आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 02 मई 2026 से आरंभ कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार एवं जिला प्रशासन अररिया के संयुक्त तत्वावधान में संचालित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 02 मई से प्रारंभ की जा रही है। इस सत्र में एक वर्षीय डिप्लोमा प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम हेतु नामांकन लिया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। केंद्र में हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन (खयाल), हिन्दुस्तानी शास्त्रीय नृत्य (कथक, भरतनाट्यम्) एवं तबला वादन की विधाओं में प्रशिक्षण उपलब्ध रहेगा। प्रशिक्षण प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से साध्या 06 बजे तक संचालित होगा, जबकि प्रत्येक सोमवार को केंद्र बंद रहेगा यह प्रशिक्षण एवं प्रवेश प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी भारतीय शास्त्रीय कलाओं से जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखार सकें। प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 06 वर्ष निर्धारित की गई है तथा किसी भी वर्ग या समुदाय के इच्छुक अभ्यर्थी नामांकन के पात्र हैं। इच्छुक विद्यार्थी 02 मई 2026 से आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, द्वितीय तल, विजय मिश्रा मार्केट, रानीगंज रोड, अररिया में स्वयं उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। नामांकन के समय पासपोर्ट आकार के फोटो, आधार कार्ड की प्रति एवं आवश्यक सामान्य विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अररिया सान्याल कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण सीमित सीटों के आधार पर संचालित किया जाएगा, इसलिए इच्छुक अभ्यर्थियों को समय पर नामांकन कराने की सलाह दी जाती है। यह पहल जिले में सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने, युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने तथा भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय सह आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 02 मई 2026 से आरंभ कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार एवं जिला प्रशासन अररिया के संयुक्त तत्वावधान में संचालित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 02 मई से प्रारंभ की जा रही है। इस सत्र में एक वर्षीय डिप्लोमा प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम हेतु नामांकन लिया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। केंद्र में हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन (खयाल), हिन्दुस्तानी शास्त्रीय नृत्य (कथक, भरतनाट्यम्) एवं तबला वादन की विधाओं में प्रशिक्षण उपलब्ध रहेगा। प्रशिक्षण प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से साध्या 06 बजे तक संचालित होगा, जबकि प्रत्येक सोमवार को केंद्र बंद रहेगा यह प्रशिक्षण एवं प्रवेश प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी भारतीय शास्त्रीय कलाओं से जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखार सकें। प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 06 वर्ष निर्धारित की गई है तथा किसी भी वर्ग या समुदाय के इच्छुक अभ्यर्थी नामांकन के पात्र हैं। इच्छुक विद्यार्थी 02 मई 2026 से आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, द्वितीय तल, विजय मिश्रा मार्केट, रानीगंज रोड, अररिया में स्वयं उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। नामांकन के समय पासपोर्ट आकार के फोटो, आधार कार्ड की प्रति एवं आवश्यक सामान्य विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अररिया सान्याल कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण सीमित सीटों के आधार पर संचालित किया जाएगा, इसलिए इच्छुक अभ्यर्थियों को समय पर नामांकन कराने की सलाह दी जाती है। यह पहल जिले में सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने, युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने तथा भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय सह आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
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- अररिया शहर के जयप्रकाश नगर स्थित वार्ड संख्या 7 में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य स्थानीय मजदूरों, श्रमिकों और आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। अवर न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के निर्देश पर यह शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता वार्ड संख्या 7 के पार्षद श्याम कुमार मंडल ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन पैनल अधिवक्ता शशि वर्मा और विधिक स्वयंसेवक पंकज ठाकुर ने किया। शिविर में आसपास के इलाकों से दर्जनों से अधिक लोग शामिल हुए। पैनल अधिवक्ता शशि वर्मा ने मजदूरों के अधिकारों, न्यूनतम मजदूरी, कार्यस्थल पर सुरक्षा, बाल श्रम निषेध, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और श्रम कानूनों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। विधिक स्वयंसेवक पंकज ठाकुर ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता, लोक अदालत और मध्यस्थता जैसी सुविधाओं के बारे में जनसमूह को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कई मजदूर अभी भी अपने अधिकारों से अनभिज्ञ हैं, जिसके कारण वे शोषण का शिकार होते रहते हैं। शिविर में श्रमिकों को सलाह दी गई कि वे किसी भी प्रकार के शोषण या विवाद की स्थिति में तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकार या संबंधित पैनल अधिवक्ताओं से संपर्क करें। पार्षद श्याम कुमार मंडल ने कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि आमजन विशेषकर मजदूर वर्ग को कानूनी रूप से सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकार का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने जयप्रकाश नगर जैसे क्षेत्र में यह कार्यक्रम कराया। शिविर में उपस्थित लोगों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे और अपनी समस्याओं को साझा किया।अधिवक्ताओं ने उनके कई सवालों का मौके पर ही समाधान सुझाया। कार्यक्रम के दौरान विधिक सहायता से संबंधित ब्रोशर और पर्चे भी वितरित किए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया का मानना है कि मजदूर दिवस केवल श्रमिकों की उपलब्धियों को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा और जागरूकता फैलाने का भी अवसर है। ऐसे शिविर भविष्य में अन्य वार्डों और गांवों में भी आयोजित किए जाएंगे। यह प्रयास ग्रामीण और शहरी मजदूरों को कानूनी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की और आशा जताई कि आगे भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे।1
- Post by Santosh kumar sah1
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