ओडिशा में रेयर अर्थ रिज़र्व, 3 बीच पर रेयर मिनरल, 10,000 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट का मौका ओडिशा में रेयर अर्थ रिज़र्व, 3 बीच पर रेयर मिनरल, 10,000 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट का मौका ________________________ मनोरंजन शासमल , स भूबनेश्वर : केंद्र सरकार ने बजट में रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की है। इस घोषणा से ओडिशा के लिए रेयर अर्थ मटीरियल के क्षेत्र में नए मौके बनने की संभावना है। केंद्र सरकार ने क्रिटिकल मिनरल्स मिशन की घोषणा करके देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाया है।ओडिशा इस फील्ड में अपनी मौजूदगी मजबूत करने जा रहा है। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट की जानकारी के मुताबिक, राज्य में रेयर अर्थ सेक्टर में इन्वेस्टमेंट की काफी संभावना है। अब तक 2 इन्वेस्टर्स ने राज्य में इस फील्ड में इन्वेस्टमेंट के लिए प्रपोज़ल दिए हैं। कंपनियां 10,000 करोड़ रुपये इन्वेस्ट करने जा रही हैं। अगर इन प्रपोज़ल्स को लागू किया जाता है, तो राज्य देश के रेयर अर्थ मिनरल सेक्टर में एक खास जगह बना लेगा। यह इस फील्ड में इंडस्ट्री के डेवलपमेंट और नए इन्वेस्टमेंट और ग्रोथ में मदद करेगा। मिनिस्ट्री ऑफ़ माइंस के डेटा के मुताबिक, देश के 30 रेयर अर्थ में से ओडिशा में 11 ऐसे मिनरल हैं। अभी, राज्य में इन मिनरल्स को निकाला नहीं गया है। इन मिनरल रिसोर्स का सही इस्तेमाल लंबे समय में इकोनॉमिक और सोशल डेवलपमेंट में मदद कर सकता है। कोबाल्ट राज्य के क्योंझर और जाजपुर जिलों में पाया जाता है। इन मेटल्स का इस्तेमाल EVs, EV बैटरी, एंटी-फ्रिक्शन मेटल्स, स्पेस एप्लीकेशन, पिगमेंट और डाई के फील्ड में किया जा सकता है। इसके अलावा, राज्य में ग्रेफाइट ओर भी है। इस मेटल का इस्तेमाल बैटरी, लुब्रिकेंट, EVs के लिए फ्यूल सेल बनाने में किया जा सकता है। निकल राज्य के जाजपुर, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल स्टेनलेस स्टील, सोलर पैनल, डिफेंस, एयरोस्पेस और EVs में किया जा सकता है। भुवनेश्वर से 170 उत्तर-पूर्व में बाउल नौ साही नाम की जगह पर प्लैटिनम ग्रुप के एलिमेंट की पहचान की गई है। इसका इस्तेमाल ऑटो कैटलिस्ट, ज्वेलरी, दवा, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में किया जा सकता है। रेयर अर्थ एलिमेंट (REE) राज्य के तीन बीच गोपालपुर, छत्रपुर और ब्रह्मगिरी में पाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक जनरेटर और मोटर, कैटलिस्ट, पॉलिशिंग, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस टेक्नोलॉजी, विंड पावर सेक्टर, एयरोस्पेस और सिविल एविएशन के लिए परमानेंट मैग्नेट में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसके अलावा, राज्य के सिलिकॉन ओर का इस्तेमाल सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट, पेंट और एल्यूमीनियम एलॉय में किया जाता है। मलकानगिरी जिले में टिन प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाले ओर हैं। जिसका इस्तेमाल एयरोस्पेस, कंस्ट्रक्शन, होम डेकोर इलेक्ट्रॉनिक्स, ज्वेलरी और टेलीकॉम इक्विपमेंट में होता है। इसी तरह, टाइटेनियम ओर एयरोस्पेस, डिफेंस एप्लीकेशन, केमिकल, पेट्रोकेमिकल, पिगमेंट और पॉलीमर सेक्टर में इन्वेस्टर को अट्रैक्ट करेगा। दूसरी ओर, वैनेडियम का इस्तेमाल एलॉय और बैटरी में होता है। जिरकोन का इस्तेमाल हाई वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है। इंडिया रेयर अर्थ्स लिमिटेड (IREL) गंजम के गोपालपुर में अपनी फैसिलिटी के साथ काम कर रही है। इस अनाउंसमेंट के बाद, चीफ मिनिस्टर मोहन चरण माझी ने कहा कि रेयर अर्थ मिनरल्स राज्य को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का हब बनाएंगे। इंडिया-US ट्रेड एग्रीमेंट से राज्य में इस सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
ओडिशा में रेयर अर्थ रिज़र्व, 3 बीच पर रेयर मिनरल, 10,000 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट का मौका ओडिशा में रेयर अर्थ रिज़र्व, 3 बीच पर रेयर मिनरल, 10,000 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट का मौका ________________________ मनोरंजन शासमल , स भूबनेश्वर : केंद्र सरकार ने बजट में रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की है। इस घोषणा से ओडिशा के लिए रेयर अर्थ मटीरियल के क्षेत्र में नए मौके बनने की संभावना है। केंद्र सरकार ने क्रिटिकल मिनरल्स मिशन की घोषणा करके देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाया है।ओडिशा इस फील्ड में अपनी मौजूदगी मजबूत करने जा रहा है। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट की जानकारी के मुताबिक, राज्य में रेयर अर्थ सेक्टर में इन्वेस्टमेंट की काफी संभावना है। अब तक 2 इन्वेस्टर्स ने राज्य में इस फील्ड में इन्वेस्टमेंट के लिए प्रपोज़ल दिए हैं। कंपनियां 10,000 करोड़ रुपये इन्वेस्ट करने जा रही हैं। अगर इन प्रपोज़ल्स को लागू किया जाता है, तो राज्य देश के रेयर अर्थ मिनरल सेक्टर में एक खास जगह बना लेगा। यह इस फील्ड में इंडस्ट्री के डेवलपमेंट और नए इन्वेस्टमेंट और ग्रोथ में मदद करेगा। मिनिस्ट्री ऑफ़ माइंस के डेटा के मुताबिक, देश के 30 रेयर अर्थ में से ओडिशा में 11 ऐसे मिनरल हैं। अभी, राज्य में इन मिनरल्स को निकाला नहीं गया है। इन मिनरल रिसोर्स का सही इस्तेमाल लंबे समय में इकोनॉमिक और सोशल डेवलपमेंट में मदद कर सकता है। कोबाल्ट राज्य के क्योंझर और जाजपुर जिलों में पाया जाता है। इन मेटल्स का इस्तेमाल EVs, EV बैटरी, एंटी-फ्रिक्शन मेटल्स, स्पेस एप्लीकेशन, पिगमेंट और डाई के फील्ड में किया जा सकता है। इसके अलावा, राज्य में ग्रेफाइट ओर भी है। इस मेटल का इस्तेमाल बैटरी, लुब्रिकेंट, EVs के लिए फ्यूल सेल बनाने में किया जा सकता है। निकल राज्य के जाजपुर, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल स्टेनलेस स्टील, सोलर पैनल, डिफेंस, एयरोस्पेस और EVs में किया जा सकता है। भुवनेश्वर से 170 उत्तर-पूर्व में बाउल नौ साही नाम की जगह पर प्लैटिनम ग्रुप के एलिमेंट की पहचान की गई है। इसका इस्तेमाल ऑटो कैटलिस्ट, ज्वेलरी, दवा, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में किया जा सकता है। रेयर अर्थ एलिमेंट (REE) राज्य के तीन बीच गोपालपुर, छत्रपुर और ब्रह्मगिरी में पाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक जनरेटर और मोटर, कैटलिस्ट, पॉलिशिंग, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस टेक्नोलॉजी, विंड पावर सेक्टर, एयरोस्पेस और सिविल एविएशन के लिए परमानेंट मैग्नेट में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसके अलावा, राज्य के सिलिकॉन ओर का इस्तेमाल सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट, पेंट और एल्यूमीनियम एलॉय में किया जाता है। मलकानगिरी जिले में टिन प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाले ओर हैं। जिसका इस्तेमाल एयरोस्पेस, कंस्ट्रक्शन, होम डेकोर इलेक्ट्रॉनिक्स, ज्वेलरी और टेलीकॉम इक्विपमेंट में होता है। इसी तरह, टाइटेनियम ओर एयरोस्पेस, डिफेंस एप्लीकेशन, केमिकल, पेट्रोकेमिकल, पिगमेंट और पॉलीमर सेक्टर में इन्वेस्टर को अट्रैक्ट करेगा। दूसरी ओर, वैनेडियम का इस्तेमाल एलॉय और बैटरी में होता है। जिरकोन का इस्तेमाल हाई वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है। इंडिया रेयर अर्थ्स लिमिटेड (IREL) गंजम के गोपालपुर में अपनी फैसिलिटी के साथ काम कर रही है। इस अनाउंसमेंट के बाद, चीफ मिनिस्टर मोहन चरण माझी ने कहा कि रेयर अर्थ मिनरल्स राज्य को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का हब बनाएंगे। इंडिया-US ट्रेड एग्रीमेंट से राज्य में इस सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
- nuapata word no 04 bmc1
- ଭୁବନେଶ୍ୱର ପିମଜି ଠାରେ CT & B.Ed ବେକାରୀ ପକୋଡ଼ି ବିକି ଅଭିନଵ ପ୍ରତିବାଦ1
- ଭୁବନେଶ୍ୱର: ମଙ୍ଗଳବାରଠୁ ସପ୍ତଦଶ ବିଧାନସଭାର ଷଷ୍ଠ ଅଧିବେଶନ ବା ବଜେଟ୍ ଅଧିବେଶନ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଛି। ଦୁଇଟି ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ଏପ୍ରିଲ ୮ତାରିଖ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଚାଲିବାକୁ ଥିବା ଏହି ଅଧିବେଶନରେ ମୋଟ୍ ୨୮ଟି କାର୍ଯ୍ୟ ଦିବସ ରହିଛି। ପ୍ରଥମ ଦିନରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ମୋନ ଚରଣ ମାଝୀଙ୍କ ସମେତ ବିଭିନ୍ନ ଦଳର ବିଧାୟକମାନେ ଗୃହରେ ନିର୍ଦ୍ଧାରିତ ସମୟରେ ପ୍ରବେଶ କରିଥିଲେ। ଦେଖନ୍ତୁ ଭିଡିଓ।1
- Post by Thabira Majhi1
- Post by Gagan Bhoi1
- ଓଡିଶା ରେ ହେବ କ୍ଲିନ୍ ଟେକ୍ ଏକ୍ସପୋ1
- ବ୍ୟାଟେରୀ ଚାଳିତ ଗାଡ଼ି ଅଫିସ୍ କୁ ଫୋନ୍ ଆସୁଥିଲେ ମଧ୍ୟ ଫୋନ ଉଠାଉନାହାନ୍ତି କର୍ମଚାରୀ। ନିଘୋଡ଼ ନିଦରେ ଶୋଇ ପରି ରାଇଜକୁ ବୁଲିବାକୁ ଯାଇଛନ୍ତି କର୍ମଚାରୀ। ଜରୁରୀକାଳୀନ ସେବା ପାଇଁ ବ୍ୟାଟେରୀ ଚାଳିତ ଗାଡ଼ି ଅଫିସକୁ ରୋଗୀ ମାନେ ଫୋନ କଲେ ମଧ୍ୟ ଫୋନ ଉଠାଉନାହାନ୍ତି କର୍ମଚାରୀ।1
- ବିଜେଡି ସରକାର ଚଣ୍ଡିଖୋଲ ଠାରେ ଉତ୍କଳ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟର ଦ୍ଵିତୀୟ କ୍ୟାମ୍ପସ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିଲା। ଦେଢ଼ ବର୍ଷ ହେଲା ସେ ବିଲଡିଂଗୁଡିକ ଭୁତ କୋଠି ହୋଇସାରିଲଣି।1