पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने भोपाल में अयोध्या राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इन घटनाओं से करोड़ों राम भक्तों की आस्था और सनातन परंपरा से जुड़े लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मंदिरों की व्यवस्था केवल ऐसे लोगों के हाथों में होनी चाहिए जो सनातन धर्म के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हों। भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान, शास्त्री ने उन लोगों को कड़ी चेतावनी दी जो रामजी के धाम में रहकर कुकृत्य करते हैं, यह कहते हुए कि उन्हें कठोर दंड मिलेगा। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म और मर्यादा के विरुद्ध कार्य करने वालों का अंत हमेशा बुरा हुआ है। उनके मतानुसार, इस तरह की घटनाएँ केवल किसी एक संस्था को ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन समाज की छवि को भी गंभीर नुकसान पहुँचाती हैं। इस संदर्भ में, धीरेन्द्र शास्त्री ने भारत और इंडोनेशिया के मुसलमानों की सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं की तुलना करते हुए भारतीय मुसलमानों को इंडोनेशिया की सामाजिक समरसता से सीख लेने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया में लोग अपनी धार्मिक आस्था के साथ-साथ अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। शास्त्री के इन बयानों के बाद से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं।
पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने भोपाल में अयोध्या राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इन घटनाओं से करोड़ों राम भक्तों की आस्था और सनातन परंपरा से जुड़े लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मंदिरों की व्यवस्था केवल ऐसे लोगों के हाथों में होनी चाहिए जो सनातन धर्म के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हों। भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान, शास्त्री ने उन लोगों को कड़ी चेतावनी दी जो रामजी के धाम में रहकर कुकृत्य करते हैं, यह कहते हुए कि उन्हें कठोर दंड मिलेगा। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म और मर्यादा के विरुद्ध कार्य करने वालों का अंत हमेशा बुरा हुआ है। उनके मतानुसार, इस तरह की घटनाएँ केवल किसी एक संस्था को ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन समाज की छवि को भी गंभीर नुकसान पहुँचाती हैं। इस संदर्भ में, धीरेन्द्र शास्त्री ने भारत और इंडोनेशिया के मुसलमानों की सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं की तुलना करते हुए भारतीय मुसलमानों को इंडोनेशिया की सामाजिक समरसता से सीख लेने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया में लोग अपनी धार्मिक आस्था के साथ-साथ अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। शास्त्री के इन बयानों के बाद से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं।
- User1518Berasia, Bhopal🤝4 hrs ago
- मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम कर्मचारियों की दबंगई और बदसलूकी का एक नया मामला सामने आया है। यह घटना इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में हुई, जहाँ ड्यूटी पर मौजूद नगर निगम के कर्मचारी एक महिला पत्रकार पर सवाल पूछने पर भड़क उठे और उनके साथ जमकर अभद्रता की। जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला पत्रकार क्षेत्र में नगर निगम की कार्रवाइयों या व्यवस्थाओं को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने वहाँ उपस्थित कर्मचारियों से जनहित से जुड़े कुछ सवाल पूछ लिए, जिस पर कर्मचारी अपना आपा खो बैठे और पत्रकार से विवाद करने लगे। यह बात इतनी बढ़ गई कि कर्मचारियों ने महिला पत्रकार के साथ तीखी बहस करते हुए बदसलूकी करनी शुरू कर दी। इस पूरे मामले के बाद, पीड़ित महिला पत्रकार ने लसूडिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने अब मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- इंदौर कलेक्टर कार्यालय में 30 जून 2026, मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति की बेबसी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे कार्यालय में व्हीलचेयर तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि वह अपनी दिव्यांग पेंशन बंद होने और गंभीर पारिवारिक समस्याओं से परेशान होकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचा था। मीडिया के सामने अपनी व्यथा बताते हुए पीड़ित ने कहा कि उसकी दिव्यांग पेंशन लंबे समय से बंद है और इस संबंध में कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण मंच पर भी उसे मूलभूत सुविधाएँ न मिलने से पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस घटना ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जनसुनवाई में दिव्यांगों के लिए बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं, और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कोई कार्रवाई करेंगे? फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- मंगलवार, 30 जून 2026 को इंदौर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने इंदौर कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई। महिला ने अपनी समस्या को लेकर कलेक्टर के समक्ष न्याय दिलाने की अपील की।1
- इंदौर में 6 जुलाई 2026, सोमवार को एक दिवसीय “युवा संगम” रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशानुसार, जिला रोजगार कार्यालय इंदौर द्वारा इस मेले का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, इनोवेशन और अप्रेन्टिसशिप के अवसर एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। यह रोजगार मेला जिला रोजगार कार्यालय (जिला उद्योग केंद्र परिसर), पोलोग्राउंड इंदौर में प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा। मेले में युवाओं को रोजगार के अवसरों के साथ-साथ स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु ऋण प्रक्रिया और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी। उप संचालक रोजगार श्री पी. एस. मंडलोई ने बताया कि मेले में जे.जे. इंडस्ट्रीज़, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक, आईटीएल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, कटारिया ग्रुप सहित कई प्रतिष्ठित कंपनियाँ भाग लेंगी। इन कंपनियों द्वारा डिजिटल मार्केटिंग, अकाउंटेंट, बीपीओ, बैक ऑफिस, कंप्यूटर ऑपरेटर, सेल्स, सुपरवाइजर तथा फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट जैसे तकनीकी पदों सहित 250 से अधिक रिक्तियों पर भर्ती की जाएगी। इस मेले में 18 से 35 वर्ष तक के ऐसे आवेदक भाग ले सकते हैं जिनकी शैक्षणिक योग्यता 8वीं से लेकर स्नातकोत्तर, बी.फार्मा, आईटीआई एवं डिप्लोमा तक है। इच्छुक अभ्यर्थियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने सभी शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों, बायोडाटा, आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियाँ साथ लाएँ। जिला रोजगार कार्यालय ने युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाकर अपने भविष्य को संवारने का आग्रह किया है।1
- इंदौर पुलिस मुख्यालय में हर मंगलवार आयोजित होने वाली जनसुनवाई में इस बार भी सैकड़ों शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद और रुपए के लेनदेन से जुड़े मामले शामिल थे। हालांकि, इस बार कई बुजुर्ग दंपति अपने ही बेटे, बहू और बेटियों के खिलाफ शिकायतें लेकर पहुंचे, जो एक चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया कि कुछ मामलों में बुजुर्गों के साथ आपराधिक घटनाएं होने के आरोप भी सामने आए हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जहां समझाइश और काउंसलिंग से समाधान संभव होगा, वहां पहले उसका प्रयास किया जाएगा, लेकिन यदि शिकायत में अपराध के पर्याप्त तथ्य पाए जाते हैं या समझाइश के बावजूद उत्पीड़न जारी रहता है, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने जोर देकर कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है, और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- इंदौर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को एक भावुक विदाई समारोह आयोजित किया गया, जहाँ पुलिस विभाग में 36 वर्षों तक ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ सेवा देने वाले तीन सहायक उप-निरीक्षकों (ASI) को सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त किया गया। पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार वर्मा ने थाना महू से पन्नालाल चौहान, थाना बेटमा से मोती सिंह देवड़ा और थाना हातोद से चन्द्रकिशोर सिंह चौहान को शाल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक वर्मा ने इन अधिकारियों के लंबे सेवाकाल में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और जनसेवा के क्षेत्र में 'उल्लेखनीय योगदान' की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी सेवाएँ विभाग के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेंगी। समारोह में उप पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) उमाकांत चौधरी सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उनके स्वस्थ, सुखमय तथा सफल जीवन की शुभकामनाएँ दीं। यह विदाई समारोह अत्यंत भावुक माहौल में संपन्न हुआ। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच, पूरे इंदौर ग्रामीण पुलिस परिवार ने तीनों अधिकारियों को सम्मान और आत्मीयता के साथ उनकी नई जीवन यात्रा के लिए विदा किया। विभाग ने जोर देकर कहा कि इन अधिकारियों की कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा की मिसाल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।1
- इंदौर की मशहूर 56 दुकान अब बॉलीवुड कलाकारों की पहली पसंद बन गई है। बॉलीवुड के कलाकार विशेष रूप से इंदौर को देखने के लिए इसी जगह आते हैं। आज भी 56 दुकान पर कई बॉलीवुड कलाकार देखे गए, जिससे इसकी लोकप्रियता का पता चलता है।1
- एक 'मामू जी' के 'दिल के चक्कर' से जुड़ी एक घटना में, चार लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। यह घातक हादसा बाइक पर स्टंट करने के दौरान हुआ, जो बेहद महंगा साबित हुआ। इस दुर्घटना का कारण जरा सी चूक और नजर का हटना रहा, और यही छोटी सी लापरवाही इन मौतों की वजह बनी।1