श्रावस्ती में SSB ने मानव तस्करी की शिकार युवती को चंगुल से छुड़ाया; ग्रेटर नोएडा से लाकर नेपाल में बेची गई थी पीड़िता रिपोर्ट - दुष्यन्त वर्मा/ ब्यूरो श्रावस्ती श्रावस्ती। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 62वीं वाहिनी के जवानों ने अपनी तत्परता और सतर्कता से एक युवती को नरक जैसी जिंदगी से बचाकर नया जीवन दिया है। मानव तस्करी का शिकार हुई ग्रेटर नोएडा निवासी इस युवती को सीमा चौकी ककरदरी की टीम ने उस समय सकुशल मुक्त कराया, जब वह तस्करों के चंगुल से भागकर भारतीय सीमा में प्रवेश कर रही थी। स्पेशल पेट्रोलिंग टीम की सतर्कता से खुला राज मिली जानकारी के अनुसार, सीमा चौकी ककरदरी की स्पेशल पेट्रोलिंग टीम सीमा स्तम्भ संख्या 640/05 के पास गश्त पर थी। इसी दौरान नेपाल की ओर से आ रही एक संदिग्ध युवती को जवानों ने रोका। पूछताछ के दौरान युवती फूट-फूट कर रोने लगी और अपनी आपबीती सुनाई। युवती की पहचान सोनिया भाटी (23), निवासी ग्राम साकीपुर, जिला ग्रेटर नोएडा के रूप में हुई है। शादी का झांसा, बंधक और फिर नेपाल में सौदा पीड़िता ने जो दास्तां सुनाई वह रूह कंपा देने वाली है। युवती ने बताया कि करीब चार माह पूर्व उसे शादी का झांसा देकर थाना मल्हीपुर क्षेत्र में लाया गया था। यहाँ उसे बंधक बनाकर उसका शारीरिक शोषण किया गया। इसके बाद हैवानियत की हदें पार करते हुए उसे कुछ अन्य तस्करों को सौंप दिया गया, जिन्होंने उसे नेपाल के मटेहिया गाँव में बेच दिया। नेपाल में भी उसके साथ लगातार मारपीट और शोषण का सिलसिला जारी रहा। 10 मई को मौका मिलते ही वह तस्करों की कैद से भाग निकली। SSB ने परिवार से साधा संपर्क, पुलिस को सौंपा मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी कमांडर अमित शर्मा (सहायक कमांडेंट) ने तत्काल युवती के परिजनों से संपर्क किया। युवती के भाई अरुण ने बताया कि सोनिया पिछले चार महीनों से लापता थी और इसकी सूचना पूर्व में ही डायल 112 को दी गई थी। विधिक कार्रवाई शुरू एसएसबी की प्रारंभिक जांच में मामला पूरी तरह मानव तस्करी (Human Trafficking) से जुड़ा पाया गया। इसके बाद युवती को एनजीओ 'देहात इंडिया' और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) पुलिस भिनगा की उपस्थिति में अग्रिम कार्रवाई के लिए थाना मल्हीपुर पुलिस को सौंप दिया गया है। "एसएसबी जवानों की इस सजगता ने न केवल एक मासूम की जान बचाई है, बल्कि सीमा पर सक्रिय मानव तस्करी के नेटवर्क को भी कड़ी चुनौती दी है। पुलिस अब उन चेहरों की तलाश में जुट गई है जिन्होंने युवती को शादी का झांसा देकर नेपाल की मंडी में बेचा था।
श्रावस्ती में SSB ने मानव तस्करी की शिकार युवती को चंगुल से छुड़ाया; ग्रेटर नोएडा से लाकर नेपाल में बेची गई थी पीड़िता रिपोर्ट - दुष्यन्त वर्मा/ ब्यूरो श्रावस्ती श्रावस्ती। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 62वीं वाहिनी के जवानों ने अपनी तत्परता और सतर्कता से एक युवती को नरक जैसी जिंदगी से बचाकर नया जीवन दिया है। मानव तस्करी का शिकार हुई ग्रेटर नोएडा निवासी इस युवती को सीमा चौकी ककरदरी की टीम ने उस समय सकुशल मुक्त कराया, जब वह तस्करों के चंगुल से भागकर भारतीय सीमा में प्रवेश कर रही थी। स्पेशल पेट्रोलिंग टीम की सतर्कता से खुला राज मिली जानकारी के अनुसार, सीमा चौकी ककरदरी की स्पेशल पेट्रोलिंग टीम सीमा स्तम्भ संख्या 640/05 के पास गश्त पर थी। इसी दौरान नेपाल की ओर से आ रही एक संदिग्ध युवती को जवानों ने रोका। पूछताछ के दौरान युवती फूट-फूट कर रोने लगी और अपनी आपबीती सुनाई। युवती की पहचान सोनिया भाटी (23), निवासी ग्राम साकीपुर, जिला ग्रेटर नोएडा के रूप में हुई है। शादी का झांसा, बंधक और फिर नेपाल में सौदा पीड़िता ने जो दास्तां सुनाई वह रूह कंपा देने वाली है। युवती ने बताया कि करीब चार माह पूर्व उसे शादी का झांसा देकर थाना मल्हीपुर क्षेत्र में लाया गया था। यहाँ उसे बंधक बनाकर उसका शारीरिक शोषण किया गया। इसके बाद हैवानियत की हदें पार करते हुए उसे कुछ अन्य तस्करों को सौंप दिया गया, जिन्होंने उसे नेपाल के मटेहिया गाँव में बेच दिया। नेपाल में भी उसके साथ लगातार मारपीट और शोषण का सिलसिला जारी रहा। 10 मई को मौका मिलते ही वह तस्करों की कैद से भाग निकली। SSB ने परिवार से साधा संपर्क, पुलिस को सौंपा मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी कमांडर अमित शर्मा (सहायक कमांडेंट) ने तत्काल युवती के परिजनों से संपर्क किया। युवती के भाई अरुण ने बताया कि सोनिया पिछले चार महीनों से लापता थी और इसकी सूचना पूर्व में ही डायल 112 को दी गई थी। विधिक कार्रवाई शुरू एसएसबी की प्रारंभिक जांच में मामला पूरी तरह मानव तस्करी (Human Trafficking) से जुड़ा पाया गया। इसके बाद युवती को एनजीओ 'देहात इंडिया' और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) पुलिस भिनगा की उपस्थिति में अग्रिम कार्रवाई के लिए थाना मल्हीपुर पुलिस को सौंप दिया गया है। "एसएसबी जवानों की इस सजगता ने न केवल एक मासूम की जान बचाई है, बल्कि सीमा पर सक्रिय मानव तस्करी के नेटवर्क को भी कड़ी चुनौती दी है। पुलिस अब उन चेहरों की तलाश में जुट गई है जिन्होंने युवती को शादी का झांसा देकर नेपाल की मंडी में बेचा था।
- सिरसिया पुलिस की दबंगई: सिविल ड्रेस में टैंपो थाने में खड़ी की, सवाल पूछने पर पत्रकार को दी 'देख लेने' की धमकी श्रावस्ती। जनपद के सिरसिया थाने में तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों के घेरे में है। जहाँ जिले के पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी लगातार पुलिस को 'मित्र पुलिस' बनाने और जनता के साथ न्यायसंगत व्यवहार करने की सीख दे रहे हैं, वहीं सिरसिया थाने के कुछ दरोगा इन निर्देशों को ठेंगे पर रखकर खाकी की छवि धूमिल कर रहे हैं। ताजा मामला सिविल ड्रेस में दो दरोगाओं द्वारा एक टेंपो चालक के उत्पीड़न और कवरेज कर रहे पत्रकार को धमकाने का प्रकाश में आया है। नियम ताक पर: बिना वर्दी वसूली का प्रयास? प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिरसिया थाने में तैनात दरोगा साहब राव और मनोज कुमार बिना वर्दी (सिविल ड्रेस) के एक टेंपो चालक पर दबाव बनाकर उसे जबरन थाने ले जाने का प्रयास कर रहे थे। पीड़ित चालक का दावा है कि उसके पास वाहन के सभी वैध दस्तावेज (इंश्योरेंस, फिटनेस आदि) मौजूद थे, इसके बावजूद पुलिसकर्मी उसे प्रताड़ित कर रहे थे। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने जब नियम विरुद्ध हो रही इस कार्रवाई पर सवाल उठाया और चालक को परेशान करने का कारण जानना चाहा, तो वर्दी के अहंकार में डूबे दरोगा आगबबूला हो गए। दरोगाओं ने पत्रकार के साथ न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि सरेआम 'देख लेने' और फर्जी कार्रवाई करने की धमकी तक दे डाली। कानूनी पहलू: नियमानुसार, बिना वर्दी के कोई भी पुलिसकर्मी वाहन चेकिंग या चालान की कार्रवाई नहीं कर सकता। लेकिन यहाँ सरेआम नियमों की धज्जियाँ उड़ाई गईं। आरोप है कि पुलिसकर्मी नियमानुसाार कार्रवाई के बजाय अवैध वसूली के उद्देश्य से चालक पर दबाव बना रहे थे। वीडियो बनते ही नरम पड़े तेवर पुलिसिया रौब तब कम हुआ जब वहां मौजूद एक युवक ने इस पूरी घटना का मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कैमरे की जद में आते ही दरोगाओं के तेवर अचानक बदल गए और वे अपनी सफाई पेश करने लगे। यह घटना साबित करती है कि कुछ पुलिसकर्मियों के मन में कानून का नहीं, बल्कि केवल साक्ष्यों (वीडियो) का डर शेष रह गया है। कप्तान की मेहनत पर फिर रहा पानी एक तरफ कप्तान राहुल भाटी पुलिस की छवि सुधारने के लिए रात-दिन प्रयासरत हैं, वहीं सिरसिया पुलिस का यह 'अमानवीय' चेहरा प्रशासन के दावों की पोल खोल रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या कागजात पूरे होने के बाद भी गरीबों का उत्पीड़न ही आधुनिक पुलिस की पहचान है? और क्या अब पत्रकार को सच दिखाने और सवाल पूछने पर धमकियां दी जाएंगी? क्षेत्रीय जनता अब इस मामले में उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में "बहू-बेटी सम्मेलन" आयोजित कर महिलाओं को सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। इसमें सरकारी योजनाओं, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा से बचाव और आत्मरक्षा के बारे में जागरूक कर आत्मनिर्भर बनने को प्रेरित किया गया। यह पहल महिलाओं को निर्भीक होकर समाज में अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित करेगी।1
- श्रावस्ती जिलाधिकारी एवं एसएसबी कमांडेंट ने भारत-नेपाल सीमा पर सीमा स्तंभ मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य का किया शुभारंभ दिनांक 11 मई 2026 को अमरेन्द्र कुमार वरुण, कमांडेंट 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा एवं अन्नपूर्णा गर्ग, जिलाधिकारी श्रावस्ती द्वारा 62वीं वाहिनी एसएसबी भिनगा अंतर्गत सीमा चौकी भरथा के कार्यक्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सीमा स्तंभ संख्या 634/7 से सम सीमा स्तंभों के मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी महोदया एवं कमांडेंट महोदय द्वारा सीमा क्षेत्र का निरीक्षण कर सीमा स्तंभों के कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया गया। इसके अतिरिक्त श्रीमती अन्नपूर्णा गर्ग द्वारा एसएसबी सीमा चौकी सुइयां, भरथा, हाकिमपुरवा एवं तरुशमा के सीमा क्षेत्रों का भ्रमण कर एसएसबी द्वारा की जा रही सीमा सुरक्षा ड्यूटी एवं विभिन्न प्रचालन गतिविधियों का अवलोकन किया गया। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों से बातचीत कर उनके कार्यों की सराहना की। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी महोदया ने सीमावर्ती ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं क्षेत्र की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर एसएसबी एवं प्रशासन के अन्य अधिकारीगण तथा जवान उपस्थित रहे।2
- उत्तर प्रदेश के सिकतिःवा ग्राम पंचायत में लाखों रुपये खर्च कर बना सामुदायिक शौचालय सालों से बंद पड़ा है। ग्रामीण आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं, जबकि खंड विकास अधिकारी ने भी जांच में इसे बंद पाया। यह स्थिति 'स्वच्छ भारत' अभियान के जमीनी दावों पर सवाल उठाती है।1
- बलरामपुर जिले के गौरा चौराहा क्षेत्र में एक बालक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।1
- बलरामपुर जिले में यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर कौन है जो किसी खास उम्मीदवार या व्यक्ति को लगातार समर्थन दे रहा है। यह बात मतदाताओं के बीच जिज्ञासा पैदा कर रही है।1
- बहराइच के हुजूरपुर में राजस्व ग्राम शिवरहा का सरकारी नल बार-बार मरम्मत के बावजूद 'जुगाड़' के सहारे चल रहा है। इस पर कई बार पैसा खर्च किया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के लगभग 30 नेताओं ने ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का दामन थाम लिया है।1