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लखनऊ कमिश्नरेट की थाना महानगर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने दो ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताते थे। इन आरोपियों ने लोगों पर रौब जमाने और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने का झूठा दावा कर भ्रम फैलाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस जांच में उनके सभी दावे फर्जी पाए गए। गहन पूछताछ के बाद, दोनों युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। महानगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने और फर्जी पहचान का उपयोग कर लोगों को गुमराह करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
JANTA DARPAN
लखनऊ कमिश्नरेट की थाना महानगर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने दो ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताते थे। इन आरोपियों ने लोगों पर रौब जमाने और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने का झूठा दावा कर भ्रम फैलाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस जांच में उनके सभी दावे फर्जी पाए गए। गहन पूछताछ के बाद, दोनों युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। महानगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने और फर्जी पहचान का उपयोग कर लोगों को गुमराह करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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- लखनऊ में जानकीपुरम निवासी एक युवती की इंजीनियरिंग कॉलेज फ्लाईओवर पर कथित अघोरी साधुओं ने अंगूठी गायब कर दी। युवती का आरोप है कि अघोरी साधुओं के वेश में आए दो लोगों ने उसकी कार रुकवाई और तंत्र-मंत्र के बहाने उसे सम्मोहित कर ठग लिया। पीड़िता के अनुसार, फूल पकड़ते ही वह सम्मोहित हो गई और इसी दौरान उसकी अंगूठी गायब कर दी गई।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को लखनऊ जिला मुख्यालय पर महंगाई, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल-डीजल-गैस के बढ़ते दाम, खाद्य एवं घरेलू वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी, पेपर लीक, महंगी बिजली, महिला उत्पीड़न और फर्जी एनकाउंटर जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की नीतियों से आम जनता परेशान है और महंगाई व बेरोजगारी ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में मोहनलालगंज के सांसद आर.के. चौधरी, लखनऊ जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत, समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव विजय सिंह यादव, जिला महासचिव शब्बीर खान, पूर्व राष्ट्रीय महिला सभा अध्यक्ष जूही सिंह, लखनऊ जिला अध्यक्ष महिला सभा प्रेमलता यादव और अनिल सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने दोहराया कि समाजवादी पार्टी जनता की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और अन्याय के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन जनता की समस्याओं को उजागर करने के लिए है और महंगाई एवं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने तक संघर्ष जारी रहेगा।3
- सिद्धार्थनगर जिले के भनवापुर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी काफी चर्चा हो रही है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वायरल दावों के अनुसार, यह वीडियो किसी धार्मिक आयोजन या भंडारे के दौरान का बताया जा रहा है। वीडियो के प्रसारित होने के बाद से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है, जिससे सियासी और सामाजिक चर्चा का माहौल बना हुआ है। हालांकि, वीडियो में दिख रही घटनाओं और उससे जुड़े दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। साथ ही, संबंधित पक्ष की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में हुए 7 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में जांच के सिलसिले में प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद, CBI ने बुधवार को एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की।2
- नगराम के समेसी क्षेत्र में मिट्टी खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस स्थान के लिए खनन का वर्क ऑर्डर जारी किया गया है, उसकी मिट्टी को किसी दूसरे स्थान पर स्थित निजी प्लाटिंग में डाला जा रहा है। खनन कार्य के दौरान सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी नियमों की अनदेखी किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं, जिसमें बिना सुरक्षा घेरा और आवश्यक संकेतकों के भारी मशीनों से लगातार मिट्टी निकालने का आरोप है। क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि मिट्टी खनन से जुड़े लोगों को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते सभी नियमों को ताक पर रखकर यह कार्य किया जा रहा है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब लोगों की निगाहें खनन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाएंगे।1
- उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी पर रील बनाने के चलन पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बहुत सारे लोग ड्यूटी के दौरान रील बनाते रहते हैं, जो कि सीधे तौर पर अनुशासनहीनता है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जोर देते हुए कहा कि कर्मचारियों का ध्यान अपने कर्तव्य पर होना चाहिए, न कि रील बनाने पर, और इस तरह का कृत्य अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।1
- गोडा के कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम कडरू निवासी रणविजय सिंह को एक जमीनी विवाद के निस्तारण के लिए न्याय की तलाश में तहसील से लेकर मंडल मुख्यालय तक गुहार लगानी पड़ी है। रणविजय सिंह ने आरोप लगाया है कि कई बार तहसील के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। इस स्थिति से परेशान होकर, उन्होंने देवीपाटन मंडल के कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पीड़ित रणविजय सिंह ने तहसील प्रशासन और राजस्व कर्मियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, बिना "सुविधा शुल्क" के कोई भी कार्य नहीं किया जाता, जिसके कारण उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस कथित भ्रष्टाचार के कारण उन्हें न्याय से वंचित रहना पड़ रहा है। हालांकि, लगाए गए इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि केवल जांच के बाद ही हो सकेगी। इसी संदर्भ में, खबर में जनता से यह सवाल भी पूछा गया है कि क्या वास्तव में तहसील स्तर पर आम जनता को न्याय पाने के लिए भटकना पड़ रहा है।1
- आज लखनऊ में मुख्यमंत्री ने उन पुलिसकर्मियों को नसीहत दी है जो रील बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे रील बनाने से बचें।1