प्रयागराज के जसरा बाईपास पांडर स्थित पेट्रोल पंप के पास का क्षेत्र दुर्घटनाओं का केंद्र बिंदु बन गया है, जो लगातार क्षेत्रवासियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। 2024 में शुरू होकर 2025 में 'पूरा' किया गया यह बाईपास, कुंभ के चलते जल्दबाजी में आनन-फानन में तैयार किया गया था। इस सड़क पर एक गोल चौराहा बनना प्रस्तावित था, जो अभी तक नहीं बना है, और इसी अधूरे स्थान पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। हाल ही में, बारा की तरफ से आ रही एक स्विफ्ट डिजायर कार और बाईपास की तरफ से आ रही एक ब्रेजा कार की इसी प्रस्तावित गोल चौराहे पर टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ब्रेजा कार 30 मीटर दूर एक गड्ढे में जा गिरी, जिससे उसके सवारों को हल्की चोटें आईं, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह केवल एक आज की घटना है, बल्कि हर दूसरे-तीसरे दिन यहाँ कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है, जिसमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इस जानलेवा स्थिति के लिए प्रशासन और बाईपास के ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने कई बार उनसे शिकायतें की हैं, लेकिन वे गोल चौराहा बनाने के नाम पर हीला-हवाला कर थोड़ा बहुत मिट्टी फेंककर लोगों को ठग रहे हैं। इस लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और परेशानी है। बाईपास के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लग रहा है, क्योंकि हल्की बारिश होने पर ही रोड का एक हिस्सा धंस गया है, जो इसकी खराब गुणवत्ता और ठेकेदार के भ्रष्टाचार को साफ दर्शाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी बाईपास से प्रतिदिन उपजिलाधिकारी बारा भी गुजरते हैं, लेकिन उन्होंने आज तक इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द प्रस्तावित गोल चौराहा नहीं बनाया गया, तो वे जिलाधिकारी प्रयागराज को लिखित शिकायत देंगे और बाईपास के नाम पर हुए इस बड़े भ्रष्टाचार का भी पर्दाफाश करेंगे। प्रशासनिक अमले की चुप्पी और बाईपास के दुर्घटनाओं का केंद्र बिंदु बने रहने पर लोगों में गहरा रोष है।
प्रयागराज के जसरा बाईपास पांडर स्थित पेट्रोल पंप के पास का क्षेत्र दुर्घटनाओं का केंद्र बिंदु बन गया है, जो लगातार क्षेत्रवासियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। 2024 में शुरू होकर 2025 में 'पूरा' किया गया यह बाईपास, कुंभ के चलते जल्दबाजी में आनन-फानन में तैयार किया गया था। इस सड़क पर एक गोल चौराहा बनना प्रस्तावित था, जो अभी तक नहीं बना है, और इसी अधूरे स्थान पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। हाल ही में, बारा की तरफ से आ रही एक स्विफ्ट डिजायर कार और बाईपास की तरफ से आ रही एक ब्रेजा कार की इसी प्रस्तावित गोल चौराहे पर टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ब्रेजा कार 30 मीटर दूर एक गड्ढे में जा गिरी, जिससे उसके सवारों को हल्की चोटें आईं, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह केवल एक आज की घटना है, बल्कि हर दूसरे-तीसरे दिन यहाँ कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है, जिसमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इस जानलेवा स्थिति के लिए प्रशासन और बाईपास के ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने कई बार उनसे शिकायतें की हैं, लेकिन वे गोल चौराहा बनाने के नाम पर हीला-हवाला कर थोड़ा बहुत मिट्टी फेंककर लोगों को ठग रहे हैं। इस लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और परेशानी है। बाईपास के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लग रहा है, क्योंकि हल्की बारिश होने पर ही रोड का एक हिस्सा धंस गया है, जो इसकी खराब गुणवत्ता और ठेकेदार के भ्रष्टाचार को साफ दर्शाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी बाईपास से प्रतिदिन उपजिलाधिकारी बारा भी गुजरते हैं, लेकिन उन्होंने आज तक इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द प्रस्तावित गोल चौराहा नहीं बनाया गया, तो वे जिलाधिकारी प्रयागराज को लिखित शिकायत देंगे और बाईपास के नाम पर हुए इस बड़े भ्रष्टाचार का भी पर्दाफाश करेंगे। प्रशासनिक अमले की चुप्पी और बाईपास के दुर्घटनाओं का केंद्र बिंदु बने रहने पर लोगों में गहरा रोष है।
- ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, जहाँ भारत लगातार 'हिंदू-मुस्लिम' के मुद्दों में उलझा हुआ है, वहीं चीन कथित तौर पर भारतीय सीमा के 60 किलोमीटर अंदर तक आ गया है। यह गंभीर स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब देश का ध्यान आंतरिक विभाजनों पर केंद्रित बताया गया है।1
- प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने दौरे के दौरान तीन महान विभूतियों की मूर्तियों का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्ष पर भी खूब तीखा वार किया।1
- अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में दान की गई कीमती वस्तुओं को लेकर उठे सवालों के बीच एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ट्रस्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर यह दावा किया कि मंदिर को प्राप्त सभी 2,800 दान की गई वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और मीडिया के सामने काकभुशुंडी स्वर्णित रामायण, भगवान राम की पादुकाएं और एक विशेष हार सहित कई बहुमूल्य वस्तुएं प्रदर्शित कीं। इस प्रदर्शन के माध्यम से ट्रस्ट ने उन दावों को खारिज करने का प्रयास किया, जिनमें किसी भी दान की वस्तु के गायब होने की बात कही जा रही थी। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि जिन वस्तुओं के गायब होने की चर्चा थी, उनका पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास मौजूद है। प्रेस वार्ता के दौरान, ट्रस्ट ने एक दान रजिस्टर भी दिखाया, जिसमें लगभग 2,800 वस्तुओं का विस्तृत विवरण दर्ज होने का दावा किया गया। अधिकारियों ने बताया कि दान में मिली हर वस्तु को व्यवस्थित तरीके से सूचीबद्ध किया गया है ताकि भविष्य में कोई भ्रम या विवाद न हो, और ट्रस्ट ने आने वाले समय में दान प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की बात कही। स्वामी गोविंद देव गिरी ने यह भी स्पष्ट किया कि दान में मिली वस्तुओं की सुरक्षा और दानपात्र से नकदी चोरी के मामले को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि नकदी चोरी की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है और ट्रस्ट की इच्छा है कि इस मामले में शामिल सभी व्यक्तियों को कानून के अनुसार सजा मिले। उनका कहना था कि किसी भी प्रकार की चोरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।1
- मेजा, प्रयागराज में सोमवार को मेजारोड स्थित राजकीय बीज भंडार पर फार्मर रजिस्ट्री और केवाईसी के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान पहुंचे किसानों ने अपनी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कराया। शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों के दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच की और क्रमवार ढंग से फार्मर रजिस्ट्री तथा केवाईसी की प्रक्रिया संपन्न कराई। कई किसानों ने मौके पर अपना नया पंजीकरण कराया, जबकि कुछ अन्य ने अपनी मौजूदा केवाईसी जानकारी को अपडेट किया। राजकीय बीज भंडार प्रभारी प्रदीप बाबू ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार, सभी किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री और केवाईसी करवाना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो किसान यह प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए समय रहते इसे पूरा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। एटीएम अरुण कुमार शुक्ल ने जानकारी दी कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिविर में अलग-अलग काउंटर स्थापित किए गए थे, ताकि भीड़भाड़ से बचा जा सके और कार्य सुचारु रूप से चलता रहे। उन्होंने सभी किसानों से अनुरोध किया कि वे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ जल्द से जल्द पहुंचकर अपनी केवाईसी पूरी करा लें, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे। प्रभारी के अनुसार, सोमवार को आयोजित इस शिविर में कुल 17 किसानों की ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरी की गई।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र स्थित रामनगर के प्रसिद्ध मां शीतला धाम में सप्तमी के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। भोर से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा। हजारों की संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने कतारबद्ध होकर मां शीतला के दर्शन-पूजन किए और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक मान्यता है कि मां शीतला की आराधना करने से चेचक और खसरा जैसे रोगों से मुक्ति मिलती है, और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसी गहरी आस्था के चलते सप्तमी का व्रत रखने वाली बड़ी संख्या में महिलाओं की भीड़ मंदिर परिसर में देखी गई। श्रद्धालुओं ने मां को जल, नारियल, चुनरी और मौसमी फल अर्पित किए, जबकि कई भक्तों ने दंडवत परिक्रमा कर अपनी मनौतियां मांगी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और मुस्तैद रहा। मेजा थाना पुलिस, महिला पुलिस बल और पीएसी के जवान सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के सभी मार्गों पर तैनात रहे। बैरिकेडिंग की सहायता से श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से कतारबद्ध दर्शन कराए गए, और वाहनों की सुचारु पार्किंग के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई थी ताकि किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। एसडीएम मेजा और सीओ मेजा ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि सप्तमी के अवसर पर हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, और इस बार भी अनुमान से अधिक भीड़ दर्ज की गई। समिति ने भक्तों की सुविधा के लिए पेयजल, छाया और चिकित्सा शिविर की व्यवस्था भी की थी। इसके साथ ही, स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों ने भंडारे का आयोजन कर प्रसाद वितरण किया। दूर-दराज से आए श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए मां के जयकारे लगा रहे थे, जिससे पूरा रामनगर क्षेत्र "जय मां शीतला" के उद्घोष से गूंज उठा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी भी अप्रिय घटना या अव्यवस्था की कोई सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने इस सफल आयोजन में सहयोग के लिए स्थानीय लोगों और मंदिर समिति का आभार व्यक्त किया।1
- श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ने उन बहुमूल्य दान की गई वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया, जिनके बारे में यह विवाद चल रहा था कि वे शायद मंदिर में मौजूद नहीं हैं। इन प्रदर्शित बहुमूल्य वस्तुओं में सोने का रामचरितमानस, कागभुशुण्डि और चरण पादुका प्रमुख रूप से शामिल हैं। ट्रस्ट ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया है कि जिन श्रद्धालुओं को अपनी दान की गई वस्तुओं का उपयोग या सत्यापन करना हो, वे कभी भी मंदिर आकर उनकी जांच कर सकते हैं।1
- प्रयागराज के तातारगंज क्षेत्र में छिड़िया नहर माइनर के किनारे बन रही सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है, जिससे गुस्साए ग्रामीण अब स्थानीय विधायक और सांसद पर भी सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 5 किलोमीटर लंबी इस नहर माइनर रोड का निर्माण पिछले छह महीने से घटिया सामग्री और सिंचाई विभाग के अधिकारियों तथा ठेकेदार की मिलीभगत से हो रहा है। पहली बारिश में ही सड़क जगह-जगह गड्ढों में बदल गई और ट्रैक्टर व भारी वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। किसान अशोक तिवारी ने आरोप लगाया है कि करोड़ों की लागत से बन रही इस सड़क में गिट्टी के नाम पर मिट्टी डाली गई है, और सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) तथा ठेकेदार ने मिलकर 'बंदरबांट' की है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि काम शुरू होने से पहले ही कागजों में पूरा भुगतान दिखा दिया गया था, जबकि मौके पर न तो कोई गुणवत्ता जांच हुई और न ही विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। शिकायत करने पर उन्हें बताया जाता है कि "ऊपर तक सब सेट है।" इसी बीच, क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा "सरकार के कामों का रिपोर्ट कार्ड" घर-घर ले जाने से ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। गांव की चौपाल में इकट्ठा हुए लोगों ने कहा कि रिपोर्ट कार्ड में बड़े-बड़े दावे हैं, लेकिन उनके गांव की सड़क नहीं बन पाई। उन्होंने सांसद और विधायक से आग्रह किया कि वे एक बार आकर देखें कि वास्तव में विकास कहां हुआ है, क्योंकि "फोटो खिंचवाने से विकास नहीं होता।" महिला ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बच्चे स्कूल जाने के लिए कीचड़ में गिर रहे हैं और बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो गया है; उन्हें "भाषण नहीं, सड़क चाहिए।" ग्रामीणों ने छिड़िया नहर माइनर रोड का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने, भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई करने, तथा जनप्रतिनिधियों से गांव आकर जमीनी हकीकत देखने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन में सड़क नहीं बनी, तो वे तातारगंज-जसरा मार्ग जाम कर आंदोलन करेंगे।1