करनाल में प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-एडवांस्ड 2026 के परिणामों की घोषणा के बाद, जेनिसिस क्लासेस के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए शानदार सफलता हासिल की है। संस्थान के 40 से अधिक छात्रों ने इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नाम रोशन किया। इनमें सम्पन कक्कड़ ने अखिल भारतीय सीआरएल रैंक 1257 और कैटेगरी रैंक 133 प्राप्त कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उनके अतिरिक्त, एताशा मलिक (1600), गायत्री (3841), युव बंसल (4187) और वत्सल जैन (4500) सहित कई अन्य विद्यार्थियों ने भी उच्च रैंक हासिल की; संस्थान ने शीर्ष 30 सफल विद्यार्थियों की एक सूची भी जारी की है। इस "ऐतिहासिक सफलता" पर संस्थान के निदेशक जितेंद्र सिंह अहलावत और नवनीत सिंह ने सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी। निदेशक जितेंद्र सिंह अहलावत ने जोर दिया कि यह उपलब्धि केवल परीक्षा में सफलता नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत, समर्पण और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने यह भी बताया कि जेनिसिस क्लासेस केवल रैंक और अंकों पर केंद्रित शिक्षा में विश्वास नहीं रखता, बल्कि विद्यार्थियों को नैतिक, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने पर भी ध्यान देता है। संस्थान में श्रीमद्भगवद्गीता के प्रेरणादायक श्लोकों का नियमित अध्ययन कराया जाता है, जिससे छात्रों में आत्मविश्वास, धैर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा विकसित होती है। संस्थान का शिक्षण दर्शन श्रीमद्भगवद्गीता के इस संदेश पर आधारित है: "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन", जिसका अर्थ है कि तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फल पर नहीं। इसी सिद्धांत का पालन कर जेनिसिस के विद्यार्थी परिणामों की चिंता किए बिना निरंतर मेहनत करते हैं और सफलता प्राप्त करते हैं। जेनिसिस क्लासेस की एक विशिष्ट पहचान यह भी है कि यहाँ सिर्फ हरियाणा से ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और देश के कई अन्य राज्यों से प्रतिभाशाली विद्यार्थी अध्ययन करने आते हैं। संस्थान भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करता है, जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमियों के छात्र एक साझा लक्ष्य – सफलता – के लिए मिलकर प्रयास करते हैं। निदेशक मंडल ने पुष्टि की कि जेनिसिस क्लासेस कई वर्षों से देश भर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें आईआईटी, एनआईटी, नीट, एनडीए, सीयूईटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
करनाल में प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-एडवांस्ड 2026 के परिणामों की घोषणा के बाद, जेनिसिस क्लासेस के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए शानदार सफलता हासिल की है। संस्थान के 40 से अधिक छात्रों ने इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नाम रोशन किया। इनमें सम्पन कक्कड़ ने अखिल भारतीय सीआरएल रैंक 1257 और कैटेगरी रैंक 133 प्राप्त कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उनके अतिरिक्त, एताशा मलिक (1600), गायत्री (3841), युव बंसल (4187) और वत्सल जैन (4500) सहित कई अन्य विद्यार्थियों ने भी उच्च रैंक हासिल की; संस्थान ने शीर्ष 30 सफल विद्यार्थियों की एक सूची भी जारी की है। इस "ऐतिहासिक सफलता" पर संस्थान के निदेशक जितेंद्र सिंह अहलावत और नवनीत सिंह ने सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी। निदेशक जितेंद्र सिंह अहलावत ने जोर दिया कि यह उपलब्धि केवल परीक्षा में सफलता नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत, समर्पण और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने यह भी बताया कि जेनिसिस क्लासेस केवल रैंक और अंकों पर केंद्रित शिक्षा में विश्वास नहीं रखता, बल्कि विद्यार्थियों को नैतिक, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने पर भी ध्यान देता है। संस्थान में श्रीमद्भगवद्गीता के प्रेरणादायक श्लोकों का नियमित अध्ययन कराया जाता है, जिससे छात्रों में आत्मविश्वास, धैर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा विकसित होती है। संस्थान का शिक्षण दर्शन श्रीमद्भगवद्गीता के इस संदेश पर आधारित है: "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन", जिसका अर्थ है कि तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फल पर नहीं। इसी सिद्धांत का पालन कर जेनिसिस के विद्यार्थी परिणामों की चिंता किए बिना निरंतर मेहनत करते हैं और सफलता प्राप्त करते हैं। जेनिसिस क्लासेस की एक विशिष्ट पहचान यह भी है कि यहाँ सिर्फ हरियाणा से ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और देश के कई अन्य राज्यों से प्रतिभाशाली विद्यार्थी अध्ययन करने आते हैं। संस्थान भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करता है, जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमियों के छात्र एक साझा लक्ष्य – सफलता – के लिए मिलकर प्रयास करते हैं। निदेशक मंडल ने पुष्टि की कि जेनिसिस क्लासेस कई वर्षों से देश भर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें आईआईटी, एनआईटी, नीट, एनडीए, सीयूईटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
- हरियाणा में कश्यप समुदाय द्वारा एक महापंचायत बुलाई गई थी, जिसमें पूरे प्रदेश से समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। यह महापंचायत कश्यप समाज के बैनर तले आयोजित की गई, जहाँ विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए प्रदेशभर से सदस्य एकत्र हुए।1
- शामली जिले के थानाभवन थाना क्षेत्र में केबल चोरों का आतंक देखा जा रहा है। इन चोरों ने एक ही रात में तीन किसानों के ट्यूबवेलों को अपना निशाना बनाया है।1
- नई दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर कॉकरोच पार्टी के सदस्य तथा पेपर लीक की समस्या से परेशान छात्र और उनके अभिभावक पहुंचे।1
- पोस्ट में गोदी मीडिया की कार्यप्रणाली पर तीखा तंज़ कसा गया है, जिसमें बताया गया है कि यह किस प्रकार तैयार किया जाता है। इसके साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि अंधभक्तों की अपनी एक अलग ही दुनिया होती है, जो इन सब से परे है।1
- शामली में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं की एक हरकत सामने आई है, जहाँ उन्होंने सड़क पर स्टंटबाजी की। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ये कार्यकर्ता आजाद समाज पार्टी द्वारा शामली में आयोजित किए गए ‘सत्ता परिवर्तन कार्यक्रम’ में शामिल होने के लिए जा रहे थे। यह पूरा मामला दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे मार्ग का बताया जा रहा है।1
- एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने 'मिशन मैदान 2.0' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को 520 प्रतिबंधित नशीले ट्रामाडौल कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई माननीय पुलिस महानिरीक्षक पंकज नैन के आदेशों और पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के सख्त निर्देशों के बाद की गई, जिसका उद्देश्य नशे के कारोबार में लिप्त अपराधियों को पकड़ना है। डीएसपी रजत गुलिया ने पत्रकारों को बताया कि एंटी नारकोटिक सेल के इंचार्ज अनिल कुमार की टीम को गांव शादी पुर के पास एक युवक के नशीले पदार्थों के साथ घूमने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना पर उप निरीक्षक सतीश कुमार, एएसआई जसबीर सिंह, कुलदीप कुमार, ललित और राजेंद्र सिंह पंकज की एक टीम गठित कर तुरंत मौके पर भेजी गई। टीम ने युवक को काबू किया और मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार साडोरा कुलदीप को बुलाया गया। पूछताछ में आरोपी की पहचान पुराना हमीदा निवासी विक्की पुत्र राजवीर के रूप में हुई। उसकी तलाशी लेने पर कब्जे से प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद हुए, जिनकी जांच ड्रग कंट्रोलर डॉ. बिंदु धीमान ने ट्रामाडौल कैप्सूल के रूप में पुष्टि की। बरामद कैप्सूलों की संख्या 520 बताई गई है। आरोपी विक्की के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इंचार्ज अनिल कुमार ने जानकारी दी कि आरोपी पर पहले भी दो मामले दर्ज हैं, जो फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन हैं। वह लंबे समय से उत्तर प्रदेश से प्रतिबंधित दवाइयां लाकर आसपास के युवाओं को बेच रहा था, और उसे एक मामले में पुलिस भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है।1
- स्थानीय एसएचओ रामलाल ने सभी ई-रिक्शा चालकों को एक साथ बुलाया, जिसके बाद मौके पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस बैठक में, एसएचओ रामलाल ने सभी चालकों को ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। अब देखना यह होगा कि इन निर्देशों का पालन होने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में वाकई कोई सुधार हो पाएगा या नहीं।1
- शामली जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन सवेरा : नशे के अंधकार से, जीवन के उजाले की ओर" के तहत, थाना कांधला पुलिस ने दो मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 700 ग्राम अवैध चरस और तस्करी में इस्तेमाल की गई एक एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (UP19E6945) बरामद की है। गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान मुस्तफा पुत्र मोहसीन अख्तर और उस्मान पुत्र गय्यूर के रूप में हुई है, जो ग्राम नंगला राई, थाना कैराना के निवासी हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के नेतृत्व और पुलिस अधीक्षक शामली एन.पी. सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान में, थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में कांधला पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार के अनुसार, दोनों आरोपी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए गए थे। बरामदगी के आधार पर, थाना कांधला में आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, पुलिस अब इनके नेटवर्क और मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला की भी गहन जांच कर रही है। क्षेत्र में अपराध और नशा तस्करी पर अंकुश लगाने को लेकर थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार की कार्यशैली की आमजन और पुलिस अधिकारियों द्वारा खूब सराहना की जा रही है। उनके नेतृत्व में हो रही लगातार सफल कार्रवाइयों से क्षेत्र के अपराधियों में भय बढ़ा है और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस मुहिम में पुलिस का सहयोग करें और अवैध नशे के कारोबार की कोई भी सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयासों से ही "नशे के अंधकार से, जीवन के उजाले की ओर" के लक्ष्य को सफल बनाकर जनपद शामली को नशामुक्त बनाया जा सकता है।1