किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, भोगडाबर में शनिवार को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) के तहत राष्ट्रीय मूल्यांकन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह मूल्यांकन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने और आम नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक, समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संकल्प का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस विस्तृत निरीक्षण को राष्ट्रीय मूल्यांकन के लिए नियुक्त असेसर डॉ. राजेश कुमार त्रिपाठी और श्री पुष्पेंद्र सिंह ने किया। उन्होंने ओपीडी सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, दवा प्रबंधन, प्रयोगशाला सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण, रिकॉर्ड संधारण, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं सहित राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन आकलन किया। साथ ही, स्वास्थ्यकर्मियों से प्रक्रियाओं की जानकारी ली गई और उपलब्ध व्यवस्थाओं का सत्यापन किया गया। भोगडाबर का यह आयुष्मान आरोग्य मंदिर इससे पहले राज्य स्तरीय एनक्वास मूल्यांकन में 88 अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुका है, जिसके आधार पर इसे राष्ट्रीय मूल्यांकन के लिए चयनित किया गया। राष्ट्रीय मूल्यांकन से पूर्व, जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा लगातार सपोर्टिंग सुपरविजन, मॉक असेसमेंट और गुणवत्ता सुधार संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं ताकि सभी आवश्यक मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने इस राष्ट्रीय मूल्यांकन को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति ने पूरी निष्ठा से तैयारियां की हैं और पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों से केंद्र को तैयार किया गया है। डीक्यूएसी प्रभारी सुमन सिन्हा ने इसे पूरे स्वास्थ्य विभाग के लिए गर्व की बात बताते हुए कहा कि यह मूल्यांकन निरंतर गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। जिलाधिकारी विशाल राज ने इस राष्ट्रीय मूल्यांकन को जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। राष्ट्रीय असेसरों द्वारा संपन्न यह निरीक्षण अब मूल्यांकन प्रक्रिया के अगले चरण का आधार बनेगा और यदि केंद्र राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है, तो यह किशनगंज ही नहीं बल्कि पूरे बिहार के लिए गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक उल्लेखनीय उदाहरण बन सकता है।
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, भोगडाबर में शनिवार को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) के तहत राष्ट्रीय मूल्यांकन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह मूल्यांकन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने और आम नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक, समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संकल्प का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस विस्तृत निरीक्षण को राष्ट्रीय मूल्यांकन के लिए नियुक्त असेसर डॉ. राजेश कुमार त्रिपाठी और श्री पुष्पेंद्र सिंह ने किया। उन्होंने ओपीडी सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, दवा प्रबंधन, प्रयोगशाला सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण, रिकॉर्ड संधारण, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं सहित राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन आकलन किया। साथ ही, स्वास्थ्यकर्मियों से प्रक्रियाओं की जानकारी ली गई और उपलब्ध व्यवस्थाओं का सत्यापन किया गया। भोगडाबर का यह आयुष्मान आरोग्य मंदिर इससे पहले राज्य स्तरीय एनक्वास मूल्यांकन में 88 अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुका है, जिसके आधार पर इसे राष्ट्रीय मूल्यांकन के लिए चयनित किया गया। राष्ट्रीय मूल्यांकन से पूर्व, जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा लगातार सपोर्टिंग सुपरविजन, मॉक असेसमेंट और गुणवत्ता सुधार संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं ताकि सभी आवश्यक मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने इस राष्ट्रीय मूल्यांकन को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति ने पूरी निष्ठा से तैयारियां की हैं और पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों से केंद्र को तैयार किया गया है। डीक्यूएसी प्रभारी सुमन सिन्हा ने इसे पूरे स्वास्थ्य विभाग के लिए गर्व की बात बताते हुए कहा कि यह मूल्यांकन निरंतर गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। जिलाधिकारी विशाल राज ने इस राष्ट्रीय मूल्यांकन को जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। राष्ट्रीय असेसरों द्वारा संपन्न यह निरीक्षण अब मूल्यांकन प्रक्रिया के अगले चरण का आधार बनेगा और यदि केंद्र राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है, तो यह किशनगंज ही नहीं बल्कि पूरे बिहार के लिए गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक उल्लेखनीय उदाहरण बन सकता है।
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में एक कल्वर्ट को खोदकर अधूरा छोड़ देने से स्थानीय सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों में भारी नाराज़गी है, क्योंकि इस बदहाल रास्ते से उन्हें आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
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- अररिया जिले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मासूम रेज़ा ने वर्तमान समय में देश के प्रमुख मुद्दों, जैसे कि बढ़ती महंगाई, रोजगार के अभाव और हाल ही में सामने आए NEET पेपर लीक के गंभीर मामले पर अपनी राय रखी है।1
- अररिया में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मासूम रेज़ा के विचारों पर चर्चा हुई है, जिनमें मुख्य रूप से महंगाई, रोजगार के मुद्दे और NEET पेपर लीक का विषय शामिल था। इन अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके बयान की प्रतीक्षा की गई।1
- बिहार के अररिया जिले के कुर्सकांटा प्रखंड स्थित ताराबाड़ी में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक वृद्ध चचरी पुल से नदी में गिर गए हैं। इस वृद्ध की पहचान बुधू मल्लिक के रूप में हुई है, जो पुल से नदी में गिरने के बाद से ही लापता बताए जा रहे हैं। घटना के घंटों बाद तक चली गहन खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। स्थानीय प्रयासों के विफल होने के बाद, अब इस मामले में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया है ताकि लापता बुधू मल्लिक की तलाश की जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद जघन्य घटना सामने आई है, जहाँ एक 9 माह की मासूम बच्ची के साथ उसके नाबालिग मामा ने दुष्कर्म किया। यह घटना शनिवार को तब उजागर हुई जब बच्ची घर से लापता होने के बाद खेत के पास गंभीर हालत में मिली। पुलिस की शुरुआती जाँच में बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी मामा ने पोर्न देखकर इस दरिंदगी को अंजाम दिया। पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर वह रोने लगा और उसके फोन से 50 अश्लील वीडियो भी बरामद हुए हैं।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में फुलवरिया ब्रिज एप्रोच एक बड़े खतरे का कारण बन गया है, जिससे कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है। इस स्थिति को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्यों मौन है।1
- आरा में एक कथित फेक एनकाउंटर की घटना पर भारी बवाल छिड़ गया है। इस घटना में भरत तिवारी का कथित तौर पर फेक एनकाउंटर हुआ है, जिससे लोगों में काफी आक्रोश है। इस मामले पर आरा के सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सम्राट चौधरी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'गलत किया'। इस पूरे प्रकरण के बाद, लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं।1