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दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटाकर हिरासत में लिया और अस्पताल पहुंचाया। इस कदम को लेकर दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए की गई है। इसके विपरीत, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस जबरन प्रदर्शन स्थल में घुसी और इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
Dharmendra kher
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटाकर हिरासत में लिया और अस्पताल पहुंचाया। इस कदम को लेकर दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए की गई है। इसके विपरीत, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस जबरन प्रदर्शन स्थल में घुसी और इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
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- इंदौर जिले के सिमरोल क्षेत्र के बाईग्राम में गरीबों के लिए चलाई जा रही निशुल्क राशन योजना को खुलेआम पलीता लगाया जा रहा है। यहां राशन दुकान संचालित करने वाले कंट्रोल माफिया जगदीश खाड़े का एक सनसनीखेज कारनामा सामने आया है, जहां वह गरीब उपभोक्ताओं से निशुल्क राशन के बदले 10 और 20 रुपये की अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह पूरी काली करतूत 'चेहकती कलम' के कैमरे में कैद हो गई है। शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद राशन लेने आने वाले लाचार और गरीब ग्रामीणों से प्रति व्यक्ति अवैध वसूली की जा रही है और पैसे देने में आनाकानी करने वालों को परेशान किया जा रहा है। इस अवैध वसूली की भनक लगने पर जब 'चेहकती कलम' के रिपोर्टर ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की, तो कंट्रोल संचालक जगदीश खाड़े कैमरे के सामने बेखौफ होकर ग्रामीणों से पैसे समेटता नजर आया। रिपोर्टर की सूचना पर इंदौर खाद्य विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और पंचनामा बनाया। ग्रामीणों का दर्द है कि सरकार की तरफ से मुफ्त राशन की बात कही जाती है, लेकिन यहां हर बार उनसे 10-20 रुपये वसूले जाते हैं, जो गरीबों के लिए बहुत बड़ी रकम है। अब देखना यह है कि खाद्य विभाग और इंदौर जिला प्रशासन इस भ्रष्ट कंट्रोल संचालक के खिलाफ क्या और कितनी जल्दी ठोस कार्रवाई करता है या मामले को गोलमाल कर दिया जाएगा।1
- Post by Naseem Khan1
- इन्दौर के देवगुराड़िया में आंगनबाड़ी और सामुदायिक शौचालय की बदहाली का मामला उजागर होने के बाद अब एक नया मामला सामने आया है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, जिस महिला ने इस बदहाली को लेकर मीडिया से बात की थी, उसे पंचायत में बुलाकर दोबारा बयान लेने की चर्चा चल रही है। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद अब मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है।1
- इंदौर के महू की शासकीय शिक्षिका विनीता यादव ने किशनगंज थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वह जनवरी 2026 से लगातार शिकायतें दर्ज करा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद मामला अब भी केवल जांच के दायरे में ही अटका हुआ है। उनका कहना है कि इस घटना में कई लोगों की भूमिका सामने आने के बाद भी पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उन्हें न्याय मिलने में काफी देरी हो रही है। विनीता यादव ने यह गंभीर दावा भी किया है कि विवादित स्थल के पास स्थित एक निर्माणाधीन भवन में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने कुछ लोगों पर प्रशासनिक निर्देशों के खुलेआम उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया है, हालांकि इन दावों की अब तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- इंदौर के फूटी कौटी चौराहे पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 40 पेटी अवैध शराब पकड़ी है।1
- पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस ने डिटेन कर लिया है। इसके साथ ही, प्रोटेस्ट कर रहे बच्चों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है और उन्हें किडनैप भी किया है।1
- इंदौर में पुलिस द्वारा 'नशा नहीं जिंदगी चुनिये' के संदेश के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता रथ के साथ रैली निकालने से लेकर शॉर्ट फिल्म और प्रेरणादायक गीत के माध्यम से इंदौर पुलिस का एक ही स्पष्ट संदेश है कि नशे से दूरी बेहद जरूरी है। पुलिस ने सभी से मिलकर नशे को ना कहने और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशा मुक्त समाज की ओर आगे बढ़ने की अपील की है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने पुलिस के साथ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे की लत के शुरुआती संकेतों के प्रति जागरूक करना है ताकि समय रहते अपनों को इस दलदल से बचाया जा सके। इस दौरान डॉक्टर ने पुलिस के साथ यह जानकारी साझा की कि नशे के आदी व्यक्ति के व्यवहार, दिनचर्या और सामाजिक व्यवहार में किस तरह के बदलाव दिखाई देते हैं। परिवार के लोग इन संकेतों को पहचानकर यह समझ सकते हैं कि कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है या नहीं, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके। इंदौर पुलिस का यही स्पष्ट संदेश है कि लोग समय पर नशे के संकेतों को पहचानें और अपनों को इसके चंगुल से बचाएं, क्योंकि नशे से दूरी बेहद जरूरी है।1