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1 hr ago
user_Kalicharan Viskarma
Kalicharan Viskarma
Anuppur, Madhya Pradesh•
1 hr ago
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More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • CM साय पहुंचे कोरिया महोत्सव में अपने हाथों से बनाया दिया
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    CM साय पहुंचे कोरिया महोत्सव में अपने हाथों से बनाया दिया
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    पत्रकार चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • प्रशासनिक अधिकारियों को किस बात का डर था जो कांग्रेस के चिरमिरी ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन को मुख्यमंत्री से मिलने से रोका गया?
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    प्रशासनिक अधिकारियों को किस बात का डर था जो कांग्रेस के चिरमिरी ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन को मुख्यमंत्री से मिलने से रोका गया?
    user_SM NEWS LIVE
    SM NEWS LIVE
    पत्रकार Chirmiri, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
    12 hrs ago
  • . : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 11.14 प्रतिशत वृद्धि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 शहडोल 17 फरवरी 2026- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था समावेशी विकास के साथ अत्यंत गतिशील अर्थव्यवस्था बन गई है। वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और दूरदर्शी नीतियों के साथ मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। मध्यप्रदेश विधान सभा में मंगलवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था योजनाबद्ध रूप से संतुलित और परिणामोन्मुखी है। प्रमुख बिंदु 1. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित मूल्यों पर ₹16,69,750 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹7,81,911 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹7,23,724 करोड़ की तुलना में 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को दर्शाता है। 3. वित्तीय वर्ष 2011-12 से वित्तीय वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय प्रचलित मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹1,69,050 हो गई तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹76,971 हो गई, जो वास्तविक आय स्तर में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है। 4. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) की क्षेत्रीय संरचना प्रचलित मूल्यों पर इस प्रकार रही—प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत। 5. स्थिर (2011-12) मूल्यों पर इनकी हिस्सेदारी क्रमशः प्राथमिक क्षेत्र 33.54 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र 26.18 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र 40.28 प्रतिशत रही। 6. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 43.09 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 33.54 प्रतिशत रही। प्रचलित मूल्यों पर इस क्षेत्र का कुल मूल्य वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹6,33,532 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹6,79,817 करोड़ हो गया, जो 7.31 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 7. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत फसलों का सर्वाधिक योगदान 30.17 प्रतिशत रहा, इसके बाद पशुधन 7.22 प्रतिशत, वानिकी 2.13 प्रतिशत, मत्स्यपालन एवं जलीय कृषि 0.61 प्रतिशत तथा खनन एवं उत्खनन 2.96 प्रतिशत रहा। 8. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 19.79 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 26.18 प्रतिशत रही। द्वितीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹2,84,125 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹3,12,350 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 9.93 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 6.87 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 9. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र के अंतर्गत निर्माण क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान 9.22 प्रतिशत रहा, इसके बाद विनिर्माण का 7.22 प्रतिशत तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं का 3.35 प्रतिशत योगदान रहा। 10. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 37.12 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 40.28 प्रतिशत रही। तृतीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹5,05,679 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹5,85,588 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 15.80 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 12.07 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 11. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट का सर्वाधिक योगदान 10.35 प्रतिशत रहा। इसके पश्चात अन्य सेवाएँ 7.80 प्रतिशत, अचल संपत्ति, आवास स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ 4.98 प्रतिशत, लोक प्रशासन 4.96 प्रतिशत, वित्तीय सेवाएँ 3.73 प्रतिशत, परिवहन एवं भंडारण 2.80 प्रतिशत, संचार एवं प्रसारण संबंधी सेवाएँ 1.68 प्रतिशत तथा रेलवे का 0.82 प्रतिशत योगदान रहा। अन्य क्षेत्रों में प्रमुख उपलब्धियाँ लोक वित्त, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹2,618 करोड़ के राजस्व आधिक्य का अनुमान है। राजकोषीय घाटा GSDP का 4.66 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि राजस्व प्राप्तियाँ GSDP के 17.16 प्रतिशत के बराबर आंकी गई हैं। कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि अपेक्षित है तथा ऋण–GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कृषि एवं ग्रामीण विकास वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 7.66 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उद्यानिकी क्षेत्र 28.39 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें 425.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा। कुल 72,975 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवास पूर्ण किए गए। औद्योगिक विकास, एमएसएमई एवं अधोसंरचना द्वितीयक क्षेत्र में 9.93 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिनमें ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश से लगभग 1.7 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता ₹22,162 करोड़ रही। राज्य में 1,723 स्टार्टअप तथा 103 इनक्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। सीएसआर व्यय ₹2,600.47 करोड़ रहा तथा पर्यटन आगमन 13.18 करोड़ रहा। नगरीय विकास अमृत 2.0 के अंतर्गत ₹24,065 करोड़ का आवंटन किया गया, जिसमें 1,134 परियोजनाएँ स्वीकृत हुईं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण किए गए। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को आठ राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा (NHA) 2021-22 के अनुसार कुल स्वास्थ्य व्यय ₹34,112 करोड़ रहा, जो GSDP का 3 प्रतिशत है। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। मातृ मृत्यु अनुपात 379 (2001-03) से घटकर 142 (2021-23) प्रति लाख जीवित जन्म हो गया। शिक्षा एवं कौशल विकास वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.00 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है, जबकि कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को SWAYAM पोर्टल पर मॉडल राज्य घोषित किया गया। तकनीकी संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है। मुख्यमंत्री मेधावी योजना के अंतर्गत 45,668 विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
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    . : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 11.14 प्रतिशत वृद्धि
मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26
शहडोल 17 फरवरी 2026-  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था समावेशी विकास के साथ अत्यंत गतिशील अर्थव्यवस्था बन गई है। वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और दूरदर्शी नीतियों के साथ मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। मध्यप्रदेश विधान सभा में मंगलवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था योजनाबद्ध रूप से संतुलित और परिणामोन्मुखी है।
प्रमुख बिंदु
1. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित मूल्यों पर ₹16,69,750 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
2. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹7,81,911 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹7,23,724 करोड़ की तुलना में 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को दर्शाता है।
3. वित्तीय वर्ष 2011-12 से वित्तीय वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय प्रचलित मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹1,69,050 हो गई तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹76,971 हो गई, जो वास्तविक आय स्तर में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है।
4. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) की क्षेत्रीय संरचना प्रचलित मूल्यों पर इस प्रकार रही—प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत।
5. स्थिर (2011-12) मूल्यों पर इनकी हिस्सेदारी क्रमशः प्राथमिक क्षेत्र 33.54 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र 26.18 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र 40.28 प्रतिशत रही।
6. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 43.09 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 33.54 प्रतिशत रही। प्रचलित मूल्यों पर इस क्षेत्र का कुल मूल्य वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹6,33,532 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹6,79,817 करोड़ हो गया, जो 7.31 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है।
7. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत फसलों का सर्वाधिक योगदान 30.17 प्रतिशत रहा, इसके बाद पशुधन 7.22 प्रतिशत, वानिकी 2.13 प्रतिशत, मत्स्यपालन एवं जलीय कृषि 0.61 प्रतिशत तथा खनन एवं उत्खनन 2.96 प्रतिशत रहा।
8. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 19.79 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 26.18 प्रतिशत रही। द्वितीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹2,84,125 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹3,12,350 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 9.93 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 6.87 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है।
9. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र के अंतर्गत निर्माण क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान 9.22 प्रतिशत रहा, इसके बाद विनिर्माण का 7.22 प्रतिशत तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं का 3.35 प्रतिशत योगदान रहा।
10. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 37.12 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 40.28 प्रतिशत रही। तृतीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹5,05,679 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹5,85,588 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 15.80 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 12.07 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है।
11. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट का सर्वाधिक योगदान 10.35 प्रतिशत रहा। इसके पश्चात अन्य सेवाएँ 7.80 प्रतिशत, अचल संपत्ति, आवास स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ 4.98 प्रतिशत, लोक प्रशासन 4.96 प्रतिशत, वित्तीय सेवाएँ 3.73 प्रतिशत, परिवहन एवं भंडारण 2.80 प्रतिशत, संचार एवं प्रसारण संबंधी सेवाएँ 1.68 प्रतिशत तथा रेलवे का 0.82 प्रतिशत योगदान रहा।
अन्य क्षेत्रों में प्रमुख उपलब्धियाँ
लोक वित्त, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान
वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹2,618 करोड़ के राजस्व आधिक्य का अनुमान है। राजकोषीय घाटा GSDP का 4.66 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि राजस्व प्राप्तियाँ GSDP के 17.16 प्रतिशत के बराबर आंकी गई हैं। कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि अपेक्षित है तथा ऋण–GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
कृषि एवं ग्रामीण विकास
वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 7.66 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उद्यानिकी क्षेत्र 28.39 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें 425.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा। कुल 72,975 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवास पूर्ण किए गए।
औद्योगिक विकास, एमएसएमई एवं अधोसंरचना
द्वितीयक क्षेत्र में 9.93 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिनमें ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश से लगभग 1.7 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता ₹22,162 करोड़ रही। राज्य में 1,723 स्टार्टअप तथा 103 इनक्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। सीएसआर व्यय ₹2,600.47 करोड़ रहा तथा पर्यटन आगमन 13.18 करोड़ रहा।
नगरीय विकास
अमृत 2.0 के अंतर्गत ₹24,065 करोड़ का आवंटन किया गया, जिसमें 1,134 परियोजनाएँ स्वीकृत हुईं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण किए गए। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को आठ राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए।
स्वास्थ्य क्षेत्र
राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा (NHA) 2021-22 के अनुसार कुल स्वास्थ्य व्यय ₹34,112 करोड़ रहा, जो GSDP का 3 प्रतिशत है। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। मातृ मृत्यु अनुपात 379 (2001-03) से घटकर 142 (2021-23) प्रति लाख जीवित जन्म हो गया।
शिक्षा एवं कौशल विकास
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.00 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है, जबकि कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को SWAYAM पोर्टल पर मॉडल राज्य घोषित किया गया। तकनीकी संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है। मुख्यमंत्री मेधावी योजना के अंतर्गत 45,668 विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Santosh Kumar kushwaha
    2
    Post by Santosh Kumar kushwaha
    user_Santosh Kumar kushwaha
    Santosh Kumar kushwaha
    जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • 🔸*कैरियर काउंसलिंग के विद्यार्थियों को मिला जैविक खेती का प्रशिक्षण* ➡️*गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि, पर्यावरण व स्वास्थ्य में होगा सुधार* डिण्डौरी/शहपुरा पीएमश्री शासकीय हाई स्कूल बिलगांव, विकासखंड शहपुरा में कैरियर काउंसलिंग के कार्यक्रम का आयोजित अंतर्गत अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गौवंश आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक कृषि के साथ आधुनिक, टिकाऊ एवं पर्यावरण-सम्मत खेती पद्धतियों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में नर्मदांचल गौ सेवा समिति के अध्यक्ष एवं जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू ने रासायनिक, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के बीच अंतर को सरल भाषा में समझाया। प्रशिक्षण के दौरान केंचुआ खाद निर्माण, बीजोपचार की वैज्ञानिक प्रक्रिया, बीज को उक्ठा जैसे रोग से बचाने के उपाय, जीवामृत, अग्नि अस्त्र के माध्यम से कीट नियंत्रण तथा मृदा परीक्षण की विस्तृत जानकारी दी गई। श्री साहू ने कहा कि गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से मृदा की उर्वरता बढ़ती है, पर्यावरण संरक्षण होता है और मानव स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आदिवासी बहुल्य जिला डिण्डौरी जैसे क्षेत्रों में यह खेती स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम मे विद्यालय के प्राचार्य श्री कन्हैया लाल साहू, शिक्षक श्री ओमप्रकाश साहू, शांति राम साहू, राहुल पाठक,अमित साहू, डिया साहू,आशा साहू तथा विद्यालय के समस्त स्टाफ की उपस्थिति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैरियर काउंसलिंग के 40 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशिक्षण में गहरी रुचि लेते हुए भविष्य में प्राकृतिक खेती अपनाने की इच्छा व्यक्त की। यह पहल विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में दक्ष बनाने के साथ-साथ उन्हें रोजगारोन्मुखी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। दिनांक - 16 फरवरी 2026
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    🔸*कैरियर काउंसलिंग के विद्यार्थियों को मिला जैविक खेती का प्रशिक्षण*
➡️*गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि, पर्यावरण व स्वास्थ्य में होगा सुधार*
डिण्डौरी/शहपुरा
पीएमश्री शासकीय हाई स्कूल बिलगांव, विकासखंड शहपुरा में कैरियर काउंसलिंग के कार्यक्रम का आयोजित अंतर्गत अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गौवंश आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक कृषि के साथ आधुनिक, टिकाऊ एवं पर्यावरण-सम्मत खेती पद्धतियों से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम में नर्मदांचल गौ सेवा समिति के अध्यक्ष एवं जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू ने रासायनिक, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के बीच अंतर को सरल भाषा में समझाया। 
प्रशिक्षण के दौरान केंचुआ खाद निर्माण, बीजोपचार की वैज्ञानिक प्रक्रिया, बीज को उक्ठा जैसे रोग से बचाने के उपाय, जीवामृत, अग्नि अस्त्र के माध्यम से कीट नियंत्रण तथा मृदा परीक्षण की विस्तृत जानकारी दी गई।
श्री साहू ने कहा कि गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से मृदा की उर्वरता बढ़ती है, पर्यावरण संरक्षण होता है और मानव स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आदिवासी बहुल्य जिला डिण्डौरी जैसे क्षेत्रों में यह खेती स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम मे विद्यालय के प्राचार्य श्री कन्हैया लाल साहू, शिक्षक श्री ओमप्रकाश साहू, शांति राम साहू, राहुल पाठक,अमित साहू, डिया साहू,आशा साहू तथा विद्यालय के समस्त स्टाफ की उपस्थिति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैरियर काउंसलिंग के 40 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशिक्षण में गहरी रुचि लेते हुए भविष्य में प्राकृतिक खेती अपनाने की इच्छा व्यक्त की।
यह पहल विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में दक्ष बनाने के साथ-साथ उन्हें रोजगारोन्मुखी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
दिनांक - 16 फरवरी 2026
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • एमपीईबी कॉलोनी से 9वीं का छात्र रहस्यमय ढंग से लापता, हफ्तेभर बाद भी सुराग नहीं* पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एमपीईबी कॉलोनी मंगठार से कक्षा 9वीं का एक नाबालिग आदिवासी छात्र बीते एक सप्ताह से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है।घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है,वहीं कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिंहपमर थाना नौरोजाबाद निवासी गंगाराम बैगा उम्र 26 वर्ष हाल निवास क्वार्टर नंबर डी-190 एमपीईबी कॉलोनी मंगठार,संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र में जूनियर इंजीनियर के पद पर पदस्थ हैं। उनके साथ उनके चाचा का बेटा नीरज बैगा पिता छोटेलाल बैगा रहकर पढ़ाई कर रहा था। नीरज विद्याभारती सरस्वती हाई स्कूल, एमपीईबी कॉलोनी में कक्षा 9वीं का छात्र है।बताया गया है कि 10 फरवरी की सुबह लगभग 9:30 बजे नीरज रोज की तरह स्कूल के लिए घर से निकला, लेकिन उसके बाद से वह वापस नहीं लौटा।परिजनों ने रिश्तेदारी और परिचितों में काफी तलाश की, किंतु उसका कोई सुराग नहीं लग सका। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया हो।मामले की गंभीरता को देखते हुए पाली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नीरज बैगा के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल थाना पाली या नजदीकी पुलिस को सूचित करें।
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    एमपीईबी कॉलोनी से 9वीं का छात्र रहस्यमय ढंग से लापता, हफ्तेभर बाद भी सुराग नहीं*
पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एमपीईबी कॉलोनी मंगठार से कक्षा 9वीं का एक नाबालिग आदिवासी छात्र बीते एक सप्ताह से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है।घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है,वहीं कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिंहपमर थाना नौरोजाबाद निवासी गंगाराम बैगा उम्र 26 वर्ष हाल निवास क्वार्टर नंबर डी-190 एमपीईबी कॉलोनी मंगठार,संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र में जूनियर इंजीनियर के पद पर पदस्थ हैं। उनके साथ उनके चाचा का बेटा नीरज बैगा पिता छोटेलाल बैगा रहकर पढ़ाई कर रहा था। नीरज विद्याभारती सरस्वती हाई स्कूल, एमपीईबी कॉलोनी में कक्षा 9वीं का छात्र है।बताया गया है कि 10 फरवरी की सुबह लगभग 9:30 बजे नीरज रोज की तरह स्कूल के लिए घर से निकला, लेकिन उसके बाद से वह वापस नहीं लौटा।परिजनों ने रिश्तेदारी और परिचितों में काफी तलाश की, किंतु उसका कोई सुराग नहीं लग सका। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया हो।मामले की गंभीरता को देखते हुए पाली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नीरज बैगा के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल थाना पाली या नजदीकी पुलिस को सूचित करें।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    पत्रकार बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Durgesh Kumar Gupta
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    Post by Durgesh Kumar Gupta
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    1 hr ago
  • Post by Santosh Kumar kushwaha
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    Post by Santosh Kumar kushwaha
    user_Santosh Kumar kushwaha
    Santosh Kumar kushwaha
    जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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