बस्ती जिले के बभनान में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला हुआ है, जहां नगर पंचायत अध्यक्ष की दबंगई और पुलिस की खामोशी से भारी आक्रोश है। बभनान हर्रैया रोड पर पीएनबी बैंक के सामने जाम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबल मालानी और पत्रकार विनोद कुमार के बीच विवाद हुआ था। पत्रकार का आरोप है कि जब उन्होंने जाम का कारण जानने का प्रयास किया, तो अध्यक्ष ने उनकी गाड़ी की चाबी निकाल ली, उनके साथ मारपीट की और पहले प्रकाशित की गई खबरों को लेकर जान से मारने की धमकी दी। इस पूरी पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर साफ तौर पर वायरल हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस मौन साधे हुए है। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और सत्ता के रसूख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पत्रकार को घंटों पुलिस चौकी पर बैठाए रखने के बावजूद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, जिससे साफ पता चलता है कि आरोपी को सत्ताधारी भाजपा का खुला संरक्षण प्राप्त है। निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय, अब पत्रकार पर ही उल्टा 'सरकारी काम में बाधा' डालने का झूठा और फर्जी मुकदमा दर्ज कर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो प्रशासनिक तानाशाही का खुला सबूत है। आज के इस दौर में पत्रकार खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जहां सच लिखने की सजा भुगतनी पड़ रही है। यह मामला केवल एक पत्रकार और अध्यक्ष के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि सत्ता के भ्रष्टाचार और गलतियों को उजागर करने वाली हर आवाज को दबाने की कोशिश है। इस अन्याय के खिलाफ अब बस्ती मंडल की जनता और पूरे पत्रकार जगत को एकजुट होकर खड़े होने की सख्त जरूरत है।
बस्ती जिले के बभनान में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला हुआ है, जहां नगर पंचायत अध्यक्ष की दबंगई और पुलिस की खामोशी से भारी आक्रोश है। बभनान हर्रैया रोड पर पीएनबी बैंक के सामने जाम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबल मालानी और पत्रकार विनोद कुमार के बीच विवाद हुआ था। पत्रकार का आरोप है कि जब उन्होंने जाम का कारण जानने का प्रयास किया, तो अध्यक्ष ने उनकी गाड़ी की चाबी निकाल ली, उनके साथ मारपीट की और पहले प्रकाशित की गई खबरों को लेकर जान से मारने की धमकी दी। इस पूरी पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर साफ तौर पर वायरल हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस मौन साधे हुए है। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और सत्ता के रसूख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पत्रकार को घंटों पुलिस चौकी पर बैठाए रखने के बावजूद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, जिससे साफ पता चलता है कि आरोपी को सत्ताधारी भाजपा का खुला संरक्षण प्राप्त है। निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय, अब पत्रकार पर ही उल्टा 'सरकारी काम में बाधा' डालने का झूठा और फर्जी मुकदमा दर्ज कर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो प्रशासनिक तानाशाही का खुला सबूत है। आज के इस दौर में पत्रकार खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जहां सच लिखने की सजा भुगतनी पड़ रही है। यह मामला केवल एक पत्रकार और अध्यक्ष के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि सत्ता के भ्रष्टाचार और गलतियों को उजागर करने वाली हर आवाज को दबाने की कोशिश है। इस अन्याय के खिलाफ अब बस्ती मंडल की जनता और पूरे पत्रकार जगत को एकजुट होकर खड़े होने की सख्त जरूरत है।
- उत्तर प्रदेश के बस्ती में भाजपा महामंत्री ने अपने ही विधायक पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें घेरा है। इस पूरे घटनाक्रम में एसएसपी पांडेय के समर्थन में भी लोग उतर आए हैं। इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है, जिसमें 'पूजा मैडम' पर निशाना साधते हुए यह दावा किया गया है कि वे किसी को नहीं छोड़ती हैं। इस घटना ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है।1
- संतकबीरनगर के मेंहदावल में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में एसपी संदीप कुमार मीना द्वारा एएसपी सुशील कुमार सिंह की उपस्थिति में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया। इस अभियान के तहत जनपद के सभी थाना और चौकी परिसरों में भी प्रभारी निरीक्षकों, थानाध्यक्षों और चौकी प्रभारियों द्वारा फलदार, छायादार तथा औषधीय पौधे रोपे गए। जनपद पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाया। वृक्षारोपण के दौरान एसपी ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं बल्कि शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ भी बनाते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से लगाए गए पौधों के नियमित संरक्षण की अपील की ताकि जनपद को अधिक हरित, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सके। इस कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव और पीआरओ एसपी मनीष जायसवाल सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- संत कबीर नगर में सर्विलांस टीम की सक्रियता से पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 161 गुमशुदा एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग ₹60 लाख बताई जा रही है, जिनकी चोरी और गुमशुदगी की रिपोर्ट विभिन्न थानों के अंतर्गत दर्ज कराई गई थी। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में मिली इस बड़ी राहत से मोबाइल स्वामियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है और उन्होंने पुलिस टीम का दिल से आभार व्यक्त किया है। पुलिस टीम के इस उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य से खुश होकर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा पूरी टीम को प्रोत्साहन स्वरूप ₹25,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 161 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये बताई गई है। खोए हुए मोबाइल वापस मिलने के बाद उनके स्वामियों के चेहरों पर खुशी लौट आई और उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताया है। इस उत्कृष्ट कार्य से खुश होकर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने मोबाइल बरामद करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी सर्विलांस सेल अमित कुमार के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक सर्विलांस सेल अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने हासिल की है। पुलिस ने जनपद के सभी थानों में सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की। सीईआईआर पोर्टल एवं सीसीटीएनएस प्रणाली से मिली तकनीकी जानकारी, आईएमईआई नंबर तथा सिम विश्लेषण के आधार पर मोबाइल फोन ट्रेस कर उन्हें बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, ये मोबाइल केवल संतकबीरनगर ही नहीं बल्कि दिल्ली, लखनऊ, बेंगलुरु, मुंबई, तमिलनाडु, बिहार, गुजरात, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना सहित देश के विभिन्न राज्यों से बरामद किए गए हैं, जिन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि आईएमईआई नंबर को ब्लॉक कर उसे ट्रेस किया जा सके। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल खरीद का बिल, गुमशुदगी या एफआईआर की प्रति, मोबाइल नंबर, आईएमईआई नंबर और मोबाइल मॉडल की जानकारी होना आवश्यक है। इस अभियान के तहत कोतवाली खलीलाबाद से 18, दुधारा से 20, महिला थाना से 8, धनघटा से 14, महुली से 41, मेंहदावल से 9, बखिरा से 13, बेलहरकला से 36 तथा धर्मसिंहवा थाना से 2 मोबाइल बरामद किए गए। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में सर्विलांस सेल के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी विनोद कुमार सिंह, आरक्षी ज्ञान प्रकाश सिंह, अमरजीत मौर्य, नितीश कुमार और पीयूष कुमार गुप्ता सहित विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने मुख्य भूमिका निभाई।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के बभनान में कवरेज के दौरान एक पत्रकार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पत्रकार विनोद कुमार ने बभनान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबल मालानी और उनके साथियों पर कवरेज करने के दौरान उनके साथ मारपीट करने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित पत्रकार ने इस घटना के संबंध में थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1