उत्तर प्रदेश में लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ दस्तावेज लेखक संघ भरथना ने शुक्रवार को उपनिबंधक कार्यालय में सब रजिस्ट्रार अतुल कुमार श्रीवास्तव को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे कार्य से विरत रहकर अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखेंगे। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि महानिरीक्षक निबंधन के पत्र संख्या 2523/ई-पंजीकरण/शिकायत एवं संदर्भ/2026, दिनांक 4 जून 2026 के तहत पूरे प्रदेश में ई-पंजीकरण व्यवस्था शुरू की जा रही है। इस नई प्रक्रिया में वर्तमान में सात अधिकृत संस्थाएं शामिल हैं, और भविष्य में अन्य संस्थाओं व सोसायटियों को भी इसमें जोड़ने की संभावना है। संघ का कहना है कि नई व्यवस्था में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं की भूमिका सुनिश्चित नहीं की गई है, जिससे इस व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत मिले आजीविका के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए ई-पंजीकरण व्यवस्था में इन तीनों वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक शासन उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता और स्टाम्प विक्रेता अपने कार्यों से दूर रहकर अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष अशोक रावत, महामंत्री आलोक पाल, कोषाध्यक्ष राजीव सक्सेना, उमेश यादव, राजेन्द्र तिवारी, विजय सिंह, रविन्द्र कुमार, सुशील पाल, रजनीश यादव, जगदीश यादव, अमित मिश्रा, राजेश दीक्षित, कमलेश शाक्य, अजय शाक्य, संदीप तिवारी के साथ स्टाम्प बेंडर यूनियन भरथना के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी भी शामिल थे।
उत्तर प्रदेश में लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ दस्तावेज लेखक संघ भरथना ने शुक्रवार को उपनिबंधक कार्यालय में सब रजिस्ट्रार अतुल कुमार श्रीवास्तव को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे कार्य से विरत रहकर अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखेंगे। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में दिए
गए ज्ञापन में बताया गया कि महानिरीक्षक निबंधन के पत्र संख्या 2523/ई-पंजीकरण/शिकायत एवं संदर्भ/2026, दिनांक 4 जून 2026 के तहत पूरे प्रदेश में ई-पंजीकरण व्यवस्था शुरू की जा रही है। इस नई प्रक्रिया में वर्तमान में सात अधिकृत संस्थाएं शामिल हैं, और भविष्य में अन्य संस्थाओं व सोसायटियों को भी इसमें जोड़ने की संभावना है। संघ का कहना है कि नई व्यवस्था में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं की
भूमिका सुनिश्चित नहीं की गई है, जिससे इस व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत मिले आजीविका के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए ई-पंजीकरण व्यवस्था में इन तीनों वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक शासन उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता और
स्टाम्प विक्रेता अपने कार्यों से दूर रहकर अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष अशोक रावत, महामंत्री आलोक पाल, कोषाध्यक्ष राजीव सक्सेना, उमेश यादव, राजेन्द्र तिवारी, विजय सिंह, रविन्द्र कुमार, सुशील पाल, रजनीश यादव, जगदीश यादव, अमित मिश्रा, राजेश दीक्षित, कमलेश शाक्य, अजय शाक्य, संदीप तिवारी के साथ स्टाम्प बेंडर यूनियन भरथना के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी भी शामिल थे।
- जसवंतनगर के बलरई थाना क्षेत्र के ग्राम बाउथ में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक चौपाल का आयोजन किया गया, जहाँ थानाध्यक्ष कृपाल सिंह ने अपनी मिशन शक्ति टीम के साथ पहुँचकर महिला-पुरुषों और युवाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया। इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा, नारी सशक्तिकरण, महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराध से बचाव और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। चौपाल में थानाध्यक्ष ने बताया कि आपातकालीन स्थितियों में पुलिस सहायता के लिए 112, महिला हेल्पलाइन के लिए 1090, महिला शक्ति हेल्पलाइन के लिए 181, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098, एंबुलेंस सेवा के लिए 108 और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए 1930 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से इन महत्वपूर्ण नंबरों को याद रखने और जरूरतमंद लोगों तक यह जानकारी पहुँचाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रहने के तरीके भी समझाए गए। इस चौपाल में मिशन शक्ति टीम के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- राम मंदिर में चंदा और चढ़ावा चोरी करते हुए लोगों का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को सभी ग्रुप में साझा करने की अपील की जा रही है ताकि इन 'दरिंदों' और 'नरपिशाच' लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिल सके, चाहे वे कोई भी हों। पोस्ट में ज़ोर दिया गया है कि सबको पता है कि चंद दिनों बाद दुनिया छोड़कर चल देना है, फिर भी ऐसे लोग कानून और भगवान से नहीं डरते। ऐसे कृत्यों पर लोगों से अपनी राय व्यक्त करने का आह्वान किया गया है।1
- इटावा जिला मुख्यालय पर, शिक्षक संघ के नेता देश दीपक तिवारी ने शिक्षकों को संबोधित किया। यह संबोधन शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के मुद्दे पर एक ज्ञापन प्रस्तुत करने से ठीक पहले हुआ।1
- ग्राम बंसरी में कठेरिया समाज के लड़कों द्वारा डॉक्टर बी आर अंबेडकर बाबा साहब के झंडे का अपमान किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह इसी परिवार द्वारा झंडे के अनादर की दूसरी घटना है। पहली बार 14 अप्रैल की रैली के कुछ ही दिन बाद इसी लड़के के छोटे भाई ने झंडे को जलाया था, और अब दोबारा उसी के बड़े भाई ने इस झंडे का अपमान किया है। पिछली बार पुलिस द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। हालांकि, अबकी बार जब यह खबर फिर से चर्चा में आई, तो संबंधित लड़कों को गिरफ्तार करवा दिया गया है।1
- औरैया जनपद के अजीतमल तहसील में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ ग्राम कुल्हुरुआ अटसू निवासी रामकिशन, पुत्र श्री राम शंकर, अपनी जीवित सास श्रीमती विमला देवी के साथ तहसील दिवस पहुँचे। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष एक प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उनकी पुत्रवधु श्रीदेवी और उसके पुत्र सोनू ने पुलिस अधीक्षक औरैया को एक फर्जी शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि रामकिशन और उनकी पत्नी फूलन देवी ने विमला देवी की खेती अपने नाम कराकर उनकी हत्या कर दी है। रामकिशन ने इन आरोपों को सिरे से निराधार बताते हुए अपनी सास विमला देवी को अधिकारियों के सामने पेश किया। उन्होंने प्रशासन को गुमराह करने और झूठे आरोप में फंसाने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान, जीवित विमला देवी ने स्वयं मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी पुत्रवधु श्रीदेवी और उसका पुत्र सोनू आए दिन उनके साथ मारपीट करते हैं और उनकी जमीन हड़पकर उनकी हत्या करना चाहते हैं। अपनी जान बचाने के लिए वह अपनी बेटी फूलन देवी और दामाद रामकिशन के साथ कुल्हुरुआ अटसू में सकुशल रह रही हैं। पीड़ित वृद्ध महिला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।4
- जसवंतनगर पुलिस ने दो दिन पहले ग्राम नगला नवल में हुई फायरिंग और मारपीट की घटना के एक वांछित आरोपी को जसवंतनगर बस अड्डे से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी ने बताया कि यह घटना 18 जून की रात करीब साढ़े नौ बजे हुई थी। ग्राम नगला नवल निवासी सोमवीर पुत्र पुरुषोत्तम के घर में घुसकर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था, जिन पर फायरिंग करने और धारदार हथियारों से मारपीट करने का आरोप है। इस घटना में सोमवीर, उनकी पत्नी वसती देवी, भाई प्रेमवीर और बहू अंबिका घायल हो गए थे, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस संबंध में जसवंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि मामले में नामजद आरोपी रामपूत पुत्र रमेशचंद्र जसवंतनगर बस अड्डे के पास मौजूद है, जिसके बाद उपनिरीक्षक यशवीर सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद, आरोपी रामपूत की निशानदेही पर ग्राम नगला नवल के पास झाड़ियों से एक अवैध देशी तमंचा (.315 बोर) और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने घटना के दौरान इसी तमंचे से फायरिंग की थी। थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।1
- इटावा के भरथना तहसील अंतर्गत बकेवर थाना क्षेत्र के कुशगवा अहिरान में एक दलित परिवार की दर्दभरी कहानी सामने आई है, जहाँ प्रशासन द्वारा जमीन का कब्जा दिलाए जाने के कुछ ही दिनों बाद उन्हें फिर से बेदखल कर दिया गया। योगी सरकार में न्याय की उम्मीद लिए अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंचे इस परिवार को महीनों की जद्दोजहद के बाद 18 मार्च 2026 को दो बीघा जमीन का कब्जा दिलाया गया था, जिससे उन्हें लगा कि उनकी परेशानियाँ अब खत्म हो गई हैं। हालांकि, परिवार की यह खुशी अल्पकालिक साबित हुई। पीड़ित महिला सदाप्यारी ने आरोप लगाया है कि कब्जा मिलने के मात्र दो-तीन दिन बाद ही दबंगों ने फिर से जमीन पर धावा बोल दिया। जब परिवार अपनी जमीन पर खेती करने पहुंचा, तो कथित तौर पर लाठी-डंडों के साथ उन्हें धमकाकर वहाँ से भगा दिया गया और जमीन पर दोबारा कब्जा कर लिया गया। महिला के पति भूरे सिंह दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, और अब यह परिवार अपनी आँखों के सामने अपनी ही जमीन पर दूसरों का कब्जा देखने को मजबूर है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक दोबारा न्याय नहीं मिल सका है। यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि जब प्रशासन ने खुद जमीन का कब्जा दिलाया था, तो दोबारा कब्जा कैसे हो गया? और अगर एक गरीब को उसके हक की जमीन भी सुरक्षित नहीं मिल पा रही है, तो वह न्याय की उम्मीद किससे करे? अब पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला, तो वे उसी जमीन पर आत्महत्या कर लेंगे।1
- स्थानीय ग्राम खूजा के तालाब मुहल्ले में गुरुवार की रात एक प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पंडोखर धाम से पधारीं सुश्री लीला भारती ने संगीतमय प्रवचन प्रस्तुत किए, जिनका मुख्य विषय श्रीराम-जानकी विवाह था। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रीराम कथा धर्म और समाज में पवित्रता लाती है, जो सुख और शांति का मूल आधार है। सुश्री भारती ने भक्तों से श्रीराम कथा, भागवत कथा और गीता के ज्ञान को अपने जीवन में उतारने का आग्रह किया, यह भी बताया कि भगवान केवल भाव के भूखे होते हैं। प्रवचन के दौरान, जैसे ही विवाह अवसर पर वरमाला के समय 'जैसे ही हरे बांस मंडव छाये, सियाजू का ब्याहन राम आये' भजन गाया गया, वहां उपस्थित सभी महिला और पुरुष श्रद्धालु भाव विभोर होकर नाचने लगे। इस धार्मिक आयोजन की आरती में डॉ. कृष्ण कुमार गुप्ता और श्रीमती रानी रामकुमार गुप्ता ने यजमान के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर पंडित संजय महाराज, राजू महाराज, ग्राम के सरपंच रामजी महते, राजेन्द्र महते, रामनारायण खरे, मुलायम सिह राजपूत, दशरथ सिंह राजपूत, विजय सिंह धाकड़, पूर्व सरपंच रामकिशोर धाकड़, त्रिमोहन सिंह और विक्कू गुप्ता सहित कई प्रमुख व्यक्ति मौजूद थे। यह संगीतमय प्रवचन खूजा में रामकुमार गुप्ता (अध्यापक) के निवास पर आयोजित किया गया था।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में घंटाघर चौराहे पर तैनात एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) एक व्यक्ति को सड़क पर गिराकर कथित तौर पर लात मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति सड़क पर गिरा हुआ है, और ट्रैफिक दरोगा उसे पैर से मारते नजर आ रहे हैं। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बस से यह वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस के इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति कोई गलती करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का अभद्र व्यवहार बिल्कुल भी उचित नहीं है। हालांकि, इस घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियां और वीडियो का पूरा संदर्भ अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस विभाग की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल, वायरल वीडियो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई की मांग की जा रही है।1