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बालोतरा वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए हिरण के तीन शिकारियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यह कदम वन विभाग द्वारा क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार को रोकने के प्रयासों का हिस्सा है।
Pukhraj soni
बालोतरा वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए हिरण के तीन शिकारियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यह कदम वन विभाग द्वारा क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार को रोकने के प्रयासों का हिस्सा है।
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- पाली के सिंधी कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में व्यासपीठ पर श्री गोपालराम जी महाराज और गोविंदराम जी महाराज द्वारा कथावाचन किया गया, जिसका आयोजन सिंधी समाज, पाली द्वारा किया गया था। कथा श्रवण के लिए सैकड़ों की संख्या में माताएं, बहनें और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।4
- भीनमाल शहर के क्षेमंकरी माता मंदिर तलहटी स्थित महाकालेश्वर धाम अखाड़े में आयोजित 11 दिवसीय अग्नि तपस्या और यज्ञ गुरुवार को विधिवत पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। भीषण गर्मी के बीच की गई इस कठोर तपस्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया और धर्म लाभ अर्जित किया। यह धार्मिक अनुष्ठान महंत नवीन गिरी महाराज के सानिध्य में तथा राधा गिरी महाराज और गोविंदगिरी महाराज के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अच्छी वर्षा और जनकल्याण की कामना करना था, जिसे संतों ने प्रकृति संतुलन और लोककल्याण से जुड़ा एक आध्यात्मिक अनुष्ठान बताया। इस तपस्या के तहत, लगातार 11 दिनों तक भीषण गर्मी में अग्निकुंड प्रज्वलित कर कठोर साधना की गई। पूर्णाहुति के दिन, दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक दो ट्रैक्टर ट्रॉली उपलों से विशेष अग्नि अनुष्ठान और यज्ञ संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधानों के बीच हुए इस अनुष्ठान में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे पूरे परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण व्याप्त रहा। कार्यक्रम के दौरान, संतों ने धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक साधना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में तप, त्याग और साधना व्यक्ति व समाज दोनों के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने समाज में आपसी सद्भाव, नैतिक मूल्यों और लोककल्याण की भावना को मजबूत करने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर शिवदयाल, विजय सिंह राव, नटवर सेन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने यज्ञ और तपस्या में भाग लेकर धार्मिक लाभ प्राप्त किया और संतों से आशीर्वाद लिया।3
- पाली में करीब आठ वर्ष पुराने ₹10 लाख के चर्चित चेक अनादरण (चेक बाउंस) प्रकरण में विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण संख्या-2) की पीठासीन अधिकारी विनस चौधरी ने अहम फैसला सुनाया है। इस निर्णय में मारवाड़ जंक्शन निवासी आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया को लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया गया है। यह प्रकरण परिवादी गौरव मर्लेचा निवासी सुमेरपुर रोड, पाली ने न्यायालय में प्रस्तुत किया था। परिवादी ने आरोप लगाया था कि अक्टूबर 2017 में आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने उनसे ₹10 लाख उधार लिए थे। इस राशि को लौटाने के लिए आरोपी द्वारा ₹5-5 लाख के दो चेक दिए गए, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर “फंड्स इनसफिशिएंट” (अपर्याप्त निधि) के कारण अनादृत हो गए। विधिक नोटिस के बावजूद भुगतान न मिलने पर परिवादी ने न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उन्होंने परिवादी से कोई ऋण नहीं लिया था। बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया कि गौरव मर्लेचा मारवाड़ जंक्शन में एक वीसी (कमेटी) का संचालन करते थे और उसी के संबंध में सुरक्षा के तौर पर आरोपी के पांच हस्ताक्षरित खाली चेक लिए गए थे, जिन्हें वीसी समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं लौटाया गया। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अरोड़ा और उनके सहयोगी अधिवक्ता मोहम्मद शरीफ ने पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष यह भी तर्क रखा कि वर्ष 2017 में परिवादी की ₹10 लाख उधार देने की आर्थिक क्षमता नहीं थी। वहीं, आरोपी की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं थी कि उसे इतनी बड़ी राशि की आवश्यकता होती, क्योंकि वह पानी के कैंपर भरकर बेचने का व्यवसाय करता है। बचाव पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्यों के माध्यम से यह भी दर्शाया कि नोटबंदी के बाद वर्ष 2017 में परिवादी द्वारा ₹500-500 रुपये के नए नोटों में ऋण देने का दावा किया गया था। इसी अवधि में परिवादी ने अन्य व्यक्तियों को भी लाखों रुपये उधार देने के दावे कर उनके विरुद्ध चेक बाउंस के मुकदमे दायर किए थे, जिससे उनके दावों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए। न्यायालय ने अपने निर्णय में यह माना कि परिवादी ₹10 लाख उधार देने की अपनी आर्थिक क्षमता को विश्वसनीय और संतोषजनक ढंग से सिद्ध नहीं कर पाया। इसके विपरीत, बचाव पक्ष की जिरह और प्रस्तुत दस्तावेजों से परिवादी के कथनों पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ। अदालत ने कहा कि आरोपी ने परक्राम्य लिखत अधिनियम (एन.आई. एक्ट) के तहत परिवादी के पक्ष में उपलब्ध वैधानिक उपधारणा को सफलतापूर्वक खंडित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त घोषित किया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला चेक बाउंस मामलों में परिवादी द्वारा ऋण देने की वास्तविक आर्थिक क्षमता सिद्ध किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित करने वाला एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।2
- जालौर में आज शुक्रवार को भी कलेक्ट्रेट के बाहर वाटरशेड ठेकेदारों का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ठेकेदार मौजूद थे, और दो धरनार्थी — सुखराम धुन तथा विष्णु माली — भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ठेकेदारों का आरोप है कि लक्ष्मण सिंह सादु, जो वाटरशेड जिला परिषद जालौर में एडिशन अभियंता हैं, और एक अन्य अधिकारी अंकित जीनगर, बिल पास करने के बदले में कमीशन की मांग कर रहे हैं। ठेकेदारों ने इस मांग को गलत बताते हुए इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और उन्हें निलंबित करने की मांग की है।4
- जालौर जिले की बागोड़ा पंचायत समिति के धुम्बडिया ग्राम पंचायत में फिरोज खान नामक एक ग्रामीण ने सरपंच/ग्राम विकास अधिकारी को गांव में गंदे पानी की निकासी और नाली के पानी के सड़क पर बहने की गंभीर समस्या को लेकर शिकायत पत्र लिखा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, गांव की मुख्य सड़क के साथ-साथ राज्य उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास वाली गली और चार-पांच अन्य गलियों में नालियों की उचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते गंदा पानी लगातार सड़कों पर जमा रहता है, जिससे राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। सड़क पर पानी जमा होने से हर समय बदबू आती रहती है, और मच्छरों के पनपने के कारण डेंगू व मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, कई बार राहगीर और बच्चे फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों ने इस 'नरक जैसी स्थिति' से मुक्ति पाने के लिए नई नालियों के निर्माण या रुकी हुई नालियों की तत्काल सफाई करने का निवेदन किया है।2
- पाली पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से एक विशेष यातायात अभियान शुरू किया है। यह अभियान 4 जून से 30 जून 2026 तक पूरे जिले में संचालित किया जाएगा। इस दौरान वाहनों में किए गए अवैध संशोधन, जैसे लाल-नीली बत्ती, हूटर, प्रेशर हॉर्न, ब्लैक फिल्म, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट और अन्य अनधिकृत चिह्नों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन (आईपीएस) ने बताया कि ये वाहन न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई मामलों में ऐसे वाहनों का उपयोग अवैध गतिविधियों और अपराधों में किया जाता है। यह विशेष अभियान राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के आधार पर चलाया जा रहा है। अभियान के तहत, वाहन की बॉडी और चेसिस में अवैध परिवर्तन करने वालों, लाल-नीली बत्ती व फ्लैशर लगाने वालों, प्रेशर हॉर्न व एयर हॉर्न का उपयोग करने वालों, ब्लैक फिल्म चढ़े वाहनों और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) सभी पंजीकृत वाहनों के लिए अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, हिस्ट्रीशीटरों और हार्डकोर अपराधियों द्वारा उपयोग किए जा रहे वाहनों की भी विशेष जांच की जाएगी, और आवश्यकतानुसार वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। पाली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपने वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।4
- शुक्रवार दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर नगर पालिका के समीप सड़क पर लावारिस हालत में पड़ा एक मोबाइल फोन पत्रकार जगदीश माली को मिला। उन्होंने ईमानदारी का परिचय देते हुए मोबाइल को सुरक्षित अपने पास रखा और उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने का प्रयास किया। मोबाइल मिलने के तुरंत बाद, पत्रकार जगदीश माली ने रायपुर थाना अधिकारी राजूराम सीरवी को इसकी सूचना दी। थाना अधिकारी के निर्देश पर, मोबाइल को रायपुर पुलिस थाने में जमा करवा दिया गया। पुलिस ने अब मोबाइल को अपने कब्जे में लेकर उसके मालिक की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जगदीश माली ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क पर मिला मोबाइल किसी भी व्यक्ति का महत्वपूर्ण व्यक्तिगत सामान हो सकता है और खोई हुई वस्तु को उसके असली मालिक तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है, इसलिए उसे पुलिस को सौंपना सबसे उचित कदम है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने पत्रकार जगदीश माली के इस कृत्य की सराहना की है। लोगों का मानना है कि आज के समय में जब ऐसी ईमानदारी के उदाहरण कम देखने को मिलते हैं, ऐसे में यह पहल एक प्रेरणादायक कार्य है जो समाज में विश्वास और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश देता है। रायपुर पुलिस ने भी आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें सड़क, बाजार या किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई खोई हुई वस्तु मिलती है, तो उसे संबंधित पुलिस थाने में जमा करवाएं ताकि वह वस्तु सुरक्षित रूप से उसके मालिक तक पहुंच सके।1