कानपुर के साढ़ क्षेत्र में बरईगढ़ गांव के पास रामगंगा नहर पर बना दशकों पुराना ब्रिटिशकालीन पुल रविवार को अचानक बीच से टूटकर नहर में समा गया। समय की मार और तेज जल प्रवाह के आगे यह पुल टिक नहीं सका, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय पुल पर कोई राहगीर या वाहन मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल वर्षों से क्षेत्र के लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की हालत लंबे समय से खराब थी, जिसमें कई स्थानों पर दरारें दिखाई दे रही थीं और इसकी मजबूती को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। दूसरी ओर, नहर विभाग का कहना है कि हाल के दिनों में नहर में पानी का दबाव सामान्य से अधिक था और लगातार तेज बहाव के कारण पुल की नींव कमजोर हो गई, जिसके चलते यह घटना हुई। पुल ध्वस्त होने के बाद बरईगढ़ और आसपास के गांवों के लोगों की दैनिक आवागमन की मुश्किलें बढ़ गई हैं, और उन्हें अब लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ेगा। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दुर्घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को बंद कर दिया है ताकि कोई व्यक्ति करीब न पहुंच सके। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है और तकनीकी जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से जल्द से जल्द नए पुल का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले इस मार्ग को फिर से चालू किया जा सके। फिलहाल, पुल का मलबा नहर में पड़ा हुआ है और विभाग क्षति का आकलन करने में जुटा है। एक झटके में वर्षों का इतिहास नहर में विलीन हो गया है।
कानपुर के साढ़ क्षेत्र में बरईगढ़ गांव के पास रामगंगा नहर पर बना दशकों पुराना ब्रिटिशकालीन पुल रविवार को अचानक बीच से टूटकर नहर में समा गया। समय की मार और तेज जल प्रवाह के आगे यह पुल टिक नहीं सका, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय पुल पर कोई राहगीर या वाहन मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल वर्षों से क्षेत्र के लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की हालत लंबे समय से खराब थी, जिसमें कई स्थानों पर दरारें दिखाई दे रही थीं और इसकी मजबूती को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। दूसरी ओर, नहर विभाग का कहना है कि हाल के दिनों में नहर
में पानी का दबाव सामान्य से अधिक था और लगातार तेज बहाव के कारण पुल की नींव कमजोर हो गई, जिसके चलते यह घटना हुई। पुल ध्वस्त होने के बाद बरईगढ़ और आसपास के गांवों के लोगों की दैनिक आवागमन की मुश्किलें बढ़ गई हैं, और उन्हें अब लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ेगा। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दुर्घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को बंद कर दिया है ताकि कोई व्यक्ति करीब न पहुंच सके। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है और तकनीकी जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से जल्द से जल्द नए पुल का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले इस मार्ग को फिर से चालू किया जा सके। फिलहाल, पुल का मलबा नहर में पड़ा हुआ है और विभाग क्षति का आकलन करने में जुटा है। एक झटके में वर्षों का इतिहास नहर में विलीन हो गया है।
- ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी राष्ट्रव्यापी 'गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' के तहत कानपुर के घाटमपुर कस्बे पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की मांग करना है। इस पावन अवसर पर क्षेत्रीय सनातन धर्मप्रेमियों और गौभक्तों ने महाराज जी के भव्य स्वागत के लिए विशेष पंडाल और स्वागत द्वार तैयार किए। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासियों ने इन पंडालों में उपस्थित होकर महाराज के दर्शन, आरती और आशीर्वाद प्राप्त किए। शंकराचार्य जी इस पूरी यात्रा के दौरान अन्न का पूर्ण त्याग कर केवल फलाहार ग्रहण कर रहे हैं। वे किसी भी होटल, धर्मशाला या निजी भवन में नहीं ठहरते हैं, बल्कि अपनी विशेष वैनिटी वैन में ही विश्राम कर रहे हैं। पुखरायां और घाटमपुर से होते हुए, शंकराचार्य जी का काफिला अब कानपुर नगर के किदवई नगर और सीसामऊ क्षेत्र में प्रवेश करेगा, जहां उनकी एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कस्बा चौकी प्रभारी शैलेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। इस मौके पर जन्मेजय गोस्वामी सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।4
- ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी राष्ट्रव्यापी 'गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' के तहत घाटमपुर कस्बे में पहुंचे। इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य केंद्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की मांग करना है। इस पावन अवसर पर क्षेत्रीय सनातन धर्मप्रेमियों और गौभक्तों ने महाराज जी के भव्य स्वागत के लिए विशेष पंडाल और स्वागत द्वार स्थापित किए थे। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासियों ने पंडालों में उपस्थित होकर महाराज जी के दर्शन, आरती और आशीर्वाद प्राप्त किए। शंकराचार्य जी इस पूरी यात्रा के दौरान अन्न का पूर्ण त्याग कर रहे हैं और केवल फलाहार ग्रहण करते हैं; वे किसी भी होटल, धर्मशाला या निजी भवन में न ठहरकर अपनी विशेष वैनिटी वैन में ही विश्राम कर रहे हैं। पुखरायां और घाटमपुर से आगे बढ़ते हुए, शंकराचार्य जी का काफिला अब कानपुर नगर के किदवई नगर और सीसामऊ क्षेत्र में प्रवेश करेगा, जहाँ उनकी एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए, कस्बा चौकी प्रभारी शैलेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। जगद्गुरु शंकराचार्य जी ने इस अवसर पर दोहराया कि जब तक गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता है, तब तक उनका यह संघर्ष अविराम जारी रहेगा।1
- हमीरपुर के जिलाधिकारी को जनता दल यूनाइटेड के जिलाध्यक्ष अत्री कुमार यादव ने विनोद पाल की गिरफ्तारी के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि टिकरौली गांव निवासी स्वर्गीय रज्जू के पुत्र रामबाबू पर 16 मई 2026 को सुबह करीब 6:30 बजे उनके घर पर जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले की योजना मनोज पाल, सुनीता (जो भारत की पत्नी हैं), सावित्री (जो मनोज की पत्नी हैं), और विनोद पाल की पत्नी ज्ञानेंद्रिय ने मिलकर बनाई थी। इन लोगों ने लोहे की रॉड, लाठी-डंडे लेकर रामबाबू को जान से मारने की कोशिश की और उनके गले में रस्सी का फंदा डालकर भी जान लेने का प्रयास किया। इस घटना में रामबाबू और गीता दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित परिवार रामबाबू को विपक्षी लोग, जिनमें मनोज पाल, सुनीता, सावित्री, विनोद और ज्ञानेंद्रिय शामिल हैं, लगातार गांव में न रहने देने की धमकी दे रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की गई है कि विनोद पाल को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवार रामबाबू को न्याय और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, तथा सभी विपक्षी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- KotlinKode Technology द्वारा पेशेवर न्यूज़ वेबसाइट, AI एंकर न्यूज़ वीडियो और पोस्ट क्रिएटर सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। जो लोग इन सेवाओं में रुचि रखते हैं, वे इसका डेमो देखने के लिए जवाब दे सकते हैं।1
- सुमेरपुर के SHO योगेश तिवारी को हाल ही में लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह कार्यवाही उनके एक वीडियो के वायरल होने के बाद की गई, जिसमें उन्हें एक युवक को थप्पड़ मारते हुए देखा गया था। यह घटना तब घटी जब SHO योगेश तिवारी विद्युत वितरण उपखण्ड के पास स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करने पहुँचे थे, जहाँ सुमेरपुर निवासी बिजली न आने को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए, हमीरपुर पुलिस अधीक्षक ने मामले की विस्तृत जाँच सीओ सदर राजेश कमल को सौंपी है। बताया गया है कि जाँच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। जिले में हमीरपुर पुलिस अधीक्षक की इस त्वरित कार्यवाही की व्यापक चर्चा हो रही है।1