बलौदाबाजार में यूनाइटेड ह्यूमन राइट्स एवं सोशल जस्टिस काउंसिल के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन के दौरान कांग्रेस नेता सरयू प्रसाद घृतलहरे ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा होती है, इसलिए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए घृतलहरे ने शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज में समान अवसर उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जागरूक, जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक तैयार करने का सबसे प्रभावी साधन है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके विचारों को गंभीरता से सुना और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की जरूरत पर अपनी सहमति जताई।
बलौदाबाजार में यूनाइटेड ह्यूमन राइट्स एवं सोशल जस्टिस काउंसिल के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन के दौरान कांग्रेस नेता सरयू प्रसाद घृतलहरे ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा होती है, इसलिए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए घृतलहरे ने शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज में समान अवसर उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जागरूक, जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक तैयार करने का सबसे प्रभावी साधन है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके विचारों को गंभीरता से सुना और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की जरूरत पर अपनी सहमति जताई।
- मुंगेली जिले के ग्राम चमारी (रोहरा) स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है। यहां ग्रामीणों और स्कूल के बच्चों ने प्रधानपाठक पर शराब के नशे में स्कूल आने, अभद्र व्यवहार करने और बच्चों के साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मीडिया टीम के मौके पर पहुंचने पर विद्यालय में केवल सहायक शिक्षक ही उपस्थित मिले। जानकारी के अनुसार, इस स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक कुल 26 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं और यहां दो शिक्षक पदस्थ हैं। बच्चों और अभिभावकों ने मीडिया के सामने दावा किया है कि प्रधानपाठक कई बार स्कूल नहीं आते हैं और जब आते हैं तो कथित रूप से शराब के नशे में होते हैं। बच्चों का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती है, जिसे कुछ बच्चों ने कैमरे के सामने भी बयां किया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि स्कूल में लंबे समय से शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है। उन्होंने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से स्कूल में नियमित शिक्षण व्यवस्था बहाल करने तथा इन बुनियादी सुविधाओं को जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही, ग्रामीणों और अभिभावकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है ताकि बच्चों का शैक्षणिक माहौल बेहतर हो सके। इस संबंध में संबंधित प्रधानपाठक और शिक्षा विभाग का पक्ष आना अभी बाकी है।1
- बिलासपुर में बारिश के कारण कई क्विंटल चावल बर्बाद हो गया है। इस बर्बादी के बाद अब हितग्राहियों को खाद्यान्न नहीं मिल पाएगा।1
- बिलासपुर के रिंग रोड स्थित नोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान अजय ताम्रकार की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। बाइक से गिरने पर कंधे में चोट लगने के बाद अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया था, जिसके बाद अचानक उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने इलाज में लापरवाही की, महंगी दवाइयां लिखकर उनका आर्थिक शोषण किया और सही जानकारी छिपाई। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार किया है। अब इस पूरे मामले की जांच की मांग की जा रही है।1
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से अब लोगों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। रविवार सुबह 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के जरिए स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हर घर आत्मनिर्भर बन रहा है। इसके साथ ही, लोगों को 24×7 ऊर्जा सुरक्षा और अतिरिक्त बिजली से कमाई का मौका मिल रहा है। इस योजना के तहत लोग न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि अपने घरों में बची हुई अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में वापस बेच भी रहे हैं। ग्रिड में बिजली वापस बेचकर लोग सालाना ₹15,000 तक की कमाई भी कर रहे हैं।1
- बिलासपुर जिले के बिल्हा अंतर्गत ग्राम मुढ़िपार में रविवार को जितेंद्र नामक व्यक्ति के घर में एक 8 फीट लंबा रेट स्नेक सांप घुस गया, जिसे छतौना के स्नेक रेस्क्यू मास्टर प्रहलाद यादव जी ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला। गौ सेवा धाम छतौना के गौ सेवक एवं स्नेक रेस्क्यू मास्टर प्रहलाद यादव जी से रविवार शाम 7:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 3:00 बजे उन्हें फोन के माध्यम से सूचना दी गई थी कि जितेंद्र के घर में एक बड़ा सांप घुस आया है जिसका रेस्क्यू किया जाना है। सूचना मिलते ही प्रहलाद यादव ग्राम मुढ़िपार पहुंचे और घर के अंदर घुसे इस विशाल रेट स्नेक को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। छत्तीसगढ़ में इस सांप को 'असढ़िया सांप' भी कहा जाता है। प्रहलाद यादव ने सांप को पकड़ने के बाद उसे एक बोरे में सुरक्षित रखा और फिर जंगल में ले जाकर छोड़ दिया। स्नेक रेस्क्यू मास्टर प्रहलाद यादव ने बताया कि इस सांप की लंबाई लगभग 8 फीट थी और इसके काटने से शरीर में जहर नहीं फैलता है। उन्होंने बताया कि यह सांप अक्सर चूहा आदि खाने की तलाश में घरों में घुस आता है।1
- बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बोडसरा में पारिवारिक विवाद को लेकर माता-पिता और बेटे के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पहली रिपोर्ट 52 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मीना कौशिक ने दर्ज कराई है। उनके अनुसार, उनका 38 वर्षीय बेटा आशीष कौशिक अपनी पत्नी सभ्या कौशिक से छोटी-छोटी बातों पर अक्सर लड़ाई-झगड़ा और मारपीट करता रहता था, जिससे तंग आकर बहू के मायके वाले 18 जुलाई 2026 को उसे अपने घर ले गए। इसी बात से नाराज होकर आशीष ने अपने माता-पिता पर आरोप लगाया कि वे उसकी पत्नी के मायके वालों को घर की बातें बताते हैं। गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देते हुए उसने आंगन में रखे किलो बांट (लोहे के वजन) से अपनी मां पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर और बाईं भुजा पर चोटें आईं। इस घटना के दौरान रामफल कौशिक ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद मां की रिपोर्ट पर हिर्री पुलिस ने आरोपी बेटे के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 115(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष से बेटे आशीष कौशिक ने भी अपने माता-पिता के खिलाफ काउंटर रिपोर्ट दर्ज कराई है। दुकानदारी करने वाले आशीष का आरोप है कि उसी दिन दोपहर करीब 12:00 बजे पारिवारिक विवाद के चलते उसके पिता शिव कलेश कौशिक और मां मीना कौशिक ने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। आशीष के अनुसार, उसके माता-पिता ने उस पर हाथ-मुक्के और स्टील के पाइप से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर, दाहिने हाथ और चेहरे पर चोट आई और खून बहने लगा। बेटे की इस शिकायत पर पुलिस ने उसके माता-पिता के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हिर्री पुलिस दोनों ही मामलों में विवेचना कर रही है।1