से चल रही हैं, और फर्जी पीएल का भुगतान PEEO/CBEO को धमकी देकर उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी डीईओ में इतनी हिम्मत नहीं कि वह इन प्रतिनियुक्तियों पर सवाल उठा सके या सूचना सार्वजनिक कर सके। उपाध्यक्ष ने शिक्षक संघों के नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि वे "घुंघट में नेतागिरी" कब तक करेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन शिक्षक संघों की हर ब्लॉक पर इकाई है, उन्हें प्रतिनियुक्ति पर तैनात शिक्षकों और उनकी सिफारिश करने वाले नेताओं, आईएएस/आरएएस अधिकारियों के संबंधों का उल्लेख करते हुए एक पुस्तिका छापनी चाहिए, और उसे मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री को भेंट करना चाहिए। उनके अनुसार, यह "पावरफुल सिफारिशी लोगों" को रोकने और एक निष्पक्ष तबादला नीति बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने शिक्षक नेताओं से जैन धर्म से सीख लेकर अपनी गलतियों को स्वीकार करने और मक्कारी के लिए माफी मांगने का आग्रह किया। बिश्नोई खारा ने जोर देकर कहा कि अगर मुद्दों को सख्ती से उठाया जाए, तो सरकार झुकने को तैयार है, जैसा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के मुद्दे पर हुआ था। उन्होंने सभी से तबादला नीति की राजनीति पर कठोरता से बोलने का आह्वान किया।
राजस्थान पंचायती राज एवम माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश बिश्नोई खारा ने शिक्षकों के तबादलों में हो रही कथित धांधली और शिक्षक संघों की निष्क्रियता पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि एक दिन शिक्षक संघों की सभी 'दुकानें' बंद हो जाएंगी, क्योंकि तृतीय श्रेणी शिक्षकों को तबादला नीति के नाम पर उलझाया जा रहा है, और द्वितीय श्रेणी शिक्षकों को पदोन्नति के बाद दूर के जिलों में भेजा जा रहा है, जबकि वे अपने गृह जिले के पास आना चाहते थे। इसे उन्होंने "सरासर धोखा" बताया है। बिश्नोई खारा ने उन लोगों को "सबसे बड़े धोखेबाज" कहा जो इस मुद्दे पर मौन हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में परीक्षा के माध्यम से तबादले हो जाते हैं, तो यहां क्या समस्या है और क्यों सभी के लिए परीक्षा के आधार पर तबादले नहीं किए जाते। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे तबादला नीति का ज्ञान देते हैं, जबकि अपने रिश्तेदारों – चाहे वे तृतीय श्रेणी के हों, नवनियुक्त हों या शारीरिक शिक्षक हों – उनकी प्रतिनियुक्ति बाड़मेर और जैसलमेर जैसे दूरस्थ जिलों से जयपुर और बीकानेर करा रहे हैं। ये प्रतिनियुक्तियां दो-तीन साल से चल रही हैं, और फर्जी पीएल का भुगतान PEEO/CBEO को धमकी देकर उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी डीईओ में इतनी हिम्मत नहीं कि वह इन प्रतिनियुक्तियों पर सवाल उठा सके या सूचना सार्वजनिक कर सके। उपाध्यक्ष ने शिक्षक संघों के नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि वे "घुंघट में नेतागिरी" कब तक करेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन शिक्षक संघों की हर ब्लॉक पर इकाई है, उन्हें प्रतिनियुक्ति पर तैनात शिक्षकों और उनकी सिफारिश करने वाले नेताओं, आईएएस/आरएएस अधिकारियों के संबंधों का उल्लेख करते हुए एक पुस्तिका छापनी चाहिए, और उसे मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री को भेंट करना चाहिए। उनके अनुसार, यह "पावरफुल सिफारिशी लोगों" को रोकने और एक निष्पक्ष तबादला नीति बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने शिक्षक नेताओं से जैन धर्म से सीख लेकर अपनी गलतियों को स्वीकार करने और मक्कारी के लिए माफी मांगने का आग्रह किया। बिश्नोई खारा ने जोर देकर कहा कि अगर मुद्दों को सख्ती से उठाया जाए, तो सरकार झुकने को तैयार है, जैसा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के मुद्दे पर हुआ था। उन्होंने सभी से तबादला नीति की राजनीति पर कठोरता से बोलने का आह्वान किया।
- राजस्थान के निमाज कस्बे में, 30 मई को श्री आई जी हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। यह पूरी घटना कस्बे की आवासीय भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल की है। इस घटना के बाद, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गई हैं, और न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद हैं, और आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से क्षेत्र में तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- आज शाम लगभग 7 बजे से ब्यावर क्षेत्र के देवली कलां गांव में तेज तूफानी हवा चल रही है। इन तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमक रही है और भारी गर्जना के साथ बारिश भी हो रही है।1
- राजस्थान के निमाज कस्बे की आवासीय भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल में 30 मई को एक प्रसूता की मौत के बाद से मामला लगातार गर्माता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठी हुई हैं और न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर मौजूद हैं, साथ ही आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। धरनास्थल पर भारी भीड़ जमा है, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।3
- राजस्थान में एक तहसीलदार का रातोंरात बांसवाड़ा तबादला कर दिया गया है, जिसने राज्यभर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। यह तबादला उन तहसीलदार का किया गया है, जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं को जमानत दी थी। इस अचानक हुए आदेश के बाद से ही इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं।1
- निमाज कस्बे की भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गई हैं, जो न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद हैं, वहीं आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ घंटों के लिए एक चेतावनी जारी की गई है। यह चेतावनी लोगों को उनके मोबाइल फोन पर अचानक अलर्ट के रूप में प्राप्त हुई है।1
- रायपुर मारवाड़ पुलिस थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ 12 मई, 2026 को मारपीट की घटना हुई थी। इस संबंध में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1