झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार, आगामी जून माह को “मलेरिया रोधी माह” के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान पूरे जिले में मलेरिया से बचाव, रोकथाम और जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। मानसून की शुरुआत के साथ मलेरिया के प्रसार की संभावना बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि आमजन मलेरिया के प्रति सतर्क रहें और समय पर जांच व उपचार करवा सकें। इस वर्ष के “मलेरिया रोधी माह” की थीम “Driven to End Malaria: Now We Can, Now We Must” निर्धारित की गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जन समुदाय को मलेरिया के प्रति जागरूक करना, बचाव के उपायों की जानकारी देना और उनकी सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम गोष्ठी, रात्रि चौपाल, विद्यालय जागरूकता कार्यक्रम, रैली, प्रभातफेरी, दीवार लेखन, पोस्टर और बैनर का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी मलेरिया से बचाव संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास जलजमाव न होने दें, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें, बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं और मलेरिया के लक्षण दिखने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। जिला प्रशासन ने भी सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यालयों और सामाजिक संगठनों से इस जन-जागरूकता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया है।
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार, आगामी जून माह को “मलेरिया रोधी माह” के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान पूरे जिले में मलेरिया से बचाव, रोकथाम और जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। मानसून की शुरुआत के साथ मलेरिया के प्रसार की संभावना बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि आमजन मलेरिया के प्रति सतर्क रहें और
समय पर जांच व उपचार करवा सकें। इस वर्ष के “मलेरिया रोधी माह” की थीम “Driven to End Malaria: Now We Can, Now We Must” निर्धारित की गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जन समुदाय को मलेरिया के प्रति जागरूक करना, बचाव के उपायों की जानकारी देना और उनकी सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम गोष्ठी, रात्रि चौपाल, विद्यालय जागरूकता कार्यक्रम, रैली, प्रभातफेरी, दीवार लेखन, पोस्टर और बैनर का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, सरकारी
कार्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी मलेरिया से बचाव संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास जलजमाव न होने दें, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें, बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं और मलेरिया के लक्षण दिखने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। जिला प्रशासन ने भी सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यालयों और सामाजिक संगठनों से इस जन-जागरूकता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया है।
- हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड अंतर्गत अम्बाटांड़ और आरा गांव के सीमावर्ती जंगलों में अचानक आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी विशेष उपकरण या संसाधन के घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, गर्मी के मौसम में महुआ बीनने के दौरान जंगलों में ऐसी आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं। डाढ़ा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दयानन्द कुमार ने इस घटना पर जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल जंगल में आग लगाने वालों की सूचना देने पर एक इनाम की घोषणा की गई थी, जिसके बाद ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई थी। उन्होंने सभी लोगों से जंगलों को सुरक्षित रखने की अपील की, क्योंकि आगजनी से न केवल पेड़-पौधों बल्कि वन्य जीवों को भी भारी नुकसान पहुँचता है, जिससे पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।1
- झारखंड में सरकार के वादे पूरी तरह से टूट गए हैं, जिससे गरीब जनता भारी परेशानी का सामना कर रही है। हकीकत यह है कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों पर ही सिमट कर रह गई हैं, जबकि आम जनता को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, अपनी समस्याओं के समाधान की तलाश में। राज्य में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जिसके चलते बेरोजगार युवा आंदोलन कर रहे हैं। सरकारी दफ्तरों की जमीनी रिपोर्ट से सामने आया है कि गरीबों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, और जनता अपनी आवाज़ उठाने पर मजबूर है।1
- रामगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया, जिसे बाद में न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है।1
- एक SP Shine BS6 गाड़ी चूहों द्वारा वायरिंग काट दिए जाने के कारण स्टार्ट नहीं हो पा रही थी। यह समस्या गाड़ी के वायरिंग डायग्राम को चूहों द्वारा नुकसान पहुँचाने से उत्पन्न हुई।1
- चतरा जिले के बेलगड्डा गाँव में बनी एक सड़क की हालत मात्र दो साल में ही बेहद खराब हो गई है। स्थानीय लोगों ने सड़क की मौजूदा दयनीय स्थिति पर चिंता जताई है, जबकि इसका निर्माण हुए अभी केवल दो वर्ष ही बीते हैं।1
- बगोदर स्थित रामकृष्ण विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन के विवेकानंद सभागार में पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार दुबे, विभागाध्यक्ष डॉ. जगदीश प्रसाद मेहता, पूर्ववर्ती छात्र समिति के सचिव प्रभाष रंजन, कोषाध्यक्ष विक्रमादित्य प्रसाद सिन्हा सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार दुबे ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि एलुमनाई एसोसिएशन केवल पुरानी यादों को ताज़ा करने का मंच नहीं है, बल्कि यह महाविद्यालय के गौरवशाली अतीत और ऊर्जावान वर्तमान के बीच एक मज़बूत सेतु का काम करता है। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों से संस्थान से निरंतर जुड़े रहने की अपील भी की। सम्मेलन के दौरान, पूर्व छात्र-छात्राओं ने अपने सेवा क्षेत्रों के अनुभवों को साझा करते हुए वर्तमान प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने करियर से जुड़ी चुनौतियों, संघर्षों और अपनी सफलता की कहानियों को बताकर छात्रों को प्रेरित किया। पूर्व छात्रों ने महाविद्यालय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी संस्थान से समय-समय पर जुड़े रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिसमें विनीता, पिंकी, गायत्रीश्री राज, राधिका कुमारी और अन्य प्रतिभागियों ने अपने नृत्य व गीतों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन हिना कुमारी और अरुण कुमार ने किया, जबकि विभागाध्यक्ष डॉ. जगदीश प्रसाद मेहता ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस भव्य आयोजन में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में पूर्ववर्ती छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्य सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए तीखा निशाना साधा है। उनका यह बयान राज्य सरकार द्वारा जेजे कॉलेज समेत कई अन्य कॉलेजों को जेसी बोस यूनिवर्सिटी से जोड़ने के फैसले के विरोध में आया है। इस फैसले के खिलाफ अब विरोध तेजी पकड़ रहा है।1
- राँची के रातू थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाटोली सिमलिया चौक निवासी भुवनेश्वर ठाकुर के बंद घर का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों रुपए के सोना-चांदी के जेवरात, नकदी और तीन मोबाइल फोन की चोरी कर ली। यह घटना लगभग दस दिन पहले हुई बताई जा रही है, लेकिन परिवार के बाहर होने के कारण शुक्रवार को रातू थाना में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पीड़ित भुवनेश्वर ठाकुर ने बताया कि वे 10 मई को अपने पूरे परिवार के साथ हजारीबाग स्थित पैतृक गांव केरेडारी में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। उनकी अनुपस्थिति में, 14 मई की सुबह पड़ोसियों ने फोन कर उन्हें घर का ताला टूटा होने और सामान बिखरा पड़ा होने की सूचना दी। सूचना मिलने पर वे करीब 11 बजे घर पहुंचे और देखा कि आलमारी समेत घर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। भुवनेश्वर ठाकुर के अनुसार, चोरों ने घर से लगभग आठ लाख रुपए मूल्य के जेवरात चुरा लिए। चोरी हुए सामान में 20 हजार रुपए नकद के साथ सोने की अंगूठी, चेन, नथिया, मंगलसूत्र, नाक बेसर, मांगटीका, चांदी की पायल, चांदी का बेरा और चांदी के सिक्के शामिल हैं। इसके अतिरिक्त तीन मोबाइल फोन भी चोरी हुए हैं। पीड़ित ने यह भी बताया कि घटना की जानकारी 14 मई को ही रातू थाना को दे दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर शुक्रवार को दोबारा आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।1